Achira News Logo
Achira News

6 नवंबर को मनाया जाने वाला धनत्रयोदशी पर्वः पूजा और खरीदारी शुभ अवसर

Aaj Tak•
6 नवंबर को मनाया जाने वाला धनत्रयोदशी पर्वः पूजा और खरीदारी शुभ अवसर
Full News
Share:

आज 6 नवंबर, शुक्रवार को धनतेरस का त्योहार मनाया जा रहा है. दिवाली से पहले आने वाला यह पर्व धन, आरोग्य और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा की जाती है. मान्यता है कि इस दिन शुभ मुहूर्त में पूजा और खरीदारी करने से घर में सुख-समृद्धि आती है. यही वजह है कि धनतेरस पर सोना-चांदी, बर्तन, वाहन और दूसरी नई चीजें खरीदने की परंपरा है. इस साल त्रयोदशी तिथि दो दिन तक रहने के कारण धनतेरस की तारीख को लेकर लोगों में असमंजस है. हालांकि, प्रदोष काल में पूजा का शुभ संयोग आज यानी 6 नवंबर को बन रहा है. ऐसे में धनतेरस का पर्व आज ही मनाया जाएगा. आइए जानते हैं पूजा का शुभ मुहूर्त, खरीदारी का समय और चौघड़िया. हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर को सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर शुरू हो रही है और 7 नवंबर को सुबह 10 बजकर 47 मिनट तक रहेगी. प्रदोष काल में पूजा का समय 6 नवंबर को मिलने के कारण आज ही धनतेरस मनाई जा रही है. दिल्ली में धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 6 बजकर 02 मिनट से रात 7 बजकर 57 मिनट तक रहेगा. शाम 6:02 से रात 7:57 बजे तक शाम 5:32 से रात 8:09 बजे तक शाम 6:02 से रात 7:57 बजे तक धनतेरस पर सोने और चांदी की खरीदारी को विशेष शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन खरीदी गई कीमती धातुएं घर में बरकत और समृद्धि का प्रतीक होती हैं. लोग इस दिन सोने के सिक्के, चांदी के आभूषण, बर्तन और लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां खरीदते हैं. खरीदारी के लिए दिन का अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:48 से दोपहर 12:56 बजे तक रहेगा. इसके अलावा शुभ चौघड़िया दोपहर 12:04 से 1:26 बजे तक है. शाम को खरीदारी करने वाले लोग अपने शहर के स्थानीय पंचांग के अनुसार शुभ समय देख सकते हैं. धनतेरस पर शुभ, लाभ और अमृत चौघड़िया में खरीदारी करना अच्छा माना जाता है. शुक्रवार, 6 नवंबर को प्रमुख शुभ समय इस प्रकार हैं: चौघड़िया का समय अलग-अलग शहरों में सूर्योदय और सूर्यास्त के अनुसार बदल सकता है. धनतेरस पर सोना, चांदी, पीतल और तांबे के बर्तन खरीदने की परंपरा है. इसके अलावा झाड़ू, धनिया के बीज और लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां खरीदना भी शुभ माना जाता है. कई लोग इस दिन नया वाहन और इलेक्ट्रॉनिक सामान भी खरीदते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस पर लोहे और धारदार वस्तुओं की खरीदारी से बचने की सलाह दी जाती है. हालांकि, ये पारंपरिक मान्यताएं हैं और इनका पालन परिवार की परंपरा के अनुसार किया जाता है. धनतेरस के दिन शाम को यम दीपदान करने की भी परंपरा है. मान्यता है कि घर के मुख्य द्वार पर दक्षिण दिशा की ओर दीपक जलाने से परिवार के सदस्यों को अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति मिलती है. इसके लिए मिट्टी के दीपक में सरसों का तेल डालकर चार बत्तियां जलाने की परंपरा है. इस दौरान यमराज से परिवार की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की जाती है. पौराणिक मान्यता के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे. इसी वजह से कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी को धनतेरस मनाया जाता है. भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद और आरोग्य का देवता माना जाता है. वहीं माता लक्ष्मी धन और वैभव की देवी हैं और कुबेर देव को धन का संरक्षक माना जाता है. इसलिए इस दिन तीनों की पूजा करके लोग अच्छे स्वास्थ्य, सुख और आर्थिक समृद्धि की कामना करते हैं.

Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Achira News.
Publisher: Aaj Tak

Want to join the conversation?

Download our mobile app to comment, share your thoughts, and interact with other readers.