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Dainik Jagran
Aug 7, 2026, 02:47 PM
अमेरिका की आलोचनाओं के बीच भारत एफ. सी. आर. ए. संशोधनों पर अडिग

अमेरिका की आलोचनाओं के बीच भारत एफ. सी. आर. ए. संशोधनों पर अडिग

भारत के विदेशी फंडिंग कानून (FCRA) में प्रस्तावित संशोधनों को लेकर अमेरिका के एक सांसद की तीखी टिप्पणी के बाद भारत सरकार ने इस पर कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है कि यह पूरी तरह से भारत का आंतरिक मामला है और इस पर फैसला देश की संसद ही लेगी। बता दें कि अमेरिका के रिपब्लिकन सांसद रिले मूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर भारत के फॉरेन कॉन्ट्रिब्यूशन (रेगुलेशन) अमेंडमेंट बिल, 2026 पर सवाल उठाए थे। उनका आरोप था कि ये बदलाव ईसाइयों और धार्मिक संस्थाओं पर हमला हैं और इससे भारत-अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों पर असर पड़ सकता है। ट्रंप के सांसद के इस पोस्ट पर विदेश मंत्रालय ने भारत सरकार का रुख साफ किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में अमेरिकी सांसद की आलोचना को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने दो टूक अंदाज में कहा कि घरेलू कानून से जुड़े मामले पूरी तरह से आंतरिक हैं। इसके अलावा विदेश मंत्रालय ने यह भी याद दिलाया कि केवल भारत ही नहीं, बल्कि अमेरिका समेत दुनिया के कई अन्य देश भी विदेशी फंड और फंडिंग को अपने यहां कड़ाई से विनियमित करते हैं। गौर करने वाली बात यह है कि इस नए संशोधन विधेयक में कई बड़े प्रावधान किए गए हैं। इसमें प्रमुख तौर पर डेजिग्नेटेड अथॉरिटी के गठन पर खासा जोर दिया गया है। इस बात को ऐसे समझिए कि यदि किसी संगठन का एफसीआरए (FCRA) रजिस्ट्रेशन रद्द होता है, सरेंडर किया जाता है या समय समाप्त होने पर नवीनीकरण नहीं होता है, तो उसके विदेशी फंड और उनसे बनाई गई संपत्तियों के प्रबंधन के लिए एक 'डेजिग्नेटेड अथॉरिटी' बनाई जाएगी। बिल में यह स्पष्ट किया गया है कि यदि ऐसी संपत्तियों में कोई पूजा स्थल शामिल है, तो उस प्राधिकारी को उसकी धार्मिक विशेषता को बनाए रखना होगा। इसके साथ ही इस नए संशोधन के तहत कानून के उल्लंघन पर अधिकतम सजा को 5 साल की कैद से घटाकर 1 साल करने का प्रस्ताव है। आंकड़ों का आधार देखे तो गृह मंत्रालय के अनुसार, साल 2019 से 2022 के बीच देश के 13,520 संगठनों को कुल 55,741 करोड़ रुपये की विदेशी फंडिंग मिली थी।
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Dainik Jagran
Aug 7, 2026, 02:39 PM
सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान ने त्रिपक्षीय रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए

सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान ने त्रिपक्षीय रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए

पश्चिम एशिया में पांच महीनों से जारी भीषण संघर्ष के बीच कूटनीति के पटल पर एक ऐसा घटनाक्रम उभरा है, जो अंतरराष्ट्रीय राजनीति के समीकरणों को हिलाने का दावा कर रहा है। सऊदी अरब की धरती पर हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, तुर्किए के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हाथ मिलाकर एक नए त्रिपक्षीय रक्षा समझौते को जन्म दिया है, जिसे 'मक्का जॉइंट डिफेंस समझौता' का नाम दिया गया है। वैश्विक पटल यह समझौता चर्चा में इसलिए आया है, क्योंकि इस तथाकथित समझौते का मूल मंत्र नाटो के चर्चित 'अनुच्छेद 5' की तर्ज पर गढ़ा गया है। यानी 'एक पर हमला, सभी पर अटैक'। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के दंभ भरे बयानों के अनुसार, इस समझौते का उद्देश्य सामूहिक सुरक्षा को साकार करना है, जिसके तहत तीनों में से किसी भी एक संप्रभु राष्ट्र पर हुआ सशस्त्र हमला तीनों पर आक्रमण माना जाएगा। देखिए अब इस बात में तो कोई दोहराई नहीं है कि एक तरफ तेल से मालामाल सऊदी अरब की तिजोरी है, दूसरी तरफ नाटो की दूसरी सबसे बड़ी सेना और मारक रक्षा उद्योग वाला तुर्किए है और बीच में खड़ा है वह पाकिस्तान जो अपनी बर्बादी के कगार पर पहुंच चुका है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या यह समझौता वाकई कोई रणनीतिक गेमचेंजर है, या फिर यह पाकिस्तान के भीख के कटोरे को छुपाने के लिए खेला गया कूटनीतिक पाखंड मात्र? इस बात को ऐसे समझिए कि नाटो का अनुच्छेद 5 पश्चिमी देशों की अटूट सैन्य एकजुटता, समान लोकतांत्रिक मूल्यों और एकीकृत कमान का प्रतीक है। लेकिन इसके विपरीत, जब सऊदी अरब, तुर्किए और पाकिस्तान जैसे बिल्कुल अलग-अलग भू-राजनीतिक हितों और अंतविरोधों से घिरे देश इस तरह के समझौतों की इबारत लिखते हैं, तो उसका हश्र कागज के टुकड़ों से ज्यादा कुछ नहीं होता। इसका बड़ा कारण यह भी है कि ओटोमन साम्राज्य के इतिहास और मध्य पूर्व के नेतृत्व को लेकर तुर्किए और सऊदी अरब के रिश्ते कभी भी सहज नहीं रहे हैं। दोनों क्षेत्रीय अधिकार की जंग में कई मोर्चों पर एक-दूसरे के धुर विरोधी रहे हैं। अच्छा, तुर्किए और सऊदी अरब को एक तरफ छोड़ दिया जाए, तो पाकिस्तना का इस समझौते में शामिल होना केवल के मजाक की तरह है। इसका बड़ा कारण है कि जिस देश की अर्थव्यवस्था आईएमएफ (IMF) की बैसाखियों और विदेशी कर्जों पर सांस ले रही हो, वह देश किसी दूसरे देश की रक्षा क्या खाक करेगा? खैर, गौर करने वाली बात यह भी है कि पाकिस्तान की गिनती आज वैश्विक स्तर पर एक ऐसे 'प्रॉक्सी स्टेट' के रूप में होती है जो खुद अपनी आंतरिक उथल-पुथल, बलूच विद्रोह और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के आतंक से त्रस्त है। हां, भारत के रणनीतिक गलियारों में इस तथाकथित 'मक्का डिफेंस डील' पर पैनी नजर है, लेकिन भारत के लिए यह कोई खौफ का नहीं, बल्कि उपहास का विषय है। इस बात को ऐसे समझिए कि भारत के सख्त और स्पष्ट रुख ने यह साबित कर दिया है कि देश की संप्रभुता और सुरक्षा के आगे इस तरह के गठबंधन कोई मायने नहीं रखते। अब ये तो पूरी तरह से सच है ना कि पाकिस्तान अपनी सुरक्षा के लिए अब पश्चिमी देशों के बाद इस्लामिक देशों के मंचों पर धार्मिक कार्ड खेलकर भीख मांग रहा है। अपनी खुद की सेना की विफलता और आर्थिक दिवालियापन को छुपाने के लिए वह ऐसे समझौतों के सहारे अपनी अवाम को मूर्ख बना रहा है। देखा जाए तो इस बात को भी काटा नहीं जा सकता है कि सऊदी अरब और खाड़ी देश खुद अमेरिकी सुरक्षा छतरी के कमजोर होने और इजरायल की सामरिकप्रभुत्व से डरे हुए हैं। इसके चलते रियाद अपनी सुरक्षा के नाम पर पाकिस्तान के सैनिकों को किराए पर लेने की पुरानी नीति पर चल रहा है। ऐसे में यह समझना ज्यादा मुश्किल नहीं है कि सऊदी अरब के इस कदम के पीछे भारत जैसे महाशक्ति के खिलाफ किसी जंग में पाकिस्तान की तबाही का ठेका लेने के लिए तैयार होना नहीं है। देखिए गौर करने वाली बात यह भी है कि इस तथाकथित इस्लामिक डिफेंस पैक्ट के दावों की हवा तब निकल जाती है, जब हम इतिहास के पन्नों को पलटकर देखते हैं। सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच पहले भी रणनीतिक और रक्षा सहयोग के समझौते रहे हैं। लेकिन जब बात भारत के साथ मोर्चे की आई, तो इन कागजी समझौतों की असलियत दुनिया के सामने बेनकाब हो गई। आप, याद कीजिए 7 मई से 10 मई 2025 के बीच का वह समय, जब भारत ने पहलगाम के आतंकी हमले का जवाब देते हुए पाकिस्तान की धरती पर सर्जिकल स्ट्राइक से भी बड़े सैन्य अभियान यानी 'ऑपरेशन सिंदूर' को अंजाम दिया था। भारतीय मिसाइलों और वायुसेना के सटीक प्रहारों ने पाकिस्तान के भीतर जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैबा के आतंकी ठिकानों और रडार इंस्टॉलेशन को मलबे के ढेर में बदल दिया था। ऑपरेशन सिंदूर के समय युद्ध के मुहाने पर खड़े पाकिस्तान की सांसे अटक गई थीं। उसने अपनी रक्षा के लिए अपने इन तथाकथित 'इस्लामी भाइयों' और रियाद की तरफ गिड़गिड़ाकर मदद की गुहार लगाई थी। तब सऊदी अरब या अन्य इस्लामिक देशों का कौन सा रक्षा समझौता पाकिस्तान को बचाने आया था? कोई नहीं। भारतीय वायुसेना के शौर्य और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की अडिग राजनीतिक इच्छाशक्ति के आगे पाकिस्तानी सेना और उसके आकाओं को घुटने टेकने पड़े थे। सिर्फ चार दिनों के भीतर पाकिस्तान का सैन्य अहंकार चकनाचूर हो गया था और उसे युद्धविराम के लिए भीख मांगनी पड़ी थी। यह इस बात का प्रमाण है कि पाकिस्तान की सुरक्षा की गारंटी देने का दावा करने वाले ये समझौते केवल दिखावा हैं, जिनमें धरातल पर उतरने की कोई ताकत नहीं है। देखिए स्पष्ट है कि यह 'मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट' केवल कूटनीति के कागजों पर खींची गई एक ऐसी लकीर है, जिसका वास्तविक धरातल से कोई वास्ता नहीं है। पाकिस्तान चाहे जितने भी इस्लामिक देशों के साथ सुरक्षा के नए अनुबंध हस्ताक्षर कर ले, उसकी फितरत और उसकी खोखली अर्थव्यवस्था उसे कभी एक मजबूत सैन्य राष्ट्र नहीं बना सकती। दूसरी ओर भारत के सामरिक वर्चस्व और 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता ने यह बार-बार साबित किया है कि देश की सुरक्षा बयानों या कागजी समझौतों से नहीं, बल्कि लोहे जैसे इरादों और अत्याधुनिक सैन्य ताकत से तय होती है।
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DNA Hindi
Aug 7, 2026, 02:34 PM
छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य भर में प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए 500 करोड़ रुपये के कृत्रिम बुद्धिमत्ता मिशन को मंजूरी दी

छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य भर में प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए 500 करोड़ रुपये के कृत्रिम बुद्धिमत्ता मिशन को मंजूरी दी

छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य को डिजिटल और तकनीकी क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ₹500 करोड़ के छत्तीसगढ़ AI मिशन को मंजूरी दी गई. अगले पांच वर्षों में लागू होने वाला यह मिशन राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग को बढ़ावा देगा और शिक्षा, प्रशासन, उद्योग तथा स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई दिशा देगा.सरकार का लक्ष्य AI तकनीक को केवल बड़े शहरों तक सीमित न रखकर जिलों और कस्बों तक पहुंचाना है, ताकि आम नागरिक भी आधुनिक तकनीक का लाभ उठा सकें. मिशन के तहत पूरे राज्य में 100 AI डेटा लैब स्थापित की जाएंगी. इसके अलावा 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाए जाएंगे, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और डेटा एनालिटिक्स जैसी अत्याधुनिक तकनीकों पर शोध और प्रशिक्षण होगा. सरकार AI आधारित कौशल विकास पर विशेष जोर दे रही है. मिशन के तहत 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को AI का प्रशिक्षण दिया जाएगा. इससे युवाओं को भविष्य की तकनीकों में रोजगार के अवसर मिलेंगे, वहीं सरकारी कर्मचारियों की कार्यक्षमता भी बढ़ेगी. राज्य में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए 300 से अधिक AI स्टार्टअप को वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान की जाएगी. इससे छत्तीसगढ़ में AI आधारित उद्योगों और रोजगार के नए अवसर विकसित होने की उम्मीद है. कैबिनेट ने सरकारी कामकाज को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए 50 से अधिक AI आधारित डिजिटल सेवाएं विकसित करने का निर्णय लिया है. इन सेवाओं के जरिए प्रशासनिक प्रक्रियाएं तेज होंगी और नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ पहले से अधिक आसानी से मिलेगा. छत्तीसगढ़ का AI मिशन केंद्र सरकार के IndiaAI Mission से प्रेरित है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें तकनीक को गांवों और छोटे शहरों तक पहुंचाने पर विशेष फोकस किया गया है. इससे राज्य के छात्रों, युवाओं, स्टार्टअप और उद्योगों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिलेगा. AI मिशन को मंजूरी देने के साथ ही साय कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास की दिशा में भी बड़ा फैसला लिया. राज्य में पहली बार भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) का हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित किया जाएगा. इसके लिए मुंगेली जिले की पथरिया तहसील में करीब 80 एकड़ भूमि रियायती दर पर उपलब्ध कराई जाएगी. BEML केंद्र सरकार का मिनी रत्न सार्वजनिक उपक्रम है, जो रक्षा, रेलवे, खनन और निर्माण क्षेत्रों के लिए भारी मशीनों का निर्माण करता है. छत्तीसगढ़ में बनने वाला यह संयंत्र मध्य भारत का पहला बड़ा BEML हैवी मशीनरी निर्माण केंद्र होगा. छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और मध्य प्रदेश देश के प्रमुख खनिज उत्पादक राज्यों में शामिल हैं. ऐसे में यहां बनने वाले प्लांट से खनन उद्योग के लिए आवश्यक बुलडोजर, डंपर, हाइड्रोलिक एक्सकेवेटर और अन्य भारी मशीनों के निर्माण और आपूर्ति को नई गति मिलेगी. सरकार के अनुसार इस परियोजना से 1,500 से 2,500 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है, जबकि 8,000 से 10,000 लोगों के लिए अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बन सकते हैं. इसके अलावा प्लांट के आसपास 50 से अधिक MSME (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग) विकसित होने की संभावना है, जिससे स्थानीय उद्योगों और व्यवसायों को भी बड़ा लाभ मिलेगा. अब तक BEML के प्रमुख निर्माण संयंत्र कर्नाटक और केरल में संचालित हैं. छत्तीसगढ़ में स्थापित होने वाला यह नया प्लांट राज्य को AI और हैवी इंजीनियरिंग दोनों क्षेत्रों में नई औद्योगिक पहचान देगा.सरकार का मानना है कि AI मिशन और BEML परियोजना मिलकर छत्तीसगढ़ को भविष्य की तकनीक और आधुनिक विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.
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Dainik Jagran
Aug 7, 2026, 02:30 PM
मुंबई के बोरीवली इलाके में जन्मदिन की पार्टी अराजकता में बदल गई

मुंबई के बोरीवली इलाके में जन्मदिन की पार्टी अराजकता में बदल गई

मुंबई के बोरीवली में कुछ लोगों ने सड़क के बीचों-बीच बर्थडे पार्टी की। जन्मदिन मनाने के नाम पर हंगामा करने के आरोप में दस लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस घटना का वीडियों भी सामने आया है। वीडियो में 5 अगस्त की रात करीब 12:30 बजे गोराई-2 में घरकुल को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी के पास ब्लैक कलर की इनोवा बीच रास्ते खड़ी करके पार्टी करते हुए लोग दिखाई दे रहे हैं। कार के बोनट पर कई केक रखे थे और जिसका बर्थडे था, वह उन्हें काट रहा था। बाकी लोग बीच सड़क पर पार्टी करते हुए हंगामा और शोर-शराबा कर रहे थे। लोगों की भारी भीड़ की वजह से इलाके में ट्रैफिक जाम हो गया और तेज शोर-शराबे से आस-पास के लोग परेशान होने लगे। हालांकि, इन सब बातों से जश्न मनाने वालों को कोई फर्क नहीं पड़ा। इसके बजाय, उन्होंने एयरगन निकाली और उनमें से एक व्यक्ति ने उससे गोली (पैलेट) चलाई। बोरीवली पुलिस के मुताबिक, 'बेबी एयरगन जतिन शर्मा लाया था। इसे विजेश उपाध्याय ने चलाया। पैलेट चलने से इलाके में दहशत का माहौल बन गया। पुलिस ने कहा कि इस हरकत से कई लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई। पुलिस ने इस मामले में शामिल 10 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें आकाश गुप्ता, जतिन शर्मा और विजेश उपाध्याय शामिल हैं। भारतीय न्याय संहिता (BNS), मोटर वाहन अधिनियम, महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम और आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में आगे की जांच जारी है।
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Dainik Jagran
Aug 7, 2026, 02:27 PM
सावन स्पेशलः भगवान शंकर की भक्ति के दौरान नरम कुट्टू रोटियाँ बनाने के लिए सुझाव

सावन स्पेशलः भगवान शंकर की भक्ति के दौरान नरम कुट्टू रोटियाँ बनाने के लिए सुझाव

सावन का महीना शुरू हो चुका है। इस महीने हर कोई भगवान शंकर की भक्ति में रम जाता है। कई लोग इस महीने सोमवार का व्रत भी करते हैं। व्रत के दौरान फलाहार में लोग कुट्टू के आटे की बनी रोटियां भी खाते हैं, जो एनर्जी का काफी अच्छा सोर्स है। हालांकि, अक्सर लोगों की शिकायत होती है कि उनका रोटियां बहुत सख्त हो जाती हैं या बेलते या सेकते समय काफी टूटने लगती है। अगर आपके साथ भी ये परेशानी होती है, तो आइए जाने कैसे आप कुट्टू की एकदम मुलायम रोटी बना सकते हैं।
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Dainik Jagran
Aug 7, 2026, 02:26 PM
जे. एल. के. एम. विधायक ने जे. पी. एस. सी. परीक्षा में धांधली के विरोध में छात्रों के समर्थन में एक दिवसीय भूख हड़ताल की घोषणा की

जे. एल. के. एम. विधायक ने जे. पी. एस. सी. परीक्षा में धांधली के विरोध में छात्रों के समर्थन में एक दिवसीय भूख हड़ताल की घोषणा की

जेपीएससी नियुक्ति विवाद में छात्रों का समर्थन करने वाले जेएलकेएम के विधायक जयराम महतो ने कहा है कि नौ अगस्त को एक दिवसीय निर्जला अनशन पर बैठेंगे। जयराम महतो ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि जेपीएससी एवं जेएसएससी परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम रांची में पिछले 14 दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन एवं भूख हड़ताल के समर्थन में वह नौ अगस्त को सुबह छह बजे से पुराना विधानसभा परिसर में एक दिवसीय निर्जला अनशन पर बैठेंगे। छात्रों की आवाज बुलंद करने और उनकी मांगों के समर्थन में यह मेरा संकल्प है। जयराम महतो ने इसके लिए विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो से मुलाकात कर अनशन की अनुमति के लिए ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि नए विधानसभा परिसर में अनशन की कोई परंपरा नहीं रही है। इसके बाद मुझे पुराना विधानसभा परिसर में निर्जला अनशन की अनुमति प्रदान की गई। मैं छात्रों के साथ कल भी था, आज भी हूं और आगे भी उनके साथ रहूंगा। विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी, वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, विधायक कल्पना सोरेन से मुलाकात कर आग्रह किया कि छात्र आंदोलन का शीघ्र समाधान सुनिश्चित कराया जाए। भूख हड़ताल पर बैठे छात्र भी किसी के बेटे-बेटियां हैं। उनकी सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए सरकार संवेदनशीलता के साथ तत्काल पहल करे। अनशन के बाद 10 अगस्त, 11 अगस्त और 12 अगस्त को झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र में भाग लूंगा। सदन के भीतर भी छात्रों की आवाज पूरी मजबूती से उठाऊंगा और उनके हितों की लड़ाई जारी रखूंगा। टीडीपीएल द्वारा लिए गए जेपीएससी- जेएसएससी के सभी नियुक्ति परीक्षाओं को रद करो। दोषियों को गिरफ्तार करो, सीबीआइ और ईडी से मामले की जांच कराई जाए। JPSC के साथ JSSC के सभी पदाधिकारियों के घोटाले में संलिप्तता की निष्पक्ष जांच हो... पोस्टर से टी-शर्ट तक... JPSC-JSSC विवाद पर झारखंड विधानसभा में दिखा अनोखा विरोध AISA अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंकने वाले की हुई पहचान, VBU हजारीबाग से कर रहा BA ऑनर्स
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Dainik Jagran
Aug 7, 2026, 02:26 PM
केंद्र सरकार ने महाराजाधिराज लक्ष्मीश्वर सिंह संग्रहालय में दुर्लभ आइवरी कलाकृतियों के संरक्षण में देरी की जांच के आदेश दिए

केंद्र सरकार ने महाराजाधिराज लक्ष्मीश्वर सिंह संग्रहालय में दुर्लभ आइवरी कलाकृतियों के संरक्षण में देरी की जांच के आदेश दिए

दरभंगा के महाराजाधिराज लक्ष्मीश्वर सिंह संग्रहालय में सुरक्षित दुर्लभ हाथी दांत के पुरावशेषों के संरक्षण में वर्षों की देरी अब केंद्र सरकार के निशाने पर है। प्रधानमंत्री से शिकायत के बाद केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संरक्षण कार्य में लापरवाही की जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही, लंबित कार्य जल्द पूरा कर विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट सौंपने का निर्देश भी जारी किया गया है। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने नेशनल रिसर्च लेबोरेट्री फॉर कंजर्वेशन ऑफ कल्चरल प्रॉपर्टी (एनआरएलसी), लखनऊ को पत्र भेजकर संग्रहालय में रखे हाथी दांत के दुर्लभ पुरावशेषों और कलाकृतियों के संरक्षण कार्य में हो रही देरी पर जवाब मांगा है। छह अगस्त को जारी पत्र में कार्य में बरती गई कथित लापरवाही और शिथिलता की तत्काल जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। पूर्व संग्रहालयाध्यक्ष एवं इंटैक बिहार स्टेट के सह-संयोजक डॉ. शिव कुमार मिश्र ने प्रधानमंत्री को भेजी शिकायत में बताया था कि वर्ष 2019 में संग्रहालय और एनआरएलसी के बीच 155 दुर्लभ पुरावशेषों एवं कलाकृतियों के संरक्षण का समझौता हुआ था। इसके लिए कुल स्वीकृत राशि का 50 प्रतिशत यानी 82.50 लाख रुपये अग्रिम के रूप में एनआरएलसी को दे दिए गए थे। समझौते के अनुसार संरक्षण कार्य तीन वर्षों में पूरा होना था, लेकिन निर्धारित अवधि बीत जाने के बाद भी काम अधूरा है। शिकायत में आरोप लगाया गया कि एनआरएलसी की लापरवाही के कारण संरक्षण कार्य लंबित रहा, जिससे अमूल्य पुरावशेषों का क्षरण लगातार बढ़ता गया। संस्कृति मंत्रालय ने एनआरएलसी के महानिदेशक को स्पष्ट निर्देश दिया है कि शिकायत की निष्पक्ष जांच कर विस्तृत प्रतिवेदन जल्द उपलब्ध कराया जाए। साथ ही, लंबे समय से लंबित संरक्षण कार्य को बिना किसी और देरी के पूरा कर उसकी अनुपालन रिपोर्ट भी मंत्रालय को भेजी जाए। मंत्रालय की इस कार्रवाई से उम्मीद जगी है कि वर्षों से उपेक्षा का शिकार दुर्लभ हाथी दांत के पुरावशेषों का वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण हो सकेगा। साथ ही, इस मामले में जिम्मेदारी तय होने से सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण को लेकर जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।
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Amar Ujala
Aug 7, 2026, 02:25 PM
हरियाणा की तिरंगा यात्राः स्वतंत्रता दिवस पर देशभक्ति के लिए एक जन आंदोलन

हरियाणा की तिरंगा यात्राः स्वतंत्रता दिवस पर देशभक्ति के लिए एक जन आंदोलन

संवाद न्यूज एजेंसीपलवल। स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में केंद्र एवं राज्य सरकार की ओर से संचालित हर घर तिरंगा अभियान के तहत पलवल में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। हरियाणा सरकार के खेल, युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता तथा कानून एवं विधायी कार्य राज्यमंत्री गौरव गौतम के नेतृत्व में यह यात्रा पांच किलोमीटर लंबी होगी। 10 फीट चौड़े तिरंगे के साथ हजारों नागरिक राष्ट्रभक्ति का संदेश देंगे।तिरंगा यात्रा पलवल पुलिस लाइन से शुरू होकर आगरा चौक स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्टेडियम तक जाएगी। यात्रा में खिलाड़ी, युवा, विद्यार्थी, एनसीसी एवं एनएसएस के स्वयंसेवक, विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी तथा आम नागरिक हाथों में तिरंगा लेकर शामिल होंगे। पूरे मार्ग पर देशभक्ति के गीत, भारत माता के जयघोष के साथ राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत वातावरण देखने को मिलेगा।विज्ञापनखेल राज्यमंत्री गौरव गौतम ने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान केवल राष्ट्रीय ध्वज फहराने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के प्रति सम्मान, समर्पण और गौरव की भावना को सशक्त बनाने वाला जनआंदोलन है। उन्होंने कहा कि तिरंगा हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, वीर सैनिकों के अदम्य साहस और देशवासियों की एकता का प्रतीक है। उन्होंने हर भारतीय नागरिक से राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करने और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की। इस मौके पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्टेडियम में राष्ट्रभक्ति से जुड़े विभिन्न सांस्कृतिक एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसे लेकर जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों की ओर से व्यापक तैयारियां की गईं हैं।विज्ञापनवहीं, जिले में 9 से 17 अगस्त तक हर घर तिरंगा अभियान चलाया जाएगा। अतिरिक्त उपायुक्त उत्सव आनंद ने अधिकारियों को सभी कार्यक्रम देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम की भावना के साथ गरिमापूर्ण तरीके से आयोजित करने के निर्देश दिए। अभियान के दौरान तिरंगा रैली, बाइक व साइकिल रैली, तिरंगा शोभायात्रा, तिरंगा एवं वंदे मातरम प्रदर्शनी, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सेल्फी विद तिरंगा अभियान आयोजित होंगे। सरकारी भवनों को तिरंगा रोशनी से सजाया जाएगा। वहीं, 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया जाएगा। हर घर तिरंगा एवं वंदे मातरम् अभियान को सफल बनाने के लिए एसडीएम बलीना ने शुक्रवार को होडल कार्यालय में संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक ली।--------------------------------------------------------नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्टेडियम में होगा जिला स्तरीय समारोहजिले में 80वां स्वाधीनता दिवस जिला स्तरीय समारोह नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्टेडियम में होगा। समारोह की तैयारियों को लेकर उपायुक्त डॉ. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने जिला सचिवालय सभागार में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने बताया कि मार्च पास्ट के अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रम, योग, मलखंब, पीटी, डंबल और लेजियम शो आयोजित किए जाएंगे। इनमें स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, एनसीसी और एनएसएस के विद्यार्थियों की भागीदारी होगी। उन्होंने जिले के इतिहास और गुमनाम नायकों पर आधारित कार्यक्रमों को भी शामिल करने के निर्देश दिए। समारोह में स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के परिजन भी शामिल होंगे। 13 अगस्त को फुल ड्रेस रिहर्सल होगी।
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DNA Hindi
Aug 7, 2026, 02:25 PM
पाकिस्तान के सैन्य नेता ने आंतरिक संकट के बीच वैश्विक महत्वाकांक्षा व्यक्त की

पाकिस्तान के सैन्य नेता ने आंतरिक संकट के बीच वैश्विक महत्वाकांक्षा व्यक्त की

एक तरफ पाकिस्तान के फील्ड मार्शल और सेना प्रमुख आसिम मुनीर देश को इंटरनेशनल मंच पर बड़े खिलाड़ी के तौर पर दिखाने में जुटे हैं, दूसरी तरफ पाकिस्तान की आंतरिक हालत बद से बदतर होती जा रही है. मौजूदा हालात को लेकर पाकिस्तान की प्रख्यात लेखिका आयशा सिद्दिका ने कहा है कि आसिम मुनीर के मन में सिंगापुर के ली कुआन यू बनने का सपना चल रहा है. लेकिन वह अल सीसी, गद्दाफी और ईदी अमीन से ज्यादा कुछ नहीं बन सकते. आयशा सिद्दिका ने ये भी कहा है कि मुनीर की पाकिस्तान को हार्ड स्टेट बनाने की नीति देश को तोड़ सकती है. पाकिस्तान की सेना और उसके देश पर कब्जे को लेकर कई किताबें लिख चुकीं आयशा सिद्दिका ने यूट्यूब चैनल द पाकिस्तान फाइल्स पर एक बातचीत के दौरान ये बातें कहीं. आयशा सिद्दिका ने कहा कि पाकिस्तान में कई अलग-अलग तरह के लोग रहते हैं. अगर सबकी बातों को दरकिनार कर केवल दमन और क्रूरता का सहारा लिया जाएगा तो पाकिस्तान के लिए बेहद मुश्किल हालात खड़े हो जाएंगे. बलोचिस्तान में जारी विद्रोह और हिंसा को लेकर आयशा सिद्दिका ने कहा कि ये पूरा मामला पाकिस्तान ने खुद बिगाड़ा है. उन्होंने कहा, "ब्रिटिश राज के दौरान भी बलोचिस्तान अपने आंतरिक मसले खुद देखता था. वहां ट्राइबल सिस्टम है, सरदारी निजाम है. बलोचिस्तान का मामला इतना बड़ा नहीं था. लेकिन हमने अपनी जंगों से इसे बड़ा कर दिया है. जिस जनता को सरदारों से अलग कर के उनसे बात की जा सकती थी, आपने उनको भी पहाड़ों पर धकेल दिया है. जब किसी के घर के सदस्य को आप उठाएंगे तो यही होगा." खैबर पख्तूनवा पर आयशा सिद्दिका ने कहा, "केपी में नौजवानों का यही कहना है कि किसी को गिरफ्तार को करो तो संवैधानिक तरीके से उसे अदालत में पेश करो. लेकिन उठा के लोगों को मार देना और गायब कर देना नहीं चलेगा. तालिबान को आप लाए, आपने बसाया, ये आपकी पॉलिसी थी. जो हो रहा है, वो क्यों हो रहा है इसके लिए जरा अपनी पॉलिसी की तरफ भी देखें." आसिम मुनीर को लेकर आयशा सिद्दिका ने कहा कि ये भी पाकिस्तान के बाकी सेना प्रमुखों की तरह ही है. इन लोगों को लगता है कि हम सबकुछ जानते हैं और सबकुछ कर सकते हैं. इन्हें लगता है कि इनसे बेहतर पाकिस्तान की कोई सोच नहीं सकता. आसिम मुनीर अपनी इंटरनल बेस को जियो पोलिटिकल सपोर्ट के दम पर मजबूत करना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में अब संवैधानिक सैन्य शासन है जिसमें सेना बिना तख्तापलट किए ही देश चला रही है.
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Aug 7, 2026, 02:24 PM
पत्नी-पत्नियों की पिटाईः भारतीय जिला कलेक्टर के कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई

पत्नी-पत्नियों की पिटाईः भारतीय जिला कलेक्टर के कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई

जिला समाहरणालय का मुख्य गेट दो पत्नियों की भिड़ंत हो गई, जिसमें बेचारा पति फंसा हुआ नजर आया। शुक्रवार दोपहर एक आवास सहायक की दो पत्नियां आमने-सामने आ गईं, जिसके बाद परिसर में जमकर हंगामा हुआ। दोनों महिलाओं के बीच पहले तीखी नोकझोंक हुई, जो देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई। दोनों महिलाएं हाथों में डंडा लेकर एक-दूसरे पर हमला करने पर उतारू हो गईं। दोनों के बीच डंडा चला, आरोप-प्रत्यारोप हुई पति बीच-बचाव करता रहा। बाद में मौजूद लोगों ने हस्तक्षेप कर किसी तरह दोनों को अलग कराया और स्थिति को नियंत्रित किया। विवाद के केंद्र में पति के रुप में कोढ़ा में पूर्व में पदस्थापित आवास सहायक रंजीत कुमार पासवान थे, जो पूरे घटनाक्रम के दौरान दोनों पत्नियाें को शांत कराने का प्रयास करते रहे। हंगामे के कारण कुछ देर के लिए समाहरणालय परिसर में अफरातफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। बारसोई से अपने बेटे के साथ पहुंची दूसरी पत्नी ने आरोप लगाया कि करीब 14 वर्ष पूर्व उसकी शादी फलका थाना क्षेत्र के पोठिया निवासी रंजीत कुमार पासवान से हुई थी। उसका दावा है कि चार वर्ष पहले दोनों ने कोर्ट मैरिज भी की थी और उनका एक बेटा है। महिला ने आरोप लगाया कि शादी के समय रंजीत ने स्वयं को अविवाहित बताया था, जबकि बाद में पता चला कि वह पहले से विवाहित हैं और तीन बच्चों के पिता हैं। महिला का आरोप है कि रंजीत पहली पत्नी के साथ रह रहे हैं तथा उसे और उसके बेटे के भरण-पोषण के लिए कोई आर्थिक सहायता नहीं देते। इसी संबंध में अपना हक मांगने वह समाहरणालय पहुंची थी। इसी दौरान पहली पत्नी के पहुंचने पर दोनों के बीच विवाद बढ़ गया और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। जानकारी के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच चल रहे भरण-पोषण विवाद के समाधान के लिए पंचायत स्तर पर सुलह का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल मामले को लेकर कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई है। बिहार में सड़क हादसे में बच्चे की मौत के बाद उग्र हुई भीड़, बाइक सवार को पीट-पीटकर मार डाला
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Aug 7, 2026, 02:23 PM
बिहार के सड़क निर्माण मंत्री ने प्रमुख परियोजनाओं के लिए मंजूरी मांगी

बिहार के सड़क निर्माण मंत्री ने प्रमुख परियोजनाओं के लिए मंजूरी मांगी

पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र ने गुरुवार को दिल्ली में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर बिहार से जुड़ी कई योजनाओं के प्रस्ताव पर विमर्श किया और मांग रखी। उन्होंने कहा कि हाजीपुर पासवान चौक से बिदुपुर तक गंगा के उत्तरी किनारे एलिवेटेड सड़क का निर्माण कराया जाए। इस छह लेन पुल के उत्तरी पहुंच पथ पर घनी आबादी के कारण विस्थापन से बचने हेतु एलिवेटेड रोड के निर्माण का प्रस्ताव रखा गया। विक्रमशिला सेतु के स्थायी पुनर्निर्माण हेतु बेली ब्रिज हटाया जाना है। इसके समाधान हेतु निर्माणाधीन नए विक्रमशिला सेतु के समानांतर एक अस्थायी पांटून ब्रिज निर्माण की तत्काल स्वीकृति मांगी गई है। पथ निर्माण मंत्री ने कहा कि पांटून ब्रिज निर्माण से यातायात बाधित नहीं होगा और लाखों यात्रियों, व्यापार, कृषि व स्वास्थ्य सेवाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। भारतमाला परियोजना के तहत मुजफ्फरपुर-बरौनी फोर लेन चौड़ीकरण तथा पूर्व-पश्चिम गलियारा से सीधा संपर्क स्थापित करने हेतु मुजफ्फरपुर पूर्वी बाईपास के निर्माण के लिए एनएचएआई को शीघ्र डीपीआर पूरा कर निविदा प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया। पटना, वाराणसी-रांची-कोलकाता कॉरिडोर को जोड़ने वाले एनएच 139 पर भारी यातायात व दुर्घटनाओं को देखते हुए औरंगाबाद, ओबरा और अम्बा बाईपास सहित नौबतपुर से झारखंड सीमा तक फोर लेन चौड़ीकरण की स्वीकृति शीघ्र देने का आग्रह किया गया। बिहार के विभिन्न महत्वपूर्ण एवं जर्जर संपर्क मार्गों के कायाकल्प व उन्नयन हेतु केंद्रीय सड़क निधि के तहत नए प्रस्तावों पर स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया गया। दक्षिण पटना से पटना जंक्शन की राह होगी और भी आसान, जल्द चालू होगा मीठापुर-महुली एलिवेटेड रोड
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Aug 7, 2026, 02:21 PM
जेवर एयरपोर्ट लिंक एक्सप्रेस परियोजना ने उत्तर प्रदेश में किसानों से भूमि खरीद में तेजी लाई

जेवर एयरपोर्ट लिंक एक्सप्रेस परियोजना ने उत्तर प्रदेश में किसानों से भूमि खरीद में तेजी लाई

गंगा एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट को जोड़ने के लिए जेवर एयरपोर्ट लिंक एक्सप्रेस परियोजना में किसानों से भूमि का क्रय की प्रक्रिया में तेजी आई है। छह अगस्त तक यूपीसीडा के पक्ष में किसानों से 412.4441 हेक्टयर भूमि क्रय कर उन्हें 554 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। गंगा एक्सप्रेसवे व जेवर एयरपोर्ट को जोड़ने के लिए जेवर एयरपोर्ट लिंक एक्सप्रेस का निर्माण होना है। इसके लिए 39 गांवों की 670.0159 हेक्टयर भूमि में लिंक एक्सप्रेस वे का निर्माण होगा। इसमें शासकीय भूमि 72.7258 हेक्टयर है। बाकी निजी क्षेत्र की 597.2901 हेक्टयर भूमि का क्रय किसानों से किया जाना है। एडीएम प्रशासन नीतीश कुमार सिंह ने बताया कि छह अगस्त तक यूपीसीडा के पक्ष में 71.09 प्रतिशत भूमि को क्रय किया जा चुका है। 412.4441 हेक्टयर भूमि का भूमि का क्रय कर किसानों को 554 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। इसमें बाकी भूमि का क्रय भी जल्द कर लिया जाएगा। SSP बुलंदशहर ने चौकी प्रभारी सहि‍त 7 पुल‍िसकर्मि‍यों को क‍िया सस्‍पेंड, अनुशासनहीनता और लापरवाही के कारण गि‍री गाज
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Aug 7, 2026, 02:21 PM
सी. बी. आई. ने एन. ई. ई. टी.-यू. जी. 2026 पेपर लीक की जांच के लिए डिजिटल फोरेंसिक का लाभ उठाया

सी. बी. आई. ने एन. ई. ई. टी.-यू. जी. 2026 पेपर लीक की जांच के लिए डिजिटल फोरेंसिक का लाभ उठाया

नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में CBI के आरोपपत्र में डिजिटल फोरेंसिक को जांच का सबसे अहम आधार बनाया गया है। जांच एजेंसी ने एनटीए विशेषज्ञ पीवी कुलकर्णी की पुणे स्थित सोसायटी के एक्सेस-कंट्रोल ऐप, छात्रों की एंट्री के बायोमेट्रिक रिकॉर्ड, मोबाइल की कॉल डिटेल (CDR) और लोकेशन डाटा का मिलान किया। इसके जरिये यह पता लगाया गया कि परीक्षा से पहले किन अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों की विशेष कक्षाओं के लिए वहां आवाजाही हुई थी। कुलकर्णी की सोसायटी में आने-जाने वालों की एंट्री दर्ज करने वाले ऐप के रिकॉर्ड से CBI ने अप्रैल में वहां पहुंचे छात्रों और उनके अभिभावकों की मौजूदगी चिह्नित की। इन रिकॉर्ड का संबंधित मोबाइल फोन के सीडीआर और लोकेशन विश्लेषण से भी मिलान किया गया। जांच एजेंसी के अनुसार, यह डिजिटल ट्रेल विशेष कोचिंग कक्षाओं और पेपर लीक की आगे की कड़ी जोड़ने में अहम साबित हुआ। CBI के मुताबिक, इस नेटवर्क को उजागर करने में मनीषा संजय वाघमारे की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। एजेंसी का आरोप है कि वाघमारे ने पीवी कुलकर्णी और मनीषा मंधारे की विशेष कक्षाओं में छात्रों को भेजा, वहां लिखे गए प्रश्नों वाली नोटबुक हासिल की और लीक सामग्री को आगे पहुंचाया। यही सामग्री राजस्थान और हरियाणा तक पहुंची। चार्जशीट में बताया गया है कि विषय विशेषज्ञों से निकली प्रश्न सामग्री पहले बिचौलियों और फैसिलिटेटरों तक पहुंची। इनमें तेजस हर्षदकुमार शाह, डॉ. मनोज बहगवानराव शिरूरे, धनंजय निवृत्ति लोखंडे और शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर समेत अन्य आरोपित शामिल हैं। इसके बाद प्रश्नों की सप्लाई अभ्यर्थियों तक की गई। CBI ने कोचिंग सेंटर संचालक शिवराज रघुनाथ मुतगांवकर को भी आरोपित बनाया है। आरोप है कि उसने कुलकर्णी से एक बिचौलिए के जरिए प्रश्न हासिल किए और आर्थिक लाभ के लिए उन्हें छात्रों में बांटा। राजस्थान में शुभम मधुकर खैरनार, मंगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल और विकास बिवाल तथा हरियाणा में यश यादव समेत अन्य आरोपितों पर भी लीक प्रश्न आगे पहुंचाने का आरोप है। CBI के अनुसार, खैरनार ने अभ्यर्थियों से पैसे लेने के साथ शैक्षणिक दस्तावेज और ब्लैंक चेक सुरक्षा के तौर पर लिए और आगे की सप्लाई से जुड़े लोगों के संपर्क में रहा। जांच एजेंसी को मंगीलाल बिवाल के मोबाइल से मिली ऑडियो रिकॉर्डिंग भी अहम साक्ष्य मिली। CBI के मुताबिक, बातचीत में परीक्षा से चार दिन पहले पीडीएफ या हार्ड कॉपी में पेपर देने, 10 से 12 लाख रुपये कीमत, 150 प्रश्नों की विशेष डील और अन्य खरीदारों के लिए 450 प्रश्नों के अलग सेट की चर्चा सामने आई। CBI ने विभिन्न अभ्यर्थियों और बिचौलियों से बरामद सामग्री की दिल्ली विश्वविद्यालय की विशेषज्ञ समिति से जांच कराई। इसमें नीट-यूजी 2026 के कैलाश, शिवालिक, सेट-दो और सेट-तीन के प्रश्नों से मिलान पाया गया। एजेंसी के अनुसार, विशेषज्ञों की पहुंच वाले सेटों में यह मिलान 85 प्रतिशत तक पहुंचा। फोरेंसिक जांच में सरकारी प्रश्नित दस्तावेज परीक्षक ने जब्त सामग्री में मौजूद कई प्रश्नों की लिखावट का मिलान संबंधित विशेषज्ञों से किया। CBI के अनुसार, 68 भौतिकी प्रश्नों की लिखावट हवलदार और तेजस शाह से जुड़ी मिली, जबकि रसायन विज्ञान की सामग्री कुलकर्णी के नोट्स और जीव विज्ञान की सामग्री मंधारे के नोट्स से मेल खाती पाई गई। NTA के 3 एक्सपर्ट ने रफ शीट पर लिखकर लीक किए थे NEET के 135 सवाल, CBI की चार्जशीट में कई खुलासे
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Aug 7, 2026, 02:20 PM
दिल्ली-एन. सी. आर. क्षेत्र में भारी बारिश का अलर्ट जारी

दिल्ली-एन. सी. आर. क्षेत्र में भारी बारिश का अलर्ट जारी

दिल्ली-एनसीआर में अगले तीन घंटे में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के अलर्ट के अनुसार दिल्ली और एनसीआर के कई इलाकों में अगले तीन घंटे के दौरान भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। लोगों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने और मौसम संबंधी सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। एनडीएमए के अलर्ट के मुताबिक IMD नई दिल्ली ने सेंट्रल, ईस्ट, न्यू दिल्ली, नॉर्थ, नॉर्थ ईस्ट, नॉर्थ वेस्ट, शाहदरा, साउथ, साउथ ईस्ट, साउथ वेस्ट और वेस्ट दिल्ली के लिए Heavy Rain Alert जारी किया है। यह अलर्ट शाम 5:56 बजे से रात 8:56 बजे तक प्रभावी रहेगा। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से गौतम बुद्ध नगर (नोएडा), बुलंदशहर, गाजियाबाद, बिजनौर और मुजफ्फरनगर के कुछ क्षेत्रों के लिए Moderate Rain Alert जारी किया गया है। अलर्ट के अनुसार इन जिलों में भी अगले तीन घंटे के दौरान गरज-चमक के साथ मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है। यह चेतावनी शाम 5:02 बजे से रात 8:02 बजे तक प्रभावी रहेगी। दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर भारी जलभराव, तेज बारिश में यातायात प्रभावित; सिस्टम पर उठा सवाल
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Aug 7, 2026, 02:18 PM
अरोहणम वैदिक घड़ी का वैश्विक प्रसारः भारतीय वैदिक कालक्रम के लिए एक नया युग

अरोहणम वैदिक घड़ी का वैश्विक प्रसारः भारतीय वैदिक कालक्रम के लिए एक नया युग

भगवान महाकाल की नगरी उज्जैन में विकसित विक्रमादित्य वैदिक घड़ी की तकनीक अब वैश्विक स्तर पर नए स्वरूप में पहुंचने जा रही है। 'आरोहणम् वैदिक घड़ी' का पहला व्यावसायिक संस्करण जारी किया गया है। इसे विश्व की पहली वैदिक टाइम हेरिटेज इंस्टालेशन बताया जा रहा है। इसे भारत के साथ-साथ विदेश के एयरपोर्ट, होटल, संग्रहालय, मंदिर, कार्पोरेट मुख्यालय और सांस्कृतिक संस्थानों में स्थापित करने की तैयारी है। यह उज्जैन में विकसित वैदिक कालगणना तकनीक को वैश्विक स्तर तक पहुंचाने की दिशा में पहला व्यावसायिक कदम माना जा रहा है। इस घड़ी का पहला ऑर्डर लखनऊ स्थित लेटे हनुमान मंदिर से मिला है। यह डिजिटल इंस्टालेशन सामान्य घड़ी की तरह केवल घंटे और मिनट नहीं बताती। इसमें भारतीय वैदिक कालगणना के अनुसार तिथि, नक्षत्र, योग, करण, वार, मुहूर्त, पर्व-त्योहार और पंचांग रियल टाइम में प्रदर्शित होते हैं। करीब छह फीट ऊंची यह इंस्टालेशन जिस शहर या देश में लगाई जाएगी, वहां के अक्षांश-देशांतर और खगोलीय गणनाओं के आधार पर स्थानीय सूर्योदय के अनुसार स्वतः वैदिक समय प्रदर्शित करेगी। यानी हर स्थान पर वहां के वास्तविक वैदिक समय की जानकारी मिलेगी। बता दें कि इस तकनीक की शुरुआत 29 फरवरी 2024 को हुई थी, जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उज्जैन में विश्व की पहली विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का लोकार्पण किया था। इसके बाद इसी तकनीक पर आधारित मोबाइल एप विकसित किया गया, जिसमें 3179 विक्रम पूर्व से सात हजार वर्षों से अधिक की भारतीय कालगणना, 30 प्रकार के शुभ-अशुभ मुहूर्त, पंचांग, व्रत-त्योहार, सूर्योदय-सूर्यास्त, मौसम और अन्य जानकारियां उपलब्ध कराई गईं। यह एप 189 से अधिक भाषाओं में संचालित हो सकता है। अब यही तकनीक स्थायी डिजिटल इंस्टालेशन के रूप में दुनिया के प्रतिष्ठानों तक पहुंचाई जा रही है। इस परियोजना को विकसित करने वाले आरोह श्रीवास्तव वही विशेषज्ञ हैं, जिन्होंने उज्जैन की मूल विक्रमादित्य वैदिक घड़ी की डिजाइन तैयार किया था। उन्होंने बताया कि शुरुआती चरण में केवल 108 फाउंडर एडिशन तैयार किए जाएंगे। प्रत्येक इंस्टालेशन के साथ यूनिक सीरियल नंबर, फाउंडर के हस्ताक्षर और सर्टिफिकेट आफ ओरिजिनैलिटी दिया जाएगा। इसकी शुरुआती कीमत 2.49 लाख रुपये रखी गई है। पहला आर्डर लखनऊ के गोमती तट स्थित लेटे हनुमान मंदिर से मिल चुका है, जहां इसे जल्द स्थापित किया जाएगा। बाबा महाकाल के दर्शन को जाने वालों के लिए अच्छी खबर: अब बुलंदशहर के डिबाई रेलवे स्टेशन पर रूकेगी बरेली-इंदौर एक्सप्रेस उज्जैन की वैदिक घड़ी पहले ही राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुकी है। अप्रैल 2026 में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इसे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेंट कर चुके हैं। यह घड़ी वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में भी स्थापित है, जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसकी कार्यप्रणाली का अवलोकन कर चुके हैं। अब इसका व्यावसायिक संस्करण भारतीय कालगणना को दुनिया के प्रमुख संस्थानों तक पहुंचाने की दिशा में अगला कदम माना जा रहा है। 6 फीट वैदिक घड़ी की ऊंचाई 108 फाउंडर एडिशन 2.49 लाख रुपये शुरुआती कीमत
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Aug 7, 2026, 02:16 PM
एफ. एस. डी. ए. ने आटे की मिलों पर छापा मारा, कीड़े-मकोड़ों से ग्रसित साबूदाने को नष्ट किया और बिना लेबल वाला आटा जब्त किया

एफ. एस. डी. ए. ने आटे की मिलों पर छापा मारा, कीड़े-मकोड़ों से ग्रसित साबूदाने को नष्ट किया और बिना लेबल वाला आटा जब्त किया

आटे में शैलखड़ी (सोप स्टोन) और चावल की मिलावट की शिकायतों के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने कई आटा मिल व निर्माण इकाइयों पर छापेमारी की। पांच टीमों ने चार से छह अगस्त तक विभिन्न फ्लोर मिलों पर छापेमारी कर 10 नमूने एकत्र किए और जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा है। कार्रवाई के दौरान कीड़े मिली 950 किलोग्राम सूजी नष्ट कराई गई, जबकि बिना निर्धारित पैकेजिंग और लेबलिंग के 55 क्विंटल मैदा जब्त किया गया है। एफएसडीए की टीम ने काकोरी स्थित आतिश फ्लोर मिल में तीन नमूने एकत्र किए। निरीक्षण के दौरान परिसर में साफ-सफाई और स्टोरेज मानकों के अनुसार नहीं पाया गया। यहां मिली 19 कीटग्रस्त सूजी की बोरी (950 किलोग्राम) को मौके पर ही नष्ट कराया गया। मिल को नोटिस भी जारी की गई है। बीकेटी के कुम्हरावां स्थित केजार एग्रो फूड्स प्राइवेट लिमिटेड में प्रोसेसिंग एरिया में साफ-सफाई की भारी खामियां मिलने पर आटा और मैदा के नमूने लिए गए। इसी तरह मोहनलालगंज रोड स्थित नरैन फ्लोर मिल से आटा, मैदा और सूजी के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। इसके अलावा मिश्रीपुर स्थित राम निवास फ्लोर मिल प्राइवेट लिमिटेड में कच्चे माल के भंडारण, प्रोसेसिंग और पैकेजिंग में अनियमितताएं पाई गईं। यहां 110 बोरियों में रखे करीब 55 क्विंटल मैदा पर अनिवार्य पैकेजिंग और लेबलिंग न मिलने पर 1.65 लाख रुपये मूल्य का मैदा जब्त किया गया। मिल से आटा, मैदा, सूजी और बेसन के नमूने भी एकत्र किए गए। सरोजनीनगर औद्योगिक क्षेत्र स्थित अयोध्या फ्लोर मिल और यू.पी. रोलर फ्लोर मिल में केवल मैदा और रवा का उत्पादन पाया गया। लखनऊ में घर के बाहर खड़ी कार में पेट्रोल डालकर लगाई आग, गाड़ी मालिक ने BBD थाने में दर्ज कराया मुकदमा दोनों इकाइयों से मैदा के एक-एक नमूने लिए गए। निरीक्षण में साफ-सफाई और अभिलेखों के रख-रखाव में कमियां मिलने पर दोनों प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किया गया है। सहायक आयुक्त (खाद्य)-द्वितीय विजय प्रताप सिंह के मुताबिक, अभियान के दौरान कुल 10 नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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Aug 7, 2026, 02:16 PM
बिहार ने ऑस्ट्रेलिया को जीआई-टैग किए गए मिथिला मखाने की पहली खेप का निर्यात किया, जिससे कृषि क्षमता में वृद्धि हुई

बिहार ने ऑस्ट्रेलिया को जीआई-टैग किए गए मिथिला मखाने की पहली खेप का निर्यात किया, जिससे कृषि क्षमता में वृद्धि हुई

बिहटा स्थित आधुनिक इंटीग्रेटेड इर्रेडिएशन-कम-पैकहाउस (कॉमन फैसिलिटी सेंटर) से शुक्रवार को 18 टन जीआई-टैग मिथिला मखाना की पहली समुद्री निर्यात खेप को ऑस्ट्रेलिया के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि यह केवल एक निर्यात खेप नहीं, बल्कि बिहार के किसानों की मेहनत, उद्यमियों की प्रतिबद्धता तथा राज्य की कृषि क्षमता का वैश्विक स्तर पर परिचय है। यह पहल राज्य में कृषि उत्पादों के निर्यात को नई गति प्रदान करेगी। किसानों की आय में वृद्धि के साथ रोजगार के नए अवसर सृजित करेगी। उन्होंने कहा कि अब तक बिहार में उत्पादित मखाना का निर्यात अन्य राज्यों के माध्यम से किया जाता रहा है, किंतु राज्य सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में अधिकाधिक मखाना का निर्यात सीधे बिहार से हो। इसके लिए आवश्यक आधारभूत संरचना को सुदृढ़ किया जा रहा है। निर्यात से संबंधित सभी प्रक्रियाओं को सरल एवं सुगम बनाया जाएगा। विदित हो कि बिहार का देश के कुल मखाना उत्पादन में लगभग 90 प्रतिशत योगदान है। मिथिला मखाना अपनी उत्कृष्ट गुणवत्ता, उच्च पोषण मूल्य, कम वसा, ग्लूटेन-रहित गुणों तथा एंटीऑक्सीडेंट विशेषताओं के कारण विश्व स्तर पर सुपर फूड के रूप में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। ऑस्ट्रेलिया को भेजी गई यह खेप एशिया-प्रशांत क्षेत्र सहित अन्य विकसित देशों के बाजारों में बिहार के मखाना की पहुंच को और सुदृढ़ करेगी। उन्होंने कहा कि मखाना उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन एवं निर्यात से जुड़े किसानों, किसान उत्पादक संगठनों, उद्यमियों तथा निर्यातकों को व्यापक स्तर पर जागरूक किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रसंस्करण, गुणवत्ता संवर्धन, पैकेजिंग एवं मूल्य संवर्धन के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्तर पर मखाना की खरीद-बिक्री व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं वैज्ञानिक बनाया जाएगा। माप-तौल से संबंधित व्यावहारिक कठिनाइयों को दूर करते हुए पारंपरिक तौली प्रणाली के स्थान पर वजन आधारित खरीद-बिक्री व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा, जिससे किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य प्राप्त हो सके। कृषि विभाग, एपीडा, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर), किसान उत्पादक संगठनों, निर्यातकों तथा अन्य संस्थाओं के समन्वित प्रयासों से आधुनिक पैकहाउस, शीत श्रृंखला, भंडारण तथा परिवहन संबंधी आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विकास किया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि पिछले डेढ़ वर्ष के दौरान बिहार से जीआई-टैग एवं मूल्य संवर्धित मखाना का अमेरिका, कनाडा, संयुक्त अरब अमीरात, चीन, न्यूजीलैंड तथा अब ऑस्ट्रेलिया को सफलतापूर्वक निर्यात किया जा रहा है। इससे स्पष्ट है कि बिहार न केवल देश का सबसे बड़ा मखाना उत्पादक राज्य है, बल्कि कृषि उत्पादों के निर्यात के क्षेत्र में भी तेजी से अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहा है।
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Aug 7, 2026, 02:14 PM
कर्नाटक के स्कूलों ने गतिविधि-आधारित शिक्षा के लिए'बैगलेस डेज़'पहल शुरू की

कर्नाटक के स्कूलों ने गतिविधि-आधारित शिक्षा के लिए'बैगलेस डेज़'पहल शुरू की

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत प्रदेश के परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों, कंपोजिट विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में इस शैक्षिक सत्र से 10 बैगलेस डे आयोजित किए जाएंगे। अगस्त से नवंबर तक प्रत्येक शनिवार को विद्यार्थियों के लिए गतिविधि आधारित शिक्षण होगा, जबकि 14 नवंबर को सभी विद्यालयों में बाल मेला आयोजित किया जाएगा। इन गतिविधियों के संचालन के लिए प्रत्येक विद्यालय को 6,500 रुपये दिए जाएंगे। इसके लिए प्रदेश स्तर पर 28.94 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है। बैगलेस डे से बच्चों को केवल किताबों तक सीमित रखने के बजाय अनुभवात्मक, गतिविधि आधारित और कौशलपरक शिक्षा से जोड़ना है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को श्रम का महत्व, स्थानीय हस्तशिल्प, एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी), आत्मनिर्भर भारत और वोकल फार लोकल जैसी अवधारणाओं से भी परिचित कराया जाएगा। इसके लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने 34 गतिविधियों वाला आनंदम माड्यूल तैयार किया है। इसे विज्ञान, पर्यावरण एवं प्रौद्योगिकी, सार्वजनिक कार्यालय एवं स्थानीय उद्योग व कला, संस्कृति एवं इतिहास जैसे तीन प्रमुख भागों में बांटा गया है। बैगलेस डे के दौरान विद्यार्थी मिट्टी के खिलौने बनाना, किचन गार्डन तैयार करना, जैविक खेती, जल संरक्षण, स्वास्थ्य और चाइल्ड सेफ्टी, जूट क्राफ्ट, विज्ञान माडल, मिनी बैंक, उद्यमिता, बैंक और डाकघर का भ्रमण, डूडलिंग, संगीत, नाटक, फोटोग्राफी, ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण, सार्वजनिक अवसंरचना का अध्ययन, स्थानीय उद्योगों का दौरा, एआइ, रोबोटिक्स, स्क्रैच कोडिंग और ड्रोन तकनीक जैसी गतिविधियों में भाग लेंगे। यूपी के किसानों के लिए बड़ी राहत, 14 अगस्त तक करा सकेंगे खरीफ फसलों का बीमा इस संबंध में महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।
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Dainik Jagran
Aug 7, 2026, 02:14 PM
बारिश का कहरः जलभराव के कारण दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर लगा जाम

बारिश का कहरः जलभराव के कारण दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर लगा जाम

शुक्रवार सुबह शुरू हुई वर्षा शाम तक होती रही। सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक 62.5 एमएम वर्षा दर्ज की गई। इस दौरान विभागीय बदइंतजामी का खामियाजा वाहन चालकों को भुगतना पड़ा। पानी निकासी न होने की वजह से हुए जलभराव से दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की रफ्तार थम गई। वाहन रेंग रेंगकर आगे बढ़े। 10 मिनट की दूरी को तय करने में लोगों को एक घंटे लग गए। वर्षा के दौरान बल्लभगढ़ बस अड्डा के सामने दिल्ली आगरा राजमार्ग ने तालाब जैसा रूप ले लिया। जलजमाव के बीच निकलते वाहन। जागरण हाईवे पर कई जगह दो फीट तक पानी भर गया। कहीं-कहीं तो सड़क ने तालाब जैसी शक्ल ले ली। हालात ऐसे बने कि जलभराव के कारण सुबह से देर शाम तक हजारों वाहन जाम में ही फंसे रहे। सेक्टर से लेकर कालोनियों में भी खूब जलभराव दिखाई दिया। Kal Ka Mausam: रेनकोट-छाता निकाल लें! जम्मू-कश्मीर में 8 अगस्त से झमाझम बारिश का दौर शुरू, 9 से 11 के बीच अलर्ट Gurugram Rain: 100 करोड़ के फ्लैटों वाला गोल्फ कोर्स रोड पानी में डूबा, झमाझम बारिश में गुरुग्राम की खुली पोल
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Aug 7, 2026, 02:12 PM
डी. पी. सी. सी. ने यमुना प्रदूषण को रोकने के लिए दिल्ली के सी. ई. टी. पी. का नियंत्रण संभाला

डी. पी. सी. सी. ने यमुना प्रदूषण को रोकने के लिए दिल्ली के सी. ई. टी. पी. का नियंत्रण संभाला

यमुना में अनुपचारित औद्योगिक कचरा और जहरीला पानी बहने से रोकने के लिए दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ने एक सख्त कदम उठाया है। दिल्ली के चार प्रमुख कामन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी)—ओखला, बादली, वजीरपुर और मायापुरी का संचालन और रख-रखाव औद्योगिक सोसायटियों से वापस लेकर दिल्ली सरकार के उद्योग विभाग को सौंपने के आधिकारिक आदेश जारी किए हैं। डीपीसीसी के सदस्य सचिव संदीप मिश्रा द्वारा जारी आदेशों में कहा गया है कि यमुना सफाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के सख्त निर्देशों के बावजूद ये सोसायटियां लगातार नियमों का उल्लंघन कर रही थीं। आदेशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि टेकओवर की प्रक्रिया पूरी होने तक इन सोसायटियों को प्लांट का सही संचालन सुनिश्चित करना होगा। इसके अलावा, जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 के तहत डिफाल्टर सोसायटियों के खिलाफ अलग से कानूनी और आपराधिक कार्रवाई जारी रहेगी। निरीक्षण के दौरान प्लांट में पंप खराब, कचरे का अंबार, जंग लगी सीढ़ियां और अनुपचारित पानी सीधे नालों में बहाए जाने जैसी गंभीर खामियां पाई गईं। सोसायटी पर कुल 1.68 करोड़ (1,68,60,000/-) का पर्यावरण मुआवजा लगाया गया था, जिसे इन्होंने जमा नहीं किया। डीपीसीसी ने सोसाइटी के अध्यक्ष को 10 दिनों के भीतर प्लांट का प्रभार उद्योग विभाग को सौंपने का निर्देश दिया है। संयुक्त निरीक्षण में पाया गया कि खतरनाक कचरा खुले में पड़ा था, क्लोरीनेशन सिस्टम बंद था और इन-हाउस प्रयोगशाला के केमिस्ट को बीओडी और सीओडी परीक्षण की प्रक्रिया तक का पता नहीं था। इस सोसाइटी पर 2.35 करोड़ (2,35,60,000/-) का जुर्माना बकाया है। सोसाइटी को 45 दिनों के भीतर टेकओवर प्रक्रिया पूरी करने के आदेश दिए गए हैं। इसी तरह की गंभीर तकनीकी कमियों, मानकों पर खरा नहीं उतरने और बार-बार कारण बताओ नोटिस का संतोषजनक जवाब या कोई ठोस सुधार योजना न देने के कारण वजीरपुर और मायापुरी सीईटीपी प्लांट्स का टेकओवर भी उद्योग विभाग द्वारा किया जाएगा। एटा वालों के लिए राहत भरी खबर, गंदे पानी से मिलेगी निजात; जलेसर में 17.20 करोड़ रुपये से बनेगा एसटीपी आगरा में सुधरेगा यमुना नदी का हाल, कम क्षमताओं वाले बनेंगे 10 एसटीपी; काम हुआ शुरू
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Aug 7, 2026, 02:10 PM
झारखंड में जारी सुरक्षा अभियानों के बीच तीन माओवादी विद्रोहियों ने आत्मसमर्पण किया

झारखंड में जारी सुरक्षा अभियानों के बीच तीन माओवादी विद्रोहियों ने आत्मसमर्पण किया

पश्चिमी सिंहभूम में माओवादियों के खिलाफ सुरक्षा बलों के लगातार अभियान के बीच झारखंड पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के 10 लाख रुपये के इनामी जोनल कमेटी सदस्य सालुका कायम उर्फ भुवनेश्वर उर्फ मरु उर्फ डांगिल उर्फ विक्रम उर्फ तुबई उर्फ जयराम ने दो महिला माओवादियों पिंकी और कोदोमुनी कोड़ा उर्फ पद्मनी के साथ शुक्रवार को सोनुवा थाना में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस मुख्यालय ने तीनों के आत्मसमर्पण की पुष्टि करते हुए बताया कि इन्हें सरकार की पुनर्वास नीति के तहत मुख्यधारा से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने बताया कि सारंडा और कोल्हान के जंगलों में झारखंड पुलिस, सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षा बलों के लगातार संयुक्त अभियान से माओवादी संगठन का नेटवर्क कमजोर हुआ है। सुरक्षित ठिकानों के खत्म होने और बढ़ते दबाव के कारण कई उग्रवादी हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण कर रहे हैं। हाल ही में एक करोड़ रुपये के इनामी माओवादी नेता मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी के बाद सालुका कायम लगातार दबाव और तनाव में था। इसके बाद उसने अपने दो साथियों के साथ हथियार डालने का निर्णय लिया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सोनुवा थाना क्षेत्र के कुदाबुरू गांव निवासी सालुका कायम के खिलाफ 96 नक्सली कांड दर्ज हैं। वह पुलिस, सीआरपीएफ और कोबरा बटालियन पर हमले, आईईडी विस्फोट, हत्या, लेवी वसूली, रेलवे ट्रैक उड़ाने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और निर्माण कार्यों में लगी मशीनों को आग लगाने जैसी कई बड़ी घटनाओं में वांछित था। उस पर झारखंड सरकार ने 10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। वह संगठन में नए कैडरों की भर्ती, लेवी वसूली और कोल्हान-सारंडा क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों के संचालन की जिम्मेदारी भी संभालता था। आत्मसमर्पण करने वाली कोदोमुनी कोड़ा उर्फ पद्मनी टोंटो थाना क्षेत्र के रेंगड़ा टोला, बंगलासाईं की रहने वाली है। वह माओवादी संगठन की दस्ता सदस्य थी और उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, यूएपीए और सीएलए एक्ट समेत पांच मामले दर्ज हैं। वहीं, पिंकी, गोईलकेरा थाना क्षेत्र के ईचागोड़ा गांव की निवासी है। वह भी दस्ता सदस्य के रूप में सक्रिय थी। उसके खिलाफ आठ नक्सली मामले दर्ज हैं। वर्ष 2019 में वन विभाग के नवनिर्मित विश्रामगृह को विस्फोट से उड़ाने की घटना में भी उसकी संलिप्तता दर्ज है। झारखंड में बड़ा नक्सल ऑपरेशन! 15 लाख के इनामी रीजनल कमेटी सदस्य मदन महतो सहित तीन इनामी माओवादी गिरफ्तार
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Aug 7, 2026, 02:09 PM
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार पर राज्यपाल के भाषण की आलोचना की

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार पर राज्यपाल के भाषण की आलोचना की

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा गुरुवार को पं. दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय गोरखपुर में संबोधन के दौरान अव्यवस्थाओं का मुद्दा उठाने को लेकर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधा है। राज्यपाल ने अपने संबोधन में पं. दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय और मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के छात्रावासों की बदहाली और बाहर से खाने मंगाने पर सवाल उठाते हुए कहा था कि बाहर से टिफिन में ड्रग्स और दारू भी आती है। राज्यपाल ने यह भी कहा था कि खाने की सैंपल की लखनऊ ले जाकर जांच कराएंगे, क्योंकि कहीं सैंपल बदल न जाए, गुजरात में भी कई बार सैंपल बदल जाता था। सपा प्रमुख ने शुक्रवार को राज्यपाल के भाषण का 2.22 मिनट का वीडियो पोस्ट कर एक्स पर लिखा, ‘गोरखपुर मॉडल’ की पोल खोलते-खोलते तुलना के रूप में ‘गुजरात माडल’ की घपलेबाजी की बात भी सामने आ गई। सपा प्रमुख ने आगे लिखा कि दोनों में जो बातें कॉमन हैं वो ये हैं कि दोनों जगह भाजपाई सरकार है और भाजपाई महा-भ्रष्टाचार भी। आपसी टकराहट ने तो ‘डबल इंजन’ को ‘ट्रबल इंजन’ बना दिया है। वहीं अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जेन जी से संवाद पर भी प्रश्न खड़े किए है। उन्होंने एक्स पर लिखा, जेन जी और जनता के आक्रोश से बचने के लिए अब संगी-साथी ‘बात की ढाल’ बना रहे हैं। एक जेन जी पर तोहमत लगा रहा है, तो दूसरा अपने को बचाने के लिए उनकी तारीफों के पुल बांध रहा है। ये संगी-साथी समझ गये हैं कि पढ़ी-लिखी नई पीढ़ी को वो अपनी सत्ता प्राप्ति की सीढ़ी नहीं बना सकते हैं। जब शताब्दी वर्ष में दो शीर्षस्थ लोगों के विचार एक-दूसरे के विपरीत हैं तो समझ लीजिए सब डर के मारे अपने-अपने को बचाने में लग गये हैं। स्वार्थ के संगी-साथियों के संग की मियाद पूरी हुई। शताब्दी वर्ष, समाप्ति वर्ष में बदल गया है। सदैव के लिए संगी-साथियों के भूमिगत होने का समय आ गया है। इस 15 अगस्त से भाजपाई नकारात्मक राजनीति से आजादी का नया आंदोलन शुरू होगा। 'कुछ लोग जीवन भर बच्चे ही रहते हैं', सीएम योगी का अखिलेश यादव पर तीखा तंज
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Dainik Jagran
Aug 7, 2026, 02:09 PM
नोएडा प्राधिकरण ने सीवेज उपचार संयंत्रों से यमुना नदी की सफाई की योजना प्रस्तुत की

नोएडा प्राधिकरण ने सीवेज उपचार संयंत्रों से यमुना नदी की सफाई की योजना प्रस्तुत की

यमुना नदी को नोएडा क्षेत्र में प्रदूषण मुुक्त बनाने के लिए नालों पर एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) बनेंगे। नोएडा प्राधिकरण ने न्यायालय में 11 नालों पर एसटीपी बनाने की योजना सौंपी है। इन नालों पर एसटीपी बनाने और शोधित पानी ही यमुना में छोड़ने की आवश्यकता है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड यमुना में बिना शोधित कर पानी छोड़ने वाले उद्योग और सेक्टरों को चिह्नित करेगा। नोएडा प्राधिकरण 11 नालों पर एसटीपी लगाएगा। इनमें से पांच नालों पर एसटीपी वर्ष 2027 तक और छह नालों पर दिसंबर 2028 तक बनकर तैयार होंगे। एसटीपी के माध्यम से नालों से आने वाले गंदे पानी का शोधन किया जाएगा। उपचारित पानी को ही आगे नदी में छोड़ा जाएगा। नोएडा में यमुना को प्रदूषण मुक्त करने में अब तक किए गए कार्य और भविष्य की योजना की रिपोर्ट यूपीपीसीबी और नोएडा प्राधिकरण की ओर से सुप्रीम कोर्ट में जमा कर दी गई है। नोएडा में प्राधिकरण ने अपने कुल 24 नालों में से आठ को ट्रैप कर दिया है और पांच नालों को फाइटो फाइकस से शोधित किया जा रहा है। बकाया 11 नालों पर एसटीपी लगाने की तैयारी की जा रही है। वहीं, यमुना को स्वच्छ करने के लिए उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली राज्यों को यमुना में मिलने वाले प्रदूषित पानी को शोधित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने आदेश किया है। यमुना की सफाई और प्रदूषण नियंत्रण की निगरानी के लिए सुप्रीम कोर्ट ने पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति की सिफारिशों के आधार पर परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा। नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में जल प्रदूषण से निपटने और नालियों के पानी को साफ करने के लिए प्राधिकरण द्वारा प्राकृतिक और पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। जिसे आप फाइटो फाइकस कह रहे हैं, वह असल में फाइटोरिड या फाइटोरमीडिएशन तकनीक है। एटा वालों के लिए राहत भरी खबर, गंदे पानी से मिलेगी निजात; जलेसर में 17.20 करोड़ रुपये से बनेगा एसटीपी आगरा में सुधरेगा यमुना नदी का हाल, कम क्षमताओं वाले बनेंगे 10 एसटीपी; काम हुआ शुरू उन औद्योगिक इकाइयों की पहचान करेगा, जो बिना शोधन किया हुआ अपशिष्ट जल सीधे नालों या यमुना नदी में छोड़ रही हैं। ऐसे उद्योगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। रितेश कुमार तिवारी, क्षेत्रीय अधिकारी, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड 11 नालों पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट एसटीपी लगाया जाएगा। जिससे यमुना में गिरने वाले प्रदूषित पानी को गिरने से रोका जा सकेगा। सुप्रीम कोर्ट को नालों पर एसटीपी स्थापित करने रिपोर्ट दे दी गई है। आरपी सिंह,जीएम,नोएडा प्राधिकरण
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Aug 7, 2026, 02:08 PM
शुरुआती लोगों के लिए आसान योग मुद्राओं के साथ पेट की चर्बी को कम करें

शुरुआती लोगों के लिए आसान योग मुद्राओं के साथ पेट की चर्बी को कम करें

आजकल की बिजी लाइफस्टाइल में अनियमित खान-पान, लंबे समय तक बैठकर काम करना और फिजिकल एक्टिविटीज की कमी के कारण पेट की चर्बी बढ़ना एक आम समस्या बन गई है। ऐसे में योग एक प्राकृतिक और सुरक्षित तरीका है, जो शरीर को फिट रखने के साथ-साथ पेट की चर्बी कम करने में भी मदद करता है। हालांकि, अच्छी बात यह है कि कई योगासन ऐसे हैं, जिन्हें शुरुआती लोग भी घर पर आसानी से कर सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसे कुछ असरदार योगासनो के बारे में।
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Aug 7, 2026, 02:08 PM
सुप्रीम कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा की वर्चुअल उपस्थिति याचिका खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा की वर्चुअल उपस्थिति याचिका खारिज की

धार्मिक भावनाओं के कथित अपमान के मामले में तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली। अदालत ने थाने में उनकी वर्चुअल पेशी की मांग पर विचार करने से इन्कार कर दिया। इसके बाद महुआ के वकील को याचिका वापस लेने की अनुमति लेनी पड़ी। अब उन्हें 14 अगस्त को नदिया के होगलाबेड़िया थाने में व्यक्तिगत रूप से पेश होना होगा और जांच में सहयोग करना होगा। मामले में महुआ को कलकत्ता हाई कोर्ट से अक्टूबर तक गिरफ्तारी से संरक्षण मिला हुआ है। 21 जुलाई को कलकत्ता हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की पीठ ने उन्हें जांच में सहयोग करने के साथ 14 अगस्त को थाने में सशरीर उपस्थित होने का निर्देश दिया था। इसी आदेश को चुनौती देते हुए महुआ सुप्रीम कोर्ट पहुंची थीं। शुक्रवार को न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति शील नागू की पीठ के समक्ष महुआ के वकील गोपाल शंकरनारायणन ने कहा कि उनकी मुवक्किल को थाने में पेश होने पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन यह प्रक्रिया वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पूरी की जा सकती है। इस पर न्यायमूर्ति दत्ता ने सवाल किया कि क्या केवल इसलिए उन्हें यह सुविधा दी जाए क्योंकि वह सांसद हैं? वकील ने इसके बाद महुआ पर पहले हुए हमले का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि पिछली बार इलाके में महुआ को निशाना बनाकर अंडे फेंके गए थे और उनके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया था। आशंका जताई गई कि थाने में पेशी के दौरान फिर ऐसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इस पर न्यायमूर्ति दत्ता ने स्वतंत्रता सेनानियों का उदाहरण देते हुए मौखिक टिप्पणी की,‘राजनीति में जब उतरी हैं, तो अंडे से डर क्यों? हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने तो सीने पर गोलियां खाई थीं।’ इसके बाद महुआ के वकील ने याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया। यानी हाई कोर्ट का आदेश प्रभावी रहेगा और महुआ को 14 अगस्त को थाने में व्यक्तिगत रूप से पेश होना होगा। महुआ पर एक जुलाई को नदिया में प्रदर्शन के दौरान अंडे और पत्थर फेंके जाने का आरोप है। उनके बुर्का संबंधी कथित बयान को लेकर विवाद के बाद उनके खिलाफ शिकायत दर्ज हुई थी। इस बीच तृणमूल नेता कुणाल घोष ने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर सवाल उठाते हुए पूछा कि यदि अदालत भी सुरक्षा को लेकर ऐसी टिप्पणी करे तो महुआ सुरक्षा के लिए कहां जाएंगी।
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Dainik Jagran
Aug 7, 2026, 02:07 PM
परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों के विरोध प्रदर्शन को राष्ट्रीय छात्र नेता का समर्थन मिला

परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों के विरोध प्रदर्शन को राष्ट्रीय छात्र नेता का समर्थन मिला

जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के खिलाफ चल रहे छात्रों के आंदोलन को शुक्रवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा का नैतिक समर्थन मिला। नेहा बोरा धरना स्थल पहुंचीं और आंदोलनरत छात्रों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं व मांगों की जानकारी ली। विधानसभा मार्च के दौरान AISA अध्यक्ष पर स्याही फेंकने के बाद हंगाम मच गया था। युवक की मौके पर जम कर धुनाई हुई। पुलिस ने मौके से निकाला। वहीं स्याही फेंकने वाले युवक की पहचान हो गई है। उसका नाम अमरनाथ पांडेय है। हजारीबाग का रहनेवाला है। विनोबा भावे विवि से बीए आनर्स की पढ़ाई कर रहा है। बाद में नेहा ने प्रेसवार्ता भी की। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगें पूरी तरह जायज हैं और सरकार को उनकी बात गंभीरता से सुननी चाहिए। लंबे समय से छात्र अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं, ऐसे में उनकी आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। नेहा ने स्याही फेंकने वाले छात्र को संघ से जुड़ा हुआ बताया। यह सिर्फ विद्यार्थियों का मुद्दा नहीं, बल्कि राज्य के युवाओं के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय है। जंतर-मंतर भी किसी तरह के देशद्रोही नारा लगने से इंकार किया। नेहा ने कहा व्यक्ति विशेष पर नारा लगना देश विरोधी कैसे। JPSC आंदोलन में छलका छात्रों का दर्द, किसी ने लोन लिया तो किसी ने ट्यूशन पढ़ाकर की तैयारी; अब नौकरी का सपना अधूरा 'जंतर-मंतर पर नहीं लगे देश विरोधी नारे', रांची में बोलीं AISA अध्यक्ष नेहा बोरा रांची प्रोटेस्टः तबीयत बिगड़ी, डॉक्टरों ने अस्पताल चलने को कहा... लेकिन अनशनरत देवेंद्र नाथ महतो ने कर दिया इनकार मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी पहुंचे सदर अस्पताल, अनशनकारी छात्र का जाना हालचाल 64 साल की माया देवी बनीं आंदोलनकारी छात्रों की 'मां', आरा से रांची पहुंचकर अपने हाथों से पिला रहीं कॉफी इस दौरान विधानसभा घेराव को लेकर भी चर्चा हुई। नेहा बोरा ने छात्रों से समर्थन की अपील की, लेकिन आंदोलनरत छात्रों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह गैर-राजनीतिक है और वे किसी भी राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे। नेहा ने धरना दे रहे छात्रों, देवेंद्र महतो से भी बात कर उनका हौसला बढ़ाया। छात्रों ने बताया कि उनका अपना विधानसभा घेराव कार्यक्रम 10 अगस्त को निर्धारित है और उसी के तहत वे अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाएंगे। जिसके बाद नेहा अपने संगठन के साथ विधानसभा घेराव के लिए निकल गईं। छात्रों ने दोहराया कि उनका उद्देश्य केवल प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित कराना है, और इस आंदोलन को समाज के विभिन्न वर्गों का लगातार समर्थन मिल रहा है। राजधानी रांची में चल रहे इसी छात्र आंदोलन के बीच शुक्रवार को उस वक्त माहौल अचानक गरमा गया, जब विधानसभा घेराव कार्यक्रम के दौरान छात्र नेता नेहा बोरा पर एक छात्र ने स्याही फेंक दी। अचानक हुए इस घटनाक्रम से आंदोलन स्थल पर कुछ देर के लिए अफरातफरी मच गई और भारी हंगामा खड़ा हो गया। मौके पर मौजूद लोगों और सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपित छात्र को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस अब उसे हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है कि छात्र ने ऐसा क्यों किया और क्या यह उसका व्यक्तिगत फैसला था या इसके पीछे कोई और वजह थी। परीक्षा में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के आरोपों को लेकर छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं और पारदर्शिता व निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। ऐसे में इस स्याही फेंकने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हिरासत में लिए गए छात्र से पूछताछ के बाद घटना को लेकर और अधिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
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Dainik Jagran
Aug 7, 2026, 02:05 PM
टाटा कर्ववी मिडसाइज़ एसयूवीः एक फीचर-लोडेड इलेक्ट्रिक वाहन

टाटा कर्ववी मिडसाइज़ एसयूवीः एक फीचर-लोडेड इलेक्ट्रिक वाहन

टाटा ने 2024 में अपनी मिडसाइज SUV के तौर पर Curvv को लॉन्च किया था। अपने अनोखे लुक के साथ-साथ यह एक फीचर-लोडेड और बड़े केबिन, एक बड़ा बैटरी और पावरफुल इलेक्ट्रिक मोटर प्रदान करती है। अगर आप Curvv EV को खरीदने का प्लान बना रहे हैं तो पहले इसके बारे में इन बातों को जान लें। TATA Curvv EV 55kWh बैटरी पैक के साथ आती है और इसके फ्रंट एक्सल माउंटेड इलेक्ट्रिक मोटर से 167hp और 215nm का पावर और टॉर्क मिलता है। इसमें तीन ड्राइव मोड मिलते हैं- Eco, City और Sport जो थ्रॉटल रिस्पॉन्स को बदलते हैं। TATA का दावा है कि Curvv EV 8.6 सेकंड में 0 से 100kmph की स्पीड पकड़ लेती है। वहीं, अगर रेंज की बात करें तो इसकी MIDC रेंज 502 किमी की है। TATA की बाकी इलेक्ट्रिक गाड़ियों की तरह Curvv EV में भी कई फीचर्स मिलते हैं। इसमें 12.3 इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम और 10.25 इंच का डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले मिलता है जिसे नेविगेशन दिखाने के लिए कॉन्फिगर किया जा सकता है। इंफोटेनमेंट सिस्टम TATA क Arcade.ev ऐप सूट के साथ आता है जिसमें स्ट्रीमिंग सर्विस और गेम शामिल हैं जिसका इस्तेमाल Curvv EV चार्ज होने के समय किया जा सकता है। बाकी फीचर्स में पैनोरमिक सनरूफ, जेस्चर कंट्रोल के साथ इलेक्ट्रिक टेलगेट, 9-स्पीकर JBL साउंड सिस्टम, कूलिंग वेंट के साथ वायरलेस फोन चार्जर, पावर्ड और वेंटिलेटेड फ्रंट सीटें और लेवल-2 ADAS शामिल हैं। TATA Curvv EV की शुरआती एक्स-शोरूम कीमत 16.99 लाख रुपए से लेकर 19.19 लाख रुपए के बीच है। इसका मुकाबला भारतीय बाजार में आने वाली Hyundai Creta Electric, Mahindra B36 जैसी गाड़ियों से है। TATA Harrier EV vs Vinfast VF7: रेंज, पावर, फीचर्स और कीमत के मामले में कौन सी SUV है बेस्ट?
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DNA Hindi
Aug 7, 2026, 01:59 PM
भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ने के लिए तैयार है, लेकिन बढ़ती जनसंख्या एक चुनौती है

भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ने के लिए तैयार है, लेकिन बढ़ती जनसंख्या एक चुनौती है

भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़े अर्थव्यवस्था बन चुका है और पीडब्ल्यूसी की 2017 की रिपोर्ट के अनुसार 2050 तक दूसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी होगा. Goldman Sachs जैसी संस्थाएं भी भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर ऐसे दावे कर चुकी हैं. इस बीच देश की जनसंख्या को लेकर एक रिपोर्ट आई है, जिसमें कहा गया कि 2050 तक हर पांच में से एक व्यक्ति की आयु 60 साल या उससे अधिक होगी, जबकि लगभग 10 में से सात बुजुर्ग ग्रामीण भारत में निवास करेंगे, शुक्रवार (7 अगस्त, 2026) को ‘ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया’ (TRI) ने एक रिपोर्ट जारी की. रिपोर्ट के अनुसार, भारत विकसित देश बनने से पहले ही वृद्ध होती आबादी वाले देश की श्रेणी में पहुंच रहा है. रिपोर्ट में कहा गया कि कई विकसित देशों ने समृद्धि हासिल करने के बाद वृद्ध होती आबादी की चुनौती का सामना किया, जबकि भारत में यह स्थिति उससे पहले ही बन रही है. रिपोर्ट में बताया गया कि हर बुजुर्ग को सहारा देने वाले कामकाजी आयु वर्ग के लोगों की संख्या 2001 में 8.4 थी, जो 2026 तक घटकर औसतन 5.2 रहने का अनुमान है और 2050 तक देश में करीब 34.7 करोड़ लोग 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के होंगे. वहीं, 10 में से करीब सात बुजुर्ग ग्रामीण इलाकों में रहेंगे. टीआरआई ने राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण, लॉन्गिट्यूडिनल एजिंग स्टडी इन इंडिया, जनगणना के अनुमान और अन्य राष्ट्रीय आंकड़ों के आधार पर रिपोर्ट तैयार की है. रिपोर्ट में बताया गया कि भारत की पारंपरिक पारिवारिक देखभाल व्यवस्था पर लगातार दबाव बढ़ रहा है यानी परिवार छोटे हो रहे हैं, युवा रोजगार के लिए घर से दूर रहे हैं और लोगों की औसत आयु में वद्धि इसके मुख्य कारण हैं. हालांकि, देश में करीब 94 प्रतिशत बुजुर्गों की देखभाल अब भी परिवारों के साथ रहकर ही हो रही है. इसकी वजह से परिवार के कम सदस्यों पर बुजुर्गों की बढ़ती और पहले से अधिक जटिल देखभाल की जिम्मेदारी आ रही है. रिपोर्ट में बताया गया कि महिलाएं पुरुषों की तुलना में ज्यादा समय देखभाल के कार्यों में बिताती हैं. जहां महिलाएं हर दिन 305 मिनट बिना किसी वेतन के देखभाल कार्यों में लगाती हैं, वहीं पुरुषों का समय सिर्फ 56 मिनट है. रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि जलवायु परिवर्तन ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है. लू और बाढ़ जैसी घटनाओं के कारण महिलाओं के काम का बोझ काफी बढ़ रहा है. रिपोर्ट के अनुसार भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था मुख्य रूप से प्रसव, टीकाकरण और गंभीर बीमारियों जैसी तत्काल स्वास्थ्य जरूरतों को पूरा करने के लिए विकसित की गई थी और अगले चरण में लंबे समय से चली आ रही बीमारियों, दिव्यांगता और बढ़ती उम्र से जुड़ी चुनौतियों से जूझ रहे लोगों की सहायता करना शामिल है. टीआरआई के कार्यक्षेत्र निदेशक श्यामल सांतरा ने कहा कि भारत ने लोगों को जीवित रखने में प्रगति की है. अब अगली चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि लोग अधिक समय तक बेहतर जीवन जी सकें. उन्होंने कहा, 'हमारे जनसांख्यिकीय बदलाव के लिए देखभाल व्यवस्था में नए सिरे से बदलाव की जरूरत है. यह सिर्फ स्वास्थ्य केंद्रों पर आधारित व्यवस्था तक सीमित नहीं रह सकती, बल्कि इसे साझा सामुदायिक जिम्मेदारी के रूप में विकसित करना होगा और टिकाऊ जीवन स्थितियों को बेहतर बनाना होगा.'
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Aug 7, 2026, 01:55 PM
शमी एकदिवसीय विश्व कप की योजनाओं से बाहर, लेकिन वापसी की उम्मीद

शमी एकदिवसीय विश्व कप की योजनाओं से बाहर, लेकिन वापसी की उम्मीद

दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया अगले साल होने वाले वनडे विश्‍व कप की मेजबानी करेगा। भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्‍मद शमी इस टूर्नामेंट के लिए सेलेक्‍टर्स के प्‍लान का हिस्‍सा नहीं हैं। हालांकि, शमी ने भारतीय टीम में वापसी की उम्मीद नहीं छोड़ी है। रणजी ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन करने और बंगाल के लिए सभी फॉर्मेट में लगातार अपनी फिटनेस साबित करने के बावजूद, सेलेक्शन कमिटी शमी को नजरअंदाज कर रही है। सेलेक्टर को अभी भी यकीन नहीं है कि 35 साल के शमी टेस्ट क्रिकेट की चुनौतियों का सामना कर पाएंगे। सेलेक्शन कमिटी के प्रमुख अजीत अगरकर ने हाल ही में कहा था कि फिलहाल यह राइट-आर्म तेज गेंदबाज सिर्फ T20 क्रिकेट के लिए ही तैयार लग रहा है। इसमें कोई हैरानी की बात नहीं थी कि श्रीलंका में होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए शमी को भारतीय टीम में शामिल नहीं किया गया। हालांकि, टीम के मुख्य तेज गेंदबाजों के बार-बार चोटिल होने की समस्या को देखते हुए, इस अनुभवी तेज गेंदबाज की वापसी की मांग और तेज हो गई है। शमी के कोच बदरुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि यह तेज गेंदबाज आने वाले सीजन को लेकर उम्मीद बनाए हुए है। जब भी उन्हें दोबारा टीम में बुलाया जाएगा, वे भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए तैयार हैं। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, बदरुद्दीन ने कहा, "शमी का मूड पॉजिटिव है। वह अगले सीजन के लिए काफी मोटिवेटेड हैं।" 2023 वनडे वर्ल्ड कप के दौरान जब शमी विरोधी टीमों की बैटिंग लाइन-अप को तहस-नहस कर रहे थे, तब यह सोचना भी मुश्किल था कि फिट होने और लगातार शानदार प्रदर्शन करने के बावजूद उन्हें जल्द ही टीम से बाहर बैठना पड़ेगा। शमी को इंटरनेशनल क्रिकेट खेले हुए एक साल से ज्‍यादा समय हो गया है। उन्होंने आखिरी बार मार्च में चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल खेला था। बदरुद्दीन ने कहा, "शमी में अभी भी काफी क्रिकेट बाकी है। वह तैयार हैं और अगर देश को उनकी जरूरत पड़ी, तो वह सेवा करने के लिए तैयार रहेंगे।" बदरुद्दीन ने शमी की वापसी की बात को मजबूत करने के लिए इंग्लैंड में हाल ही में हुई वनडे सीरीज में भारत की तेज गेंदबाजी के प्रदर्शन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस अनुभवी खिलाड़ी का अनुभव 2027 वनडे वर्ल्ड कप में बहुत काम आ सकता है। बदरुद्दीन ने कहा, "इंग्लैंड में भारत की गेंदबाजी अच्छी नहीं रही, जबकि वहां तेज गेंदबाजों को काफी मदद मिलती है। शमी वहां बहुत काम आ सकते थे। दक्षिण अफ्रीका में गेंदबाजी करना आसान नहीं है। वहां अनुभव की जरूरत होती है।" 'भुवी-शमी को शामिल करो', वर्ल्ड कप 2027 के स्क्वाड को लेकर अगरकर-गंभीर को पूर्व दिग्गज ने दिया सीधा संदेश विराट कोहली, धोनी या रोहित शर्मा? मोहम्मद शमी ने चुना अपना फेवरेट कप्तान, कप्तानी के तरीकों को लेकर किया बड़ा खुलासा
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Aug 7, 2026, 01:54 PM
केंद्र सरकार ने परीक्षण करने के बाद ई20 पेट्रोल की सुरक्षा की पुष्टि की

केंद्र सरकार ने परीक्षण करने के बाद ई20 पेट्रोल की सुरक्षा की पुष्टि की

पिछले कुछ महीनों से E20 पेट्रोल को लेकर चर्चा तेज है। कई लोगों ने इस फ्यूल से अपनी गाड़ियों का माइलेज कम होने का दावा किया है। वहीं कुछ लोगों ने इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल डालने से गाड़ी खराब होने की भी बात कही है। इथेनॉल का मामला सड़क से संसद तक गूंज रहा है। अब केंद्र सरकार ने 7 अगस्त को संसद में E20 फ्यूल के इस्तेमाल से गाड़ियों पर पड़ने वाले प्रभाव पर उठ रहे सवालों का जवाब दिया है। केंद्र सरकार ने बताया कि सरकारी एजेंसियों, ऑटोमोबाइल निर्माताओं और उद्योग निकायों (Industry Bodies) द्वारा किए गए लैब टेस्टिंग और फील्ड टेस्ट ने पुष्टि की है कि ई20 पेट्रोल निर्धारित मानकों के तहत उपयोग के लिए पूरी तरह सुरक्षित है। मंत्रालय ने जानकारी देते हुए बताया कि नीति आयोग के तहत 26 दिसंबर 2020 को गठित एक अंतर-मंत्रालयी समिति (IMC) ने इथेनॉल मिश्रण के वाहन अनुकूलता और माइलेज के पहलुओं का व्यापक रूप से अध्ययन किया था। यह मूल्यांकन (Evaluation) इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL), ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) और सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) द्वारा किए गए रिसर्च पर आधारित था। जो स्पष्ट करता है कि निर्धारित मात्रा में उपयोग करने पर वाहन को कोई नुकसान नहीं होता है। E20 फ्यूल पर उठ रहे सवालों के जवाब में आगे कहा गया कि फ्यूल सिस्टम, इंजन की मजबूती, चलने की कैपासिटी, सामग्री अनुकूलता और उत्सर्जन प्रदर्शन के सफल सत्यापन के बाद ही E20 को पेश किया गया था। मंत्रालय ने कहा, "इन रिसर्च से निर्धारित परिचालन स्थितियों (Specified operating conditions) के तहत पुराने वाहनों के प्रदर्शन, सस्टैनिबिलिटी या मैटेरियल पर कोई बुरा प्रभाव सामने नहीं आया है।" केंद्र सरकार डीजल-पेट्रोल के लिए विदेशी निर्भरता को कम करने के उद्देश्य से इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रही है। इथेनॉल बनाने के लिए गन्ना, चावल औक मक्के जैसे अनाजों का इस्तेमाल किया जाता है। सरकार E20 फ्यूल के प्रयोग पर जोर दे रही है, E20 का मतलब 80 प्रतिशत शुद्ध पेट्रोल और 20 फीसदी इथेनॉल। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार इस फ्यूल को लेकर सवाल उठाए गए हैं, लोगों ने माइलेज कम होने और गाड़ी के पार्ट्स खराब होने की बात कही है। अब सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कई रिसर्च और स्टडी में पता चला है कि निर्धारित मानकों के तहत अगर आप E20 फ्यूल का इस्तेमाल करते हैं तो वाहनों में किसी तरह की समस्या नहीं होगी।
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Aug 7, 2026, 01:52 PM
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पार्टी के छात्र केंद्रित अभियान पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया की कमी पर सवाल उठाए

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पार्टी के छात्र केंद्रित अभियान पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया की कमी पर सवाल उठाए

देशभर में छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर का बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। थरूर ने माना कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) द्वारा छात्रों के हक में उठाए गए तमाम मुद्दे कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' अभियान में पहले ही उठाए जा चुके थे। हालांकि, पार्टी को उस समय जनता से वैसा समर्थन और प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी, जैसा CJP के आंदोलन को मिला। थरूर ने कहा, 'यह बेहद दिलचस्प है कि CJP ने जिन मांगों को लेकर आंदोलन खड़ा किया, उन्हें मेरी पार्टी और राहुल गांधी ने अपने अभियान के जरिए कई महीने पहले ही उठाया था। लेकिन हमें इस बात पर गंभीरता से आत्ममंथन करने की जरूरत है कि आखिर कांग्रेस के प्रयासों को वैसी जन-प्रतिक्रिया क्यों नहीं मिली? हमें लोगों की नब्ज को और बेहतर तरीके से समझने की आवश्यकता है।' गौरतलब है कि CJP ने नीट परीक्षा पेपर लीक मामलों में जवाबदेही तय करने और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा की मांग को लेकर 20 जून को नई दिल्ली के जंतर-मंतर से अपना प्रदर्शन शुरू किया था। उनकी प्रमुख मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा शामिल था। दूसरी ओर, राहुल गांधी ने CJP के आंदोलन से पहले, 17 जून को राजस्थान के कोटा से 'छात्रों की गूंज' अभियान की शुरुआत की थी, जिसे बाद में देश के कई अन्य शहरों में ले जाया गया। राहुल का कहा क था कि देश का शिक्षा तंत्र एक शोषणकारी ढांचे में तब्दील हो चुका है, जो सरकारी शह पर पनप रहा है। तमाम समानताओं के बावजूद, कांग्रेस का यह अभियान वह व्यापक जन-समर्थन हासिल करने में नाकाम रहा, जो बाद में CJP के नेतृत्व वाले छात्र आंदोलन में देखने को मिला। थरूर के इस बयान ने पार्टी के भीतर जन-संपर्क की रणनीतियों पर नए सिरे से चर्चा शुरू कर दी है। कांग्रेस सांसद ने भारत की युवा आबादी के बढ़ते महत्व पर भी जोर दिया और कहा कि दक्षिण एशिया की राजनीतिक पार्टियां अब यह नहीं मान सकतीं कि राजनीति के पुराने तरीके काम करते रहेंगे। उन्होंने कहा, '2029 में 'जेन जेड' (Gen Z) सबसे बड़ा वोटिंग ग्रुप होगा। भारत के ज्यादातर हिस्सों को जागना होगा और इस बात को समझना होगा कि युवा बदलाव चाहते हैं। अब सब कुछ पहले जैसा नहीं चल सकता है।' थरूर ने विपक्ष की राजनीति कैसे होनी चाहिए, इस पर अपनी पुरानी बात फिर से दोहराई। उन्होंने कहा, 'मैं अपनी पार्टी में यही बात कहता रहा हूं कि सड़क का काम सड़क पर और सदन का काम सदन में होना चाहिए।' उन्होंने कहा, 'मैं अपनी पार्टी के प्रति बेवफा नहीं हूं, लेकिन मैं अपनी आजाद राय रखता हूं। कभी-कभी मेरे विरोधी मेरी राय का इस्तेमाल कर सकते हैं। कांग्रेस सबसे कम अलोकतांत्रिक पार्टी है। क्या आपने कभी सुना है कि बीजेपी में किसी ने असहमति जताई हो और पार्टी में बना रहा हो? मैं उस पार्टी में हूं जो मेरी सोच के सबसे करीब है।' उन्होंने उस आलोचना का भी जवाब दिया जो एक ऐसे मंच पर जाने के बाद हुई थी, जहां आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी मौजूद थे। भागवत ने गुरुवार को मुंबई में 'इंडियाज इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस' (IIMUN) की 15वीं सालगिरह के मौके पर लगभग 2,000 'जेन जेड' और 'जेन अल्फा' प्रतिभागियों को संबोधित किया था। उन्होंने कहा, 'जो लोग चाहते हैं कि मुझे पार्टी से निकाल दिया जाए क्योंकि मैं उस मंच पर गया था जहां मोहन भागवत भी मौजूद थे, वे यह नहीं समझते कि अलग सोच रखने वालों के साथ भी बातचीत की जा सकती है।'
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Aug 7, 2026, 01:51 PM
सर्दी के पसीने को समझनाः कारण, लक्षण और कब चिकित्सा ध्यान देना चाहिए

सर्दी के पसीने को समझनाः कारण, लक्षण और कब चिकित्सा ध्यान देना चाहिए

कोल्ड स्वेट या डायफोरेसिस में व्यक्ति को बिना एक्सरसाइज या गर्मी के ही बैठे-बैठे ही पसीना आ जाता है। यह सेहत से जुड़ी कई सारी परेशानियों या किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि इस तरह कोल्ड स्वेट या ठंडे पसीने आने की क्या वजहें हो सकती हैं और कब डॉक्टरी सलाह जरूरी हो जाती है। वैसे तो ठंडा पसीना आने की हर वजह को रोका नहीं जा सकता, लेकिन कुछ हद तक ये तरीके मददगार हो सकते हैं: सेहत के लिए आपकी कुंडली क्या कहती है — जानें बिल्कुल मुफ्त
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Aug 7, 2026, 01:51 PM
बिहार सरकार नए कॉलेज खोलेगी, शिक्षकों की रिक्तियों को भरेगी

बिहार सरकार नए कॉलेज खोलेगी, शिक्षकों की रिक्तियों को भरेगी

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को कहा कि प्रदेश के विद्यार्थी घर में ही बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकें, इसके लिए 400 से अधिक और डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे। नौ अगस्त तक इन महाविद्यालयों में शिक्षकों की कमी पूर्ण कर ली जाएगी। शिक्षकों के नौ हजार पदों का सृजन किया गया है। संत शिरोमणि गुरु रविदास की 650वीं जन्मतिथि वर्ष पर ज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में सीएम ने मठ-मंदिर से अपील की कि वे एक-एक स्कूल एवं कॉलेजों को गोद लें। इस दौरान मंत्री मिथिलेश तिवारी, मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार, मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन, मंत्री नंदकिशोर राम, मंत्री रामकृपाल यादव, मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, मंत्री अरुण शंकर प्रसाद, पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता और मंत्री संजय टाइगर मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास के विचारों और उनके बताए समरसता, सेवा एवं मानवता के मार्ग को बिहार के गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा। बिहार सरकार उनके संदेश को समाज के अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए काम करेगी। सीएम ने कहा कि संत रविदास की जन्मभूमि की मिट्टी को जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर तक पहुंचाया जाएगा। यदि कोई मठ, मंदिर, धार्मिक स्थल, टोला या परिवार संत रविदास जी के गांव की मिट्टी चाहता है तो वहां भी यह मिट्टी पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज को किसी एक वर्ग तक सीमित कर नहीं रखा जा सकता। हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई और सभी समुदायों को साथ लेकर आगे बढ़ना होगा। सीएम ने कहा कि अनुसूचित जातियों की बेटियों को शिक्षा के लिए गांव से बाहर जाने में कठिनाई होती थी। इसे ध्यान में रखते हुए बिहार के सभी जिलों में माता सावित्रीबाई फुले के नाम पर आवासीय छात्रावास के साथ विद्यालय खोले खोले जाएंगे। सीएम ने स्पष्ट किया कि मदरसों पर जितना ध्यान दिया जाता है, उससे कम ध्यान किसी भी कीमत पर संस्कृत शिक्षा पर नहीं दिया जाएगा। किशनगंज में बड़ी आबादी को देखते हुए वहां उर्दू विद्यालय खोलने की आवश्यकता है, सरकार इस दिशा में काम करेगी। सीएम कहा कि अगले एक-दो वर्षों में ऐसी व्यवस्था बनाने का लक्ष्य है जिससे मंत्री, विधायक और जिला पदाधिकारियों के बच्चे भी सरकारी विद्यालयों में पढ़ें। जब सक्षम परिवारों के बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ने लगेंगे, तभी यह माना जाएगा कि सरकारी शिक्षा व्यवस्था में वास्तविक बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को रात 11 बजे भी आनलाइन शिक्षक उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। इस व्यवस्था को 15 अगस्त से लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम में पूज्यनीय साधु-संत बैठे हैं। मैं आग्रह करूंगा कि जितने मठ और मंदिर हैं, तय करके एक-एक स्कूल और एक कॉलेज को गोद लें। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर महाविद्यालय में शिक्षकों की कमी दूर की जाएगी। 10 तारीख तक डिग्री कॉलेजों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का लक्ष्य है। टीआरई-4 के तहत करीब 32 हजार शिक्षकों की बहाली की जा रही है। भागलपुर में प्राचीन विक्रमशिला विश्वविद्यालय को पुनर्स्थापित किया जाएगा। इसके लिए करीब 220 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई गई है और अगले एक वर्ष में इसे धरातल पर उतारने का काम शुरू हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि साहित्य के क्षेत्र में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर जैसा दूसरा कोई नाम नहीं है। इसलिए बेगूसराय में उनके नाम पर साहित्य के क्षेत्र में विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा। देश की एकता और अखंडता के लिए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान को देखते हुए उनके नाम पर भागलपुर में एआई और कंप्यूटर साइंस विश्वविद्यालय स्थापित करने का संकल्प लिया गया है। भागलपुर में स्थापित होने वाला यह विश्वविद्यालय तकनीक के क्षेत्र में काम करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी जुब्बा साहनी के नाम पर मुजफ्फरपुर में आर्किटेक्चर और सिविल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में विश्वविद्यालय स्थापित करने की दिशा में भी काम शुरू किया गया है। कार्यक्रम में भाजपा के संगठन महामंत्री भीखूभाई दलसानिया, विधायक संजीव चौरसिया, विधायक रत्नेश कुमार, विधान पार्षद जनक राम, धार्मिक न्यास परिषद के अध्यक्ष रणवीर नंदन आदि मौजूद रहे।
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Aug 7, 2026, 01:35 PM
राहुल गांधी ने वाहनों के नुकसान और वित्तीय नुकसान का हवाला देते हुए सरकार की ई20 पेट्रोल नीति की आलोचना की

राहुल गांधी ने वाहनों के नुकसान और वित्तीय नुकसान का हवाला देते हुए सरकार की ई20 पेट्रोल नीति की आलोचना की

देश में E20 (20% एथेनॉल मिला) पेट्रोल को लेकर बहस तेज हो गई है. इसे लेकर सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. इस बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो शेयर करते हुए कहा कि वह E20 का मुद्दा बड़े स्तर पर उठाने वाले हैं. उन्होंने कहा कि E20 पेट्रोल से गाड़ियां खराब हो रही है. उन्होंने सरकार की E20 पेट्रोल नीति पर तंज कसते हुए कहा कि इस मामले में 'दाल में कुछ काला नहीं, बल्कि पूरी दाल ही काली है. कांग्रेस सासंद राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार की इस नीति से आम जनता और गाड़ी चालकों को भारी नुकसान हो रहा है. उन्होंने कहा, 'पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने से गाड़ियों के इंजन की उम्र कम हो रही है और माइलेज पर भी बुरा असर पड़ रहा है. सरकार ऐसा करके जनता जेब पर बोझ डाल रही है. सरकार ने अभी तक ये स्पष्ट नहीं किया है कि इससे आम आदमी का क्या फायदा हो रहा है.' उन्होंने कहा कि E20 भ्रष्टाचार का बहुत बड़ा मामला है. E20 - दाल में काला नहीं, पूरी दाल ही काली है. pic.twitter.com/Unw7UfNt9k कांग्रेस ने इससे पहले आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा पूरे देश में E20 ईंधन को जल्दबाजी में लागू किया जा रहा है और इसके जल संसाधनों, खाद्य सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभावों की अनदेखी की जा रही है. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि E20 ईंधन के पर्यावरणीय प्रभाव का समग्र आकलन तभी संभव है, जब इसके जल संसाधनों और खाद्य सुरक्षा पर पड़ने वाले असर को भी ध्यान में रखा जाए. उन्होंने कहा कि गन्ने से एक लीटर एथनॉल के उत्पादन में लगभग 3,630 लीटर, चावल से एक लीटर एथेनॉल के उत्पादन में 10,790 लीटर तक और मक्के से एक लीटर एथनॉल के उत्पादन में लगभग 4,670 लीटर पानी की आवश्यकता होती है.उन्होंने कहा कि ये आंकड़े ऐसे समय में अधिक चिंता पैदा करते हैं, जब देश के बड़े हिस्से में भूजल स्तर लगातार गिर रहा है. कांग्रेस नेता का कहना है कि नीति आयोग के साल 2021 के एथनॉल संबंधी मार्गदर्शी दस्तावेज में अधिक टिकाऊ कच्चे माल की ओर बढ़ने की आवश्यकता स्वीकार की गई थी.
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Aug 7, 2026, 01:30 PM
सैमसंग ने उन्नत एच. डी. आर. और लो-लाइट प्रदर्शन के साथ 200-मेगा पिक्सेल आई. एस. ओ. सी. ई. एल. एल. एच. पी. सी. कैमरा सेंसर का अनावरण किया

सैमसंग ने उन्नत एच. डी. आर. और लो-लाइट प्रदर्शन के साथ 200-मेगा पिक्सेल आई. एस. ओ. सी. ई. एल. एल. एच. पी. सी. कैमरा सेंसर का अनावरण किया

Samsung ने अपने ISOCELL कैमरा पोर्टफोलियो को एक्सपेंड करते हुए 200-मेगापिक्सल ISOCELL HPC कैमरा सेंसर लॉन्च किया है। यह कैमरा सेंसर DeepPix पिक्सल आर्किटेक्चर के साथ आता है। यह नया सेंसर HDR फोटोग्राफी, लो-लाइट परफॉर्मेंस और इन-सेंसर जूम कैप्चर को इंप्रूव करता है। Samsung का कहना है कि ISOCELL HPC सेंसर का मास प्रोडक्शन शुरू हो गया है। यह सिंगल फ्रेम HDR, के साथ मल्टीपल जूम और 18 फ्रेम पर सेकेंड में 4K वीडियो रिकॉर्ड करता है। Samsung का कहना है कि ISOCELL HPC सेंसर को DeepPix फीचर के साथ लाया गया है। यह नया पिक्सल आर्किटेक्चर सेंसर की लाइट कैप्चरिंग को इंप्रूव करता है। यह टेक्नोलॉजी सैमसंग के फ्रंट डीप ट्रेंच आइसोलेशन डिजाइन पर बिल्ट की गई है, जो पिछले जेनरेशन के मुकाबले 60 प्रतिशत ज्यादा लाइट कैप्चर करता है। Samsung के मुताबिक, हायर लाइट कैपेसिटी से सेंसर क्लीनर इमेज क्लिक करता है, जिसमें नॉइस कम होता है। इसके साथ ही इमेज की डायनमिर रेंज वाइडर होती हैं। इसके साथ ही सैमसंग का नया कैमरा सेंसर सिंगल-फ्रेम 16-bit HDR सपोर्ट करता है। यह सेंसर सिंगल एक्सपोजर के बजाया मल्टीपल इमेज को कमबाइन कर डायनमिक रेंज ऑफर करेगा। सैमसंग का कहना है कि यह सेटअप कन्वेन्शनल एचडीआर की तुलना में चार गुना बेहतर कलर प्रोडक्शन देगा। इसके साथ ही यह सेंसर 30 फ्रेम पर सेकेंड पर 8के, 180 फ्रेम पर सेकेंड पर 4के और 360 फ्रेम पर सेकेंड पर फुल एचडी वीडियो रिकॉर्डिंग सपोर्ट करता है। साउथ कोरिया की दिग्गज टेक कंपनी का कहना है कि उसने मल्टीपल इन-सेंसर जूम लेवल के लिए एचडीआर प्रोसेसिंग को एक्सटेंड किया है। ISOCELL HPC सेंसर 1x, 1.5x, 2x, 3x और 4x जूम पर सिंगल फ्रेम HDR सपोर्ट करता है। इसके साथ ही जूम-इन करने पर इमेज क्वालिटी और डायनमिक रेंज को रिटेन करने के लिए यह डाउनस्केलिंग का इस्तेमाल करता है। Samsung ने बताया कि सेंसर के प्रत्येक Photodiode तक ज्यादा लाइट पहुंचे इसके लिए ऑप्टिकल इन्हेंसमेंट किए गए हैं, जो रिफ्लेक्शन और लाइट स्कैटरिंग को कम करता है। इससे क्वांटम इफिसिएंसी बेहतर होने के साथ कलर रिप्रोडक्शन बेहतर होता है। ISOCELL HPC कैमरा सेंसर में 1/1.3-इंच का ऑप्टिकल फॉरमेट है, जिसमें 0.6-माइक्रोमीटर पिक्सल मौजूद है। इस सेंसर के इफेक्टिव रेजोल्यूशन की बात करें तो वह 16,384 x 12,288 पिक्सल है। यह सुपर QPD ऑटोफोकस, Tetra-squared पिक्सल, Smart ISO Pro HDR, और RAW10, RAW12, RAW14 और RAW16 आउटपुट फॉरमेट सपोर्ट करता है। सैमसंग का कहना है कि यह सेंसर 200-मेगापिक्सल इमेज 7.5 fps तक, 50-मेगापिक्सल इमेज 30 fps तक, और 12.5-मेगापिक्सल इमेज 180 fps तक में क्लिक कर सकता है। सैमसंग ने फिलहाल यह नहीं बताया है कि यह सेंसर सबसे पहले किस स्मार्टफोन में दिया जाएगा। 50 हजार से भी कम में सैमसंग का प्रीमियम एक्सपीरियंस! Amazon पर इतना सस्ता मिल रहा Galaxy S25 FE
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Aaj Tak
Aug 7, 2026, 01:29 PM
पंजाब सरकार के कर्मचारियों ने लंबित मांगों को लेकर चंडीगढ़ में विरोध प्रदर्शन किया

पंजाब सरकार के कर्मचारियों ने लंबित मांगों को लेकर चंडीगढ़ में विरोध प्रदर्शन किया

चंडीगढ़ में शुक्रवार को पंजाब सरकार के हजारों कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया. सेक्टर-39 स्थित दाना मंडी ग्राउंड में विभिन्न विभागों के कर्मचारी संझा मुलाजम मंच (जॉइंट एम्प्लॉइज फ्रंट पंजाब) के बैनर तले एकत्र हुए. प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने AAP सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की. इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया. अमृतसर से आई कई नर्सें वॉटर कैनन चलने के बाद भी प्रदर्शन स्थल पर डटी रहीं. कर्मचारियों और पेंशनर्स की मुख्य मांगों में लंबित 18 प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA) जारी करना, पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करना, एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (ACP) योजना (4-9-14) लागू करना, संविदा, आउटसोर्स और अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करना शामिल है. इसके अलावा वे वेतन विसंगतियों को दूर करने, कुछ भत्तों को बहाल करने और सेवा से जुड़े अन्य लंबित मामलों का समाधान भी चाहते हैं. संझा मुलाजम मंच के संयोजक सुखचैन सिंह खैरा ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया. उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने साढ़े चार साल तक इंतजार किया, लेकिन सरकार ने अपने वादे पूरे नहीं किए. उन्होंने चेतावनी दी कि आंदोलन और तेज किया जाएगा और इसका असर चुनावों में भी दिखाई देगा. प्रदर्शन में शामिल कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई. यूनाइटेड नर्सिंग एसोसिएशन की ज्योति शर्मा ने कहा कि सरकार ने वेतनमान नहीं बढ़ाकर कर्मचारियों के साथ अन्याय किया है. स्टाफ नर्स विजय ने कहा कि मंत्रियों और उनके सहयोगियों का वेतन बढ़ाया गया, लेकिन कई कर्मचारी वर्गों का वेतनमान कम स्तर पर तय कर दिया गया. पंजाब मंडी बोर्ड के कर्मचारी राजीव राम ने कहा कि कर्मचारियों को हर महीने 5,000 से 8,000 रुपये तक का नुकसान हो रहा है. बढ़ती महंगाई और परिवार का खर्च चलाने के लिए उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा. वहीं, बठिंडा से आए बिजली विभाग के कर्मचारी कुलदीप सिंह ने आरोप लगाया कि जिन कर्मचारियों से सरकार ने वादे किए थे, अब उन्हीं की अनदेखी की जा रही है. फतेहगढ़ साहिब से आए पेंशनर्स एसोसिएशन के प्रमुख सरदार हरजीत सिंह ने कहा कि सरकार को आने वाले चुनावों में इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी. अमृतसर से आई नर्स अमनदीप कौर ने कहा कि उनका भविष्य दांव पर लगा है. उनकी साथी ने कहा कि सरकार दूसरी योजनाओं पर पैसा खर्च करने को तैयार है, लेकिन कर्मचारियों का DA जारी करने और पुरानी पेंशन बहाल करने को तैयार नहीं है. कई घंटे तक चले प्रदर्शन और टकराव के बाद पंजाब सरकार ने कर्मचारियों की मांगों, खासकर 18 प्रतिशत DA के मुद्दे पर 27 अगस्त को बातचीत करने पर सहमति जताई. इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया. साढ़े चार साल से अपनी मांगों के पूरा होने का इंतजार कर रहे हजारों कर्मचारियों की नजर अब 27 अगस्त को होने वाली वार्ता पर टिकी है.
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Aug 7, 2026, 01:28 PM
स्कॉटलैंड बनाम कनाडाः ऐतिहासिक 5000वां एकदिवसीय मैच शुरू

स्कॉटलैंड बनाम कनाडाः ऐतिहासिक 5000वां एकदिवसीय मैच शुरू

आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग टू (2023-27) में 07 अगस्त (शुक्रवार) को 124वां मुकाबला स्कॉटलैंड और कनाडा के बीच खेला जा रहा है. यह पुरुष वनडे क्रिकेट के इतिहास का 5000वां वनडे मैच है. मुकाबला स्कॉटलैंड के डुंडी (Dundee) शहर के फोर्थिल ग्राउंड पर खेला जा रहा है. ऐतिहासिक मुकाबले में कनाडा ने टॉस जीतकर गेंदबाजी करने का फैसला किया. वनडे क्रिकेट की शुरुआत 1971 में हुई थी. उस वक्त एक ओवर में 6 की बजाय 8 गेंदें फेंकी जाती थीं. तो आइए जानते हैं कि वनडे फॉर्मेट का पहला मैच किन टीमों के बीच खेला गया था. फॉर्मेट का पहला मुकाबला 05 जनवरी, 1971 को ऑस्ट्रेलिया के ऐतिहासिक मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेला गया था. मुकाबला 40-40 ओवर का हुआ था. हालांकि शुरुआती दौर में वनडे क्रिकेट मुख्यत: 60-60 ओवर का खेला जाता था. 1975 और 1979 के शुरुआती दो वर्ल्ड कप भी 60-60 ओवर फॉर्मेट में ही खेले गए थे. आगे चलकर एक दिवसीय क्रिकेट 50-50 ओवर का खेला जाने लगा. वक्त बढ़ने के साथ वनडे क्रिकेट में तेजी आई. 1000 वनडे मैच पूरे होने में 24 साल का वक्त लगा. 1000वां मुकाबला 1995 में वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के बीच नॉटिंघम में खेला गया. फिर 2000वां वनडे मुकाबला 2003 में पाकिस्तान और जिम्बाब्वे के बीच शारजाह में खेला गया. इसी तरह वक्त बढ़ने के साथ वनडे क्रिकेट ज्यादा खेला जाने लगा. ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड (मेलबर्न, 1971) वेस्टइंडीज बनाम इंग्लैंड (नॉटिंघम, 1995) पाकिस्तान बनाम जिम्बाब्वे (शारजाह, 2003) ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड (साउथैम्पटन, 2010) हांगकांग बनाम पापुआ न्यू गिनी (हरारे, 2018) कनाडा बनाम स्कॉटलैंड (डुंडी, 2026)* क्रिकेट के इतिहास में अब तक 13 पुरुष वनडे वर्ल्ड कप खेले जा चुके हैं. पहला टूर्नामेंट 1975 में हुआ था. ऑस्ट्रेलिया अब तक सबसे सफल टीम रही, जिन्होंने 6 खिताब जीते हैं. वहीं भारतीय टीम ने 2 बार वनडे वर्ल्ड कप अपने नाम किया है. मेन इन ब्लू ने पहला वनडे वर्ल्ड कप 1983 में कपिल देव की कप्तानी में और दूसरा 2011 में एमएस धोनी की कप्तानी में जीता था. अगला वनडे विश्व कप 2027 में खेला जाएगा.
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Aug 7, 2026, 01:27 PM
राहुल गांधी ने ई20 पेट्रोल नीति की आलोचना की, इसे'काला दाल'का मुद्दा बताया

राहुल गांधी ने ई20 पेट्रोल नीति की आलोचना की, इसे'काला दाल'का मुद्दा बताया

देश की राजनीति में एक बार फिर पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने के सरकारी फैसले यानी E20 पेट्रोल पॉलिसी को लेकर घमासान मच गया है. लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का एक नया वीडियो सामने आया है, जिसने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है. इस वीडियो में राहुल गांधी न सिर्फ सरकार की इस नीति पर तीखे सवाल खड़े कर रहे हैं, बल्कि वे एक कार का पेट्रोल टैंक खोलकर आम जनता को इसके दुष्प्रभावों के बारे में समझाते हुए भी नजर आ रहे हैं. उन्होंने इस पूरे मामले पर कड़ा कटाक्ष करते हुए कहा कि इस पॉलिसी के मामले में दाल में कुछ काला नहीं, बल्कि पूरी दाल ही काली है. दरअसल, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक्स पर एक वीडियो शेयर किया. इसमें वे कार का टैंक खोलकर जनता से ई 20 पेट्रोल पॉलिसी पर बातचीत की. राहुल गांधी ने वीडियो के जरिए साफ किया कि E20 पेट्रोल का यह मुद्दा कोई साधारण या छोटा-मोटी नीतिगत बहस नहीं है, बल्कि यह देश के करोड़ों वाहन चालकों से जुड़ा हुआ एक बहुत बड़ा और गंभीर मुद्दा है. उन्होंने कहा कि इससे देश का हर वो नागरिक प्रभावित हो रहा है जो वाहन का इस्तेमाल करता है. E20 - दाल में काला नहीं, पूरी दाल ही काली है। pic.twitter.com/Unw7UfNt9k कांग्रेस नेता ने सरकार पर सीधा आरोप लगाया कि इस एथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल की वजह से लोगों की कारें और स्कूटर तेजी से खराब हो रहे हैं. इंजनों की कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है और गाड़ियों का माइलेज भी कम हो रहा है. राहुल गांधी के अनुसार, इससे आम आदमी के जीवन पर सीधा बुरा असर पड़ रहा है. यह एक तरह से जनता की गाढ़ी कमाई पर सीधे तौर पर डाका डालने जैसा है. वीडियो में राहुल ने देश के मौजूदा हालात का जिक्र करते हुए कहा कि आज स्थिति यह हो गई है कि देश में भ्रष्टाचार और गड़बड़ियों के इतने सारे मुद्दे हैं कि यह तय करना मुश्किल हो जाता है कि किस बात को पहले उठाया जाए और किस क्रम (सीक्वेंस) में सरकार को घेरा जाए. उन्होंने कहा कि किसी भी अभियान में प्राथमिकताओं का चयन करना एक बड़ी चुनौती बन गया है क्योंकि हर तरफ समस्याएं खड़ी हैं. विपक्ष के नेता ने देशवासियों को आश्वस्त किया कि इस गंभीर मुद्दे को लेकर चिंता करने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है. उन्होंने कड़े शब्दों में ऐलान किया कि कांग्रेस पार्टी और विपक्ष इस मामले को चुपचाप नहीं बैठने देगा, बल्कि इसे एक बड़े पैमाने पर उठाया जाएगा. सरकार को इस नीति के पॉलिसी के लिए कटघरे में खड़ा किया जाएगा. वहीं केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने देश में चल रहे एथेनॉल ब्लेंडिंग विवाद पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने साफ कहा है कि भारत का बायोफ्यूल ब्लेंडिंग प्रोग्राम बेहद शानदार तरीके से आगे बढ़ रहा है. और कुछ लोग इस पर बेवजह का विवाद खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं. केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी और विपक्ष के हमलों का जवाब देते हुए कहा कि देश के पेट्रोल पंपों पर रोज लगभग 6 से 7 करोड़ ग्राहक ईंधन भराने आते हैं. अगर किसी चीज में मिलावट या समस्या की बात की जाती है, तो मिलावट तो किसी भी चीज में हो सकती है, वह खाने का सामान हो, सांस लेने वाली हवा हो, केरोसिन हो या डीजल हो. हरदीप सिंह पुरी ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि सरकार ने इस मामले की गहन जांच कराई है. उन्होंने कहा कि जांच के दौरान रोजाना करीब 2,000 पेट्रोल पंपों से सैंपल लिए गए. देश भर के 107,000 से अधिक पेट्रोल पंपों में से जांच के दौरान केवल चार जगहों पर समस्या पाई गई. #WATCH | Delhi: Union Minister for Petroleum and Natural Gas, Hardeep Singh Puri, says, "Our biofuel blending programme is doing exceptionally well. Some of you may have heard about E20 and some people trying to create controversy around it. Every day, something like 6 to 7 crore… pic.twitter.com/QKQKvQlQUR मंत्री ने सवाल उठाया कि जहां रोज करोड़ों लोग पेट्रोल पंप आ रहे हैं, वहां कुछ एक मामलों को आधार बनाकर हवा खड़ा करना पूरी तरह गलत है. केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि कुछ लोग राजनीतिक फायदे के लिए या बिना पूरी जानकारी के इस मामले को तूल दे रहे हैं और चीजों को उनके संदर्भ से बाहर पेश कर रहे हैं. उन्होंने दोहराया कि सरकार पर्यावरण की रक्षा और कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने के लिए इस नीति पर पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रही है. दरअसल, सरकार देश में प्रदूषण कम करने और कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटाने के लिए पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिला रही है, जिसे E20 पेट्रोल कहा जाता है. हालांकि, विपक्ष और वाहन चालकों का आरोप है कि इससे पुरानी गाड़ियों के इंजन जल्दी खराब हो रहे हैं. गाड़ियों का माइलेज भी कम हो रहा है.इसी मुद्दे को लेकर अब राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है.
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Aug 7, 2026, 01:26 PM
गौहर खान और कुशल टंडन एलायंस रियलिटी शो सेलिब्रेशन में वर्षों बाद फिर से एक साथ आए

गौहर खान और कुशल टंडन एलायंस रियलिटी शो सेलिब्रेशन में वर्षों बाद फिर से एक साथ आए

कुणाल खेमू का रियलिटी शो अलायंस अब खत्म हो चुका है. करीब डेढ़ महीने चला ये शो ऑडियंस को काफी पसंद आया. पॉपुलर वीजे और एक्ट्रेस मिनी माथुर सीजन की पहली विनर बनीं. मिनी माथुर ने अपनी जीत शो के सभी कंटेस्टेंट्स के साथ सेलिब्रेट की. मशहूर एक्ट्रेस गौहर खान भी वहां मौजूद थीं, जो अपने पति जैद दरबार के साथ आई थीं. हालांकि इस सेलिब्रेशन में फैंस की नजर गौहर और कुशाल टंडन पर पड़ीं जो काफी समय बाद एक साथ, एक ही छत के नीचे नजर आए. इस फोटो को खुद एक्ट्रेस ने अपने सोशल मीडिया पर शेयर किया. कुशाल और गौहर को एक ही साथ देखकर फैंस भी बड़े खुश हुए. दोनों इतने सालों बाद अलायंस के कारण जुड़े. शो खत्म होने के बाद, दोनों ने ही मैच्योरिटी दिखाते हुए मिनी माथुरी की जीत को साथ सेलिब्रेट भी किया. गौहर की पोस्ट पर कुछ फैंस उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं. एक तो लिख रहे हैं कि कितना शानदार फ्रेम है, दोस्ती सब चीजों पर हावी हो गई है. वहीं दूसरे ने जैद और कुशाल के बॉन्ड पर गौहर के लिए लिखा कि वो दोनों के ब्रोमांस के बीच ना आएं. वैसे गौहर खान और कुशाल टंडन का पास्ट काफी कड़वाहट से भरा रहा. बिग बॉस 7 के दौरान दोनों रिश्ते में थे. काफी समय तक उन्होंने एक-दूसरे को डेट किया. लेकिन एक साल की डेटिंग के बाद, दोनों के रास्ते अलग हुए. कुशाल ने एक इंटरव्यू में हिंट दिया था कि वो कल्चर डिफ्रेंसेज के चलते गौहर से अलग हुए थे. गौहर खान ने कुशाल टंडन से अलग होने के बाद, जैद दरबार से शादी रचाई थी. दोनों आज दो बच्चों के पेरेंट्स हैं. लेकिन अलायंस में जैद और कुशाल की दोस्ती से गौहर के रिश्ते सुधर गए. All Photos: Instagram @gauaharkhan/therealkushaltandon
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Aug 7, 2026, 01:25 PM
मुजफ्फरनगर के शिव चौक पर जीवंत कंवर प्रस्तुति ने हजारों लोगों को आकर्षित किया

मुजफ्फरनगर के शिव चौक पर जीवंत कंवर प्रस्तुति ने हजारों लोगों को आकर्षित किया

कांवड़ यात्रा के दौरान मुजफ्फरनगर का ऐतिहासिक शिव चौक आस्था, कला और रोमांच का अनोखा संगम बन गया. यहां हापुड़ के आसोड़ा गांव से आए शिवभक्त हरिओम चिंगारी अपनी विशाल थीम आधारित कांवड़ लेकर पहुंचे. इस विशेष प्रस्तुति में भगवान भोलेनाथ की बारात, अघोरियों का तांडव, शिवगणों की झांकी और आग उगलते कलाकारों का प्रदर्शन देखने के लिए देर रात तक हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही. शिव चौक का पूरा वातावरण धार्मिक रंग में रंगा दिखाई दिया. हरिओम चिंगारी की इस थीम आधारित कांवड़ को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिव चौक पर पहुंचे. झांकी में भगवान शिव के रौद्र और अघोर स्वरूप को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया था. इसमें अघोरी, शिवगण, भूत-प्रेत और भगवान भोलेनाथ की बारात का ऐसा चित्रण किया गया, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. श्रद्धालु इस पूरी झांकी को बड़ी उत्सुकता से देखते रहे और अपने मोबाइल फोन से लगातार वीडियो और तस्वीरें बनाते नजर आए. झांकी के दौरान डमरू की गूंज, शंखनाद, विशेष लाइटिंग और कृत्रिम धुएं का इस्तेमाल किया गया. नरमुंडों की माला पहनकर कलाकारों ने अघोरी तांडव की प्रस्तुति दी. इस दौरान पूरा शिव चौक हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गूंजता रहा. धार्मिक माहौल और कलाकारों की प्रस्तुति ने वहां मौजूद लोगों को लंबे समय तक अपनी जगह पर रुकने के लिए मजबूर कर दिया. इस थीम कांवड़ का एक और आकर्षण आग उगलते कलाकारों की प्रस्तुति रही. जैसे ही कलाकारों ने हवा में आग की लपटें छोड़ीं, वहां मौजूद श्रद्धालुओं ने तालियों और जयघोष के साथ उनका उत्साह बढ़ाया. बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर उम्र के लोग इस प्रदर्शन को देखकर रोमांचित दिखाई दिए. कई श्रद्धालु इस दृश्य को अपने मोबाइल कैमरे में कैद करते रहे ताकि इस यादगार पल को संजो सकें. हरिओम चिंगारी की टीम हर वर्ष अलग-अलग धार्मिक विषयों पर आधारित थीम कांवड़ तैयार करती है. इस बार उनकी टीम ने भगवान भोलेनाथ की बारात और अघोर परंपरा को केंद्र में रखकर झांकी तैयार की. इस प्रस्तुति को तैयार करने में कई सप्ताह की मेहनत लगी. विशेष वेशभूषा, मंच सज्जा, लाइटिंग और कलाकारों के लगातार अभ्यास के बाद इस झांकी को अंतिम रूप दिया गया. शिवभक्त एवं कलाकार हरिओम चिंगारी ने बताया कि उनका नाम हरिओम चिंगारी है और वह हापुड़ से हैं. उनकी यह कांवड़ हापुड़ के पास स्थित आसोड़ा गांव से आई है. उन्होंने बताया कि उनकी पूरी टीम बाबा भोलेनाथ की भक्त है और हर साल अलग अंदाज में धार्मिक झांकियां तैयार करती है. हरिओम चिंगारी ने कहा कि इस बार उनकी झांकी में श्मशान में भगवान भोलेनाथ के साथ अघोरियों के दर्शन को प्रस्तुत किया गया है. उन्होंने बताया कि उनकी टीम ने इस स्वरूप को पूरी श्रद्धा और समर्पण के साथ निभाने का प्रयास किया है. उनका कहना है कि वे स्वयं बाबा भोलेनाथ के भक्त हैं और उन्हीं के विभिन्न स्वरूपों की पूजा करते हैं. इसी कारण उन्होंने इस बार भगवान भोलेनाथ के रौद्र स्वरूप और अघोर परंपरा को अपनी कांवड़ की थीम बनाया. उन्होंने कहा कि यह सब बाबा भोलेनाथ की कृपा से ही संभव हो पाया है. देर रात तक शिव चौक पर श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही. लोग झांकी के अलग-अलग हिस्सों को ध्यान से देखते रहे और कलाकारों की प्रस्तुति की सराहना करते रहे. भगवान भोलेनाथ की बारात, अघोरियों का तांडव, शिवगणों की झांकी, डमरू की गूंज, शंखनाद, कृत्रिम धुएं और आग उगलते कलाकारों की प्रस्तुति ने पूरे माहौल को धार्मिक और आकर्षक बना दिया. कांवड़ यात्रा के दौरान यह थीम आधारित कांवड़ शिव चौक पर श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बनी रही.
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Aug 7, 2026, 01:25 PM
डबल द जॉयः घर पर क्रिस्पी मावा इमरती बनाने के लिए टिप्स

डबल द जॉयः घर पर क्रिस्पी मावा इमरती बनाने के लिए टिप्स

मानसून के सुहावने मौसम में अक्सर कुछ गरमा-गरम और मीठा खाने की क्रेविंग होने लगती है. ऐसे में बाजार से मिठाई मंगाने के बजाय अगर घर पर ही शुद्ध और ताजा इमरती मिल जाए तो बारिश का मजा दोगुना हो जाता है. बाहर से एकदम कुरकुरी और अंदर से चाशनी से लबालब भरी इमरती देखने में जितनी खूबसूरत लगती है, खाने में उतनी ही स्वादिष्ट होती है. कई बार लोगों की शिकायत होती है कि घर पर इमरती बाजार जैसी क्रिस्पी नहीं बनती या चाशनी अंदर तक नहीं जाती. लेकिन सही नाप और कुछ छोटी-छोटी ट्रिक्स के साथ आप बहुत आसानी से हलवाई जैसी एकदम सही शेप और परफेक्ट स्वाद वाली इमरती घर पर ही तैयार कर सकते हैं. यहां हम आपको बिलकुल हलवाई जैसी कुरकुरी मावा इमरती बनाने की ट्रिक्स बता रहे हैं. उड़द दाल (बिना छिलके वाली): 1 कप (4-5 घंटे भीगी हुई) मावा (खोया): 1/2 कप (ताजा और कद्दूकस किया हुआ) कॉर्नफ्लोर या अरारोट: 2 बड़े चम्मच (बाइंडिंग और कुरकुरेपन के लिए) ऑरेंज फ़ूड कलर: 2 चुटकी चीनी: 2 कप (चाशनी के लिए) पानी: 1 कप इलायची पाउडर: 1/2 छोटा चम्मच केसर धागे: 8-10 (ऐच्छिक) घी या तेल: तलने के लिए भीगी हुई उड़द दाल को पानी छानकर मिक्सर में बिना (या बहुत कम) पानी के महीन पीस लें. अब एक परात में पिसी हुई दाल, कद्दूकस किया मावा, कॉर्नफ्लोर और ऑरेंज कलर मिलाएं. इस मिश्रण को अपनी हथेली से एक ही दिशा में 8-10 मिनट तक खूब फेंटें. पानी से भरे कटोरे में थोड़ा सा बैटर डालें, अगर वह ऊपर तैरने लगे तो बैटर परफेक्ट फिट हो चुका है. एक बर्तन में चीनी और पानी मिलाकर मध्यम आंच पर पकाएं. इसमें इलायची पाउडर और केसर डालें. जब चीनी घुल जाए, तो इसे 5-6 मिनट उबालें ताकि 1 तार की हल्की चिपचिपी चाशनी बन जाए. चाशनी को गुनगुना ही रहने दें. बैटर को इमरती वाले कॉटन के कपड़े या पाइपिंग बैग/जिपलॉक बैग में भरें और नीचे से छोटा सा छेद करें. एक सपाट तले वाली कड़ाही में मध्यम गरम घी/तेल रखें. कपड़े को दबाते हुए पहले गोल चक्कर बनाएं और फिर उसके ऊपर छोटे-छोटे छल्ले बनाते जाएं. इमरती को हमेशा धीमी से मध्यम आंच पर ही तलें. मावा होने के कारण यह जल्दी लाल हो सकती है, इसलिए दोनों तरफ से पलटकर हल्का सुनहरा और कुरकुरा होने तक सेकें. इमरती को कड़ाही से निकालकर तुरंत हल्की गरम चाशनी में डालें. इमरती को 2-3 मिनट चाशनी में दबाकर रखें ताकि चाशनी अंदर तक चली जाए, फिर निकालकर प्लेट में रखें.
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Aug 7, 2026, 01:25 PM
भारत ने शेख हसीना की मीडिया बातचीत में शामिल होने से इनकार किया

भारत ने शेख हसीना की मीडिया बातचीत में शामिल होने से इनकार किया

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की हालिया मीडिया बातचीत पर भारतीय विदेश मंत्रालय की तरफ से साफ तौर पर कहा गया है कि 'इसमें भारत की कोई भूमिका नहीं थी।' हर दो हफ्ते में होने वाली प्रेस ब्रीफिंग में, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह कार्यक्रम एक निजी संस्था द्वारा आयोजित किया गया था और सरकार उस मंच पर कही गई किसी भी बात का समर्थन नहीं करती है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जायसवाल ने कहा, 'एक निजी मीडिया संस्था के कार्यक्रम में सरकार की कोई भूमिका नहीं थी। सरकार उस मंच पर कही गई किसी भी बात का समर्थन नहीं करती है, खासकर बांग्लादेश की विधिवत गठित सरकार के संबंध में।' शेख हसीना ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह घोषणा की थी कि वह दिसंबर में बांग्लादेश लौटने के लिए दृढ़ हैं, ताकि लोकतंत्र बहाल करके देश को सही रास्ते पर लाया जा सके, भले ही उन्हें जेल या मौत की सजा का सामना करना पड़े। हसीना ने कहा, 'मुझे पता है, वे मुझे जेल में डाल सकते हैं या मार सकते हैं। मैं अपने लोगों के साथ रहने के लिए घर वापस जाऊंगी। चाहे मेरी किस्मत में कुछ भी हो, मैं अपने लोगों के पास वापस जाऊंगी। मैं तब तक दूर नहीं रह सकती जब तक मेरे प्यारे देशवासी पीड़ित हैं।' शेख हसीना की मीडिया बातचीत पर बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय की तरफ से प्रतिक्रिया सामने आई थी, जिसमें कहा गया कि वह इस बात से नाराज है कि भारत-बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय संबंधों पर इसके संभावित प्रभाव के बारे में चिंता जताने के बावजूद इस कार्यक्रम की अनुमति दी गई। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, 'बांग्लादेश इस बात से नाराज है कि भगोड़ी शेख हसीना को आज शाम नई दिल्ली में मीडिया के साथ लाइव बातचीत करने की अनुमति दी गई, जहां उन्होंने और उनके सहयोगियों ने बांग्लादेश राज्य और उसके लोगों के खिलाफ बातें कहीं।' बांग्लादेश के इन आरोपों का भारत ने खंडन किया है। भारत ने साफ तौर पर कहा कि हमारी इस मीडिया बातचीत में कोई भूमिका नहीं है।
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Aug 7, 2026, 01:24 PM
गलत सूचना पर चिंताओं के बीच भारत सरकार ने मेटा को अनुपालन रोडमैप प्रस्तुत करने का आदेश दिया

गलत सूचना पर चिंताओं के बीच भारत सरकार ने मेटा को अनुपालन रोडमैप प्रस्तुत करने का आदेश दिया

भारत सरकार ने Meta पर अपना रुख और कड़ा कर दिया है. सरकार ने कंपनी को एक कॉम्पलाइंस रोडमैप पेश करने का निर्देश दिया है. इसका मकसद अपने अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर फैलने वाले प्रोपेगेंडा, भ्रामक जानकारियों और अवैध कंटेंट पर लगाम लगाना है. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के साथ मेटा के अधिकारियों की शुक्रवार को एक अहम बैठक हुई. इस दौरान मेटा की तकनीकी टीम ने एक प्रेजेंटेशन दिया. सूत्रों के मुताबिक, पूरी चर्चा मेटा के एल्गोरिदम और उसके टेक्निकल सिस्टम के इर्द-गिर्द केंद्रित रही. बैठक के दौरान मेटा ने स्वीकार किया कि उसके मौजूदा एल्गोरिदम सिस्टम में कुछ गंभीर खामियां मौजूद हैं. ऐसे में सरकार ने मेटा को अपने एल्गोरिदम सिस्टम में जरूरी और सख्त बदलाव करने को कहा है. इससे पहले हुई बैठकों में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मेटा को सभी समस्याओं और चिंताओं की पहचान करने और उनके समाधान के लिए एक 'करेक्टिव एक्शन प्लान' सौंपने का निर्देश दिया था. सरकार ने कंपनी को देश के 'डाटा लोकलाइजेशन' नियमों का पूरी तरह से पालन करने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही, सरकारी अधिकारियों की फ्लैग किए गए आपत्तिजनक कंटेंट को तुरंत और तेजी से हटाने का सिस्टम बनाने को कहा है. इंटरनेट पर तेजी से फैल रहे डीपफेक वीडियो और मॉर्फ्ड कंटेंट पर लगाम लगाने के लिए सरकार बेहद गंभीर है. इसके लिए मेटा को भारत सरकार के कई विभागों में तैनात क्विक रिस्पॉन्स रिस्पॉन्स टीम्स (QRTs) के साथ मिलकर काम करने और मजबूत तालमेल बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मेटा की ग्लोबल टीम आगे की बातचीत के लिए फिलहाल भारत में ही रुकी रहेगी. आने वाले दिनों में आईटी सचिव के नेतृत्व वाली टीम के साथ मेटा अधिकारियों की कई और बैठकें होने की उम्मीद है. दोनों पक्षों ने माना है कि जब तक इन सभी तकनीकी और सुरक्षा संबंधी मुद्दों का समाधान नहीं निकल जाता, तब तक बातचीत का ये सिलसिला लगातार जारी रहेगा.
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Aug 7, 2026, 01:22 PM
इमरान हाशमी और दिशा पटानी अभिनीत'आवारापन 2'बॉक्स ऑफिस पर सफल साबित हो सकती है।

इमरान हाशमी और दिशा पटानी अभिनीत'आवारापन 2'बॉक्स ऑफिस पर सफल साबित हो सकती है।

बॉलीवुड के रोमांस के किंग इमरान हाशमी एक बार फिर से पर्दे पर अपने पुराने ही अंदाज में वापसी करने जा रहे हैं. वो दिशा पाटनी और शबाना आजमी के साथ जल्द ही फिल्म 'आवारापन 2' के जरिए स्क्रीन शेयर करते हुए नजर आने वाले हैं. ऐसे में इस रोमांटिक फिल्म को लेकर माना जा रहा है कि ये बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त धमाका कर सकती है. चलिए बताते हैं ये ओपनिंग डे पर कितनी कमाई कर सकती है. कोईमोई की रिपोर्ट के अनुसार, 'आवारापन 2' को लेकर कहा जा रहा है कि ये पहले दिन 10-15 करोड़ की ओपनिंग कर सकती है. ऐसे में अब लोगों की नजरें इस पर है कि इमराम हाशमी फिर से इतिहास लिख सकते हैं. अगर ऐसा होता है तो ये इमरान हाशमी के करियर की बड़ी सोलो ओपनर बन जाएगी. ये फिल्म साल 2012 में आई इमरान की फिल्म 'राज 3' (10.47 करोड़) को पछाड़ देगी. 1. राज 3- 10.47 करोड़ 2. जन्नत 2- 8.52 करोड़ 3. मर्डर 2- 6.95 करोड़ 4. घनचक्कर- 7.2 करोड़ 5. राज रीबूट- 6.3 करोड़/ अजहर- 6.3 करोड़ वहीं, बात की जाए तो फिल्म 'आवारापन' के बारे में तो 2007 में आई इमरान हाशमी की फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर पहले दिन 7.75 करोड़ का बिजनेस किया था. जबकि फिल्म का बजट 18 करोड़ था. मोहित सूरी ने इस फिल्म के डायरेक्शन में डेब्यू किया था और ये उनकी कल्ट क्लासिक फिल्म साबित हुई थी. 'आवारापन' को बॉलीलुड की मास्टरपीस फिल्मों में गिना जाता है. ऐसे में ट्रेड एनालिस्ट का मानना है कि 'आवारापन 2' को इसका फायदा मिल सकता है कि इस फ्रैंचाइजी की ये फिल्म पहले से ही हिट है. आपको बता दें कि फिल्म 'आवारापन 2' का बॉक्स ऑफिस पर सनी देओल की फिल्म 'बटवारा 1947' से क्लैश होगा. एक रोमांटिक ड्रामा फिल्म है, तो दूसरी भारत-पाकिस्तान के बंटवारे की पृष्ठभूमि पर बुनी गई बेहतरीन कहानी है. दोनों ही फिल्मों को 14 अगस्त, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा. ऐसे में कोईमोई की रिपोर्ट की मानें तो कहा जा रहा है कि सनी देओल की फिल्म भी ओपनिंग डे पर 11 करोड़ का बिजनेस कर सकती है. राहुल यादव ABP Network में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और एंटरटेनमेंट डेस्क के लिए खबरें लिखते हैं. उन्हें डिजिटल मीडिया और मनोरंजन पत्रकारिता में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है. राहुल की भोजपुरी सिनेमा और बॉलीवुड कवरेज में विशेष पकड़ मानी जाती है. उन्होंने राजस्थान पत्रिका, दैनिक भास्कर, जनसत्ता और News18 हिंदी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया है. राहुल ने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से जनसंचार में स्नातकोत्तर (MA in Mass Communication) और University of Delhi से राजनीतिक विज्ञान में स्नातक (BA) किया है.
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Aug 7, 2026, 01:16 PM
शाओमी एस मिनी एल. ई. डी. टीवी समीक्षाः फिल्में, वेब सीरीज, क्रिकेट और गेमिंग के लिए एक प्रीमियम देखने का अनुभव

शाओमी एस मिनी एल. ई. डी. टीवी समीक्षाः फिल्में, वेब सीरीज, क्रिकेट और गेमिंग के लिए एक प्रीमियम देखने का अनुभव

टीवी खरीदते समय अमूमन लोगों के जेहन में एक सवाल होता है. क्या OLED TV पर ज्यादा पैसे खर्च किए जाएं या फिर एक अच्छे QLED या LED TV से काम चलाया जाए? पिछले कुछ महीनों में Mini LED टीवी इस गैप को फिल करने की कोशिश कर रहे हैं. Xiaomi का S Mini LED TV भी इसी सोच के साथ आया है. करीब दो हफ्तों तक इस टीवी को चला कर यह साफ हो गया कि Xiaomi ने सिर्फ स्पेसिफिकेशन की दौड़ नहीं लगाई, बल्कि एक ऐसा टीवी बनाने की कोशिश की है जो फिल्मों, वेब सीरीज, क्रिकेट और गेमिंग, हर तरह के कॉन्टेंट में अच्छा तजुर्बा दे. मैने इसके 65 इंच वेरिएंट को रिव्यू किया है. हालांकि यह टीवी पूरी तरह परफेक्ट नहीं है, लेकिन इसकी खूबियां इसकी कमियों पर भारी पड़ती हैं. Xiaomi S Mini LED TV: डिजाइन और बिल्ड क्वालिटी सबसे पहले बात डिजाइन की. टीवी पहली नजर में प्रीमियम फील देता है. इसके चारों तरफ बेहद पतले बेजल दिए गए हैं, जिससे स्क्रीन बड़ी और ज्यादा इमर्सिव लगती है. अगर आप इसे वॉल पर लगाते हैं तो इसका लुक और बेहतर हो जाता है. स्टैंड भी मजबूत हैं और टीवी को अच्छी स्टेब्लिटी देते हैं. वॉल माउंट के साथ आप इसे वॉल पर भी माउंट करा सकते हैं. इंस्टॉलेशन में थोड़ी हैसल हुई जो कंपनी की आफ्टर सेल सर्विस को दिखाता. कंपनी को चाहिए कि आफ्टर सेल सर्विस को बेहतर करे. बिल्ड क्वालिटी इस टीवी की सबसे बड़ी खूबियों में से एक है. पीछे की तरफ प्लास्टिक का इस्तेमाल जरूर हुआ है, लेकिन कहीं भी यह सस्ता या कमजोर महसूस नहीं होता. फिट और फिनिश शानदार है. टीवी को देखकर ऐसा नहीं लगता कि Xiaomi ने कहीं लागत बचाने की कोशिश की है. इस प्राइस रेंज में इसकी बिल्ड क्वालिटी कई बड़े ब्रांड्स को टक्कर देती है. Mini LED डिस्प्ले का असली फायदा यहीं दिखता है इस टीवी की सबसे बड़ी खासियत इसका QD Mini LED पैनल है. शाओमी ने इसमें सैकड़ों लोकल डिमिंग जोन्स दिए हैं. 55 इंच मॉडल में 308, 65 इंच में 384 और 75 इंच मॉडल में 512 डिमिंग जोन मिलते हैं. यही वजह है कि स्क्रीन पर डार्क और ब्राइट हिस्सों के बीच कॉन्ट्रास्ट काफी बेहतर नजर आता है. पीक ब्राइटनेस 1200 निट्स तक जाती है, इसलिए HDR कॉन्टेंट काफी शानदार दिखता है. मैंने इस टीवी पर Netflix, Prime Video, YouTube और लोकल 4K वीडियो चलाकर देखे. डॉल्बी विजन वाले कॉन्टेंट में इसका परफॉर्मेंस सबसे ज्यादा प्रभावित करता है. कलर्स काफी नैचुरल लगते हैं. जरूरत से ज्यादा सैचुरेटेड नहीं दिखते और स्किन टोन भी काफी सही रहती है. अगर आप रात में लाइट बंद करके फिल्म देखते हैं तो Mini LED का फायदा तुरंत समझ में आता है. ब्लैक लेवल नॉर्मल LED टीवी की तुलना में काफी गहरे दिखते हैं और ब्राइट हिस्से ज्यादा चमकदार नजर आते हैं. OLED जैसा बिल्कुल परफेक्ट ब्लैक तो नहीं मिलेगा, लेकिन इस कीमत में यह एक्सपीरिएंस OLED के काफी करीब पहुंच जाता है. अगर आप टीवी से अच्छी दूरी से देख रहे हैं जो डीप ब्लैक काफी परफेक्ट दिखते हैं और कई लोग इसे OLED समझते हैं, लेकिन ज्यादा करीब आने पर समझ आ जाता है कि ये OLED नहीं है, लेकिन QLED से बेहतर है. वैसे तो इस टीवी के रिमोट में तमाम फीचर्स मौजूद हैं, लेकिन देखने में ये ओल्ड स्कूल लगता है. पुराने समय में इतने ज्यादा बटन्स वाले लंबे रिमोट देखने को मिलते थे. शाओमी खुद ही पहले स्लीक और छोटे रिमोट देती थी जो यूज करने में काफी आसान होता था और अच्छा लगता था. लेकिन अब कंपनी लंबे और ज्यादा बटन वाले रिमोट दे रही है. इन बटन्स का यूज आप कभी करेंगे ही नहीं. ये भी समझना मुश्किल है कि ऐसे रिमोट कंपनी क्यों दे रही है जब ज्यादातर बटन काम के ही नहीं हैं? इसे बेहतर किया जा सकता था. हालांकि रिमोट की सेंसिटिविटी अच्छी है. क्विक रेस्पॉन्स मिलता है. HDR और 4K कॉन्टें देखना बेहतर एक्सपीरिएंस HDR10+ और Dolby Vision दोनों का सपोर्ट मिलता है. अच्छी क्वालिटी वाले 4K कॉन्टेंट में स्क्रीन पर डिटेल्स काफी शानदार दिखाई देती हैं. बादलों की लेयर हो, रात का सीन हो या तेज धूप वाला सीन, टीवी हर जगह अच्छी डिटेल निकालता है. हाउस ऑफ ड्रैगन के नए सीजन के सभी एपिसोड देखने का एक्सपीरिएंस काफी बेहतरीन था. मोशन हैंडलिंग भी अच्छी है. MEMC और DLG 120Hz जैसे फीचर्स स्पोर्ट्स और तेज मूवमेंट वाले कंटेंट में स्मूदनेस बढ़ाते हैं. हालांकि इसका नेटिव पैनल 60Hz है, इसलिए हार्डकोर गेमर्स को इसे ध्यान में रखना चाहिए. फास्ट सीन, रेसिंग या एक्शन - हर फ्रंट पर इसकी मोशन हैंडलिंग इसे बेहतर बनाती है. हालांकि कई बार ऐसा लगता कि इसे और फास्ट होना चाहिए था. साउंड क्वालिटी उम्मीद से कहीं बेहतर आजकल ज्यादातर पतले टीवी की सबसे बड़ी कमजोरी उनका ऑडियो होता है. लेकिन Xiaomi S Mini LED TV इस मामले में अलग है. इसमें 34W का क्वाड स्पीकर सिस्टम मिलता है जिसमें दो ट्वीटर और दो फुल रेंज स्पीकर दिए गए हैं. Dolby Audio, DTS:X और DTS Virtual:X का सपोर्ट भी मौजूद है. टीवी के साथ इन दिनों अलग से स्पीकर लगाना आम हो चुका है. लेकिन इसके साथ वो बात नहीं है. असल इस्तेमाल में इसकी आवाज काफी तेज, क्लीन और बैलेंस्ड लगी. डायलॉग साफ सुनाई देते हैं और फिल्मों में बैकग्राउंड म्यूजिक भी अच्छा महसूस होता है. छोटे और मीडियम साइज के कमरे में अलग साउंडबार लगाने की जरूरत शायद ही महसूस हो. अगर आप सामान्य यूजर हैं तो टीवी का इनबिल्ट ऑडियो ही काफी है. ऑडियो क्वॉलिटी के मामले में इस टीवी ने उम्मीद से बेहतर तजुर्बा दिया है. सॉफ्टवेयर और परफॉर्मेंस टीवी Google TV पर चलता है और इसके ऊपर Xiaomi का PatchWall इंटरफेस मिलता है. दोनों का कॉम्बिनेशन अच्छा काम करता है. Google TV की वजह से Play Store, Netflix, Prime Video, Disney+ Hotstar, YouTube और बाकी सभी जरूरी ऐप्स आसानी से मिल जाते हैं. वहीं PatchWall भारतीय यूजर्स के हिसाब से कॉन्टेंट सजेस्ट करता है और अलग-अलग OTT ऐप्स का कंटेंट एक जगह दिखा देता है. Free Live TV Channels जैसी सर्विसेज भी मिलती है. मेरे इस्तेमाल के दौरान सॉफ्टवेयर काफी स्मूद रहा. ऐप्स जल्दी खुलते हैं, मेन्यू में घूमते समय कोई बड़ी दिक्कत नहीं आई और ऐप स्विचिंग भी ठीक रही. Google Assistant भी अच्छी तरह काम करता है. टीवी में Quad-Core Cortex A55 प्रोसेसर, Mali-G52 GPU, 2GB RAM और 32GB स्टोरेज दी गई है. स्पेसिफिकेशन बहुत हाई-एंड नहीं लगते, लेकिन रोजमर्रा के इस्तेमाल में इनकी कमी महसूस नहीं होती. कनेक्टिविटी में भी कोई शिकायत नहीं टीवी में तीन HDMI पोर्ट दिए गए हैं जिनमें एक eARC सपोर्ट करता है. इसके अलावा दो USB पोर्ट, इथरनेट, ऑप्टिकल ऑडियो आउट, ब्लूटूथ, डुअल बैंड वाईफाई, गूगल कास्ट, मीराकास्ट और एयर प्ले 2 का भी सपोर्ट मिलता है. यानी कनेक्टिविटी के मामले में यह लगभग हर जरूरत पूरी करता है. LED, OLED और Mini LED के बीच का फर्क समझना जरूरी है. नॉर्मल LED TV में पूरी स्क्रीन को रोशन करने के लिए बैकलाइट का इस्तेमाल होता है, इसलिए ब्लैक कलर पूरी तरह डीप नहीं दिखता. OLED TV में हर पिक्सल खुद रोशनी देता है और जरूरत पड़ने पर पूरी तरह बंद भी हो सकता है. यही वजह है कि OLED में परफेक्ट डीप ब्लैक, शानदार कंट्रास्ट और बेहतरीन पिक्चर क्वालिटी मिलती है, लेकिन इसकी कीमत काफी ज्यादा होती है और लंबे समय तक एक जैसी तस्वीर रहने पर बर्न-इन का हल्का जोखिम भी रहता है. Mini LED दोनों के बीच का रास्ता है. इसमें LED की तरह बैकलाइट होती है, लेकिन बहुत छोटे-छोटे LED और सैकड़ों Local Dimming Zones दिए जाते हैं. इससे ब्लैक लेवल बेहतर होता है, HDR कंटेंट ज्यादा शानदार दिखता है और ब्राइटनेस भी OLED से कई मामलों में ज्यादा मिल जाती है. आसान भाषा में कहें तो अगर LED सबसे बेसिक विकल्प है और OLED सबसे प्रीमियम, तो Mini LED दोनों के बीच सबसे बैलेंस्ड विकल्प माना जा सकता है. क्या खरीदना चाहिए? करीब दो हफ्तों तक इस्तेमाल करने के बाद मेरा तजुर्बा कमोबेश पॉजिटिव ही रहा. Xiaomi S Mini LED TV उन लोगों के लिए बना है जो OLED पर लाखों रुपये खर्च नहीं करना चाहते, लेकिन शानदार पिक्चर क्वालिटी चाहते हैं. इसका डिजाइन प्रीमियम है. बिल्ड क्वॉलिटी शानदार है. Mini LED डिस्प्ले असल में फर्क दिखाता है. HDR कंटेंट देखने में मजा आता है. ऑडियो इतना अच्छा है कि ज्यादातर लोगों को अलग साउंडबार खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी. Google TV और PatchWall का कॉम्बिनेशन भी अच्छा एक्सपीरिएंस देता है. अगर आपके पास OLED टीवी खरीदने का बजट नहीं है, लेकिन ओलेड जैसा ही कुछ एक्स्पीरिएंस करना चाहते हैं तो आप इसे ट्राई कर सकते हैं. पहले इस साइज और क्वॉलिटी के स्मार्ट टीवी लाख रुपये से कम के नहीं आते थे. लेकिन ये 65 इंच का ये Mini LED टीवी मार्केट में 75 हजार के अंदर मिल सकता है. इस कीमत पर जो ये टीवी ऑफर कर रहा है उस हिसाब से इसे वैल्यू फॉर मनी भी कहें तो कोई बड़ी बात नहीं होगी. अगर आपका बजट टाइट नहीं है तो आपको OLED टीवी की तरफ जाना चाहिए. अगर बजट इससे भी कम है तो जाहिर है LED टीवी आपके लिए एक अच्छा ऑप्शन होगा.
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Aug 7, 2026, 01:15 PM
माफिया नेता के पैरोल पर भेजे गए बेटे छोटे भाई अबान के अंतिम संस्कार में शामिल हुए

माफिया नेता के पैरोल पर भेजे गए बेटे छोटे भाई अबान के अंतिम संस्कार में शामिल हुए

माफिया अतीक अहमद के जेल में बंद दोनों बेटे अली और उमर छोटे भाई अबान के जनाजे में शामिल होंगे। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार दोपहर साढ़े 3 बजे दोनों भाइयों को पैरोल दे दी। उमर लखनऊ और अली झांसी जेल में बंद है। कोर्ट का आदेश जेल पहुंचने के बाद दोनों को प्रयागराज पहुंचने में 6-7 घंटे लग सकते हैं। ऐसे में अबान को प्रयागराज में देर रात या कल सुपुर्द-ए-खाक किया जा सकता है। परिवार ने अबान के शव को डीप फ्रीजर में रख दिया है। इधर, भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने अबान की मौत पर कहा- इससे पहले, प्रयागराज पहुंचे डिप्टी सीएम केशव मौर्य से अबान की मौत पर पत्रकारों ने सवाल किया तो भड़क गए। बोले- मां शाइस्ता परवीन जनाजे में शामिल होगी या नहीं। सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं। वह 2023 से फरार है। पति अतीक और बेटे असद के जनाजे में भी शामिल नहीं हुई थी। अबान (21) को कसारी-मसारी के कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा। यहां उसकी कब्र खोद दी गई है। यहां उसके पिता अतीक, दादा फिरोज अहमद, चाचा अशरफ और भाई असद की भी कब्रें हैं। अबान की गुरुवार सुबह झांसी में सड़क हादसे में मौत हुई थी। वह चार दोस्तों के साथ क्रेटा कार से जेल में बंद भाई अली से मिलने प्रयागराज से जा रहा था। हाईवे पर जानवर को बचाने के चक्कर में कार डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में अबान और उसके दोस्त सोनू की मौत हो गई, जबकि तीन दोस्त घायल हो गए। अबान-सोनू के शव शुक्रवार तड़के 4 बजे एक ही एंबुलेंस से झांसी से प्रयागराज के हटवा गांव लाए गए। यहां अबान की बुआ का घर है। अतीक का घर टूटने के बाद अबान वही रहता था। अबान का शव लेने झांसी पहुंचे अहजम ने कहा था- 2023 में असद के एनकाउंटर के बाद अतीक के भाई अशरफ ने भी यही बात कही थी। भाई की मौत की खबर मिलने के बाद जेल में बंद अली रातभर सोया नहीं। वह रोता रहा और खाना भी नहीं खाया।
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Aug 7, 2026, 01:15 PM
जोधपुर में दो प्रसव मौतों के बाद मातृ मृत्यु दर की चिंता बढ़ी

जोधपुर में दो प्रसव मौतों के बाद मातृ मृत्यु दर की चिंता बढ़ी

जोधपुर में एक दिन में दो प्रसूताओं की मौत के बाद मातृ मृत्यु पर सवाल उठे हैं. एसएन मेडिकल कॉलेज ने कहा कि अधिकांश मरीज गंभीर हालत में रेफर होकर आते हैं, जिससे इलाज चुनौतीपूर्ण हो जाता है. राजस्थान के जोधपुर में गुरुवार को इलाज के दौरान दो प्रसूताओं की मौत होने से मातृ मृत्यु और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर फिर बहस छिड़ गई है. मृत महिलाओं में एक फलोदी और दूसरी नागौर की रहने वाली थीं. दोनों को गंभीर हालत में सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया था, लेकिन चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी. घटना के बाद एसएन मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने कहा कि अस्पताल में आने वाले अधिकांश मरीज पहले से ही बेहद गंभीर स्थिति में दूसरे अस्पतालों से रेफर होकर पहुंचते हैं, जिससे इलाज काफी चुनौतीपूर्ण हो जाता है. जानकारी के अनुसार, फलोदी निवासी महिला को हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के चलते उम्मेद अस्पताल में भर्ती कराया गया था. ऑपरेशन के जरिए उसने शिशु को जन्म दिया, लेकिन गुरुवार सुबह अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई. सांस लेने में दिक्कत होने पर उसे आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई. वहीं, नागौर निवासी सरोज को गर्भ में शिशु की मृत्यु और अत्यधिक रक्तस्राव की गंभीर स्थिति में एमडीएम अस्पताल लाया गया था. डॉक्टरों ने तत्काल इलाज शुरू किया, लेकिन उसकी भी जान नहीं बचाई जा सकी. एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बी.एस. जोधा ने बताया कि उम्मेद अस्पताल पश्चिमी राजस्थान का प्रमुख मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र है. यहां राजस्थान के करीब आठ जिलों और लगभग 80 निजी अस्पतालों से गंभीर मरीज रेफर होकर आते हैं. उन्होंने कहा कि कई मामलों में मरीजों की स्थिति पहले से ही बेहद नाजुक होती है, जिसके कारण इलाज के बावजूद उन्हें बचाना मुश्किल हो जाता है. डॉ. जोधा के अनुसार, मातृ मृत्यु के प्रमुख कारणों में अत्यधिक रक्तस्राव, हाई ब्लड प्रेशर और संक्रमण शामिल हैं. उन्होंने बताया कि एसएन मेडिकल कॉलेज से जुड़े उम्मेद और जनाना अस्पतालों में हर वर्ष लगभग 32 से 33 हजार प्रसव होते हैं. जनवरी से जुलाई 2026 के बीच 10 से 12 मातृ मृत्यु के मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें अधिकांश मरीज गंभीर हालत में रेफर होकर पहुंचे थे. मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बताया कि 1 से 15 अगस्त तक हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं की पहचान, निगरानी और फॉलोअप के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है. साथ ही गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों से अपील की गई है कि किसी भी स्वास्थ्य समस्या को नजरअंदाज न करें और समय पर अस्पताल पहुंचें. उन्होंने निजी अस्पतालों से भी गंभीर मरीजों को समय रहते रेफर करने का आग्रह किया, ताकि मातृ मृत्यु दर को और कम किया जा सके.
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Aug 7, 2026, 01:14 PM
टाइफून डॉल्फिन जापान के ओकिनावा और कागोशिमा प्रांतों में तेज हवाएं और भारी बारिश लाता है

टाइफून डॉल्फिन जापान के ओकिनावा और कागोशिमा प्रांतों में तेज हवाएं और भारी बारिश लाता है

जापान में तूफान डॉल्फिन ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. शुक्रवार को यह तूफान दक्षिण-पश्चिम जापान के ओकिनावा इलाके से टकराया. इसकी वजह से तेज हवाएं चल रही हैं. लगातार भारी बारिश हो रही है. समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं. जापान के मौसम विभाग (JMA) ने ओकिनावा और कागोशिमा प्रांत के करीब 2.6 लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने का आदेश दिया है. खराब मौसम की वजह से 500 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी गई हैं. मौसम विभाग के मुताबिक, तूफान के साथ 144 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से लगातार हवाएं चल रही हैं. वहीं हवा के तेज झोंके 198 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच रहे हैं. विभाग का कहना है कि अगले कुछ घंटों में यह तूफान और मजबूत हो सकता है. इसलिए लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है. इस समय सबसे ज्यादा असर ओकिनावा और अमामी द्वीपों में दिख रहा है. यहां तेज हवा और भारी बारिश जारी है. समुद्र भी बहुत उफान पर है. मियाको और याएयामा द्वीपों में शनिवार को मौसम और ज्यादा खराब हो सकता है. मौसम विभाग का कहना है कि पूर्वी चीन सागर में पहुंचने के बाद तूफान फिर ताकत पकड़ सकता है. तब इसकी हवा की रफ्तार 170 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंके 205 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं. मौसम विभाग ने ओकिनावा, अमामी और दक्षिणी क्यूशू में बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है. अगले दो दिनों में कई इलाकों में 100 से 250 मिलीमीटर तक बारिश हो सकती है. कुछ जगहों पर 350 मिलीमीटर से भी ज्यादा बारिश होने का अनुमान है. इससे नदियों का पानी तेजी से बढ़ सकता है. कई जगह बाढ़, जलभराव और पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड का खतरा भी है. मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि कुछ इलाकों में लीनियर रेन बैंड बन सकता है. इसका मतलब है कि एक ही जगह पर लंबे समय तक बहुत तेज बारिश हो सकती है. इससे अचानक बाढ़ आने का खतरा बढ़ जाता है. तूफान का असर हवाई सेवाओं और उद्योगों पर भी पड़ा है. 500 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी गई हैं. वहीं टोयोटा ने एहतियात के तौर पर अपने 9 कारखानों में काम रोक दिया है. लोगों से कहा गया है कि बहुत जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलें और मौसम विभाग की सलाह मानें. तूफान का असर कुमामोटो प्रांत तक भी पहुंच रहा है. पिछले हफ्ते यहां 7.1 तीव्रता का भूकंप आया था. कई घर गिर गए थे और अब भी करीब 6,700 लोग राहत केंद्रों में रह रहे हैं. ऐसे में तेज बारिश और तूफान उनकी परेशानी और बढ़ा सकते हैं. मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में 36 डिग्री सेल्सियस तक तापमान रहने की भी चेतावनी दी है. इसलिए लोगों को गर्मी और लू से भी बचने की सलाह दी गई है. फिलहाल पूरे दक्षिण-पश्चिम जापान में प्रशासन अलर्ट पर है. मौसम विभाग लगातार तूफान डॉल्फिन पर नजर रखे हुए है. लोगों से अपील की गई है कि वे समुद्र के किनारे न जाएं, बिना जरूरत यात्रा न करें और सिर्फ सरकारी मौसम अपडेट पर ही भरोसा करें.
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Aug 7, 2026, 01:12 PM
पुणे के हिंजवाड़ी इलाके में प्रेम त्रिकोण जानलेवा हो गयाः कैमरे में कैद हुई हत्या

पुणे के हिंजवाड़ी इलाके में प्रेम त्रिकोण जानलेवा हो गयाः कैमरे में कैद हुई हत्या

महाराष्ट्र में पुणे के हिंजवड़ी इलाके में लव ट्राएंगल का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां रिश्तों में उपजे विवाद ने खूनी रूप ले लिया. एक पीजी (पेइंग गेस्ट) में रहने वाले युवक की लोहे की रॉड से बेरहमी से हत्या कर दी गई, जबकि बीच-बचाव करने आई युवती पर भी जानलेवा हमला किया गया. पूरी घटना पीजी में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. जानकारी के मुताबिक, हिंजवड़ी स्थित सात मंजिला पीजी में सागर गायकवाड़ पिछले चार दिनों से मैनेजर के तौर पर काम कर रहा था. बुधवार रात निकिता शिवाजी दनाने वहां रहने आई थी और उसने पीजी संचालक को सागर को अपना प्रेमी बताया था. अगले दिन दोपहर दिनेश महादेव झांबरे पीजी पहुंचा और सागर से मिलने की बात कहकर तीसरी मंजिल पर पहुंच गया. कुछ ही देर बाद तीसरी मंजिल से चीख-पुकार सुनाई दी. जब कर्मचारी मौके पर पहुंचे तो सागर खून से लथपथ जमीन पर पड़ा था और दिनेश लोहे की रॉड से लगातार उस पर हमला कर रहा था. शुरुआती जांच के अनुसार आरोपी ने सागर पर 13 से 14 बार वार किए. इसके बाद उसने निकिता पर भी हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया. सागर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि निकिता अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही है. पुलिस जांच में सामने आया कि दिनेश और निकिता स्कूल के समय से एक-दूसरे को जानते थे और दोनों के बीच प्रेम संबंध थे. बाद में दोनों बीसीए की पढ़ाई के लिए पुणे आए. इसी दौरान निकिता और सागर के बीच नजदीकियां बढ़ गईं. पुलिस का मानना है कि इसी बात से नाराज होकर दिनेश ने हमले की साजिश रची. पूरी वारदात पीजी में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जिसे पुलिस जांच का सबसे अहम साक्ष्य मान रही है. आरोपी दिनेश महादेव झांबरे को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है. पुलिस हमले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है. यह घटना एक बार फिर रिश्तों में बढ़ती हिंसा और गुस्से के खतरनाक अंजाम की ओर इशारा करती है. सूरज ओझा 2021 से एबीपी न्यूज से जुड़े हैं. अंडरवर्ल्ड, साइबर जगत से जुड़े मामलों और केंद्रीय एजेंसियों द्वारा जांच किए जाने वाले संवेदनशील केसों पर बारीकी से नजर रखते हैं. लॉरेंस बिश्नोई गैंग, आतंकी संगठन आईएसआईएस, जैश-ए-मोहम्मद और अन्य आतंकवादी संगठनों से जुड़ी खबरें भी कवर करते रहे हैं. पत्रकारिता करियर के दौरान तीन क्षेत्रीय न्यूज़ चैनलों और दो राष्ट्रीय न्यूज़ चैनलों में काम किया है. इसके अलावा टैब्लॉयड और ब्रॉडशीट अख़बारों में भी काम करने का अनुभव रहा है.
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Aug 7, 2026, 01:11 PM
वैश्विक संकट के बीच भारत का युरिया सब्सिडी बिल दोगुना हुआ

वैश्विक संकट के बीच भारत का युरिया सब्सिडी बिल दोगुना हुआ

देश में किसानों को सस्ती दरों पर खाद उपलब्ध कराने की सरकारी मुहिम पर दुनिया भर में चल रहे संकट का भारी दबाव पड़ रहा है. वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत का इंपोर्टेड यूरिया सब्सिडी बिल दोगुने से भी ज्यादा बढ़ गया है. महज एक साल में इंपोर्टेड यूरिया सब्सिडी में 128.4% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. कृषि विशेषज्ञ विजय सरदाना ने इस भारी उछाल की वजह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी और अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते पैदा हुए हालात को बताया है. उर्वरक विभाग के एक RTI जवाब के मुताबित, केंद्र सरकार ने 2025-26 में इंपोर्टेड यूरिया की सब्सिडी के तौर पर 47,956.24 करोड़ रुपये जारी किए. जबकि 2024-25 में ये आंकड़ा 21,000 करोड़ रुपये था. भारत में किसान 45 किलोग्राम यूरिया की बोरी के लिए एक तय और सस्ती कीमत चुकाते हैं. असल लागत और किसानों की ओर से दी जाने वाली कीमत के बीच के अंतर की भरपाई सरकार सब्सिडी के रूप में उर्वरक कंपनियों को करती है. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में यूरिया महंगा होने का सीधा बोझ किसानों पर नहीं पड़ता, बल्कि सरकार का बजट बढ़ जाता है. आरटीआई के आंकड़ों से पता चला है कि जहां एक तरफ विदेशी यूरिया पर खर्च बढ़ा है, वहीं स्वदेशी यूरिया की सब्सिडी में गिरावट आई है. स्वदेशी यूरिया सब्सिडी 2024-25 के 1,03,319.50 करोड़ रुपए से घटकर 2025-26 में 94,219.50 करोड़ रुपए रह गई (8.8% की कमी)है. हालांकि, कुल यूरिया सब्सिडी (देशभरी + इंपोर्टेड) 2024-25 के 1,24,319.50 करोड़ रुपए से बढ़कर 2025-26 में 1,42,175.74 करोड़ रुपए (14.4% की बढ़ोतरी) पर पहुंच गई. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उर्वरक का कारोबार अमेरिकी डॉलर में होता है. डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होने से भारत को समान मात्रा में यूरिया आयात करने के लिए ज्यादा रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं. चालू वित्त वर्ष 2026-27 के रुझान भी चिंता बढ़ाने वाले हैं. 23 जुलाई 2026 तक सरकार इंपोर्टेड यूरिया सब्सिडी के तौर पर 27,722.45 करोड़ जारी कर चुकी है, जबकि स्वदेशी यूरिया के लिए 32,746.51 करोड़ दिए गए हैं. हालांकि, आरटीआई जवाब में विभाग ने बताया कि संशोधित अनुमान अभी तैयार नहीं हुए हैं. फिलहाल किसानों के लिए यूरिया की कीमतें स्थिर हैं, लेकिन डॉलर की मजबूती और वैश्विक युद्ध के कारण सरकारी खजाने पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है.
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