किसानों की बकायेदार केसर चीनी मिल बहेड़ी की 100 करोड़ की जमीन 28.05 करोड़ में नीलाम होने पर दैनिक जागरण के सवाल खड़े किए गए थे। इसका असर यह हुआ कि राजनीतिक दल और किसान यूनियन ने इसे मुद्दा बना लिया। प्रशासन ने नीलामी से अधिक बोली लगाने के लिए आमंत्रण दिया तो नए खरीदार सामने आने लगे हैं। प्रशासन का आमंत्रण मिलने पर दो लोगों ने चार दिन पहले अधिक बोली लगाने के लिए आवेदन किया था, शुक्रवार को एक और बोलीदाता ने तहसील में डिमांड ड्राफ्ट जमा करा दिया है। बहेड़ी क्षेत्र के गन्ना किसानों का बकाया भुगतान न करने के कारण स्थानीय प्रशासन द्वारा केसर चीनी मिल की गांव मुड़िया मुकर्रमपुर स्थित भूमि को कुर्क करते हुए उसकी बीती 31 मई को तहसील परिसर में नीलामी कराई गई थी। अंतिम बोली 28.05 करोड़ की लगाई गई थी। हाईवे किनारे की जमीन की सर्किल रेट के आधार पर नीलामी किए जाने को लेकर जागरण ने सवाल खड़े किए थे। उसी जमीन की पूर्व चीनी मिल प्रबंधन ने 100 करोड़ रुपये की कीमत तय की थी, जिस पर कुछ खरीदारों ने 60 करोड़ तक कीमत लगा भी दी थी, लेकिन जमीन नहीं बिक सकी थी। जागरण के मुद्दा उठाने के बाद सपा विधायक अताउर हमान, भाजपा नेता एवं पूर्व ब्लाक प्रमुख मोहन सिंह सहित किसान यूनियन के तमाम घटकों ने 100 करोड़ की भूमि को मिलीभगत कर 28 करोड़ में नीलामी करवाने का आरोप लगाया था। मंडलायुक्त भूपेंद्र एस चौधरी, डीएम अविनाश सिंह से मामले की शिकायत की गई थी जिस पर प्रशासन ने उचित कार्रवाई का भरोसा दिया था। डीएम ने लोगों को खुला आफर दिया कि ज्यादा बोली लगाने वाले सामने आए। जिस पर कई लोग सामने आ चुके हैं। तहसील क्षेत्र में स्थित केसर चीनी मिल के मुड़िया मुकर्रम फार्म की नीलामी प्रक्रिया के संबंध में आज एक नए इच्छुक प्रतिभागी ने तहसील कार्यालय में निर्धारित धनराशि का डिमांड ड्राफ्ट जमा किया। प्रतिभागी ने अपने हैसियत प्रमाण-पत्र सहित प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत करते हुए अनुरोध किया कि नीलामी प्रक्रिया में पुनः बोली आयोजित की जाए तथा उन्हें वर्तमान उच्चतम बोली 28.05 करोड़ से अधिक राशि की बोली प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान किया जाए। एसडीएम इशिता किशोर के कार्यालय से कहा गया कि प्राप्त प्रार्थना-पत्र एवं अभिलेखों का परीक्षण प्रचलित नियमों एवं विधिक प्रावधानों के अनुरूप किया जा रहा है। सक्षम स्तर पर नियमानुसार आवश्यक निर्णय लिया जाएगा। केसर चीनी मिल तहसील प्रशासन नीलामी से मिली धनराशि का उपयोग किसान भुगतान में करने का दावा कर रहा है। जबकि जिला प्रशासन अधिक से अधिक बोली प्राप्त करने की कोशिश में जुटा है। सूख रहा बरेली का 'हलक': दो पॉश इलाकों समेत इन 9 जगहों में पाताल की ओर भागा पानी, रिपोर्ट ने डराया
Baheri Sugar Mill's Land Auctioned Off for 28 Crores Amid Farmer Dues Dispute
Dainik Jagran•

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