Achira News Logo
Achira News
A
ABP News
Sep 21, 2026, 05:40 PM
अमेरिकी मीडिया संगठनों ने व्हाइट हाउस प्रेस प्रतिबंध को लेकर ट्रम्प प्रशासन पर मुकदमा दायर किया

अमेरिकी मीडिया संगठनों ने व्हाइट हाउस प्रेस प्रतिबंध को लेकर ट्रम्प प्रशासन पर मुकदमा दायर किया

अमेरिका के तीन मीडिया संस्थानों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी प्रशासन के कई टॉप अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दायर किया है. संस्थानों का आरोप है कि अधिकारियों ने इन तीनों संस्थानों के पत्रकारों के व्हाइट हाउस में घुसने पर रोक लगाकर नजरिए के आधार पर भेदभाव किया है, जो अमेरिकी संविधान के पहले संशोधन का सीधा उल्लंघन है. तीनों मीडिया संस्थानों ने सोमवार (21 सितंबर, 2026) को वाशिंगटन डीसी की एक फेडरल कोर्ट के जज से व्हाइट हाउस के प्रतिबंध पर तुरंत रोक लगाने और प्रभावित पत्रकारों के प्रेस क्रेडेंशियल और व्हाइट हाउस में एक्सेस को फिर से बहाल करने की मांग की. दरअसल, तीनों संस्थानों के पत्रकारों ने शनिवार (19 सितंबर, 2026) को व्हाइट हाउस में घुसने की कोशिश की थी, लेकिन वहां उनके प्रेस बैज जब्त कर लिए गए थे. मुकदमे में कहा गया, ‘अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने CNN, MS NOW और POLITICO और इन समाचार संस्थानों के लिए खबरें कवर करने वाले इंडिविजुअल रिपोर्टरों पर बैन लगा दिया, जो प्रथम संशोधन और ड्यू प्रोसेस क्लॉज की सबसे बेसिक गारंटियों की अनदेखी है.’ इसमें आरोप लगाया गया कि बैन लगाने का मकसद इन संस्थानों की पिछली खबरों के लिए उन्हें सजा देना था, क्योंकि राष्ट्रपति ट्रंप ने उन खबरों को नेगेटिव माना और भविष्य में उनके और उनके प्रशासन की नीतियों और कार्रवाइयों से जुड़ी रिपोर्टिंग को प्रभावित करना चाहा. इसके अलावा, शिकायत में यह भी कहा गया कि यह बैन प्रथम संशोधन पर सीधा हमला और अमेरिकी संविधान के मूल सिद्धांत का स्पष्ट उल्लंघन है. MS NOW, CNN और Politico की तरफ से दर्ज किया गया यह केस शुक्रवार (18 सितंबर, 2026) को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस घोषणा के बाद की गई पहली औपचारिक कानूनी कार्रवाई है, जिसमें उन्होंने तीनों समाचार संस्थानों को व्हाइट हाउस से बैन करने की बात कही थी. ट्रंप ने इसके लिए ऐसी खबरों का हवाला दिया था, जिन्हें वह अपने लिए गलत मानते हैं. यह विवाद अमेरिका के ट्रंप प्रशासन और न्यूज मीडिया के बीच चल रहे व्यापक टकराव को और बढ़ाता है. इस मामले में तीनों न्यूज संस्थानों ने सोमवार (21 सितंबर, 2026) को संयुक्त बयान जारी कर किए गए मुकदमे की घोषणा की. बयान में कहा गया, ‘आज सुबह में हमने सरकार को सूचित किया है कि हम अपने प्रथम संशोधन के तहत मिले अधिकारों की रक्षा और इस सिद्धांत को बरकरार रखने के लिए मुकदमा दाखिल कर रहे हैं कि सरकार यह तय नहीं करती है कि प्रेस क्या रिपोर्ट करेगा या अखबार में छापेगा.’ संस्थानों ने आगे कहा, ‘बिना किसी पूर्व सूचना या किसी भी सही प्रक्रिया के व्हाइट हाउस ने उनकी रिपोर्टिंग पर आपत्ति जताते हुए उनके रिपोर्टरों के क्रेडेंशियल कैंसिल कर दिए. अगर इसे चुनौती नहीं दी गई तो इससे प्रेस की आजादी और सरकारी हस्तक्षेप से मुक्त स्वतंत्र पत्रकारिता के जनता के अधिकार को खतरा हो सकता है.’ पिछले करीब पांच सालों से भारतीय मीडिया का हिस्सा हैं. अक्टूबर, 2024 से एबीपी न्यूज नेटवर्क में बतौर हिंदी कंसल्टेंट राइटर के तौर पर भूमिका निभा रहे हैं. प्रिंट मीडिया के साथ अपने पत्रकारिता सफर की शुरुआत की है और आज डिजिटल मीडिया में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय डेस्क पर लेखन कार्य कर रहे हैं. साल 2020 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के नोएडा कैंपस से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री हासिल की. क्षेत्रीय से लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति, चुनाव और सामाजिक विषयों पर खबरें लिखते रहे हैं. तथ्यों की गहराई और भाषा की संवेदनशीलता पर हमेशा बेहतर करने की कोशिश है. स्केचिंग, पेटिंग, फिल्में देखना, शायरी-कविताएं लिखना और घूमना बहुत ज्यादा पसंद है.
64 shares
😢
A
Aaj Tak
Sep 21, 2026, 05:39 PM
बेशर्म कृत्यः महाराष्ट्र के वाशिम में गणेश जी की मूर्ति के पास अश्लील वीडियो लिंक साझा किए गए

बेशर्म कृत्यः महाराष्ट्र के वाशिम में गणेश जी की मूर्ति के पास अश्लील वीडियो लिंक साझा किए गए

महाराष्ट्र के वाशिम से एक बेहद शर्मनाक घटना सामने आई है. यहां 3 युवकों ने बेशर्मी की सारी हदें पार करते हुए गणेशजी की मूर्ति के पैरों के पास अश्लील वीडियो का QR code स्कैनर चिपका दिया. वाशिम शहर के काले फाइल नामक इलाके के जय भवानी गणेश उत्सव मंडल ने गणेशजी की मूर्ति की स्थापना एक बड़े पंडाल में की थी, 18 सितंबर को मंडल के कुछ सदस्यों को मूर्ति के पैरों के पास QR कोड स्कैनर लगा दिखाई दिया, सदस्यों ने उसे स्कैन किया तो उनके होश उड़ गए, स्कैन करने के बाद टेलीग्राम का एक ग्रुप खुला और उसमे porn वीडियो की लिंक दिखाई दी. मंडल के वरिष्ठ सदस्यों को इसकी जानकारी दी गई, उन्होंने भी कोड को स्कैन किया तो अश्लील वीडियो की लिंक सामने आई, तुरंत मंडल के कुछ सदस्य वाशिम शहर पुलिस स्टेशन पहुंचे और थानेदार को मामले से अवगत कराया, पुलिस के अधिकारी अपने टीम के साथ घटना स्थल पहुंचे. मामला गंभीर था, परिसर मे लगे CCTV खंगाले गए. गणेशजी के पंडाल के पास लगे CCTV में दिखाई दिया कि 17 सितंबर की रात 11 बजे के करीब 2 बाइक सवार 3 युवक पंडाल आए थे. उसमें से एक युवक गणेशजी की मूर्ति के पास बैठता दिखा और वही स्कैनर चिपका देता है. कुछ ही समय के बाद दूसरा युवक उसे देखने पंडाल के पास आता है, इसके बाद दोनों युवक बड़े आराम से वहां से चले जाते हैं. मंडल के अध्यक्ष ने पुलिस स्टेशन में अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है. मामले की जानकारी जिले के एसपी निकेश खाटमोडे को दी गई, उनके मार्गदर्शन मे आगे की जांच करते हुए परिसर के अन्य CCTV खंगाले गए, और पुलिस को वह 3 युवक मिल गए. आरोपियों की पहचान तन्मय मुधाल, युगंदर अफूने और सुबोध के रूप में हुई है. तीनों की उम्र 19 से 20 वर्ष की है. पुलिस ने तीनों को हिरासत मे लिया और पूछताछ की, तो उन्होंने जुर्म कुबूल किया. पुलिस उपविभागीय अधिकारी (SDPO) रामेश्वर पवार ने बताया की, आरोपियों का QR कोड स्कैनर लगाने के पीछे का कारण पैसे कमाना था, जो कोई भी स्कैनर को स्कैन करता वह सीधे टेलीग्राम ग्रुप मे ऐड होता और उसमे गंदी वीडियो शुरू हो जाती, स्कैन करने के बाद आरोपियों को 10 से 15 रुपये मिलते, इन आरोपियों ने शहर मे ही स्थित एक हनुमान मंदिर और कॉलेज के बाहर भी ऐसे ही स्कैनर लगाए होने की बात भी पुलिस को बताई है. वाशिम शहर पुलिस ने तीनों आरोपियों पर मामला दर्ज कर उन्हे कोर्ट मे पेश किया जहाँ कोर्ट ने तीनो आरोपियों को आज शाम तक PCR दिया है.
50 shares
😐
A
ABP News
Sep 21, 2026, 05:37 PM
रीति तिवारी ने बिग बॉस 20 में माता-पिता के तलाक के बारे में खुलकर बात की

रीति तिवारी ने बिग बॉस 20 में माता-पिता के तलाक के बारे में खुलकर बात की

'बिग बॉस 20' के सोमवार के एपिसोड में जबरदस्त धमाका देखने के लिए मिला. मनोज तिवारी ने कभी अपनी पहली पत्नी रानी तिवारी के साथ तलाक को लेकर बात नहीं की लेकिन हाल के एपिसोड में रीति ने माता-पिता के तलाक और उन पर पड़ने वाले असर के बारे में बात की. उन्होंने बताया कि कैसे वो 18 साल की उम्र के बाद पापा के करीब आ पाईं. वहीं, शो में यंग डीएसए और ईशा रिखी इस हफ्ते के लिए नॉमिनेट भी हो गए. चलिए बताते हैं क्या क्या हुआ. मनोज तिवारी की बेटी रीति तिवारी ने मनोज तिवारी और मां रानी तिवारी के तलाक को लेकर भी खुलासा किया है. वो स्काउट यानी कि तन्मय और यंग के साथ गार्डन एरिया में माता-पिता के तलाक पर डिस्कशन करते हुए नजर आईं. रीति बताती हैं, 'जब मेरे मम्मी पापा का डिवोर्स हुआ तो पापा वहां से चले आए. वो शायद फोन करते थे तो मुझसे बात नहीं हो पाती थी क्योंकि मेरे मम्मी-पापा का बहुत झगड़ा चलता था उस समय. मैं उनसे एक साल में एक बार मिलती थी.' रीति तिवारी ने बताया कि उन्होंने पापा से मिलने के लिए खुद फैसला किया. वो बताती हैं, 'जब मैं 18 साल की हुई तो मैंने खुद से फैसला किया कि मुझे मेरे पापा के साथ टाइम स्पेंड करना है. मुझे जानना है कि वो कैसे इंसान हैं. तब तक ना बहुत सी चीजें बहुत लेट हो जाती हैं. उनकी जो चीजें हैं कमाई हुई, धन दौलत, नाम शोहरत, अवसर वो सब मेरे तहत नहीं आया. मेरे तहत आया उनका नाम, जो मैं जिस रूम में जाती हूं रिस्पेक्ट दे देता है.' रीति तिवारी ने आगे पापा के सपोर्ट को लेकर खुलासा किया और कहती हैं, 'मनोज तिवारी की बेटी हूं रिस्पेक्ट कैरी करती हूं और उन्होंने मुझे एक और चीज बहुत अर्ली बोल दी थी कि वो मेरे करियर में मेरी कोई हेल्प नहीं करने वाले हैं, किसी गलत तरीके से नहीं बल्कि कहा कि तुममें अगर हुनर होगा तो तुम खुद से कर लोगी. तुमको करके नहीं दूंगा. इतने पैसे देंगे कि जाकर बाहर सीख पाऊं क्योंकि पापा कुछ भी नहीं देते कि जो मांगू ऐसे नहीं देते.' रीति आगे महीने की मिलने वाली पॉकेट मनी को लेकर बताती हैं, 'मंथली अलाउंस मिलता है, 20-25 हजार. तुझको लगता है कि किसी इंसान का 20-25 हजार में महीना निकल सकता है. मैं कभी-कभी दिन में 10 रुपये का वड़ा पाव खा लेती हूं दो बार ताकी बेट भर जाए. 500 रुपये का डीजल भरवाती हूं. सबको ऐसे लगता है कि मैं मुंह में चांदी के चम्मच लेकर पैदा हुई हूं. लेकिन मैं आम इंसान हूं. ये काफी मुश्किल है.' इसके साथ ही मैरी कॉम ने अपनी लाइफ की अचीवमेंट को लेकर भी बात की. सोमवार को एपिसोड में उन्होंने आसिफ खान से बातचीत में खुलासा किया कि उन्होंने 17 साल की उम्र में अपना सफर शुरू कर लिया था. मैरी कॉम बॉक्सिंग के शौक को लेकर बताती हैं, 'मैंने मोहम्मद अली का फाइट देखा था. इसे देखने के बाद बॉक्सिंग करने का मन हुआ. ' वो आगे अपने पहले मैच के बारे में बताते हुए कहती हैं, 'मैंने बॉक्सिंग की शुरुआत 17 साल की उम्र में की थी. पहली बार स्टेट चैंपियनशिप में फाइट की थी और जीत हासिल की थी. एक साल में ही मैंने स्टेट और नेशनल जीता था. इसके बाद 18 साल की उम्र में वर्ल्ड चैंपियन जीत लिया था.' इसे जानने के बाद आसिफ शॉक्ड रह गए. इतना ही नहीं, 'बिग बॉस 20' में एक और दिलचस्प टास्क हुआ, जिसमें ईशा रिखी और यंग डीएसए इस हफ्ते के लिए नॉमिनेट हो गए. दरअसल, राशन से तड़प रहे घरवालों को एक टास्क दिया था, जिसमें घरवालों को 2x कमरे में जाकर उन कंटेस्टेंट्स को वोट करना था, जिसे उन्हें नॉमिनेशन से बचाना था, इस दौरान सभी ने एक-दूसरे को वोट किया लेकिन ईशा रिखी और यंग डीएसए को किसी ने भी वोट नहीं किया, जिसकी वजह से शो में दोनों ही कंटेस्टेंट्स इस हफ्ते के लिए नॉमिनेट हो गए. वहीं, घर में एक टास्क किया गया, जिसमें 20 नंबर कमरे में लग्जरी राशन की टोकरी रखी थी. इस कमरे में जो भी कंटेस्टेंट पहले एंट्री करता उसे घर एक सदस्य, जिसकी दोनों लाइफ बची थीं उसे एक लाइफ खत्म करनी थी. इसमें अमन गांधी ने रूम में एंट्री मारी और उन्होंने यंग की एक लाइफ को खत्म कर दिया. राहुल यादव ABP Network में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और एंटरटेनमेंट डेस्क के लिए खबरें लिखते हैं. उन्हें डिजिटल मीडिया और मनोरंजन पत्रकारिता में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है. राहुल की भोजपुरी सिनेमा और बॉलीवुड कवरेज में विशेष पकड़ मानी जाती है. उन्होंने राजस्थान पत्रिका, दैनिक भास्कर, जनसत्ता और News18 हिंदी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया है. राहुल ने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से जनसंचार में स्नातकोत्तर (MA in Mass Communication) और University of Delhi से राजनीतिक विज्ञान में स्नातक (BA) किया है.
53 shares
😐
A
ABP News
Sep 21, 2026, 05:32 PM
मध्य प्रदेश ने चीता संरक्षण प्रयासों में ऐतिहासिक क्षण देखा

मध्य प्रदेश ने चीता संरक्षण प्रयासों में ऐतिहासिक क्षण देखा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 20 सितंबर को बोत्सवाना से लाई गई मादा चीता सीसीबी-2 को नीमच जिले की गांधी सागर वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी में छोड़ा. इसके साथ ही अब यहां चीतों की संख्या 4 हो गई है. इनमें 2 नर और 2 मादा चीते शामिल हैं. अब यहां चीतों के परिवार में विस्तार की संभावना है. उन्होंने इसके लिए वन विभाग और प्रदेशवासियों को बधाई भी दी. उन्होंने मध्यप्रदेश के ईको सिस्टम को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया. सीसीबी-2 को सैंक्चुरी में छोड़ने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश सरकार चीता संरक्षण की दिशा में निरंतर प्रभावी प्रयास कर रही है. यह केवल मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि एशिया का भी एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक प्रोजेक्ट है. उन्होंने कहा कि एक समय एशिया से चीते विलुप्त हो गए थे और मध्यप्रदेश में भी इनकी उपस्थिति समाप्त हो गई थी. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि मध्यप्रदेश की धरती पर एक बार फिर चीते स्वच्छंद विचरण कर रहे हैं. वर्तमान में प्रदेश में 56 चीते और उनके शावक मौजूद हैं. चीता संरक्षण की यह उपलब्धि हमारे वन्यजीवों के प्रति "जियो और जीने दो" की भावना को दर्शाती है. उन्होंने कहा कि यह हमारे वन विभाग की महत्वपूर्ण उपलब्धि भी है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस उल्लेखनीय कार्य के लिए मैं वन विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देता हूं. वनांचल और वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश का समृद्ध इतिहास रहा है. आज पुनः चीते की मौजूदगी हमारे प्राकृतिक वैभव और जैव-विविधता के संरक्षण के प्रति प्रदेश की प्रतिबद्धता को दर्शाती है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मुझे इस बात का संतोष है कि पिछले साल छोड़े गए पावक, प्रभास स्वस्थ हैं. दो दिन पहले ही 4 नए मेहमान हमारे यहां आए हैं. यह 100 साल बाद चीता के जीवन-चक्र को स्थापित करने वाला प्रोजेक्ट है. हमारे विलुप्त प्राणी दोबारा हमारे बीच आ रहे हैं. हमारे यहां जंगली भैंसे भी असम से लाए गए हैं. यह हमारे राज्य सरकार की प्रतिबद्धता है. चीता मानव जीवन का सबसे नजदीक का साथी है. इससे रोजगार भी बढ़ा है. स्थानीय लोगों का जीवन बदला है. हमने जब प्रोजेक्ट शुरू किया था, तब स्थानीय ग्रामीण लोगों को कुछ संशय था. लेकिन, फिर स्थितियां ठीक हो गईं. वाइल्डलाइफ सबके सकारात्मक सहयोग से ही चलती है.
19 shares
😊
Aaj Tak logo
Aaj Tak
Sep 21, 2026, 05:29 PM
नेताओं ने बिहार में नाबालिग छात्र पर हमले की निंदा की, भाजपा पर राजनीतिक दोहरेपन का आरोप लगाया

नेताओं ने बिहार में नाबालिग छात्र पर हमले की निंदा की, भाजपा पर राजनीतिक दोहरेपन का आरोप लगाया

बिहार के जमुई में नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ कथित मारपीट और छात्रा से छेड़खानी का वीडियो वायरल होने के बाद मामला गरमा गया है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, ममता बनर्जी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने घटना की निंदा करते हुए बिहार सरकार और बीजेपी पर निशाना साधा है. राहुल गांधी ने आरोपियों के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की है. ममता बनर्जी ने घटना पर नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा कि बिहार का वीडियो दिल दहला देने वाला और चौंकाने वाला है. 'मॉरल पुलिसिंग' के नाम पर कानून हाथ में लेने वालों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि किसी समाज में भीड़ को यह तय करने की इजाजत नहीं दी जा सकती कि किसे सम्मान, आजादी या सजा मिलनी चाहिए. ममता ने पीड़ित नाबालिगों से माफी मांगते हुए कहा कि एक देश के तौर पर हम उन्हें सुरक्षित रखने और उनके भरोसे की रक्षा करने में नाकाम रहे. उन्होंने बीजेपी पर राजनीतिक दोहरेपन का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी के नेता विपक्ष शासित राज्यों में न्याय की मांग करते हैं, लेकिन सत्ता वाले राज्यों में तस्वीर अलग होती है. The video from Bihar is gut-wrenching. Shocking. And honestly, it makes me very, very angry. Those who took the law into their own hands in the name of “moral policing” must be held accountable by the police and the law. No society can allow mobs to decide who deserves dignity,… राहुल गांधी ने X पर पोस्ट कर कहा कि बिहार के जमुई का वीडियो बेहद परेशान करने वाला है. उन्होंने कहा कि 10वीं कक्षा के एक छात्र और छात्रा को रास्ते में जबरन रोका गया, उन्हें प्रताड़ित और अपमानित किया गया और छात्रा के साथ उत्पीड़न किया गया. उन्होंने सवाल किया कि आरोपियों को ऐसा करने का अधिकार किसने दिया? यह भी पढ़िएः जमुई में छेड़छाड़ के आरोपियों पर लगेगा POCSO एक्ट, 32 सोशल मीडिया अकाउंट पर एक्शन राहुल गांधी ने घटना को 'संस्कृति' के बजाय 'पितृसत्ता' से जोड़ते हुए कहा कि यह ऐसी सोच है, जिसमें पुरुष किसी लड़की के शरीर, उसके आने-जाने और उसकी पसंद पर नियंत्रण को अपना अधिकार समझते हैं. उन्होंने कहा कि वीडियो में दिखाई दे रहे हर व्यक्ति की पहचान कर POCSO के तहत मुकदमा चलाया जाना चाहिए और जल्द न्याय सुनिश्चित होना चाहिए. राहुल ने बिहार सरकार से यह भी पूछा कि शाम 7 बजे कोई लड़की राज्य की सड़कों पर सुरक्षित क्यों नहीं है. The video from Jamui, Bihar is deeply disturbing. Two Class 10 students were stopped on a road. Harassed. Humiliated. Molested. A young girl, hands folded, begged to be let go while goons groped her and dragged her away. Who gave these men the right to behave like this? This is… कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी जमुई की घटना को लेकर बीजेपी को घेरा. उन्होंने जमुई की घटना के साथ दिल्ली में 17 वर्षीय लड़की से गैंगरेप और हत्या के मामले का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं बीजेपी के 'नारी शक्ति वंदन' और 'बेटी बचाओ' जैसे नारों पर सवाल खड़े करती हैं. खड़गे ने दोषियों को कड़ी सजा और राज्य सरकारों की जवाबदेही तय करने की मांग की. जमुई पुलिस के मुताबिक, घटना 19 सितंबर की शाम हुई थी. मामले में तीन आरोपियों को पकड़ा गया है और अन्य की तलाश की जा रही है. जांच के लिए SIT गठित की गई है. वहीं, इस मामले में वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है. मामले में अब तक तीन नाबालिगों को पकड़ा गया है और जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है. इसके साथ ही घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करने वाले 32 अकाउंट्स के खिलाफ भी टेकडाउन की कार्रवाई शुरू की गई है. बिहार पुलिस की एडीजी लॉ एंड ऑर्डर केएस अनुपम ने मामले में अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि घटना में शामिल तीन नाबालिगों को पकड़ा गया है. इनमें से दो की उम्र 17 से 18 साल के बीच बताई जा रही है. पुलिस के सामने अभी 7 से 8 युवकों के नाम आए हैं और घटना में उनकी भूमिका की जांच की जा रही है. एडीजी के मुताबिक, मामले में संबंधित थाने में BNSS की धारा 128, 74 और 75 के साथ POCSO एक्ट की धारा 8 और 12 के तहत केस दर्ज किया गया है. जांच के लिए SIT बनाई गई है और जमुई SDPO के नेतृत्व में इसकी निगरानी की जा रही है. घटना में शामिल पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है. पुलिस ने वायरल वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की है. एडीजी केएस अनुपम ने बताया कि अब तक 13 फेसबुक, 12 इंस्टाग्राम और 7 X अकाउंट्स को चिह्नित कर उनके खिलाफ टेकडाउन की कार्रवाई की गई है. उन्होंने कहा कि किसी नाबालिग पीड़ित की पहचान या चेहरा उजागर करते हुए वीडियो प्रसारित करना कानूनन अपराध है. ऐसा करने वालों के खिलाफ POCSO एक्ट और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 74 के तहत कार्रवाई की जाएगी. एडीजी के मुताबिक, घटना जमुई-लखीसराय मुख्य मार्ग से करीब तीन किलोमीटर दूर एक पहाड़ी इलाके में हुई थी. घटना का समय शाम करीब 6:25 से 6:30 बजे के बीच बताया गया है. पुलिस अब यह भी जांच करेगी कि घटना वाले इलाके में पेट्रोलिंग की क्या व्यवस्था थी. पुलिस का कहना है कि जांच में जिन लोगों की भी भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी. घटना 19 सितंबर की शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच की बताई जा रही है. वायरल वीडियो में कुछ लोग सड़क पर बाइक सवार नाबालिग लड़के और लड़की को रोकते दिखाई दे रहे हैं. वीडियो सामने आने के बाद मामले को लेकर जमुई पुलिस सक्रिय हुई. जमुई के एसपी ने वायरल वीडियो और घटना की पुष्टि की है. पुलिस के मुताबिक दोनों पीड़ित नाबालिग हैं. पुलिस ने उनसे बातचीत कर घटना के संबंध में जानकारी ली है. उनके बयान के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है. जमुई कांड को लेकर जेडीयू की भी प्रतिक्रिया आई है. जेडीयू प्रवक्ता नवल शर्मा ने कहा कि बिहार में सम्राट चौधरी की सरकार है. यहां मॉब जस्टिस नहीं चल सकता. जिन लोगों ने ऐसा काम किया है, उनके ऊपर पुलिस एक्शन लेगी. वहीं बीजेपी प्रवक्ता कुंतल कृष्ण ने कहा कि यह घटना शर्मनाक है. इसके दोषियों की पहचान पुलिस कर रही है. जो भी दोषी होंगे उनपर एक्शन होगा.
29 shares
😢
A
ABP News
Sep 21, 2026, 05:28 PM
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के इस्तीफे की मांग

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के इस्तीफे की मांग

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के इस्तीफे की मांग शुरू हो गई है. 19 सितंबर को जमुई जिले में जिस तरह से एक नाबालिग लड़की के साथ घटना हुई उसको लेकर पूरा विपक्ष एनडीए सरकार पर हमलावर है. सम्राट चौधरी के एक पुराने बयान को लेकर अब विपक्ष के नेता उनसे इस घटना पर इस्तीफा देने की मांग करने लगे हैं. दरअसल कुछ महीने पहले एक न्यूज़ चैनल के कार्यक्रम में सम्राट चौधरी ने कहा था कि आज अगर आपका दुश्मन नहीं है तो रात के 12 बजे खाना खाने के बाद घूमकर आइए, किसी ने छू दिया तो सम्राट चौधरी सुबह इस्तीफा दे देगा. सम्राट चौधरी के इसी बयान को लेकर अब कांग्रेस और आरजेडी की ओर से हमला बोला जा रहा है. कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत, रोहिणी आचार्य सहित कई नेताओं ने सम्राट चौधरी के इस बयान को एक्श पर शेयर किया है. रोहिणी आचार्य ने कहा, "सम्राट चौधरी को इस्तीफा दे देना चाहिए… बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खुद कहा था कि अगर रात के 12 बजे अपने गांव में घूमते समय किसी ने भी महिला या लड़की को छू दिया, तो अगली सुबह अपना इस्तीफा दे देंगे. जमुई की बेहद शर्मनाक घटना के बाद, यदि वे अपने कहे पर कायम रहते, तो अब तक उनका इस्तीफा हो जाना चाहिए था." एक्स पोस्ट में रोहिणी ने कहा कि मंच पर खड़े होकर बड़े-बड़े और फिल्मी डायलॉग मारना बेहद आसान होता है, लेकिन जब जमीन पर सुरक्षा देने की बात आती है तो सारे दावों की हवा और हेकड़ी निकल जाती है. बहन-बेटियों के साथ जमुई जैसी घटनाएं और भी हो रही हैं सम्राट शासन में और गुंडे बेखौफ घूम रहे हैं बिहार में…" सम्राट चौधरी से सवाल किया, "जब खुद ही दावा किया था कि किसी ने छुआ भी तो अगली सुबह इस्तीफा दे दूंगा, तो अब अपनी उस बात पर कायम क्यों नहीं हैं? केवल भाषणबाजी और बातें बनाने से राज्य की बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं होंगी, वादे के मुताबिक तुरंत कुर्सी छोड़िए." सक्रिय पत्रकारिता में अजीत कुमार लगभग 10 वर्षों से कार्यरत हैं. वर्ष 2016 में दैनिक जागरण समाचार-पत्र से इन्होंने ट्रेनी सब-एडिटर के रूप में अपनी पारी की शुरुआत पटना से की. देश के कई बड़े मीडिया संस्थानों में इन्होंने अपनी सेवाएं दी हैं, जिनमें दैनिक जागरण, ईटीवी भारत, दैनिक भास्कर आदि शामिल हैं. वर्तमान में इनका कार्यक्षेत्र बिहार है और ये एबीपी लाइव में 'चीफ कॉपी एडिटर' के पद पर कार्यरत हैं. एबीपी डिजिटल के बिहार सेक्शन को लीड करते हैं. बिहार की खबरों पर इनकी पैनी नजर रहती है चाहे वह राजनीतिक घटनाक्रम से जुड़ी हुई खबरें हों या फिर अपराध या अन्य सामाजिक सरोकार की. खबरों को एंगल देने में और हेडिंग बनाने में महारथ हासिल है. सही समय पर निष्पक्ष रूप से कई समाचार इनके प्रकाशित हो चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज भी शामिल हैं. पत्रकारिता में इन्होंने स्नातक के साथ परास्नातक तक की पढ़ाई की है. इनसे ajeetk@abpnetwork.com पर संपर्क किया जा सकता है.
40 shares
😢
A
ABP News
Sep 21, 2026, 05:25 PM
कॉकरोच जनता पार्टी ने बिहार की घटना पर पीएम मोदी की आलोचना की

कॉकरोच जनता पार्टी ने बिहार की घटना पर पीएम मोदी की आलोचना की

बिहार के जमुई में 19 सितंबर की शाम हुई शर्मनाक घटना पर अब कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है. सोमवार (21 सितंबर, 2026) को इस घटना को लेकर दिनभर बयानबाजी होती रही. अब सीजेपी ने सीधा इस घटना को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला किया है. उनके नारी शक्ति वाले बयान की आलोचना की गई है. सीजेपी का कहना है कि चार दिन पहले पीएम मोदी ने "नारी शक्ति" पर लंबा भाषण दिया था. आज, जमुई की शर्मनाक घटना ने बिहार की कानून-व्यवस्था की पोल खोल दी है. साफ है कि महिलाओं की सुरक्षा प्राथमिकता नहीं है. क्या यह "कल्चरल शॉक" नहीं है? Four days ago, PM Modi gave a long speech on “Naari Shakti”. Today, Bihar’s law and order stands exposed by the shameful incident in Jamui. Women’s safety clearly isn’t a priority. Is this not a “Cultural Shock”? दूसरी ओर विपक्षी दल के नेताओं की ओर से इस पर कड़ी कार्रवाई की मांग हो रही है. साथ ही जिस तरह से जेडीयू की ओर से बयान आया है उसकी भी निंदा की जा रही है. JDU के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा और बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार जमुई में हुई हैवानियत को 'छिटपुट घटना' बता रहे हैं. इस पर कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, "इन्हें अंदाजा भी है वो बच्ची कितनी दहशत में होगी? भगवान न करे- आपकी किसी जानने वाली बच्ची के साथ यह होता तब भी इतनी ही बेशर्मी करते?" वहीं नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि बिहार के जमुई में एक नाबालिग छात्रा और उसके मित्र के साथ छेड़खानी एवं अभद्र व्यवहार की घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है. आरोपियों द्वारा इस अमानवीय कृत्य का वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल करना बिहार के उस जंगलराज का उदाहरण है, जहां अपराधी बेखौफ हैं और कानून का कोई भय दिखाई नहीं देता. एक्स पोस्ट में उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री कार्यालय को टैग करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की. साथ ही, पीड़ित नाबालिगों की सुरक्षा, गरिमा और निजता सुनिश्चित करने को कहा. उधर बिहार पुलिस की ओर से अपील की गई है कि नाबालिग पीड़िता का वीडियो प्रसारित करना उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाना है. उनकी पहचान उजागर नहीं करने को कहा गया है. बिहार पुलिस ने एक्स पर इस संबंध में पोस्ट किया है और कहा है कि पॉक्सो एक्ट, आईटी एक्ट, एवं जेजे एक्ट के तहत यह दंडनीय अपराध है. सक्रिय पत्रकारिता में अजीत कुमार लगभग 10 वर्षों से कार्यरत हैं. वर्ष 2016 में दैनिक जागरण समाचार-पत्र से इन्होंने ट्रेनी सब-एडिटर के रूप में अपनी पारी की शुरुआत पटना से की. देश के कई बड़े मीडिया संस्थानों में इन्होंने अपनी सेवाएं दी हैं, जिनमें दैनिक जागरण, ईटीवी भारत, दैनिक भास्कर आदि शामिल हैं. वर्तमान में इनका कार्यक्षेत्र बिहार है और ये एबीपी लाइव में 'चीफ कॉपी एडिटर' के पद पर कार्यरत हैं. एबीपी डिजिटल के बिहार सेक्शन को लीड करते हैं. बिहार की खबरों पर इनकी पैनी नजर रहती है चाहे वह राजनीतिक घटनाक्रम से जुड़ी हुई खबरें हों या फिर अपराध या अन्य सामाजिक सरोकार की. खबरों को एंगल देने में और हेडिंग बनाने में महारथ हासिल है. सही समय पर निष्पक्ष रूप से कई समाचार इनके प्रकाशित हो चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज भी शामिल हैं. पत्रकारिता में इन्होंने स्नातक के साथ परास्नातक तक की पढ़ाई की है. इनसे ajeetk@abpnetwork.com पर संपर्क किया जा सकता है.
81 shares
😢
A
Aaj Tak
Sep 21, 2026, 05:23 PM
बुजुर्गों ने पुराने स्कूल में बचपन की यादों को ताजा किया

बुजुर्गों ने पुराने स्कूल में बचपन की यादों को ताजा किया

कहते हैं उम्र सिर्फ शरीर की होती है, यादों की नहीं. उत्तर प्रदेश में आगरा गवर्नमेंट इंटर कॉलेज में कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जहां 60 से 65 साल की उम्र पार कर चुके दोस्तों ने कुछ घंटों के लिए अपनी उम्र को जैसे पीछे छोड़ दिया. सफेद कमीज, काली पैंट और गले में पानी की बोतल. बिल्कुल छठी क्लास के बच्चों की तरह ये दोस्त अपने पुराने स्कूल पहुंचे और फिर शुरू हुआ बचपन को दोबारा जीने का सिलसिला. किसी ने स्कूल के गेट से दौड़ते हुए एंट्री की, तो कोई दोस्तों के साथ नाचते-गाते क्लास तक पहुंचा. क्लासरूम में पहुंचकर कोई बेंच पर बैठा तो किसी ने पुराने दिनों वाली शरारत शुरू कर दी. इसके बाद दोस्त स्कूल के मैदान में पहुंचे और पिठ्ठू यानी सात पत्थरों का खेल और गिल्ली-डंडा खेलने लगे. खास बात यह है कि इन दोस्तों की उम्र भले ही 60 से 65 साल हो चुकी है, लेकिन खेल के दौरान उनके चेहरों पर वही उत्साह नजर आया, जो कभी स्कूल के दिनों में हुआ करता था. कोई दोस्तों का हाथ पकड़कर मस्ती करता दिखा तो कोई रेलगाड़ी बनाकर स्कूल में दौड़ता नजर आया. दरअसल, यह पूरा मामला करीब 7 साल पुराने एक वीडियो से जुड़ा है. राजा मंडी गोकुलपुरा निवासी राकेश नागर के मुताबिक, दोस्तों ने साल 2019 में अपने यूट्यूब चैनल 'भूत का अंडा' के लिए यह वीडियो बनाया था. उस समय वीडियो को करीब 1500 व्यू मिले थे. हाल ही में वीडियो के कुछ हिस्सों को नए वॉइसओवर के साथ इंस्टाग्राम पर दोबारा पोस्ट किया गया. इसके बाद लोगों का ध्यान इस वीडियो पर गया और बड़ी संख्या में लोग इसे देख और शेयर करने लगे. इस खास वीडियो में करीब 30 पुराने दोस्त शामिल हुए थे. इनमें रिटायर्ड IPS अधिकारी, डॉक्टर, अकाउंटेंट, शिक्षक और अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर चुके लोग शामिल थे. यानी जिंदगी ने सबको अलग-अलग रास्तों पर पहुंचा दिया, लेकिन स्कूल की दोस्ती ने इन सभी को फिर एक जगह ला खड़ा किया. इन दोस्तों का ग्रुप भी अचानक नहीं बना. राकेश के मुताबिक, करीब 10 साल पहले उनके दोस्त केशव शर्मा ने पुराने सहपाठियों का एक व्हाट्सऐप ग्रुप बनाया था. धीरे-धीरे स्कूल के दूसरे दोस्त भी इसमें जुड़ते गए. एक दिन राकेश ने इसी ग्रुप में स्कूल की पुरानी यादों पर वीडियो बनाने का आइडिया रखा. दोस्तों को विचार पसंद आया और फिर तय हुआ कि सिर्फ बातें नहीं होंगी, बल्कि एक बार फिर स्कूल जाकर उसी दौर को जिया जाएगा. शूटिंग के लिए स्कूल पहुंचना भी इतना आसान नहीं था. शुरुआत में स्कूल में शूटिंग की अनुमति नहीं मिली. इसके बाद शिक्षक डॉ. जनक सिंह सिसोदिया ने प्रिंसिपल को पूरी बात समझाई. अनुमति मिलने के बाद दोस्तों ने स्कूल में शूटिंग की और अपने बचपन को कैमरे में कैद कर लिया. राकेश ने बताया कि उन्होंने इसी स्कूल में साल 1971 में छठी क्लास में दाखिला लिया था और 1976 में दसवीं पास की. स्कूल के दिनों में मंच पर अभिनय और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेते थे. आगे चलकर उन्होंने अलग-अलग जगह काम किया और बाद में गायन से भी जुड़े. इस वीडियो की सबसे खास बात सिर्फ यह नहीं कि बुजुर्ग दोस्त स्कूल की यूनिफॉर्म पहनकर बच्चों की तरह खेलते नजर आए. असली कहानी उन रिश्तों की है, जो स्कूल से निकलने के दशकों बाद भी बने रहे. ये दोस्त आज भी एक-दूसरे के सुख-दुख में शामिल होते हैं और समय-समय पर मिलते हैं. वीडियो में भी उनकी हंसी, मस्ती और खेल के बीच करीब पांच दशक पुरानी दोस्ती साफ दिखाई देती है. जिंदगी ने इन दोस्तों को बड़ा कर दिया, जिम्मेदारियां दे दीं, उम्र बढ़ा दी... लेकिन स्कूल की घंटी, दोस्तों की शरारत और बचपन की वो यादें आज भी वहीं हैं. शायद यही वजह है कि सात साल पहले बनाया गया यह वीडियो अब दोबारा लोगों को अपने बचपन और पुराने दोस्तों की याद दिला रहा है.
37 shares
😐
Aaj Tak logo
Aaj Tak
Sep 21, 2026, 05:15 PM
अमेरिका के साथ तनाव के बीच ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन संयुक्त राष्ट्र महासभा के लिए रवाना

अमेरिका के साथ तनाव के बीच ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन संयुक्त राष्ट्र महासभा के लिए रवाना

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान मंगलवार को न्यूयॉर्क रवाना हो रहे हैं. पेजेश्कियान न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में हिस्सा लेंगे और बुधवार को महासभा को संबोधित करेंगे. उनके इस दौरे पर पूरी दुनिया की नजर है, क्योंकि यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बना हुआ है. ईरान ी राष्ट्रपति कार्यालय के जनसंपर्क महानिदेशक हबीबोल्लाह अब्बासी ने सोमवार को पेजेश्कियान के न्यूयॉर्क दौरे की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति महासभा के संबोधन के अलावा अलग अलग देशों के नेताओं और अधिकारियों के साथ मुलाकात करेंगे. उनके साथ ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची समेत एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी न्यूयॉर्क जाएगा. हालांकि ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिका राष्ट्रपति पेजेश्कियान की टीम में शामिल कई सदस्यों को वीजा नहीं दे रहा है. ईरान ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है.राष्ट्रपति कार्यालय के अधिकारी अब्बासी ने इसे अमेरिकी प्रशासन का “अभूतपूर्व शत्रुतापूर्ण कदम” बताया है। ईरान का कहना है कि राष्ट्रपति के मीडिया दल के कुछ सदस्यों को भी वीजा नहीं दिया गया. वीजा न मिलने की स्थिति में ऐसे सदस्यों की अमेरिका यात्रा स्थगित हो सकती है. राष्ट्रपति पेजेश्कियान के कार्यक्रम में अमेरिका में रह रहे प्रमुख ईरानियों के साथ बैठक भी शामिल है. इसके अलावा वह अमेरिकी बुद्धिजीवियों और थिंक टैंकों के प्रतिनिधियों के साथ भी बातचीत करेंगे. ऐसे में उनके दौरे के दौरान ईरान की विदेश नीति, अमेरिका के साथ उसके तनाव और पश्चिम एशिया की स्थिति प्रमुख मुद्दे रह सकते हैं. संयुक्त राष्ट्र महासभा का 81वां सत्र मंगलवार से न्यूयॉर्क स्थित UN मुख्यालय में शुरू हो रहा है. इस साल सत्र की थीम देशों के बीच विश्वास बहाल करने पर केंद्रित है. पेजेश्कियान ने हाल ही में कहा था कि ईरान अपने पड़ोसी देशों के साथ मतभेदों को बातचीत और आपसी सम्मान के जरिए सुलझाने के लिए तैयार है. उन्होंने अमेरिका और इजरायल पर क्षेत्रीय तनाव को बनाए रखने की कोशिश करने का आरोप लगाया था.
46 shares
😢
A
ABP News
Sep 21, 2026, 05:10 PM
जापान के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नया रिकॉर्ड बनाएगा भारत

जापान के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नया रिकॉर्ड बनाएगा भारत

भारतीय क्रिकेट टीम जब जापान के खिलाफ टी20 मैच खेलने उतरेगी, तो ये मुकाबला उसके लिए खास होगा. जापान के खिलाफ मैदान पर उतरते ही भारत के T20I सफर में एक नया रिकॉर्ड जुड़ जाएगा. जापान पुरुष T20I में भारत का 20वां अलग मुकाबला करने वाला देश बनेगा. खास बात यह है कि दोनों टीमों के बीच इससे पहले कोई पुरुष T20I मैच नहीं खेला गया है. भारत और जापान के बीच यह मैच 22 सितंबर को जापान के तोचिगी प्रांत के सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड में खेला जाएगा. दोनों टीमों के बीच ये पहला पुरुष T20I मुकाबला होगा. यानी इस मैच के साथ भारत और जापान के बीच T20I क्रिकेट का नया रिकॉर्ड शुरू होगा. भारत अब तक पुरुष T20I क्रिकेट में कई 19 अलग-अलग देशों के खिलाफ खेल चुका है. अब जापान भी इस सूची में शामिल होने जा रहा है. जापान के खिलाफ मैच खेलते ही भारत के अलग-अलग T20I प्रतिद्वंद्वी देशों की संख्या 20 हो जाएगी. ये भारत के T20I सफर का एक नया पड़ाव होगा. भारत और जापान दोनों 2026 एशियन गेम्स के पुरुष क्रिकेट टूर्नामेंट में भी हिस्सा ले रहे हैं. ऐसे में ये मैच दोनों टीमों के लिए एशियन गेम्स से पहले अपनी तैयारी देखने का मौका भी होगा. भारत सीधे क्वार्टर फाइनल में खेलेगा, जबकि जापान ग्रुप स्टेज से शुरुआत करेगा. भारत और जापान के बीच होने वाला ये मुकाबला दोनों देशों के आपसी रिश्तों के 75 साल पूरे होने के मौके से भी जुड़ा है. इस मैच के जरिए खेल के मैदान पर दोनों देशों के रिश्तों को भी खास तरीके से दिखाया जाएगा. भारत के लिए ये एक नए विरोधी टीम के खिलाफ पहला T20I मैच होगा, जबकि जापान को पहली बार भारत जैसी बड़ी टीम के खिलाफ खेलने का मौका मिलेगा. उफक साहिल ABP न्यूज़ के डिजिटल विंग में बतौर इंटर्न काम कर रही हैं. इन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत एक ऑनलाइन न्यूज़ प्लेटफॉर्म से की थी. वर्तमान में यह हैदराबाद में मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी में MA मास कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म की छात्रा हैं. इन्होंने बिहार में दरभंगा के कामेश्वरनगर स्थित ललित नारायण मिथिला यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया है. अभी उफक एबीपी न्यूज़ वेबसाइट के बिजनेस और यूटिलिटी सेक्शन की जिम्मेदारी संभाल रही हैं.
15 shares
😐
A
Aaj Tak
Sep 21, 2026, 05:10 PM
'बिग बॉस 20'स्टार आसिफ खान की शादी का वीडियो वायरल होने पर जांच के दायरे में

'बिग बॉस 20'स्टार आसिफ खान की शादी का वीडियो वायरल होने पर जांच के दायरे में

‘बिग बॉस 20’ में इस वक्त ड्रामा अपने पूरे चरम पर है. शो में ‘पंचायत’ फेम आसिफ खान भी बतौर कंटेस्टेंट नजर आ रहे हैं और घर के अंदर उनकी जर्नी लगातार सुर्खियां बटोर रही है. लेकिन अब मामला शो से निकलकर आसिफ की पर्सनल लाइफ और शादी तक पहुंच गया है. दरअसल, हाल ही में आसिफ खान और लव गिल के गले मिलने के कुछ वीडियोज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए. इन छोटी-छोटी क्लिप्स को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की बातें होने लगीं. कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि जब आसिफ शादीशुदा हैं, तो वह किसी और के साथ इतनी क्लोजनेस कैसे बढ़ा सकते हैं? बस फिर क्या था, अब आसिफ खान की पत्नी जेबा ने सामने आकर इन तमाम सवालों और वायरल क्लिप्स पर अपनी बात रख दी है. जेबा ने एक लंबा पोस्ट शेयर करते हुए अपने पति का खुलकर बचाव किया और लोगों से सोशल मीडिया की छोटी क्लिप्स के बजाय पूरी तस्वीर देखने की अपील की. आसिफ की पत्नी जेबा ने अपनी पोस्ट की शुरुआत ही बेहद साफ अंदाज में की. उन्होंने लिखा- बस, बहुत हुआ. आसिफ की पत्नी के नाते मुझे लगता है कि मेरे दिल और पूरी स्पष्टता के साथ एक बार बोलना जरूरी है. सभी लोग आसिफ को लेकर एक अलग कहानी बनाने की कोशिश कर रहे हैं. मैं खास तौर पर उन चीजों की बात कर रही हूं जो शो से जुड़े उनके कुछ पलों पर आधारित हैं और जिनकी वजह से हमारी शादी पर सवाल खड़े हो रहे हैं. कृपया 24 घंटे, 7 दिन चलने वाली लाइव फीड पर ध्यान दें. उन छोटी-छोटी क्लिप्स पर नहीं, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं. जेबा ने आगे बताया कि शो में आसिफ सिर्फ उन्हीं कुछ सेकेंड की वायरल क्लिप्स तक सीमित नहीं हैं. उन्होंने कहा कि अगर लोग उन्हें लगातार देखेंगे, तो उन्हें उनके रिश्ते की असली तस्वीर भी समझ आएगी. उन्होंने लिखा- आप देखेंगे कि वह अक्सर मेरे बारे में बात करते हैं. हमारी जिंदगी के बारे में, हमारे रिश्ते के बारे में और आप उस पति को देख पाएंगे, जो कुछ सेकेंड की वीडियो में कैद नहीं हो सकता. हमारा रिश्ता सुरक्षित है. हमारी समझ बहुत मजबूत है. और यहां पर कुछ भी सफाई देने या साबित करने के लिए नहीं है. जेबा ने आगे बिग बॉस के घर के गेम और कंटेस्टेंट्स की रणनीतियों का जिक्र करते हुए कहा कि घर के अंदर हर कोई अपना खेल खेल रहा है और उन्हें ऐसा करने देना चाहिए. लेकिन किसी के गेम को उसकी शादी या उसके चरित्र से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए. उन्होंने लिखा- घर के अंदर सभी अपना खेल खेल रहे हैं. उन्हें खेलने दीजिए. लेकिन किसी की शादी और चरित्र पर फैसला सुनाकर इसे किसी का गेम मत बनाइए. आखिर में जेबा ने उन लोगों से भी खास अपील की, जो आसिफ को बिग बॉस में देख रहे हैं. उन्होंने कहा कि लोगों को उनके पति की पूरी जर्नी और उनकी असलियत पर ध्यान देना चाहिए, न कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही कुछ सेकेंड की क्लिप्स पर. जेबा ने लिखा- तो जो भी लोग देख रहे हैं, आसिफ को देखिए, उनकी जर्नी को देखिए. वह जो हैं, उन्हें उसी रूप में सपोर्ट कीजिए. कुछ क्लिप्स एक कहानी बना सकती हैं, लेकिन वे सच को नहीं लिख सकतीं. जेबा का ये पोस्ट सामने आने के बाद साफ है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही छोटी-छोटी क्लिप्स को लेकर उठ रहे सवालों पर अपना पक्ष बेहद मजबूती से रखा है. उन्होंने लोगों से आसिफ की शादी और उनके चरित्र को कुछ सेकेंड की वायरल वीडियोज के आधार पर जज न करने की अपील की है.
62 shares
😐
A
ABP News
Sep 21, 2026, 05:09 PM
प्रियंका चतुर्वेदी ने परिवार के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आवास पर मुलाकात की

प्रियंका चतुर्वेदी ने परिवार के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आवास पर मुलाकात की

उद्धव गुट की नेता और पूर्व सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने अपने परिवार के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है. यह मुलाकात राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पीएम आवास पर हुई है. इस दौरान शिवसेना (UBT) नेता के पिता ने पीएम को किताब भी भेंट की. प्रियंका चतुर्वेदी के बताया कि उनके पिता ने ब्रज (Braj) पर एक किताब लिखी है. PM मोदी ने पहले मुलाकात के दौरान चतुर्वेदी से ये वादा किया था कि वे उनके परिवार से मिलेंगे और उनके पिता से व्यक्तिगत तौर से किताब को स्वीकार करेंगे. इस मुलाकात की तस्वीर शेयर करते हुए पूर्व सांसद ने समय देने के लिए पीएम मोदी का धन्यवाद भी किया. प्रियंका चतुर्वेदी और उनके परिवार की पीएम मोदी से मुलाकात पर सोशल मीडिया यूजर्स कमेंट किए. कई लोगों ने तंज भी कसा. My father wrote a book on Braj, in my last meeting with Hon. PM @narendramodi ji he had promised he would meet my family and receive the book personally from my father. And today he did that, took time out to meet my parents. Thank you Narendra Modiji, am truly grateful for your… pic.twitter.com/PnPD8bXqjB Greenlion नाम के एक यूजर ने कहा, ''क्या आपको ऐसा नहीं लगता है कि अब बहुत देर हो चुकी है? आपको तो 5 साल पहले ही ऐसा कर लेना चाहिए था. वहीं विपिन सिंह राजपूत नाम के एक्स यूजर ने कहा, ''कुछ लोग आकर आपको उपदेश देंगे. वे आपके ऊपर बीजेपी के हाथों बिक जाने का ठप्पा लगा देंगे या आपको 'संघी' कहेंगे.'' Itsme1802 नाम के एक्स यूजर ने लिखा, ''मुझे याद है कि संबित पात्रा के साथ बहस करते समय आप पीएम मोदी जी की कितनी तीखी आलोचना करती रही हैं. क्या बदलाव आया है! आपके माता-पिता को मेरा प्रणाम. धन्यवाद मोदी जी.'' Kanaka नाम के एक यूजर ने हैरानी जताते हुए लिखा, ''बहुत अच्छा! आपके बीजेपी में शामिल होने की घोषणा का इंतजार है. वहीं अश्विनी कुमार गुप्ता नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा, ''पूरी जिंदगी आपने उन्हें अनपढ़ कहकर आलोचना की. आज आप उनकी भगवान की तरह तारीफ कर रही हैं. वाह!.'' इसके साथ ही Ambrish Gautam नाम के यूजर ने लिखा, ''कृपया किताब खरीदने का लिंक शेयर करें, मैं भी एक बृजवासी हूँ और आपके पिता ने हमारे बृज के बारे में जो लिखा है उसे पढ़ना पसंद करूँगा.'' अजीत कुमार एबीपी लाइव में बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहे हैं. करीब एक दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. अपने दृष्टिकोण के प्रति जागरूक और हमेशा कुछ नया सीखने की जिज्ञासा. राजनीति की खबरों में खास रुचि. तथ्यों पर सवाल उठाने, डेटा विश्लेषण और सोच-समझकर निर्णय लेने में सक्षम. खाली वक्त में किताबें पढ़ने और संगीत से जुड़ाव.
95 shares
😊
A
ABP News
Sep 21, 2026, 05:05 PM
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कृषि महोत्सव में विकास प्राथमिकताओं पर जोर दिया

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कृषि महोत्सव में विकास प्राथमिकताओं पर जोर दिया

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कृषि उपज मंडी मैहर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को नीमच से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया. उन्होंने कहा कि मैहर धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण केंद्र है. प्रदेश सरकार धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास के लिए विशेष रूप से कार्य कर रही है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस से प्रारंभ सेवा एवं जनकल्याण से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग तक विकास और कल्याण का संदेश पहुंचाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किसान, महिला, युवा और कमजोर वर्गों को विकास की प्राथमिकता में रखा गया है. इन वर्गों के सशक्तिकरण से संपूर्ण समाज की प्रगति सुनिश्चित होती है. इसी उद्देश्य से प्रदेश में किसान कल्याण वर्ष मनाया जा रहा है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मां शारदा का आशीर्वाद पूरे विंध्य, मध्यप्रदेश और देशवासियों पर सदैव बना रहता है. मां शारदा की पावन नगरी मैहर को जिला बने लगभग तीन वर्ष हुए हैं और इतने कम समय में मैहर ने अपनी अलग पहचान स्थापित की है. उन्होंने जिले के स्थानीय निवासियों, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को जनकल्याण और विकास कार्यों में निरंतर सहयोग के लिए बधाई दी. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को रात के समय खेतों में बिजली के कारण होने वाले परेशानी से मुक्ति दिलाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है. राज्य सरकार आगामी रबी फसल से किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली सिंचाई के लिए उपलब्ध कराएगी. बिजली व्यवस्था के विस्तार और सुधार से किसानों के घरों में समृद्धि आएगी और उनकी आय में वृद्धि होगी. सरकार किसानों की सुविधा, सुरक्षा और समृद्धि के लिए निरंतर काम कर रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि स्लीमनाबाद टनल के आगामी समय में शुरू होने से क्षेत्र में जल उपलब्धता और कृषि गतिविधियों को नई गति मिलेगी. उन्होंने कहा कि माँ नर्मदा के जल से माँ शारदा की नगरी में अभिषेक का संकल्प क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है और इससे किसानों के जीवन में समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा. मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि किसानों को उपज बेचने में अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े, इसके लिए तैयारियां समय पर पूरी की जा रही है. सरकार धान की खरीदी किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर करेगी. उन्होंने कहा कि किसानों को केवल न्यूनतम समर्थन मूल्य तक सीमित लाभ न मिले, बल्कि उन्हें उनकी उपज का बेहतर मूल्य और आवश्यकतानुसार बोनस सहित अन्य लाभ उपलब्ध कराने की दिशा में भी सरकार कार्य कर रही है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि के साथ पशुपालन, मुर्गी पालन, बकरी पालन और दुग्ध उत्पादन जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है. दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है. ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन को प्रोत्साहित कर किसानों के लिए आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित किए जा रहे हैं. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पशुपालन और गौ-पालन सनातन संस्कृति से भी जुड़ा हुआ है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने पर भी लगातार काम कर रही है. सांदीपनी विद्यालयों के माध्यम से सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. शिक्षा के साथ विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाना भी सरकार की प्राथमिकता है. मजबूत शिक्षा व्यवस्था और रोजगार के नए अवसर प्रदेश के युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर देंगे. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैहर के पर्यटन और धार्मिक महत्व को देखते समुचित विकास किया जा रहा है. मां शारदा लोक का निर्माण इसी दिशा में सरकार का प्रयास है. मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी मैहर जिले में वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा देगी. मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी मैहर जिले में रहेगा जिससे स्थानीय अर्थव्यस्था को बढ़ावा मिलेगा. उन्होंने कहा कि पर्यटन बढ़े, रोजगार के अवसर बढ़ें और स्थानीय किसानों एवं ग्रामीणों को भी इसका लाभ मिले—इसी दिशा में सरकार कार्य कर रही है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव कहा कि जिले में एक जिला-एक उत्पाद के तहत कृषि उत्पादों को बढ़ावा दिए जाने का उल्लेख किया. उन्होंने किसानों द्वारा आधुनिक तकनीक और नवाचार के माध्यम से टमाटर, करेला सहित विभिन्न फसलों के उत्पादन की सराहना की. उच्च गुणवत्ता वाले कृषि उत्पादों की बाजार में मांग बढ़ रही है और किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उत्पादन एवं आय दोनों में वृद्धि की संभावनाओं को मजबूत किया जा रहा है. आने वाले समय में किसानों की आय वृद्धि के लिए मैहर में फूड प्रोसेसिंग पार्क भी स्थापित किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने जिले के प्रगतिशील कृषकों से संवाद कर आधुनिक तकनीकों का कृषि में उपयोग कर आय बढ़ाने पर जोर दिया. उन्होंने कृषकों से संवाद कर सभी कृषकों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेकर आधुनिक जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित किया. सांसद गणेश सिंह ने कहा कि डबल इंजन की केंद्र और प्रदेश सरकार निरंतर कृषक कल्याण के लिए कार्य कर रही है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सरकार के निर्देशानुसार अब कृषकों को उनकी अधिग्रहीत जमीन का 4 गुना मुआवजा दिया जाएगा. बलराम कृषि महोत्सव कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शनी लगाई गई. प्रदर्शनी लगाकर कृषकों को सरकार की शून्य प्रतिशत ब्याज पर फसल ऋण योजना, मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना, वित्तीय साक्षरता अभियान, समुन्नत पशु प्रजनन योजना, नंदी शाला योजना, आजीविका उत्पाद प्रदर्शनी एवं विक्रय मेला, स्वास्थ विभाग एवं दिव्यांग सशक्तीकरण विभाग की योजनाओं आदि योजनाओं की जानकारी कृषक भाइयों को देकर उन्हें आधुनिक लाभ की खेती के लिए प्रोत्साहित किया गया. कार्यक्रम में प्रगतिशील किसानों और कृषकों के मेधावी छात्रों को उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया. धीरज गुप्ता ने पत्रकारिता की शुरुआत सतना के एक हिंदी अखबार से इंटर्न के रूप में की. इसके बाद उन्होंने भोपाल में हिंदी वेबसाइट और न्यूज चैनलों में कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया. वर्तमान में वे सितंबर 2023 से एबीपी न्यूज में कंसल्टेंट के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. यहां वे विशेष रूप से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की खबरें लिखते हैं. राजनीति और क्राइम की खबरों में उनकी विशेष रुचि है, साथ ही वे समसामयिक मुद्दों को समझने के लिए भी जिज्ञासु रहते हैं. मध्यप्रदेश के सतना जिले के रहने वाले धीरज को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से अधिक का अनुभव है. धीरज ने बीकॉम से ग्रेजुएशन और एमकॉम से पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. इसके साथ ही उन्होंने पत्रकारिता में डिप्लोमा भी किया है.
97 shares
😊
A
Aaj Tak
Sep 21, 2026, 05:03 PM
सूरत में वेतन विवाद को लेकर कपड़ा बाजार में आग लगाने के आरोप में पूर्व लेखाकार गिरफ्तार

सूरत में वेतन विवाद को लेकर कपड़ा बाजार में आग लगाने के आरोप में पूर्व लेखाकार गिरफ्तार

सूरत क्राइम ब्रांच ने सारोली स्थित श्याम संगिनी टेक्सटाइल मार्केट में 9 सितंबर की रात लगी भीषण आग का सनसनीखेज खुलासा करते हुए 33 वर्षीय पूर्व अकाउंटेंट विनोद पंडित सावले को गिरफ्तार कर लिया है. जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी ने मालिक से बकाया 10 हजार रुपये के वेतन विवाद का बदला लेने के लिए 150 रुपये का पेट्रोल छिड़ककर आग लगाई थी. इस साजिश में 14 दुकानें जल गईं और लगभग 24 से 25 करोड़ रुपये का कपड़ा जलकर खाक हो गया. CCTV फुटेज और विश्वास प्रोजेक्ट के जरिए पहचान होने के बाद राजस्थान और अयोध्या भाग चुके आरोपी को सूरत लौटते ही दबोच लिया गया. सूरत के एडिशनल पुलिस कमिश्नर क्राइम करणराज वाघेला के अनुसार, मूल रूप से महाराष्ट्र के धुले और वर्तमान में डिंडोली निवासी विनोद सावले ने अप्रैल 2026 में 30 हजार रुपये के वेतन पर मार्केट की दुकान में अकाउंटेंट की नौकरी शुरू की थी. काम को लेकर दुकान मालिक हुमान ध्राकाप्रसाद जवर के साथ उसका विवाद हो गया और उसने नौकरी छोड़ दी. विनोद का आरोप था कि उसका 10 हजार रुपये का भुगतान बकाया था. मालिक द्वारा पैसे न दिए जाने से नाराज होकर उसने बदला लेने की ठान ली. पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि साजिश को अंजाम देने के लिए आरोपी ने देवध गांव के एक पेट्रोल पंप से करीब 150 रुपये का पेट्रोल खरीदा और उसे प्लास्टिक की थैली व बोतल में भर लिया. 8 सितंबर की रात करीब 9 बजे वह सफेद रुमाल से मुंह ढककर मार्केट पहुंचा और सीढ़ियों पर बैठकर इंतजार करने लगा. रात करीब 12:30 बजे सन्नाटा पसरते ही उसने दुकान के बाहर रखे कपड़े के बॉक्स और पार्सल पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी. इससे पहले भी उसने आग लगाने की नाकाम कोशिश की थी. पेट्रोल की आग ने चंद मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया और छठी मंजिल की 14 दुकानें इसकी चपेट में आ गईं. घटना में करीब 24 से 25 करोड़ रुपये का माल जलकर राख हो गया. दमकल विभाग की कई टीमों को आग पर पूरी तरह काबू पाने में करीब 38 घंटे तक भारी मशक्कत करनी पड़ी. शुरुआती तौर पर जिसे सामान्य हादसा माना जा रहा था, वह जांच में एक खतरनाक और सोची-समझी साजिश निकली. सारोली पुलिस और क्राइम ब्रांच ने 'विश्वास प्रोजेक्ट' के तहत लगे 1500 से ज्यादा CCTV कैमरों के विश्लेषण के जरिए आरोपी की पहचान की. घटना का वीडियो वायरल होने और FIR की खबर मिलते ही आरोपी फोन बंद कर पत्नी और बच्चे के साथ खाटू श्याम मंदिर (राजस्थान) और अयोध्या भाग गया. मामला शांत समझकर जब वह सूरत लौटा तो गणपति बंदोबस्त में तैनात क्राइम ब्रांच ने उसे दबोच लिया. पुलिस उसे सीन रिक्रिएशन के लिए मार्केट भी लेकर पहुंची.
75 shares
😢
A
ABP News
Sep 21, 2026, 05:03 PM
एआईएमआरए ने छोटे मोबाइल खरीदारों के लिए एम. डी. आर./यातायात शुल्क में छूट की मांग की

एआईएमआरए ने छोटे मोबाइल खरीदारों के लिए एम. डी. आर./यातायात शुल्क में छूट की मांग की

कुछ दिन पहले ही सरकार ने 2000 रुपये से ज्यादा के UPI पेमेंट पर MDR चार्ज लगाने की घोषणा की है. ये नियम 15 अक्टूबर से लागू किया जाने वाला है. लेकिन इससे पहले ही इसका जमकर विरोध हो रहा है. हाल ही में ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन (AIMRA) ने केंद्र सरकार से छोटे और मध्यम मोबाइल दुकानदारों को UPI पेमेंट पर किसी भी तरह के MDR या ट्रांजैक्शन चार्ज से छूट देने की मांग की है. इसके लिए एसोसिएशन ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखा है. इस पत्र के जरिए बताया गया है कि मोबाइल दुकानदारों का मुनाफा पहले ही बहुत कम है. अगर UPI पेमेंट पर चार्ज लगाया गया तो उनके कारोबार पर और दबाव बढ़ सकता है. एसोसिएशन के मुताबिक, वो देशभर के 1.50 लाख से ज्यादा छोटे मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानदारों का प्रतिनिधित्व करता है. इस पत्र के जरिए AIMRA ने सरकार से मुख्य रूप से चार मांगें की हैं. उन्होंने छोटे और मध्यम मोबाइल दुकानदारों को UPI MDR से पूरी तरह छूट देने की मांग की है. दूसरी मांग में दुकानदारों को कम लागत वाली डिजिटल पेमेंट सुविधा मिलने की बात कही है. एसोसिएशन की तीसरी मांग है कि किसी भी नए पेमेंट चार्ज को लागू करने से पहले व्यापार संगठनों से सलाह-मशविरा किया जाए. तो वहीं चौथी मांग है कि मोबाइल और रिटेल कारोबार को बढ़ावा देने के लिए व्यापक नीतिगत सहायता दी जाए. एसोसिएशन ने पत्र के जरिए कहा कि अगर UPI पेमेंट पर 0.40% MDR यानी ट्रांजैक्शन फीस लगाई जाती है, तो इसका सीधा असर दुकानदारों के मुनाफे पर पड़ेगा. उन्होंने कहा कि मोबाइल दुकानदारों का आमतौर पर शुद्ध मुनाफा केवल 0.75% से 1.50% के आसपास होता है. ऐस में चार्ज लगने के बाद खर्च और बढ़ जाएगा. एसोसिएशन ने उदाहरण देते हुए बताया है कि, अगर कोई दुकानदार हर महीने UPI के जरिए 10 लाख रुपये का कारोबार करता है, तो 0.40% चार्ज लगने पर उसे करीब 4 हजार रुपये ज्यादा देने पड़ सकते हैं. तो वहीं, अगर किसी दुकानदार का मासिक UPI कारोबार 40 लाख रुपये है, तो ये खर्च बढ़कर करीब 16 हजार रुपये प्रति माह हो सकता है. ऐसे में इतने कम मार्जिन वाली दुकान के लिए ये एक्स्ट्रा खर्च हो सकता है. इतना ही नहीं एसोसिएशन ने कहा कि मोबाइल रिटेल कारोबार में पहले ही बिक्री और कारोबार की मात्रा में कमी आई है. ऐसे में UPI पर कोई एक्स्ट्रा चार्ज लगता है तो वो छोटे दुकानदारों के लिए परेशानी और बढ़ा सकता है. ऐसे में सरकार को इस पर विचार करना चाहिए. प्रतीक्षा राणावत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में करीब 12 वर्षों का अनुभव है. इन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मल्टीमीडिया (B.Sc - Multimedia) में ग्रेजुएशन किया है और इसके बाद जन संचार (Mass Communication) में पोस्ट ग्रेजुएशन भी किया है. अपने करियर की शुरुआत इन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, लेकिन समय के साथ लेखन में भी अपनी मजबूत पहचान बनाई. वर्तमान में प्रतीक्षा बिजनेस और यूटिलिटी विषयों के लिए लेखन करती हैं. इसके अलावा इन्होंने लंबे समय तक एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर भी लिखा है. लिखने के साथ- साथ ही इन्हें ट्रैवलिंग, नई चीज़ों को एक्सप्लोर करना और किताबें पढ़ने का भी शौक है
13 shares
😐
A
Aaj Tak
Sep 21, 2026, 05:00 PM
आपके कमरे को ऊंचा महसूस कराने के लिए स्मार्ट इंटीरियर ट्रिक्स

आपके कमरे को ऊंचा महसूस कराने के लिए स्मार्ट इंटीरियर ट्रिक्स

घर छोटा हो या बड़ा, अगर उसकी छत थोड़ी नीची है तो पूरा कमरा जरूरत से ज्यादा छोटा और दबा-दबा सा नजर आ सकता है. खासकर बड़े-बड़े शहरों में बनी बड़ी बिल्डिंग्स के छोटे फ्लैट्स में ये समस्या ज्यादा महसूस होती है. कई लोगों को लगता है कि इसका एक ही इलाज है घर में तोड़फोड़ कराकर छत की ऊंचाई बढ़वाई जाए. लेकिन क्या आप यकीन करेंगे अगर हम कहें कि आपको ऐसा करने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है? अगर आपको इस बात पर विश्वास करना मुश्किल हो रहा है, तो ये खबर आपके लिए है. अगर आप भी नीची छत की वजह से अपने कमरे को छोटा महसूस करते हैं तो कुछ स्मार्ट इंटीरियर ट्रिक्स आपके काम आ सकती हैं. आप अपने इंटीरियर में इस्तेमाल होने वाली सभी चीजों को थोड़े अलग तरीके से यूज करके आंखों को ऐसा एहसास कराया जा सकता है कि कमरे की छत पहले से ज्यादा ऊंची है. खास बात ये है कि इसके लिए न तो दीवार तोड़ने की जरूरत है और न ही भारी-भरकम इंटीरियर पर पैसा खर्च करने की. आइए जानते हैं ऐसे ही 11 आसान हैक्स. अगर आपने कमरे की छत पर डार्क कलर करा रखा है, तो आपको वो ज्यादा नीची लग सकती है. ऐसे में नीची छत पर हमेशा हल्के रंगों का इस्तेमाल करना चाहिए. नीची छत के लिए सफेद, ऑफ-वाइट, क्रीम जैसे हल्के रंग ही चुनने चाहिए. ये रोशनी को ज्यादा फैलाते हैं और कमरे के ऊपरी हिस्से को खुला दिखाते हैं. दीवार और छत का रंग हल्का होने पर कमरा और बड़ा महसूस होता है. दीवार का पेंट जहां खत्म होता है, वहीं छत का रंग शुरू करने के बजाय उसे कुछ इंच ऊपर तक ले जाएं. इससे दीवार और छत की बॉर्डर कम नजर आएगी और कमरा ज्यादा ऊंचा महसूस होगा. पर्दों की रॉड खिड़की के ठीक ऊपर लगाने के बजाय छत के करीब लगाएं और पर्दों को फर्श तक आने दें. इससे ऊपर से नीचे तक एक लंबी वर्टिकल लाइन बनेगी और नजर ऊपर जाएगी. ये छत को ऊंचा महसूस कराने में मदद कर सकता है. दीवार पर ऊपर से नीचे जाती लाइनें कमरे को ऊंचा दिखाने में मदद करती हैं. इसके लिए पतली लकड़ी की पट्टियां, वर्टिकल पैनल, स्ट्राइप्स या पतले डिजाइन वाला वॉलपेपर इस्तेमाल कर सकते हैं. चौड़े और भारी कैबिनेट की जगह लंबा और पतला बुकशेल्फ या कैबिनेट रखने से भी आपको मदद मिल सकती है. इससे फर्श पर कम जगह घिरेगी और नजर ऊपर की ओर जाएगी. शेल्फ को बहुत ज्यादा सामान से न भरें. सिर्फ नीचे की ओर रोशनी करने वाली लाइट के बजाय ऐसी वॉल लाइट या फ्लोर लैंप लगाएं जिसकी रोशनी ऊपर की तरफ जाए. इससे छत का ऊपरी हिस्सा ज्यादा खुला और रोशन नजर आएगा. चौड़े और भारी लैंप की जगह लंबा, पतला फ्लोर लैंप चुनें. इसे सोफे या कुर्सी के पास रखा जा सकता है. इसकी ऊंची शेप कमरे में एक वर्टिकल एलिमेंट जोड़ती है. नीची छत पर बड़ा झूमर या लंबा पेंडेंट कमरा और छोटा दिखा सकता है. ऐसे में फ्लश-माउंटेड लाइट अच्छा ऑप्शन हो सकता है. पेंडेंट लगाना हो तो छोटा और हल्का डिजाइन चुनें. चौड़ी तस्वीर की जगह लंबी और खड़ी पेंटिंग या फोटो फ्रेम लगाएं. कई छोटे फ्रेम लगाने हों तो उन्हें एक के ऊपर एक वर्टिकल तरीके से रखें. इससे नजर ऊपर की तरफ जाएगी. लो-सोफा, लो-बेड या लो टीवी यूनिट कमरे को ज्यादा खुला दिखा सकते हैं. इनके ऊपर दीवार का खाली हिस्सा ज्यादा दिखाई देता है. पतले पैरों वाला फर्नीचर भी कमरे को हल्का लुक देता है. गोल या हॉरिजॉन्टल मिरर की जगह लंबा वर्टिकल शीशा लगाएं. इसे ऐसी जगह रखें जहां उसमें खिड़की या खुली जगह दिखाई दे. इससे रोशनी भी बढ़ेगी और कमरा ज्यादा खुला और ऊंचा महसूस होगा.
82 shares
😢
A
ABP News
Sep 21, 2026, 04:59 PM
तनाव और उलझन के बीच क्षेत्रीय देश ईरान के साथ संघर्ष में आ गए

तनाव और उलझन के बीच क्षेत्रीय देश ईरान के साथ संघर्ष में आ गए

ईरान और अमेरिका की जंग में क्षेत्रीय देश जबरन पिस रहे हैं. अगर अमेरिका की मदद करें तो आफत, न करें तो आफत. इधर, हूति विद्रोहियों ने भी सऊदी अरब की टेंशन बढ़ा रखी है. वहीं, अब सऊदी ने सैन्य मदद की अपील अमेरिकी राष्ट्रपति से की तो इससे ट्रंप काफी उलझन में नजर आ रहे हैं. हालांकि, एक बार में तबाह करने की धमकी ईरान को ट्रंप कई दफा दे चुके हैं. वहीं, ईरान भी लगातार वॉशिंगटन को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है. खबर है कि पिछले दो हफ्तों से ट्रंप इस बात को लेकर उलझन में हैं कि क्या सऊदी अरब की अपील को मानकर अमेरिकी सेना को यमन में ईरान समर्थित हूति विद्रोहियों के ठिकानों पर हमला करने का आदेश दिया जाए या नहीं दिया जाए? मीडिल ईस्ट की जंग में सऊदी ईरान के खिलाफ वॉशिंगटन के साथ ही खड़ा नजर आया है. अगर इस दिशा में ट्रंप किसी तरह का फैसला लेते हैं, तो ईरान के खिलाफ चल रही जंग में एक और मोर्चा खुल सकता है. यह जंग ट्रंप ने शुरू तो की थी, लेकिन वह इसे खत्म नहीं कर पाए. जबकि इसके कारण दुनिया भर में आर्थिक उथल-पुथल मची हुई है. राष्ट्रपति कई हफ्तों तक सऊदी अरब की मदद की अपील पर सोच विचार करते रहे. सऊदी अरब हूति विद्रोहियों से लड़ रहा है. इन्होंने मिडिल ईस्ट में अस्थिरता का फायदा उठाकर इस गर्मी में अरब के साथ एक बार फिर जंग छेड़ दी थी. लेकिन गुरुवार को स्थिति गंभीर हो गई. सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान जो देश के असल नेता है, ईरान के खिलाफ जंग में अहम सहयोगी हैं. उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप को फोन किया और उनसे गुजारिश की कि वे तेजी से आगे बढ़ रहे इस विद्रोही गुट को रोकने में मदद करें. प्रशासन के अधिकारियों ने यह जानकारी दी है. इधर, खबरों के मुताबिक, ट्रंप ने एक दिन पहले ही अपने सलाहकारों से मुलाकात की थी. उनसे कहा था कि वे हमलों के पक्ष में नहीं हैं. लेकिन सऊदी क्राउन प्रिंस से बात करने के बाद उन्होंने अपना फैसला बदल लिया. पेंटागन से हूति विद्रोहियों के खिलाफ हवाई हमलों की तैयारी करने को कहा है. रविवार दोपहर को अमेरिकी राष्ट्रपति का फैसला फिर बदलता हुआ दिखा. प्रशासन के अधिकारियों के मुताबिक, हूति विद्रोहियों के खिलाफ कोई अमेरिकी हवाई हमला नहीं होगा, कम से कम अभी तो नहीं. व्हाइट हाउस के प्रेस ऑफिस ने ट्रंप की सोच विचार की प्रक्रिया पर आधिकारिक तौर पर बात करने से इनकार कर दिया है. प्रशासन के एक सीनियर अधिकारी ने बस इतना कहा है कि सऊदी अरब के साथ अमेरिका का रक्षा समझौता है. हम हमेशा अपने सहयोगियों की रक्षा करेंगे. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति के करीबी लोगों में से ज्यादातर लोग सऊदी अरब की हूति विद्रोहियों के खिलाफ लड़ाई में शामिल होने को लेकर या तो बहुत ज्यादा शक में थे, या फिर पूरी तरह से इसके खिलाफ थे. ट्रंप का हूति विद्रोहियों के ठिकानों पर हमला न करने या कम से कम उसे टालने का फैसला ऐसे वक्त आया है, जब कमांडर टारगेट लिस्ट को मंजूरी दे चुके थे. सैनिक मिशन के लिए चुने गए अमेरिकी लड़ाकू विमानों में बम लोड कर रहे थे. हमलों का सिलसिला बस शुरू होने ही वाला था. ऑपरेशन की जानकारी रखने वाले दो लोगों ने यह बात बताई है. एक तरफ क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान राष्ट्रपति ट्रंप की ओर हाथ उठाकर इशारा कर रहे हैं, जबकि दोनों ओवल ऑफिस में एक-दूसरे के बगल में पीली कुर्सियों पर बैठे हैं. मिस्टर ट्रंप ने सऊदी अरब के नेता से ओवल ऑफिस में मुलाकात की थी. क्राउन प्रिंस ने हूति विद्रोहियों को आगे बढ़ने से रोकने की मदद करने का आग्रह किया है. नवंबर 2025 एबीपी न्यूज नेटवर्क में बतौर कंसल्टेंट अपनी भूमिका निभा रहा हूं. मीडिया का अनुभव करीबन साढ़े 8 साल का है. देश के अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दे चुका हूं. पिछले कुछ सालों में बतौर मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर, कंटेंट एडिटर, सब एडिटर और रिजनल टीवी चैनल में प्रोग्राम एग्जीक्यूटिव के तौर पर अपनी सेवाएं दी हैं. लेखन, ग्राफिक्स और वीडियो प्रोडक्शन की बारीक समझ है. नेशनल-इंटरनेशनल डेस्क की भी जिम्मेदारी संभाल चुका हैं. मजा ग्राउंड या एक्सक्लूसिव रिपोर्ट कवर करने में आता है. साल 2016 में माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी भोपाल से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया और पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा. साहित्य पढ़ना, फिल्में देखना, कहानियां-कविताएं लिखना और घूमना विशेष रुचियों में दर्ज है.
22 shares
😢
A
Aaj Tak
Sep 21, 2026, 04:56 PM
राजकोट में मैकडॉनल्ड्स में चूहोंः स्वच्छता में लापरवाही के लिए रेस्तरां पर जुर्माना

राजकोट में मैकडॉनल्ड्स में चूहोंः स्वच्छता में लापरवाही के लिए रेस्तरां पर जुर्माना

राजकोट के ग्रीनलैंड चौक स्थित मैकडॉनल्ड्स रेस्टोरेंट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में रेस्टोरेंट के डाइनिंग एरिया में रखी टेबल के पास चूहे घूमते हुए नजर आ रहे हैं. वीडियो सामने आने के बाद रेस्टोरेंट की हाइजीन और साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे. वीडियो वायरल होने के बाद राजकोट महानगर निगम यानी RMC के फूड विभाग की टीम ने रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया. RMC के हेल्थ ऑफिसर डॉ. जयेश वाकाणी ने आजतक संवाददाता को बताया कि जांच के दौरान डाइनिंग एरिया में हाइजीन से जुड़ी लापरवाही मिली. फूड विभाग की जांच के बाद रेस्टोरेंट पर 3 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया. हालांकि, जांच के दौरान रेस्टोरेंट के किचन की साफ-सफाई में कोई लापरवाही नहीं मिली. रेस्टोरेंट मैनेजर ने फूड विभाग की टीम को बताया कि पास में ही कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा है. मैनेजर के मुताबिक, वहां से चूहों के रेस्टोरेंट में आने की संभावना हो सकती है. निरीक्षण के दौरान फूड विभाग की टीम ने रॉ मटेरियल के दो सैंपल भी लिए हैं. इन सैंपल की जांच की जाएगी. फिलहाल वीडियो सामने आने के बाद RMC की कार्रवाई ने रेस्टोरेंट की हाइजीन व्यवस्था को लेकर चल रही चर्चा को और बढ़ा दिया है. मैकडॉनल्ड्स जैसे इंटरनेशनल रेस्टोरेंट ब्रांड के डाइनिंग एरिया में चूहों का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इसकी चर्चा शुरू हो गई है. वीडियो में दिख रहे चूहों को लेकर लोग रेस्टोरेंट की साफ-सफाई और हाइजीन व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं. RMC की जांच में जहां डाइनिंग एरिया में हाइजीन से जुड़ी लापरवाही मिली, वहीं किचन की साफ-सफाई में कोई लापरवाही नहीं पाई गई. अब रॉ मटेरियल के लिए गए दो सैंपल की जांच की जाएगी.
28 shares
😐
A
ABP News
Sep 21, 2026, 04:53 PM
परिवार के साथ लालबागचा राजा गणेश महोत्सव में पहुंचे शाहरुख खान

परिवार के साथ लालबागचा राजा गणेश महोत्सव में पहुंचे शाहरुख खान

गणेश उत्सव के बीच शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) लालबागचा राजा के दर्शन करने के लिए पहुंचे. इसके लिए उनकी तारीफ हो रही है. किंग खान को हर धर्म की इज्जत करने के लिए भी जाना जाता है. इसके लिए अक्सर लोग उनकी तारीफ करते नजर आ जाते हैं. ऐसे में अब गणेश उत्सव के बीच वो परिवार से साथ गणपति बप्पा के दर्शन के लिए लालबागचा राजा के दरबार पहुंचे. शाहरुख खान की सोशल मीडिया पर फोटोज और वीडियोज भी सामने आए हैं, जिसमें एक्टर को पत्नी गौरी खान, सुहाना खान के साथ देखा जा सकता है. इस दौरान आर्यन खान नहीं दिखे और ना ही उनके छोटे बेटे अबराम नजर आए. समाचार एजेंसी ANI से शाहरुख का वीडियो शेयर किया गया है, जिसमें वो बप्पा आशीर्वाद लेते हुए नजर आए हैं. साथ ही एक्टर ने गणेश जी के पैरों में फूल भी चढ़ाया और उन्होंने पत्नी के साथ बप्पा की आरती भी अटेंड की. इसके अलावा अगर शाहरुख खान और गौरी के लुक के बारे में बात की जाए तो इस दौरान गौरी को येलो कलर के सूट-सलवार में ट्रेडिशनल लुक में देखा गया. वहीं, किंग खान को नीले कलर के कुर्ते में देखा गया था. कपल का लुक कमाल लग रहा था. वहीं, सुहाना खान ने बॉटल ग्रीन कलर की ड्रेस कैरी की थी. वो भी ट्रेडिशनल नजर आईं. फैंस उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे हैं. #WATCH | Maharashtra: Actor Shah Rukh Khan offers prayers at the famous Lalbaugcha Raja pandal in Mumbai. pic.twitter.com/STSjyxRjPJ गौरतलब है कि शाहरुख खान के बंगले मन्नत में गणेश-लक्ष्मी जी की मूर्ति रखी गई है. उनके इस बंगले की कीमत 300 करोड़ रुपये बताई जाती है और उनका घर किसी महल से कम नहीं है. 2005 में आई डॉक्यूमेंट्री 'द इनर एंड आउटर वर्ल्ड ऑफ शाहरुख खान' में किंग के घर की इनसाइड तस्वीर दिखाई गई थी. इसमें दिखाया गया था कि उनके घर में गणेश-लक्ष्मी जी की मूर्ति रखी गई थी, जिसके साथ ही कुरान शरीफ भी रखी गई थी. बहरहाल, अगर शाहरुख खान के प्रोफेशनल फ्रंट के बारे में बात की जाए तो एक्टर ने साल 2023 में तीन फिल्में 'पठान', 'जवान' और 'डंकी' में काम किया था और तीनों फिल्में ब्लॉकबस्टर रही थी. अब तीन साल बाद शाहरुख खान फिल्म 'किंग' में नजर आने वाले हैं, इसे क्रिसमस 2026 के मौके पर रिलीज किया जाएगा. इसमें उनके साथ एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण भी लीड रोल में हैं. राहुल यादव ABP Network में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और एंटरटेनमेंट डेस्क के लिए खबरें लिखते हैं. उन्हें डिजिटल मीडिया और मनोरंजन पत्रकारिता में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है. राहुल की भोजपुरी सिनेमा और बॉलीवुड कवरेज में विशेष पकड़ मानी जाती है. उन्होंने राजस्थान पत्रिका, दैनिक भास्कर, जनसत्ता और News18 हिंदी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया है. राहुल ने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से जनसंचार में स्नातकोत्तर (MA in Mass Communication) और University of Delhi से राजनीतिक विज्ञान में स्नातक (BA) किया है.
61 shares
😐
A
ABP News
Sep 21, 2026, 04:52 PM
दक्षिण भारतीय अभिनेत्री राधा ने धोखाधड़ी के आरोप में बहन और भाई के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई

दक्षिण भारतीय अभिनेत्री राधा ने धोखाधड़ी के आरोप में बहन और भाई के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई

साउथ फिल्म इंडस्ट्री से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आ रही है. जानी-मानी एक्ट्रेस राधा ने अपनी बहन और भाई के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. राधा ने अपने भाई मल्लिकार्जुन कुंजन नायर और बहन अंबिका पर आरोप लगाया है कि दोनों ने उन्हें धोखे में रखकर उनके साइन किए हुए चेक घर से चुरा लिए और उनसे करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का प्रयास किया गया था. राधा साउथ सिनेमा की मशहूर एक्ट्रेस हैं. उन्होंने 80 और 90 के दशक में लीड एक्ट्रेस के रूप में कई फिल्मों में काम किया है. फिलहाल वो पारिवारिक विवाद के कारण सुर्खियों में हैं. एक्ट्रेस ने 21 सितंबर को ग्रेटर चेन्नई पुलिस कमिश्नर के पास बहन और भाई के खिलाफ धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई. 'द न्यूज़ मिनट' की रिपोर्ट के मुताबिक राधा ने जो शिकायत की है उसमें बताया कि IDBI बैंक में उनका एक बिजनेस के लिए करंट अकाउंट है. जिसका नाम पहले ARS गार्डन स्टूडियो था. उनके पास इसके कई साइन किए हुए चेक थे. एक्ट्रेस के मुताबिक साइन किए हुए चेक वो टैक्स और गार्डन के रखरखाव, अन्य खर्चे और कर्मचारियों की सैलरी के लिए रखती थीं, ताकि उनके बाहर रहने पर भी किसी कर्मचारी की सैलरी या अन्य खर्चों आदि में कोई रुकावट न पैदा हो. बता दें कि जनवरी 2025 में राधा ने अपने बिजनेस का नाम बदलकर RR गार्डन्स कर दिया था, इसके बाद बैंक की तरफ से उन्हें इसी नाम से नई चेकबुक सौंपी गई. जबकि पुरानी वाली चेकबुक को संभालना और इस्तेमाल करना एक्ट्रेस बंद कर चुकी थीं. हालांकि बैंक को पुरानी चेकबुक के चेक के आधार पर कुछ हलचल होती हुई दिखाई दी. इसके बाद बैंक ने एक्ट्रेस को फोन करके जानकारी दी और बताया कि उनकी बहन अंबिका ने पुरानी चेकबुक के पांच चेक भुनाने का प्रयास करते हुए लगभग 46 करोड़ रुपये का दावा किया था. हालांकि उन्हें सफलता नहीं मिली. राधा ने बताया कि उनके साथ धोखाधड़ी की जा रही थी, क्योंकि वो चेक उन्होंने अपनी बहन को नहीं सौंपे थे. एक्ट्रेस जब घर नही थी तो उनके चेक चुराकर उनका गलत इस्तेमाल करने की कोशिश की गई. बहन अंबिका पर आरोप लगाने के बाद राधा ने भाई मल्लिकार्जुन पर चेक को भरने का आरोप लगाया है. राधा ने इस मामले में अपनी बहन और भाई के खिलाफ आरोप साबित होने के बाद कार्रवाई की मांग की है. राधा ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत साल 1981 में आई फिल्म 'अलाइगल ओइवाथिल्लई' से की थी. रजनीकांत से लेकर कमल हासन जैसे दिग्गजों संग काम कर चुकीं एक्ट्रेस 'राजविंते माकन', 'इरुपथम नूट्टंडु', 'काक्कोथिक्कविले अप्पुप्पन थैडिकल', 'मिस्टर भरत', 'वाज़वे मायम', 'नान पादुम पाडल' सहित कई फिल्मों का हिस्सा रही हैं. संदीप मेहरा ABP LIVE की एंटरटेनमेंट टीम में बतौर कंसलटेंट कंटेंट राइटर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं. इससे पहले वे एबीपी न्यूज़, टीवी9 भारतवर्ष, न्यूज़ट्रेंड और न्यूजट्रैक लाइव में अपनी सेवाएं दे चुके हैं.
17 shares
😢
A
ABP News
Sep 21, 2026, 04:50 PM
रांची की विशेष अदालत ने पीएमएलए मामले के आरोपों को स्थगित करने के लिए हेमंत सोरेन के आवेदन को खारिज कर दिया

रांची की विशेष अदालत ने पीएमएलए मामले के आरोपों को स्थगित करने के लिए हेमंत सोरेन के आवेदन को खारिज कर दिया

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को PMLA मामले में सोमवार को रांची की विशेष अदालत से झटका लगा. ECIR 06/2023 में चार्ज फ्रेम करने की कार्यवाही टालने के लिए सोरेन की ओर से दायर अर्जी को विशेष PMLA अदालत ने खारिज कर दिया. अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल आगे की जांच लंबित होने के आधार पर पहले से दायर अभियोजन शिकायत पर कार्यवाही रोकना जरूरी नहीं है. आरोपी नंबर-2 हेमंत सोरेन की ओर से दायर अर्जी में कहा गया था कि मामले में आगे की जांच जारी है और ED ने अपनी अभियोजन शिकायत में जरूरत पड़ने पर पूरक शिकायत दाखिल करने की अनुमति मांगी है. इसलिए अभी मामला चार्ज फ्रेम करने के लिए तैयार नहीं है. बचाव पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के 'वीनू भाई हरि भाई मालवीय' फैसले का हवाला देते हुए कहा कि चार्ज फ्रेम होने के बाद जांच जारी रखने की स्थिति नहीं रहनी चाहिए. ED के विशेष लोक अभियोजक ने अर्जी का विरोध करते हुए इसे कार्यवाही में देरी की कोशिश बताया. ED की ओर से कहा गया कि सोरेन की ओर से पहले भी डिस्चार्ज की मांग की जा चुकी है, जिसे विशेष अदालत ने 8 जून 2026 को खारिज कर दिया था. इसके बाद झारखंड हाईकोर्ट में दायर रिवीजन में भी आगे की कार्यवाही पर रोक की मांग वाली अर्जी 18 सितंबर को खारिज हो चुकी है. विशेष अदालत ने कहा कि PMLA की धारा 44 के तहत मूल अभियोजन शिकायत दाखिल होने के बाद भी आगे की जांच की जा सकती है और जरूरत पड़ने पर पूरक शिकायत दाखिल की जा सकती है. बाद में सामने आने वाला अतिरिक्त मौखिक या दस्तावेजी साक्ष्य मूल शिकायत का हिस्सा माना जा सकता है. इसलिए आगे की जांच लंबित होना अपने आप में मौजूदा कार्यवाही रोकने की कानूनी बाधा नहीं है. अदालत ने यह भी कहा कि आगे की जांच के दौरान नया साक्ष्य या किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आने पर ED कानून के मुताबिक उसे अदालत के समक्ष रख सकती है, लेकिन इससे पहले से दायर शिकायत या उसके आधार पर चल रही कार्यवाही रुकती नहीं है. सोमवार को हेमंत सोरेन को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होना था, लेकिन सिविल कोर्ट में जियो सर्वर डाउन होने के कारण वीसी से पेशी संभव नहीं हो सकी. दोनों पक्षों की दलील पर अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर 2026 को दोपहर 3:30 बजे तय की है. इसी दिन हेमंत सोरेन के खिलाफ चार्ज फ्रेम करने को लेकर सुनवाई होगी. सुनवाई के दौरान सोरेन के वकील ने आरोप लगाया कि अदालत के 24 जून 2025 के निर्देश के बावजूद ED ने अनरिलाइड दस्तावेजों की सूची उपलब्ध नहीं कराई है. ED की ओर से कहा गया कि निर्देश का पालन किया जा चुका है और आरोपी पक्ष के वकील ने सूची प्राप्त करने की पुष्टि भी की थी. ED ने जरूरत पड़ने पर सूची दोबारा उपलब्ध कराने की बात कही. “आगे की जांच लंबित होना, बिना किसी विशिष्ट प्रेज्यूडिस के कार्यवाही जारी रखने पर पूर्ण रोक नहीं है.” कोर्ट ने इसी आधार पर सोरेन की स्थगन अर्जी खारिज कर दी.
75 shares
😢
A
Aaj Tak
Sep 21, 2026, 04:49 PM
सुप्रीम कोर्ट ने विवादास्पद टिप्पणी को लेकर वेब डेवलपर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने विवादास्पद टिप्पणी को लेकर वेब डेवलपर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया

कॉमेडियन प्रणित मोरे के शो में एक गेस्ट की ओर से '370 रुपये की बिरयानी' वाली विवादित टिप्पणी करने के बाद उन पर कई FIR दर्ज हुईं. इसके बाद सोमवार को उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से अपने खिलाफ दर्ज सभी FIR को एक साथ जोड़ने की अपील की. उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और महाराष्ट्र व हरियाणा सरकारों को नोटिस जारी किया. चीफ जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची व वी. मोहना की बेंच ने यह आदेश तब दिया जब मोरे के वकील ने कोर्ट को बताया कि कॉमेडियन ने नेशनल कमीशन फॉर विमेन (NCW) समेत सभी मंचों पर माफी मांग ली है. इससे पहले, गुरुग्राम की एक फर्म ने अपने कर्मचारी, वेब डेवलपर हिमांशु जांगरा को नौकरी से निकाल दिया था. जांगरा, मोरे के शो के दौरान "370 रुपये की बिरयानी" वाली विवादित टिप्पणी करने के बाद चर्चा में आए थे और इस घटना पर सोशल मीडिया पर काफी गुस्सा देखा गया था. अपनी टिप्पणी के कारण जांगरा को आलोचना का सामना करना पड़ा, जिसके चलते उनकी कंपनी 'स्टारविक डिज़ाइन' ने उन्हें नौकरी से निकाल दिया. फर्म के फाउंडर विवेक विश्वकर्मा ने X पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में उन्हें नौकरी से निकाले जाने की पुष्टि की थी. विवाद तब शुरू हुआ जब जांगरा ने शो के दौरान एक 'डेट' का ज़िक्र किया, जिसमें उन्होंने चिकन बिरयानी की एक प्लेट पर 370 रुपये खर्च किए थे. जांगरा ने कहा कि जब महिला ने उन्हें घर छोड़ने के लिए कहा, तो उन्होंने बिरयानी पर खर्च किए गए पैसे के बदले सेक्सुअल फेवर की मांग की. मोरे को जांगरा की टिप्पणी पर हंसते हुए देखा गया था
10 shares
😢
Aaj Tak logo
Aaj Tak
Sep 21, 2026, 04:45 PM
बिजनौर में सांप की चेतावनीः रसेल का वाइपर सेवानिवृत्त व्यक्ति के घर में दहशत पैदा करता है

बिजनौर में सांप की चेतावनीः रसेल का वाइपर सेवानिवृत्त व्यक्ति के घर में दहशत पैदा करता है

बिजनौर के चक्कर रोड स्थित राधिका गार्डन के पास एक कॉलोनी में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी के घर में खतरनाक Russell's Viper सांप दिखाई दिया. सांप घर में जनरेटर के पीछे छिपा हुआ था. अचानक सांप पर नजर पड़ने के बाद एक छोटा बच्चा डर गया और भागकर अपने परिजनों को इसकी जानकारी दी. जानकारी के मुताबिक, चक्कर रोड स्थित राधिका गार्डन के पास रहने वाले तेजपाल सिंह सरकारी कर्मचारी के पद से रिटायर हो चुके हैं. उनके घर में पानी की मोटर लगी हुई है. घर का पानी खत्म होने के बाद परिवार का एक छोटा बच्चा पानी की मोटर का बटन ऑन करने के लिए बाहर आया था. बच्चा जैसे ही मोटर के पास पहुंचा, तभी उसे जनरेटर के पीछे से सांप के होने का एहसास हुआ. ध्यान से देखने पर बच्चे की नजर छिपे हुए Russell's Viper पर पड़ी. अचानक इतने बड़े सांप को सामने देखकर बच्चा बुरी तरह डर गया और वहां से भागकर घर के अंदर पहुंचा. बच्चे ने घबराते हुए अपने परिवार वालों को पूरी बात बताई. इसके बाद परिजनों ने आसपास तलाश की तो जनरेटर के पीछे Russell's Viper छिपा हुआ दिखाई दिया. सांप को देखकर परिवार के लोगों में भी डर का माहौल बन गया. परिजनों ने बिना किसी तरह का जोखिम उठाए इसकी जानकारी सर्प मित्र ( बी भास्कर ) को दी और उन्हें घर बुलाया. सूचना मिलने के बाद बी भास्कर मौके पर पहुंचे और काफी सावधानी के साथ सांप को पकड़ने का काम शुरू किया. काफी मशक्कत के बाद सर्प मित्र बी भास्कर ने Russell's Viper को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया. सांप के पकड़े जाने के बाद परिवार के लोगों ने राहत की सांस ली. बताया गया कि घर में मिला सांप Russell's Viper था. समय रहते बच्चे की नजर इस पर पड़ जाने से परिवार को इसकी जानकारी हो गई और सर्प मित्र की मदद से उसका सफल रेस्क्यू कर लिया गया.
22 shares
😢
A
Aaj Tak
Sep 21, 2026, 04:40 PM
श्रीलंका के राष्ट्रपति ने सऊदी अरब में मौत की सजा पाए युवक के लिए माफी मांगी

श्रीलंका के राष्ट्रपति ने सऊदी अरब में मौत की सजा पाए युवक के लिए माफी मांगी

श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा दिसानायके निजी रूप से अपने देश के एक युवक के लिए सऊदी शासक से क्षमा याचना मांगेंगे. इस युवक को सऊदी अरब में मौत की सजा मिली है. युवक के एक सोशल मीडिया पोस्ट को ईश निंदा के बराबर माना गया. इसी 'अपराध' में इस युवक को मौत की सजा सुनाई गई है. राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने सोमवार को वादा किया कि वे सऊदी शासक से उस युवक के लिए व्यक्तिगत रूप से माफ़ी मांगेंगे जो देश के अल्पसंख्यक तमिल समुदाय से है. युवक के परिवार का कहना है कि उसे सऊदी अरब में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के कारण मौत की सज़ा सुनाई गई थी; इस पोस्ट पर कथित तौर पर ईशनिंदा का आरोप है. अनोझन शिवरासा नाम का ये युवक श्रीलंका के पूर्वी प्रांत का रहने वाला है और लगभग नौ महीने पहले नौकरी के लिए सऊदी अरब गया था. स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रपति दिसानायके ने राष्ट्रपति सचिवालय में शिवरासा के माता-पिता से मुलाक़ात के बाद यह वादा किया और उनसे कहा कि उनके बेटे की माफ़ी के लिए कानूनी और कूटनीतिक रास्ते अपनाए जाएंगे. शिवरासा के परिवार का कहना है कि उसे सऊदी अरब में सोशल मीडिया पर ऐसे कंटेंट के कारण मौत की सज़ा सुनाई गई थी, जिसे कथित तौर पर इस्लाम और पैगंबर मोहम्मद का अपमान माना गया. हालांकि श्रीलंका के विदेश मंत्रालय ने मौत की सज़ा की खबरों की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की है. शुक्रवार को जारी एक बयान में मंत्रालय ने कहा कि सऊदी अरब में शिवरासा के मामले में कानूनी कार्यवाही चल रही है और रियाद स्थित श्रीलंकाई दूतावास के ज़रिए इस मामले पर बारीकी से नज़र रखी जा रही है. मंत्रालय ने कहा कि वह राजनयिक चैनलों के ज़रिए सऊदी अधिकारियों के संपर्क में है और शिवरासा के हितों की रक्षा करने तथा उन्हें हर संभव मदद दिलाने के लिए उचित कदम उठा रहा है. विपक्ष के नेता साजित प्रेमदासा ने भी सोमवार को शिवरासा के परिवार से मुलाक़ात की. यह घटनाक्रम तमिल प्रोग्रेसिव अलायंस के नेता मनो गणेशन द्वारा दिसानायके से इस मामले में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दखल चाहने की अपील करने के दो दिन बाद सामने आया है.गणेशन ने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के साथ PM मोदी के संबंधों का हवाला दिया था. 'डेली मिरर' अख़बार की रिपोर्ट के मुताबिक शिवरासा को शुरू में एक धर्म का अपमान करने वाला सोशल मीडिया कंटेंट पोस्ट करने का दोषी पाए जाने पर पांच साल की जेल और 30 लाख सऊदी रियाल के जुर्माने की सज़ा सुनाई गई थी. रिपोर्ट के अनुसार बाद में शिवरासा के वकील ने रियाद स्थित श्रीलंकाई दूतावास को मौखिक रूप से सूचित किया कि सज़ा को बढ़ाकर मौत की सज़ा में बदल दिया गया है. हालांकि रिपोर्ट में कहा गया है कि दूतावास इस घटनाक्रम की पुष्टि करने से पहले सऊदी न्यायिक अधिकारियों से औपचारिक लिखित फ़ैसले का इंतज़ार कर रहा है.
63 shares
😢
A
Aaj Tak
Sep 21, 2026, 04:40 PM
मध्य प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में इलाज में विफल रहने के बाद चीता गौरव की मौत हो गई।

मध्य प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में इलाज में विफल रहने के बाद चीता गौरव की मौत हो गई।

देश में चीतों के पहले घर यानी मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क से एक बार फिर बुरी खबर आई है. यहां नामीबिया से लाए गए नर चीते गौरव की सोमवार को इलाज के दौरान मौत हो गई. कूनो पार्क प्रबंधन के मुताबिक, गौरव की उम्र 10 साल से ज्यादा थी. उसे 12 सितंबर को जंगल में कमजोर और सुस्त हालत में पाया गया था. कूनो प्रबंधन के अनुसार, गौरव का रेस्क्यू कर उसका इलाज शुरू किया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ. मेडिकल जांच में उसकी मांसपेशियां कमजोर पाई गईं. वह गंभीर डिहाइड्रेशन से भी जूझ रहा था. सोमवार शाम करीब 4 बजे उसने ने दम तोड़ दिया. इससे पहले गौरव को इलाज के लिए पालपुर स्थित क्वारेंटाइन बोमा में रखा गया था. शुरुआती मेडिकल जांच में उसके किसी पुरानी या गंभीर बीमारी से पीड़ित होने की आशंका जताई गई थी. इसके बाद डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी रहा. अधिकारियों के मुताबिक, गौरव की मौत की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है. मौत के बाद उसका पोस्टमॉर्टम किया जाएगा. जांच के लिए सैंपल भी लिए गए हैं. पोस्टमॉर्टम और सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की सही वजह सामने आएगी. प्रोजेक्ट चीता के डायरेक्टर उत्तम कुमार शर्मा ने 'आजतक' को फोन कॉल पर बताया कि चीता गौरव को कमजोर हालत में जंगल से रेस्क्यू किया गया था, जिसका पालपुर हॉस्पिटल में इलाज जारी था उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई है. वेटेरियन द्वारा पुरानी बीमारी की आशंका जताई गई है. मौत की असल वजह का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही चल सकेगा. यहां बता दें कि गौरव की मौत के बाद कूनो नेशनल पार्क में अब 51 चीते बचे हैं. इनमें 36 भारत में पैदा हुए चीते शामिल हैं. कूनो के 16 चीते फिलहाल जंगल में खुले में घूम रहे हैं. वहीं, गांधी सागर अभयारण्य में 4 चीते हैं. इस तरह गौरव की मौत के बाद देश में अब कुल 55 चीते रह गए हैं.
45 shares
😢
A
Aaj Tak
Sep 21, 2026, 04:39 PM
भाजपा का'सेवा संकल्प अभियान'साइकिल रैलियाँ जनभागीदारी और सामाजिक उत्तरदायित्व को बढ़ावा देती हैं

भाजपा का'सेवा संकल्प अभियान'साइकिल रैलियाँ जनभागीदारी और सामाजिक उत्तरदायित्व को बढ़ावा देती हैं

गुजरात के वडनगर से उत्तर प्रदेश के वाराणसी और वाराणसी से वडनगर के बीच निकाली जा रही बाइक रैलियों में शामिल 1500 युवा रास्ते में कई सेवा गतिविधियों के जरिए जनभागीदारी और समाज के प्रति कर्तव्य का बड़ा संदेश दे रहे हैं. सोमवार को बीजेपी ने इसकी जानकारी दी. बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता अनिल बलूनी ने बताया, 'आज इस यात्रा का पांचवां दिन है. यह एक अनोखा अभियान है जिसमें लगभग 1,500 'सेवा यात्री' बाइकर्स अपने रास्ते में अलग-अलग जगहों पर रुककर कई तरह की सेवा गतिविधियां कर रहे हैं.' 17 सितंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन और सरकार के प्रमुख के तौर पर उनके सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने के मौके पर बीजेपी के महीने भर चलने वाले 'सेवा संकल्प अभियान' की शुरुआत करते हुए गुजरात के वडनगर से वाराणसी तक एक बाइक रैली को हरी झंडी दिखाई. उसी दिन, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी से वडनगर तक इसी तरह की एक बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर राज्य में बीजेपी के 'सेवा संकल्प अभियान' की शुरुआत की. बता दें, जहां वडनगर प्रधानमंत्री मोदी का जन्मस्थान है, वहीं वाराणसी उनका लोकसभा क्षेत्र है. बलूनी ने कहा कि 17 सितंबर को एक साथ शुरू की गई ये दो बाइक रैलियां वडनगर और वाराणसी को जोड़ने वाले 20 अलग-अलग रास्तों पर 10 समूहों में युवाओं द्वारा आयोजित की जा रही हैं. बीजेपी सांसद ने आगे कहा कि इनमें से हर समूह में तमिलनाडु, असम, पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर, गुजरात , बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों जैसे राज्यों के 50 से 60 युवा शामिल हैं. बलूनी ने कहा, 'वे 10 राज्यों, 193 जिलों, 773 तहसीलों और 1,159 गांवों का दौरा कर रहे हैं. यह यात्रा केवल लोगों तक पहुंचने का जरिया नहीं है, बल्कि 'सेवा ही संगठन' की भावना को जमीनी स्तर पर काम में बदलने का देशव्यापी संकल्प है.'
88 shares
😐
A
ABP News
Sep 21, 2026, 04:37 PM
पश्चिम बंगाल उपचुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को न्यायिक हिरासत में भेजा गया

पश्चिम बंगाल उपचुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को न्यायिक हिरासत में भेजा गया

पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले की एक अदालत ने नंदीग्राम उपचुनाव के लिए कांग्रेस के उम्मीदवार मिलन प्रधान को 19 साल पहले खेजुरी थाने में दर्ज एक मामले में सोमवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. कांथी अदालत ने प्रधान को पांच अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा है. उनके वकील अयन भट्टाचार्य ने यह जानकारी दी और कहा कि वह इस आदेश को कलकत्ता उच्च न्यायालय में चुनौती देंगे. प्रधान को इससे पहले 19 सितंबर को हल्दिया की एक अदालत ने हत्या समेत कई आरोपों के मामले में तीन अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा था. ये मामले 2007 के नंदीग्राम भूमि आंदोलन से जुड़े हैं. इन आदेशों के कारण प्रधान के लिए खुद के पक्ष में चुनाव प्रचार करने का मौका लगभग खत्म हो गया है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा खाली की गई विधानसभा सीट पर 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव के लिए प्रचार चार अक्टूबर को समाप्त हो जाएगा. अधिकारी ने इस साल की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी को हराने के बाद नंदीग्राम सीट से इस्तीफा दे दिया था और भवानीपुर सीट का प्रतिनिधित्व करने का फैसला किया था. उन्होंने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीट से चुनाव लड़ा था. बता दें कि मिलन प्रधान की गिरफ़्तारी ठीक उसी दिन हुई, जिस दिन ममता बनर्जी ने उन्हें समर्थन देने का ऐलान कर दिया था. ममता बनर्जी ने कांग्रेस के उम्मीदवार को समर्थन इसलिए दिया क्योंकि उनकी प्रत्याशी ने cm शुभेन्दु अधिकारी से मिलने के बाद अपना नाम वापस ले लिया था. मिलन प्रधान की गिरफ़्तारी पर राहुल गांधी ने कहा था कि ‘नंदीग्राम उपचुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी कोई संयोग नहीं है.राजनीतिक प्रतिशोध है’ पश्चिम बंगाल विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी ने सोशल मीडिया X पर लिखा- "हम, डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस ने मिलन प्रधान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, जिन पर हत्या के तीन मामले लंबित हैं." धर्मेंद्र बैरागी हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग में हिन्दी डिजिटल पत्रकारिता पर शोध कर रहे हैं. इनके रुचि के विषय साहित्य, राजनीति एवं खेल आदि है. वर्तमान में एबीपी न्यूज में इंटर्न के रूप में कार्यरत हैं. संपर्क करें- dharmendradasbairagi13@gmail.com
21 shares
😐
A
ABP News
Sep 21, 2026, 04:36 PM
पंजाब पुलिस के पूर्व डी. आई. जी. हरचरण सिंह भुल्लर की कथित रिश्वत योजना का खुलासाः कृष्णु शर्मा गिरफ्तार

पंजाब पुलिस के पूर्व डी. आई. जी. हरचरण सिंह भुल्लर की कथित रिश्वत योजना का खुलासाः कृष्णु शर्मा गिरफ्तार

पंजाब पुलिस के तत्कालीन रोपड़ रेंज DIG हरचरण सिंह भुल्लर से जुड़े कथित रिश्वत और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने किरशानु शर्मा को गिरफ्तार किया है. चंडीगढ़ जोनल ऑफिस-1 ने उसे 18 सितंबर 2026 को PMLAकी धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया. चंडीगढ़ की विशेष PMLAअदालत ने आरोपी को सात दिन की ED हिरासत में भेज दिया. ED के मुताबिक, सीबीआई की एसीबी चंडीगढ़ की ओर से दर्ज एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की गई थी. जांच में प्रथम दृष्टया सामने आया कि तत्कालीन DIG हरचरण सिंह भुल्लर कथित तौर पर किरशानु शर्मा के माध्यम से रिश्वत की मांग और वसूली करते थे. एक मामले में शिकायतकर्ता से 8 लाख रुपये की रिश्वत मांगे जाने का आरोप है. इसमें से 5 लाख रुपये किरशानु शर्मा के जरिए लिए गए. ED के अनुसार यह रकम कथित तौर पर आपराधिक मामले को निपटाने और शिकायतकर्ता को पुलिस की दखल के बिना स्क्रैप का कारोबार जारी रखने की अनुमति देने के एवज में मांगी गई थी. ED ने PMLAकी धारा 17 के तहत तलाशी के दौरान 8.35 लाख रुपये नकद जब्त किए. इसके अलावा बैंक और डाकघर के खातों तथा निवेशों में करीब 1.42 करोड़ रुपये की राशि फ्रीज की गई है. जांच एजेंसी ने वित्तीय रिकॉर्ड और जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों की जांच की है. इसमें कई बिना स्पष्ट स्रोत वाली नकद जमा, निवेश और वित्तीय लेन-देन सामने आने की बात कही गई है. इनमें हरचरण सिंह भुल्लर से जुड़े लेन-देन भी शामिल हैं. ED ने कुछ अन्य सरकारी अधिकारियों की संभावित भूमिका के भी प्रथम दृष्टया संकेत मिलने की बात कही है. एजेंसी अब पूरे मनी ट्रेल का पता लगा रही है और यह जांच कर रही है कि अपराध से अर्जित रकम को किस तरह हासिल किया गया, इधर-उधर किया गया, छिपाया गया और इस्तेमाल किया
87 shares
😢
A
ABP News
Sep 21, 2026, 04:35 PM
उत्तराखंड के मंत्री ने भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच इस्तीफे और आत्महत्या की धमकी दी

उत्तराखंड के मंत्री ने भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच इस्तीफे और आत्महत्या की धमकी दी

उत्तराखंड के समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने योजनाओं में गडबड़ी के अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं के आरोपों से आहत होकर बड़ा बयान दिया है. मंत्री खजान दास ने कहा कि अगर उन पर लगे कमीशनखोरी या भ्रष्टाचार के आरोप सही पाए जाते हैं तो वे न केवल मंत्री पद से इस्तीफा देंगे, बल्कि आत्महत्या जैसा कदम भी उठा सकते हैं. फिलहाल मंत्री के बयान से उत्तराखंड का सियासी पारा चढ़ गया है. दरअसल, बीती 11 सितंबर को समाज कल्याण विभाग ने अनुसूचित जाति उप योजना और जनजाति उप योजना के तहत चकराता क्षेत्र के लिए करीब 9 से 12 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सूची जारी की थी. सूची सामने आते ही स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई. कार्यकर्ताओं का आरोप है कि इसमें पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रस्तावों को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया है. इसी के चलते भाजपा विधायक मुन्ना सिंह चौहान की पत्नी और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान ने रविवार को मंत्री खजान दास के आवास का घेराव कर अपनी ही पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. वहीं, बीजेपी कार्यकर्ताओं के आरोपों पर सफाई देते हुए मंत्री खजान दास ने कहा कि पूरे प्रदेश में बजट का वितरण बिना किसी राजनीतिक पक्षपात के किया गया है. चकराता को बाकी क्षेत्रों के मुकाबले सबसे अधिक हिस्सा मिला है. उनका कहना था कि सारे फैसले विभाग को प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर लिए गए हैं, न कि किसी एक क्षेत्र या व्यक्ति विशेष के दबाव में. वहीं इस घटना से आहत मंत्री खजान दास ने मीडिया के सामने भावुक होकर कहा कि अगर उन पर लगे कमीशनखोरी या भ्रष्टाचार के आरोप सही साबित हुए तो वह न केवल मंत्री पद से इस्तीफा देंगे, बल्कि आत्महत्या जैसा कदम भी उठा सकते हैं. मंत्री के इस बयान ने विवाद को और गरमा दिया है. वहीं, बढ़ते तनाव के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने CM हाउस में भाजपा कार्यकर्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की. बैठक में तय हुआ कि इस पूरे प्रकरण की जांच संबंधित विभाग के अधिकारियों से कराई जाएगी. मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि वे खुद जांच रिपोर्ट मंगाकर उचित कार्रवाई करेंगे. हालांकि इस दौरान मुख्यमंत्री ने नाराजगी भरे लहजे में कहा कि किसी भी धरना प्रदर्शन से पहले उनसे बात की जानी चाहिए थी. चकराता विधानसभा सीट पर भाजपा का प्रदर्शन कांग्रेस के मुकाबले लगातार कमजोर रहा है. 2017 में मधु चौहान ने कांग्रेस के प्रीतम सिंह को कड़ी टक्कर दी थी और मात्र 1,543 वोटों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा था. हालांकि 2022 में भाजपा प्रत्याशी रामशरण नौटियाल यह सीट 9,436 वोटों के भारी अंतर से गंवा बैठे. ऐसे में पार्टी के भीतर उठे इस विवाद को चकराता में आगामी चुनावी रणनीति और संगठनात्मक मजबूती के नजरिए से भी अहम माना जा रहा है. आलोक सेमवाल उत्तराखंड के देहरादून की खबरों पर नजर रखते हैं. एबीपी लाइव के लिए रिपोर्टिंग करते हैं. उन्होंने अपनी ग्रेजुएशन BA hons मास कम्यूनिकेशन HNB गढ़वाल विश्वविद्यालय से पूरी की हैं.
67 shares
😢
A
ABP News
Sep 21, 2026, 04:34 PM
ईडी ने डाक विभाग के धन शोधन मामले में दोषसिद्धि हासिल की

ईडी ने डाक विभाग के धन शोधन मामले में दोषसिद्धि हासिल की

डाक विभाग में करोड़ों रुपये की हेराफेरी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) को बड़ी सफलता मिली है. जालंधर के दखनी गेट, नकोदर के तत्कालीन सब-पोस्ट मास्टर संजीव कुमार को मोहाली की विशेष PMLA अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग का दोषी ठहराते हुए एक साल छह महीने के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है. अदालत ने 14 सितंबर 2026 को यह फैसला सुनाया. जुर्माना नहीं देने पर दोषी को तीन महीने का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा. ED के मुताबिक मामला सीबीआई की ओर से 1 फरवरी 2018 को दर्ज एफआईआर से जुड़ा था. इसमें संजीव कुमार और अन्य पर पद का दुरुपयोग, धोखाधड़ी और सरकारी धन के गबन के आरोप लगाए गए थे. जांच में सामने आया कि संजीव कुमार ने कथित तौर पर 54 फर्जी बचत खाते खोले और इनके जरिये सरकारी खजाने को करीब 3.40 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया. इसके अलावा 41 बचत खातों में प्रविष्टियों से छेड़छाड़ कर 2.79 करोड़ रुपये, जबकि 51 आरडी खातों में हेराफेरी कर 1.89 करोड़ रुपये की राशि का नुकसान पहुंचाया गया. ED के अनुसार पीपीएफ, टर्म डिपॉजिट समेत अन्य खातों में भी हेराफेरी की गई. इस तरह सरकारी धन की कुल करीब 8.48 करोड़ रुपये की राशि कथित तौर पर धोखाधड़ी से निकाली गई. ED ने बताया कि कथित तौर पर निकाली गई रकम को संजीव कुमार तथा उसके सहयोगियों के नियंत्रण वाले विभिन्न बैंक खातों के जरिये इधर-उधर किया गया. जांच एजेंसी के मुताबिक अपराध से अर्जित रकम का इस्तेमाल आरोपी ने आलीशान जीवनशैली, जुए, निजी खर्च और अचल संपत्तियां खरीदने में किया. मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के दौरान ED ने करीब 42 लाख रुपये मूल्य की चल-अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की थीं. यह कार्रवाई 2 मार्च 2025 के प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर के तहत की गई थी, जिसकी पुष्टि 20 अगस्त 2025 को हुई. मुकदमे के दौरान संजीव कुमार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 के तहत प्ली बार्गेनिंग के जरिए मामले का निपटारा करने का अनुरोध किया. विशेष अदालत ने आवेदन स्वीकार करते हुए उसे PMLA की धारा 3 के तहत मनी लॉन्ड्रिंग का दोषी माना और धारा 4 के तहत सजा सुनाई. अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि आरोपी से बरामद राशि सुपरिंटेंडेंट ऑफ पोस्ट ऑफिस, कपूरथला डिवीजन के कार्यालय को दी जाएगी. साथ ही पीड़ित विभाग को PMLA की धारा 8(8) और रेस्टोरेशन ऑफ प्रॉपर्टी रूल्स, 2016 के तहत अटैच संपत्ति की बहाली के लिए आवेदन करने का अधिकार दिया गया है.
16 shares
😢
A
ABP News
Sep 21, 2026, 04:33 PM
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने हवाई अड्डे और स्टेडियम परियोजनाओं की घोषणा की, पीएम मोदी की सेवा की सराहना की

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने हवाई अड्डे और स्टेडियम परियोजनाओं की घोषणा की, पीएम मोदी की सेवा की सराहना की

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा है कि नीमच में शीघ्र ही एयरपोर्ट बनाया जाएगा. साथ ही खेल सुविधाओं में विस्तार के लिये सर्वसुविधायुक्त स्टेडियम बनाया जाएगा. प्रदेश में पिछले ढाई वर्षों में एक लाख से अधिक भर्तियां की गई हैं. आगामी ढाई वर्षों में साढ़े तीन लाख से अधिक भर्तियां और की जायेंगी. सीएम मोहन यादव नीमच के अग्रोहा भवन में आयोजित सेवा से संकल्प अभियान के अभिनंदन कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई दी और देश को विकास के पथ पर आगे ले जाने में उनके योगदान का उल्लेख किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक प्रदेश में सेवा से संकल्प अभियान संचालित किया जा रहा है. अभियान के तहत सभी जिलों में सेवा, जनभागीदारी और जनकल्याण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं. उन्होंने कहा कि संकल्प से ही शक्ति और विकास का मार्ग प्रशस्त होता है तथा प्रदेश सरकार इसी भावना के साथ निरंतर कार्य कर रही है. सीएम यादव ने नीमच के विकास, नागरिकों के जुझारूपन और उद्यमशीलता की सराहना की. उन्होंने कहा कि 17 सितंबर को आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम सनातन परंपरा और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश का शिक्षा बजट लगभग 5 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 38 हजार करोड़ रुपये तथा प्रदेश का कुल बजट बढ़कर 4 लाख 48 हजार करोड़ रुपये हो गया है. उन्होंने प्रदेश में प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में ड्रॉपआउट रेट शून्य होने को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय एक लाख 70 हजार रुपये से अधिक हो गई है तथा बिजली उत्पादन 32 हजार मेगावॉट से अधिक पहुंच गया है. वर्ष 2002 में प्रदेश में लगभग 5 मेडिकल कॉलेज थे, जबकि वर्तमान में 33 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, जिनमें करीब 8 हजार सीटें उपलब्ध हैं. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में विगत वर्षों में 5 लाख किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण हुआ है तथा प्रमुख शहरों की कनेक्टिविटी एक्सप्रेस-वे के माध्यम से बेहतर की जा रही है. उन्होंने कहा कि खेल सुविधाओं के विस्तार से जिले के युवाओं और प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलेंगे. मुख्यमंत्री डॉ. यावद ने कहा कि आज चीता प्रोजेक्ट के तहत नीमच के खिमला क्षेत्र में मादा चीता को छोड़ा जा रहा है. उन्होंने इसे जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत विश्व के अग्रणी देशों की कतार में है और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. सैयद ज़हीन रज़ा तकवी 2019 से ABP News के डिजिटल विंग में सेवाएं दे रहे हैं. इस दौरान टेक-ऑटो सेक्शन की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. राजनीति और खेल की खबरों में गहरी दिलचस्पी है. वर्तमान में स्टेट डेस्क पर कार्यरत हैं. साथ ही टीम लीड की भी जिम्मेदारी निभाते हैं. एबीपी न्यूज से पहले ज़हीन ईटीवी भारत और जनटीवी न्यूज में काम कर चुके हैं.
13 shares
😊
A
Amar Ujala
Sep 21, 2026, 04:29 PM
चिड़ियाघरों को बंद करने के दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की

चिड़ियाघरों को बंद करने के दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने यह आदेश दिल्ली हाईकोर्ट के जुलाई 2020 के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया।विज्ञापनदिल्ली हाईकोर्ट ने देश के अलग-अलग चिड़ियाघरों में लोगों के जानवरों के बाड़ों में कूदने की घटनाओं को लेकर केंद्र और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाने वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया था। हालांकि, हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपना पक्ष रखने की अनुमति दी थी।विज्ञापनसितंबर 2020 में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के लिए सहमति जताई थी। उस समय शीर्ष अदालत ने केंद्र से मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम, 2017 की एक व्यवस्था की वैधता को लेकर स्पष्टीकरण मांगा था। अदालत ने कहा था कि यह प्रावधान आत्महत्या के प्रयास को अपराध मानने वाली भारतीय दंड संहिता की व्यवस्था को प्रभावित करता है।सोमवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले में जरूरी सुरक्षा उपाय पहले से मौजूद हैं। पीठ ने कहा कि हर व्यक्ति से कानून के अनुसार काम करने की अपेक्षा की जाती है। इसके बाद अदालत ने याचिका खारिज कर दी।याचिका में केंद्र, केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण और अन्य संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश देने की मांग की गई थी कि कोई व्यक्ति जानवरों के बाड़े में कूदकर आत्महत्या का प्रयास न कर सके। याचिका में देश के अलग-अलग चिड़ियाघरों में बाघ और शेर जैसे जानवरों के बाड़ों में लोगों के कूदने की घटनाओं का भी उल्लेख किया गया था। इसमें कहा गया था कि ऐसी घटनाओं में कई लोगों की जान जानवरों के हमले में चली गई। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि चिड़ियाघर प्रशासन ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रहा है।
97 shares
😢
A
ABP News
Sep 21, 2026, 04:29 PM
ममता बनर्जी ने बिहार में जमुई की घटना की निंदा की, जवाबदेही का आह्वान किया

ममता बनर्जी ने बिहार में जमुई की घटना की निंदा की, जवाबदेही का आह्वान किया

बिहार की जमुई घटना पर ममता बनर्जी ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, 'बिहार का वीडियो दिल दहला देने वाला है. चौंकाने वाला है और सच कहूं तो इससे मुझे बहुत गुस्सा आ रहा है.' बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा है कि जिन लोगों ने मॉरल पुलिसिंग के नाम पर कानून अपने हाथ में लिया, उन्हें पुलिस को जवाबदेह ठहराना होगा. कोई भी समाज ऐसी भीड़ को यह तय करने की इजाजत नहीं दे सकता, कि किसे सम्मान मिलना चाहिए, किसे आजादी मिलना चाहिए या किसे सजा मिलनी चाहिए. उन छोटे बच्चों से मुझे खेद है. इसके अलावा ममता बनर्जी ने माफी मांगते हुए कहा, मुझे खेद है. मैं आपसे माफी मांगती हूं. क्योंकि कहीं न कहीं, एक देश के तौर पर हम आपको निराश करने में कामयाब रहे. हम आपकी सुरक्षा नहीं कर पाए. आपने अपने आसपास के बड़ों, संस्थाओं और समाज पर जो भरोसा किया था, हम उस पर खरे नहीं उतरे. The video from Bihar is gut-wrenching. Shocking. And honestly, it makes me very, very angry. Those who took the law into their own hands in the name of “moral policing” must be held accountable by the police and the law. No society can allow mobs to decide who deserves dignity,… ममता बनर्जी ने कहा, एक राजनीतिक पाखंड भी है. इसे हम नजरअंदाज नहीं कर सकते. बीजेपी नेता उन राज्यों में न्याय की मांग करते हैं, जहां वह सत्ता में नहीं होते हैं. लेकिन जहां वे सत्ता में हैं, वहां वे अन्याय का जरिया बन जाते हैं. जमुई में नाबालिग छात्र और छात्रा घूमने के लिए गए थे. तभी लौटते वक्त कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया, और उनके साथ बदसलूकी की. इस दौरान लड़की का यौन उत्पीड़न किया. साथ ही उनका वीडियो बनाया और मारपीट भी की गई. हालांकि, किसी तरह की अप्रिय घटना नहीं हो सकी, लेकिन भीड़ के इरादे पर वीडियो में सवाल खड़े हो गए. इस वीडियो को सोशल मीडिया पर भी अपलोड कर दिया गया. जब वीडियो वायरल हुआ तो पुलिस एक्शन में आई. हालांकि, घटना 19 सितंबर शाम 7 बजे की बताई जा रही है. वीडियो में एक शख्स लड़की को जबरन उठाकर सड़क से नीचे ले जाता दिख रहा है. साथ ही उसको गलत तरीके से छू रहा है. पुलिस ने इस मामले में अबतक 3 लोगों की गिरफ्तारी की गई है. वहीं अन्य की तलाश जारी है. अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. नवंबर 2025 एबीपी न्यूज नेटवर्क में बतौर कंसल्टेंट अपनी भूमिका निभा रहा हूं. मीडिया का अनुभव करीबन साढ़े 8 साल का है. देश के अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दे चुका हूं. पिछले कुछ सालों में बतौर मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर, कंटेंट एडिटर, सब एडिटर और रिजनल टीवी चैनल में प्रोग्राम एग्जीक्यूटिव के तौर पर अपनी सेवाएं दी हैं. लेखन, ग्राफिक्स और वीडियो प्रोडक्शन की बारीक समझ है. नेशनल-इंटरनेशनल डेस्क की भी जिम्मेदारी संभाल चुका हैं. मजा ग्राउंड या एक्सक्लूसिव रिपोर्ट कवर करने में आता है. साल 2016 में माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी भोपाल से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया और पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा. साहित्य पढ़ना, फिल्में देखना, कहानियां-कविताएं लिखना और घूमना विशेष रुचियों में दर्ज है.
82 shares
😢
A
Aaj Tak
Sep 21, 2026, 04:24 PM
गणेश उत्सव के दौरान लालबाग चा राजा पंडाल में आशीर्वाद लेते शाहरुख खान

गणेश उत्सव के दौरान लालबाग चा राजा पंडाल में आशीर्वाद लेते शाहरुख खान

बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान ने सोमवार को गणेशोत्सव के दौरान गणपति बप्पा का आशीर्वाद लेने के लिए मुंबई के मशहूर लालबाग चा राजा पंडाल का दौरा किया. (Photo: Vinod Singh) एक्टर के साथ उनकी पत्नी गौरी खान, बेटी और एक्ट्रेस सुहाना खान और उनकी मैनेजर पूजा ददलानी भी थीं. (Photo: Vinod Singh) इस मशहूर पंडाल में शाहरुख के परिवार के आने से वहां मौजूद भक्तों और फैंस का ध्यान उनकी ओर खिंच गया. भारी सुरक्षा के बीच एक्टर पंडाल के अंदर जाते दिखे, जबकि उनके चारों ओर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई थी. (Photo: Vinod Singh) इस खास मौके के लिए शाहरुख ने नीले रंग का कुर्ता पहना था, जबकि सुहाना हरे रंग के पारंपरिक कपड़ों में बहुत सुंदर लग रही थीं. वहीं, गौरी ने पीले रंग का पारंपरिक पहनावा चुना. (Photo: Vinod Singh) आस-पास भारी सुरक्षा होने के बावजूद, शाहरुख पंडाल में जाते समय खुशमिजाज दिखे. पूजा करने के लिए लालबागचा राजा की ओर बढ़ते हुए उन्होंने मुस्कुराते हुए भक्तों का अभिवादन किया. (Photo: Vinod Singh) इस दौरे के एक वीडियो में एक्टर और उनके परिवार के बीच एक-दूसरे का ख्याल रखने वाला पल भी कैद हुआ. शाहरुख भीड़ के बीच से आगे बढ़ते हुए यह पक्का कर रहे थे कि गौरी और सुहाना सुरक्षित रूप से उनके साथ चलें. (Photo: Vinod Singh) मुंबई में चल रहे गणेशोत्सव के जश्न के बीच परिवार का लालबागचा राजा आना हुआ है; कई बॉलीवुड सेलेब्रिटी बप्पा का आशीर्वाद लेने के लिए शहर के मशहूर गणपति पंडालों में जा रहे हैं. (Photo: Vinod Singh) कुछ दिन पहले, शाहरुख ने X पर 'AskSRK' सेशन के ज़रिए अपने फैंस से बातचीत की थी. तब एक फैन ने शाहरुख से पूछा कि उनका परिवार गणेश चतुर्थी कैसे मनाता है. एक्टर ने बताया कि बप्पा का घर में डेढ़ दिन के लिए स्वागत किया जाता है और उनका परिवार पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करता है. (Photo: Vinod Singh)
47 shares
😊
A
ABP News
Sep 21, 2026, 04:24 PM
महोबा में उप-पंजीयक कार्यालय में भाइयों का अपहरण, जबरन वसूली की मांग की

महोबा में उप-पंजीयक कार्यालय में भाइयों का अपहरण, जबरन वसूली की मांग की

महोबा में सब-रजिस्ट्रार कार्यालय से दो भाइयों को जबरन कार में बैठाकर ले जाने और बंधक बनाकर मारपीट करने का आरोप लगा है. पीड़ितों का दावा है कि दबंगों ने सात लाख रुपये की रंगदारी मांगी और तीन लाख 90 हजार रुपये लेने के बाद छोड़ा. न्याय न मिलने पर दोनों भाइयों ने एसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायत की है. हालांकि पुलिस के मुताबिक प्रथम दृष्टया अगवा किए जाने के तथ्य सामने नहीं आए हैं. जानकारी के मुताबिक, यह मामला 14 सितंबर का बताया जा रहा है. खन्ना निवासी शिवशंकर सोनी अपने भाई रविशंकर, पत्नी अनीता और रिश्तेदार संत कुमारी के साथ 2100 वर्गफीट के प्लॉट की बैनामा रजिस्ट्री कराने सब-रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंचे थे. पीड़ितों का आरोप है कि इसी दौरान सिरसी गांव निवासी तीन नामजद आरोपी अपने पांच अज्ञात साथियों के साथ सब-रजिस्ट्रार कार्यालय के अंदर पहुंचे. आरोप है कि दबंगों ने रजिस्ट्री रुकवाने की नीयत से शिवशंकर और रविशंकर को जबरन घसीटते हुए बाहर निकाला और कार में बैठाकर ले गए. पीड़ितों के द्वारा घटना कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों में भी कैद बताई जा रही है. आरोप है कि दोनों भाइयों को हमीरपुर चुंगी स्थित राजस्थान मार्बल के सामने एक दुकान में करीब दो घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया. इस दौरान उनके साथ मारपीट और गाली-गलौज की गई. एसपी कार्यालय पहुंचे पीड़ितों का कहना है कि आरोपियों ने सात लाख रुपये की मांग की और रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी. जान बचाने के लिए शिवशंकर ने खन्ना निवासी दीपक के जरिए तीन लाख 90 हजार रुपये मौके पर मंगवाकर आरोपियों को दिए. इसके बाद दोनों भाइयों को छोड़ दिया गया. आरोप है कि जाते समय आठ दिन के भीतर बाकी तीन लाख 10 हजार रुपये देने की धमकी दी गई. पीड़ितों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर शिकायत के बावजूद सुनवाई नहीं हुई. इसके बाद दोनों भाइयों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर, रुपये वापस कराने और सुरक्षा की मांग की है. इस मामले को लेकर सीओ सिटी रविकांत गौड़ ने बताया कि मामला जमीन के क्रय-विक्रय से जुड़ा है. प्रथम दृष्टया अगवा किए जाने के तथ्यों की पुष्टि नहीं हुई है. सभी आरोपों और तथ्यों की जांच कराई जा रही है और जांच के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी.
8 shares
😢
Aaj Tak logo
Aaj Tak
Sep 21, 2026, 04:22 PM
दोहरे हत्याकांड का भगोड़ा आरोपी अपराध स्वीकार करने के बाद कोलकाता से गिरफ्तार

दोहरे हत्याकांड का भगोड़ा आरोपी अपराध स्वीकार करने के बाद कोलकाता से गिरफ्तार

बागपत में डबल मर्डर, हरिद्वार में गंगा स्नान, नेपाल में फरारी, आखिर में कोलकाता से गिरफ्तारी... ये कहानी है यूपी से भागे 'कातिल' महंत नरेशनाथ की. पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद नरेशनाथ ने कबूल किया है कि उसने 25 जुलाई को बागपत के गणेश मंदिर में अंकित और इसरार नाम के दो दोस्तों की हत्या की थी. वारदात के बाद लाशों को मंदिर परिसर में ही दफना दिया और ऊपर से टाइल्स लगाकर जाम करवा दिया. नरेशनाथ का अंकित की बहन से अफेयर था. विरोध पर इस वारदात को अंजाम दिया गया. अंकित के साथ मौजूद होने के कारण इसरार भी मारा गया. आइए जानते हैं पूरा मामला... बागपत पुलिस ने चर्चित अंकित-इसरार हत्याकांड के मुख्य आरोपी महंत बाबा नरेशनाथ को पश्चिम बंगाल के कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया है. वारदात के बाद फरार आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था. उसकी तलाश में पुलिस में लगातार दबिश दे रही थी. ये मामला बागपत के चांदीनगर थाना क्षेत्र स्थित लहचौड़ा गांव के गणेश मंदिर का है. 25 जुलाई 2026 को सिंगौली तगा गांव के रहने वाले अंकित और उसका दोस्त इसरार लापता हो गए थे. परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और शक के आधार पर 13 अगस्त को मंदिर परिसर में खुदाई कराई. जमीन के नीचे से दोनों दोस्तों के शव बरामद हुए, जिन्हें गड्ढे में दफनाकर ऊपर टाइल्स बिछा दी गई थीं. पुलिस पूछताछ में महंत नरेशनाथ ने खुलासा किया कि उसके अंकित की बहन के साथ संबंध थे. अंकित के पास दोनों की तस्वीरें थीं, जिनके जरिए वह महंत पर पैसों के लिए दबाव बना रहा था. बदनामी के डर से नरेशनाथ ने अंकित को हटाने की साजिश रची. उसने अंकित और उसके साथ आए दोस्त इसरार को नींद की गोलियां मिलाकर चाय पिलाई और फिर दोनों की हत्या कर शवों को मंदिर में दफना दिया. हत्याकांड को अंजाम देने के बाद नरेशनाथ हरिद्वार गया और गंगा में डुबकी लगाकर फ़रारी काटने नेपाल भाग गया. लेकिन नेपाल में बाढ़ आने के बाद वह कोलकाता (विधाननगर) आ गया. वहां उसने पहचान छिपाने के लिए भिखारी का भेष धारण कर लिया और एक मंदिर के बाहर रहने लगा. बागपत पुलिस ने सर्विलांस और लोकेशन ट्रेस कर उसे धर दबोचा. पुलिस ने कानूनी कार्रवाई पूरी कर आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है.
84 shares
😢
Aaj Tak logo
Aaj Tak
Sep 21, 2026, 04:21 PM
भोपाल के डी. बी. मॉल में लिफ्ट खराबीः जांच में आग सुरक्षा और रखरखाव में कमियों का पता चला

भोपाल के डी. बी. मॉल में लिफ्ट खराबीः जांच में आग सुरक्षा और रखरखाव में कमियों का पता चला

भोपाल के डीबी मॉल स्थित एक 5 स्टार होटल में सीनियर IAS अधिकारी की पत्नी समेत कुछ लोग लिफ्ट में फंस गए. सूचना मिलते ही नगर निगम की फायर ब्रिगेड, विद्युत और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और सभी को सुरक्षित बाहर निकाला. रेस्क्यू के बाद निगम की टीम ने होटल की लिफ्ट और उससे जुड़े सुरक्षा इंतजामों की जांच की. जांच में लिफ्ट में ऑटोमेटिक रेस्क्यू डिवाइस (ARD) नहीं मिली. इसके अलावा लिफ्टों के निर्धारित मासिक मेंटेनेंस से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की गई. अधिकारियों के मुताबिक, होटल की लिफ्ट का 31 अगस्त 2026 को निर्धारित मासिक मेंटेनेंस भी नहीं कराया गया था. इसके बाद निगम की टीम ने होटल में फायर सेफ्टी उपकरणों, आपातकालीन निकासी मार्ग और एग्जिट गेट समेत अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया. जांच के दौरान फायर सेफ्टी से जुड़ी व्यवस्थाएं भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिलीं. इन कमियों के बाद नगर निगम ने होटल की तीन लिफ्टों को अस्थायी रूप से सील कर दिया. नगर निगम की टीम ने होटल के खाद्य सुरक्षा लाइसेंस समेत अन्य संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की. निगम के मुताबिक, होटल का इससे पहले भी निरीक्षण किया जा चुका है और निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए नोटिस दिए गए थे. इसके बावजूद लिफ्टों के रखरखाव और फायर सेफ्टी से जुड़ी कमियां सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई. घटना के बाद नगर निगम ने शहर की अन्य बहुमंजिला इमारतों, होटलों और अस्पतालों में लगी लिफ्टों की जांच करने का फैसला किया है. इन निरीक्षणों के दौरान लिफ्टों के समय पर मेंटेनेंस, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और संबंधित दस्तावेजों की जांच की जाएगी. निगम आयुक्त संस्कृति जैन के निर्देश पर होने वाले इस निरीक्षण अभियान में यदि कहीं सुरक्षा मानकों का पालन नहीं पाया गया तो संबंधित संस्थान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. निगम ने होटल, अस्पताल और बहुमंजिला इमारतों के संचालकों को लिफ्टों का नियमित रखरखाव और सभी सुरक्षा व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.
21 shares
😐
Aaj Tak logo
Aaj Tak
Sep 21, 2026, 04:20 PM
सियार पकड़े हुए विशाल अजगर ने हरदोई में गन्ने के खेत में दहशत फैला दी

सियार पकड़े हुए विशाल अजगर ने हरदोई में गन्ने के खेत में दहशत फैला दी

हरदोई के अतरौली थाना क्षेत्र के हरैया के बडेरा गांव में गन्ने के खेत में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब किसानों को गन्ने के खेत में करीब 15 फीट लंबा और 50 किलो वजनी विशालकाय अजगर दिखाई दिया. भारी-भरकम अजगर ने एक सियार को अपने शिकंजे में जकड़ रखा था, जिसे देखकर ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई. अजगर को वन विभाग और सर्प मित्र ने सुरक्षित रेस्क्यू कर गोमती नदी किनारे प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया. बताया जा रहा है कि किसान जब सुबह खेत में काम करने पहुंचा, तभी गन्ने की घनी फसल के बीच उसकी नजर इस विशालकाय अजगर पर पड़ी. अजगर एक सियार को पूरी तरह अपने शिकंजे में जकड़े हुए था. इस खौफनाक मंजर को देखकर किसी की भी उसके करीब जाने की हिम्मत नहीं हुई. किसान ने फौरन इसकी जानकारी गांव वालों को दी, जिसके बाद ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को सूचना देकर मदद मांगी. ग्रामीणों की सूचना मिलते ही कछौना वन रेंज के रेंजर विनय सिंह जादौन अपनी टीम और सर्प मित्र कुलदीप को लेकर मौके पर पहुंचे. गन्ने के घने खेत में सावधानीपूर्वक तलाश करते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया. मौके पर जुटी भारी भीड़ को वन विभाग की टीम ने अजगर से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की हिदायत दी. कड़ी मशक्कत के बाद बिना किसी नुकसान के अजगर को सुरक्षित पकड़ लिया गया. रेंजर विनय सिंह जादौन ने बताया कि पकड़े गए अजगर की लंबाई लगभग 15 फीट और वजन करीब 50 किलोग्राम था. रेस्क्यू के बाद उसे पहले कछौना वन रेंज कार्यालय लाया गया. इसके बाद शाम को अजगर को किसी भी तरह की क्षति पहुंचाए बिना गोमती नदी के किनारे प्राकृतिक वातावरण में सुरक्षित छोड़ दिया गया. विशाल अजगर के पकड़े जाने के बाद ही ग्रामीणों ने राहत की सांस ली.
75 shares
😢
A
Aaj Tak
Sep 21, 2026, 04:20 PM
उत्तराखंड सरकार ने दूषित पेयजल आपूर्ति घटना के लिए छह इंजीनियरों को निलंबित किया

उत्तराखंड सरकार ने दूषित पेयजल आपूर्ति घटना के लिए छह इंजीनियरों को निलंबित किया

नैनीताल जिले के ज्योलीकोट क्षेत्र में दूषित पेयजल आपूर्ति का मामला सामने आने के बाद उत्तराखंड सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है. दूषित पानी की वजह से लोगों के बीमार पड़ने और दो लोगों की मौत के बाद छह इंजीनियरों को निलंबित कर दिया गया है. जिला प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के आदेश के बाद यह कार्रवाई की गई है. निलंबित किए गए अधिकारियों में उत्तराखंड जल संस्थान और पेयजल निगम के अधिकारी शामिल हैं. इन अधिकारियों पर अपने पदकीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने के आरोप हैं. प्रशासन की रिपोर्ट सामने आने के बाद संबंधित विभागों ने निलंबन की कार्रवाई की. निलंबित अधिकारियों में जल संस्थान हल्द्वानी के प्रभारी अधीक्षण अभियंता को भी शामिल किया गया है. इसके अलावा नैनीताल जल संस्थान के सहायक अभियंता और अपर सहायक अभियंता पर भी कार्रवाई हुई है. पेयजल निगम भीमताल के अधिशासी अभियंता, प्रभारी सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता को भी निलंबित किया गया है. इस तरह दूषित पेयजल आपूर्ति के मामले में कुल छह इंजीनियरों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है. प्रशासन की रिपोर्ट के बाद नैनीताल जल संस्थान के अधिशासी अभियंता को भी भविष्य में लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है. यानी संबंधित अधिकारियों को अपने दायित्वों के निर्वहन में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने को लेकर स्पष्ट संदेश दिया गया है. मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से कहा गया है कि पेयजल से जुड़ी समस्या में लापरवाही को गंभीरता से लिया गया है. जन स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में जिम्मेदारी तय की जाएगी. मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा है कि जनता के स्वास्थ्य और हितों से जुड़े मामलों में किसी तरह की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा. जनता के हितों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. ज्योलीकोट क्षेत्र में दूषित पेयजल आपूर्ति के बाद लोगों के बीमार पड़ने और दो मौतों के मामले में हुई यह कार्रवाई जिला प्रशासन की रिपोर्ट के बाद की गई है. सरकार की ओर से संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए छह इंजीनियरों को निलंबित किया गया है.
73 shares
😢
A
Aaj Tak
Sep 21, 2026, 04:20 PM
गुजरात की भुंगला बटाटा की सब्जीः एक मसालेदार आलू का आनंद

गुजरात की भुंगला बटाटा की सब्जीः एक मसालेदार आलू का आनंद

जब भी कुछ चटपटा और मसालेदार खाने का मन करता है तो आलू से कई तरह की डिश बनाई जा सकती हैं. लेकिन अगर आप आलू की कोई ऐसी रेसिपी ट्राई करना चाहते हैं, जो रोज की आलू की सब्जी से बिल्कुल अलग हो, तो गुजरात की मशहूर भुंगला बटाटा बना सकते हैं. यह डिश खासतौर पर अपने तीखे और लहसुन वाले स्वाद के लिए पसंद की जाती है. गुजराती भुंगला बटाटा की सब्जी को बनाने में ज्यादा समय नहीं लगता है और इसका स्वाद भी लाजवाब होता है. इसमें छोटे उबले आलू को मसालेदार लहसुन की ग्रेवी में तैयार किया जाता है और फिर इसे कुरकुरे पीले भुंगला यानी फ्रायम्स के साथ परोसा जाता है. ऊपर से प्याज और नींबू डालने पर इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है. भुंगला बटाटा को प्लेट में निकालें. ऊपर से थोड़ा नींबू का रस और बारीक कटा प्याज डालें. अब दूसरी तरफ पीले भुंगला या फ्रायम्स को तेज आंच पर कुरकुरा होने तक फ्राई करें और आलू के साथ सर्व करें. कुरकुरे भुंगला, मसालेदार आलू, प्याज और नींबू का कॉम्बिनेशन इस डिश को खास बना देता है. इसे आप शाम के समय स्नैक की तरह या खाने के साथ भी परोस सकते हैं.
77 shares
😊
A
Aaj Tak
Sep 21, 2026, 04:18 PM
बॉलीवुड अभिनेता कुणाल खेमूः आकस्मिक अभिनेता से लेकर उद्योग की सफलता तक

बॉलीवुड अभिनेता कुणाल खेमूः आकस्मिक अभिनेता से लेकर उद्योग की सफलता तक

बॉलीवुड एक्टर कुणाल खेमू आज एक एक्टर के साथ निर्देशक के रूप में भी अपनी अच्छी पहचान बना चुके हैं. उन्होंने बताया कि उनको एक्टर बनने में कोई रूची नहीं थी और पहली बार कैमरे से सामना अचानक ही हुआ था. एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कश्मीर में बिताए बचपन से लेकर फिल्म एक्टर बनने तक की पूरी कहानी बताई. एक इंटरव्यू के दौरान कुणाल ने कश्मीर में बिताए अपने बचपन के दिनों को याद किया. उन्होंने कहा, 'मैं एक एक्सीडेंटल एक्टर हूं. 6 और 7 साल की उम्र में मुझे एक्टर बनने की कोई एंबीशन नहीं थी. मैंने अपने पेरेंट्स को 'गुल गुलशन गुलफाम' शो करते हुए देखा था. इससे पहले भी मैं कई सारे सेट पर गया और मैंने अपने पिता को काम करते हुए देखा. मुझे इस काम में कोई भी इंटरेस्ट नहीं. मैं कैमरे के सामने जाने से डरता था.' 'गुल गुलशन गुलफाम' के तकरीबन डेढ़ साल बाद कुणाल अपने माता-पिता के साथ मुंबई आ गए. यह शो बनाने वाले निर्देशक ने दूरदर्शन के एक और शो के लिए काम शुरू किया और उनके परिवार से संपर्क किया. वह कुणाल को अपने फिल्म में लेने की बात कही. इसके बाद उनको आमिर खान की फिल्म 'हम हैं राही प्यार के' मिल गई. ' ' 'हम हैं राही प्यार के' फिल्म ने कुणाल खेमू को एक चाइल्ड एक्टर के रूप में पहचान दिलाई. जिसके बाद वह फिल्म 'जख्म' में नजर आएं. इस फिल्म के बाद उन्होंने फिल्मों में करियर बनाने के बारे में सोचा. उस समय कुणाल क्लास 10 में थे और उनको अपनी पढ़ाई भी पूरी करनी थी इसलिए उन्होंने फिल्म से पांच साल का ब्रेक लिया और अपनी ग्रेजुएशन पूरी की. हालांकि वह उस बीच में थिएटर करते रहें. कुणाल खेमू का बचपन श्रीनगर में बीता था. वह उस समय करीब छह साल के थे. उन्होंने कश्मीर में अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए बताया कि उस समय घाटी में तनाव का माहौल था. लेकिन वह उस समय छोटे बच्चे थे इसलिए वह उस सब के बारे में कुछ नहीं जानते थे. उन्होंने कहा 'मुझे कश्मीर की सबसे अच्छी चीजें जो याद है वह है मेरा स्कूल, परिवार के साथ डल लेक और पहलगाम जाना है.' उन्होंने कहा, 'छह साल की उम्र में आपको असल में पता नहीं होता कि क्या हो रहा है. आपके पेरेंट्स और परिवार आपको हर तरह से बचाने की कोशिश करते हैं, लेकिन फिर भी कुछ बातें आपके कानों तक पहुंच ही जाती हैं.' कुणाल ने बचपन के सबसे डरावने यादों के बारे में बताया जो किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था. उन्होंने कहा, 'हम अंदर थे और अपने कजिन के साथ खेल रहे थे. मुझे याद है कि अचानक एक जोरदार झटके से मैं उछलकर दूर जा गिरा. मुझे कुछ भी सुनाई नहीं दे रहा था, बस धुआं और कांच टूटते हुए दिखाई दे रहा था. सब कुछ मुझे किसी फिल्म के सीन जैसा दिखाई दे रहा था. वहां अचानक से अंधेरा भी छा गया.' कुणाल ने वहां हुई पत्थरबाजी की भी बातें बताई. उन्होंने कहा कि इसके बाद उनका परिवार मुंबई शिफ्ट हो गया. बॉलीवुड एक्टर कुणाल खेमू की फिल्म 'वाइब' इन दिनों खूब चर्चा में बनी हुई है. फिल्म दर्शकों को खूब पसंद आ रही है. कुणाल खेमू ने बतौर हीरो फिल्म 'कलयुग' से अपने करियर की शुरुआत की. इसके बाद उन्होंने बहुत सारे सुपरहिट फिल्में दी जिसमें 'गो गोआ गॉन', 'गोलमाल 3', 'कलंक' और 'मलंग' शामिल हैं.
83 shares
😐
A
ABP News
Sep 21, 2026, 04:16 PM
एम. पी. भवन विकास निगम लिमिटेड के निदेशक मंडल की बैठकः राजस्व सृजन और परियोजना को पूरा करने पर जोर दिया गया

एम. पी. भवन विकास निगम लिमिटेड के निदेशक मंडल की बैठकः राजस्व सृजन और परियोजना को पूरा करने पर जोर दिया गया

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रालय में मध्यप्रदेश भवन विकास निगम लिमिटेड के संचालक मंडल की पांचवी बैठक हुई. बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निगम की आय सृजन के लिए रेवेन्यू जनरेटिंग बॉडी बनाने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि काम करने का तुरंत स्कोप और रेवेन्यू मिल सके, इसके लिए नवीन एवं वैकल्पिक राजस्व स्त्रोतों का विकास जरूरी है. इसके लिये निगम ने जल्द से जल्द 'रेवेन्यू जनरेटिंग बॉडी' का गठन कर लिया जाए. संचालक मंडल ने इस अहम प्रस्ताव पर सैद्धांतिक सहमति दे दी. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जिन बड़े भवन परियोजनाओं का निर्माण कार्य भवन विकास निगम द्वारा कराया जा रहा है, प्रयास करें कि वे तय समय-सीमा से पहले ही पूरी हो जाएं. मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज से रुबरु संवाद के लिए मुख्यमंत्री निवास में तैयार किये जा रहे जन-मन सभागार का निर्माण कार्य जनवरी 2027 में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले पूर्ण कर लिया जाए. उन्होंने कहा कि जितने भी नए मेडिकल कॉलेजों की बिल्डिंग एवं अन्य अधोसंरचनाएं भवन विकास निगम द्वारा तैयार किए जाएं, वह केंद्र सरकार के वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ नॉर्म्स) के आधार पर ही तैयार किये जाएं. बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निगम के दो बड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी.‌ मुख्यमंत्री ने निगम को प्राप्त होने वाली 25 करोड़ रुपए तक की प्राक्कलित अनुबंध राशि (पीएसी) वाली सभी निविदाओं की स्वीकृति/ निरस्तीकरण के लिए निगम के प्रबंध संचालक एवं इसी आशय से गठित अधिकार समिति को अधिकृत किए जाने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया. प्रस्ताव के अनुसार अब प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश भवन विकास निगम इस संबंध में आगामी सभी कार्रवाई करने के लिए अधिकृत होंगे. इसी प्रकार मुख्यमंत्री ने संचालक मंडल द्वारा निगम की संगठनात्मक संरचना के अंतर्गत महाप्रबंधक (तकनीकी) संवर्ग में महाप्रबंधक (निविदा) एवं महाप्रबंधक (रीडेंसिफिकेशन) के दो नए पद सृजित करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया. इसके अनुसार अब प्रबंध संचालक, भवन विकास निगम में इस संबंध में आगामी सभी कार्रवाई के लिए अधिकृत किए गए.‌ बैठक में निगम के प्रबंध संचालक ने भवन विकास निगम द्वारा पूरी की जा रही भवन परियोजनाओं की जानकारी दी गई. बताया गया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा भवन विकास निगम को कुल 763 परियोजनाएं आवंटित की गई हैं और इन सभी सक्रिय परियोजनाओं की कुल निर्माण लागत राशि 10 हजार 994 करोड़ रुपए है. बताया गया कि निगम द्वारा आईआईएम इंदौर के माध्यम से भर्ती की जा रही है. इसके अलावा मानक निविदा दस्तावेज भी तैयार किया जा रहे हैं. इससे पारदर्शिता एवं मानकीकरण में वृद्धि हुई है. प्रबंध संचालक ने बताया कि निगम में काम करने वाले ठेकेदार को काम पूरा होने के बाद भुगतान की अवधि औसतन 33 दिन से घटाकर 11 दिन कर दी गई है. इससे समय की बचत हो रही है. उन्होंने बताया कि निगम द्वारा प्रदेश में उज्जैन मेडिसिटी, सिंगरौली, मंडला, रीवा एवं बुदनी (जिला सीहोर) कुल 5 मेडिकल कॉलेजेस और उज्जैन का संयुक्त प्रशासनिक भवन तैयार किया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने यह सभी कार्य समय-सीमा में पूरे करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आवास परिसर में 26.57 करोड़ रुपए लागत से तैयार किया जा रहा जन-मन सभागार आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले पूरा कर लिया जाए. इससे बड़ी सुविधा होगी. प्रबंध संचालक ने बताया कि निगम द्वारा भोपाल में 130 करोड़ रुपए की लागत से 150 कक्षों का नया राज्य अतिथि गृह (स्टेट गेस्ट हाउस) और जबलपुर में 65 करोड़ रुपए की लागत से 75 कक्षों वाले सर्किट हाउस का निर्माण भी किया जा रहा है.
3 shares
😐
A
ABP News
Sep 21, 2026, 04:13 PM
मध्य प्रदेश सरकार का लक्ष्य आईटी पार्कों और इंजीनियरिंग परिसरों के साथ रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है

मध्य प्रदेश सरकार का लक्ष्य आईटी पार्कों और इंजीनियरिंग परिसरों के साथ रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार निरंतर महत्वपूर्ण कदम उठा रही है. आईटी पार्क एवं इंजीनियरिंग कैंपस के माध्यम से युवाओं को शिक्षा के साथ रोजगार, कौशल विकास और नई तकनीकों से जुड़ने के अवसर प्राप्त होंगे. सीएम ने कहा कि उज्जैन में आईटी क्षेत्र के विस्तार की दिशा में आईटी पार्क एक महत्वपूर्ण परियोजना है, जो आने वाले समय में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने में सहायक होगी. आईटी पार्क के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर और उज्जैन को मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में विभिन्न महत्वपूर्ण विकास कार्य किए जा रहे है. इन विकास कार्यों का उद्देश्य युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, तकनीकी नवाचार और उद्योगों के विस्तार को गति देना है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नई तकनीक और नवाचार के माध्यम से प्रदेश के प्रदर्शन को और बेहतर बनाया जा सकता है. आईटी क्षेत्र के विस्तार से प्रदेश में नए उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा तथा युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार और कौशल विकास के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे. इससे प्रदेश के समग्र विकास को गति मिलेगी. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र में प्रगति के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है. सभी विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए निगरानी की जा रही है. उज्जैन में आगामी सिंहस्थ महापर्व को ध्यान में रखते हुए आवश्यक विकास कार्यों को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है. शहर के विकास, आधुनिक अधोसंरचना, तकनीकी सुविधाओं और युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों में वृद्धि के लिए राज्य सरकार समन्वित रूप से कार्य कर रही है. आईटी पार्क परियोजना का निर्माण दो चरणों में किया जा रहा है. परियोजना के लिए लगभग 2.16 हेक्टेयर भूमि निर्धारित की गई है. इसमें कुल प्रस्तावित 15,480 वर्गमीटर बिल्ट-अप एरिया का निर्माण किया जाना है. इसमें से 11,436 वर्गमीटर क्षेत्र आईटी कंपनियों के लिए आरक्षित किया गया है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता के निर्धारित मापदंडों का पालन सुनिश्चित करते हुए सभी कार्य समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निरीक्षण के दौरान इंदौर रोड पर उज्जैन विकास प्राधिकरण के माध्यम से निर्माणाधीन पीएम एकता मॉल एवं महाकाल भक्त निवास के निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी भी अधिकारियों से ली. उन्होंने दोनों परियोजनाओं के कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, जिससे इनका लाभ आमजन और उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं को मिल सके. सीएम यादव ने इंदौर रोड स्थित महामृत्युंजय द्वार का भी निरीक्षण किया. उन्होंने महामृत्युंजय द्वार निर्माण की विशेषताओं एवं इससे संबंधित जानकारी से अधिकारियों को अवगत कराया. निरीक्षण के दौरान मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम के अधिकारी एवं कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को आईटी पार्क के निर्माण एवं अब तक की प्रगति की जानकारी दी. सैयद ज़हीन रज़ा तकवी 2019 से ABP News के डिजिटल विंग में सेवाएं दे रहे हैं. इस दौरान टेक-ऑटो सेक्शन की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. राजनीति और खेल की खबरों में गहरी दिलचस्पी है. वर्तमान में स्टेट डेस्क पर कार्यरत हैं. साथ ही टीम लीड की भी जिम्मेदारी निभाते हैं. एबीपी न्यूज से पहले ज़हीन ईटीवी भारत और जनटीवी न्यूज में काम कर चुके हैं.
94 shares
😊
A
Aaj Tak
Sep 21, 2026, 04:13 PM
चित्रकारी की कलाः घर की सजावट में ऊर्जा को संतुलित करना

चित्रकारी की कलाः घर की सजावट में ऊर्जा को संतुलित करना

घर को सुंदर और आकर्षक बनाने के लिए हम ड्रॉइंग रूम या अन्य स्थानों पर पेंटिंग का प्रयोग करते हैं. आजकल तो बहुत सस्ती और आकर्षक रेडीमेड पेंटिंग मार्केट में आसानी से उपलब्ध हैं. लेकिन आपका घर में पेंटिंग लगाने का शौक कहीं आपके घर का वास्तु न बिगाड़ दे. किस तरह की पेंटिंग, उसकी आकृति और रंग किस दिशा में लगाई जा रही है, यह बात बहुत महत्वपूर्ण है. जिस तरह समस्त ब्रह्मांड और हमारा शरीर पांच तत्वों जल, वायु, अग्नि, भूमि और आकाश से मिलकर बना है. ठीक उसी तरह हमारे घर में भी पांच तत्वों की ऊर्जाएं काम करती हैं. इन ऊर्जाओं का असंतुलित होना ही घर में वास्तु दोष बना देता है. जैसे जल तत्व में यदि लाल रंग यानी अग्नि तत्व के रंगों की पेंटिंग लगा दी जाए तो जीवन में आने वाली सकारात्मक संभावनाओं में कमी आ सकती है. इसी तरह अग्नि तत्व की दिशा में जल या आकाश तत्व का रंग दिक्कत कर सकता है. इसलिए घर में पेंटिंग लगाते समय केवल उसकी सुंदरता पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है. पेंटिंग की आकृति, उसमें इस्तेमाल किए गए रंग और उसमें दिखाई जाने वाली वस्तुओं का भी ध्यान रखना चाहिए. किस दिशा में किस प्रकार की पेंटिंग लगाई जा रही है. इसका वास्तु की दृष्टि से विशेष महत्व है. 1. साउथ-ईस्ट से साउथ दिशा तक बहते जल और सफेद खुले आकाश की नीले व मिल्टी सफेद रंग की तस्वीरें न लगाएं. इस दिशा में पेंटिंग का चयन करते समय विशेष सावधानी रखनी चाहिए, क्योंकि यहां गलत रंगों या तत्वों वाली तस्वीर लगाने से वास्तु का संतुलन प्रभावित हो सकता है. 2. दक्षिण से पश्चिम दिशा में पीले रंग, पीले फूलों व ऊंचे पहाड़ों की तस्वीर लगाई जा सकती है, परन्तु उनमें पानी व हरियाली न हो. इस दिशा में पेंटिंग का चयन करते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि तस्वीर में जल तत्व और अधिक हरियाली का प्रयोग न किया गया हो. 3. पश्चिम से नॉर्थ-वेस्ट दिशा तक ऊंचे पहाड़ों व जल की तस्वीर लगाना अच्छा है, जिनमें हरे रंग का उपयोग न हो. इस क्षेत्र में पेंटिंग लगाते समय पहाड़ों और जल से जुड़ी तस्वीरों का प्रयोग किया जा सकता है. 4. नॉर्थ-वेस्ट से उत्तर दिशा होते हुए पूर्व दिशा तक बहते जल और हरियाली की तस्वीरें लगाना शुभ है. इस दिशा में बहता हुआ जल और हरियाली वाली तस्वीरें लगाई जा सकती हैं. पेंटिंग का चयन करते समय उसमें दिखाई देने वाले रंगों और प्राकृतिक दृश्यों का भी ध्यान रखना चाहिए.
2 shares
😐
A
ABP News
Sep 21, 2026, 04:12 PM
धूम्रपान बंद करनाः स्वास्थ्य में सुधार और कैंसर के जोखिम को कम करने का मार्ग

धूम्रपान बंद करनाः स्वास्थ्य में सुधार और कैंसर के जोखिम को कम करने का मार्ग

सिगरेट पीने से शरीर को कई तरह के नुकसान होते हैं और लंग कैंसर का खतरा भी बढ़ता जाता है. अच्छी बात यह है कि स्मोकिंग छोड़ने के बाद शरीर में सुधार की प्रक्रिया शुरू होने लगती है. इसका फायदा कुछ दिनों में ही दिखने लगता है, जबकि कैंसर का खतरा कम होने में कई साल लगते हैं. एक शोध के अनुसार, स्मोकिंग छोड़ने के 10 से 15 साल के बाद लंग कैंसर का अतिरिक्त खतरा करीब आधा हो जाता है. जितनी जल्दी स्मोकिंग छोड़ी जाती है, उतना ही स्वास्थ्य को फायदा मिलता है. सिगरेट छोड़ते ही शरीर में बदलाव शुरू हो जाते हैं. कुछ दिनों में खून में निकोटीन का स्तर शून्य तक पहुंच जाता है और कार्बन मोनोऑक्साइड का स्तर सामान्य होने लगता है. 1 से 12 महीने के अंदर खांसी और सांस फूलने जैसी समस्याएं कम होने लगती हैं. 1 से 2 साल में हार्ट अटैक का खतरा काफी कम होता है. वहीं 5 से 10 साल के दौरान मुंह, गले और वॉयस बॉक्स के कैंसर का अतिरिक्त खतरा करीब आधा हो जाता है. लंग कैंसर के मामले में समय के साथ जोखिम कम होता रहता है. शोध के अनुसार, स्मोकिंग छोड़ने के 10 से 15 साल बाद लंग कैंसर का अतिरिक्त खतरा उन लोगों की तुलना में करीब आधा हो जाता है, जो लगातार स्मोकिंग करते रहते हैं. साथ ही अमेरिकन कैंसर सोसायटी भी बताती है कि 10 से 15 साल बाद लंग कैंसर होने का जोखिम लगातार स्मोकिंग करने वालों की तुलना में करीब 50 प्रतिशत कम हो जाती है. इसका मतलब यह नहीं है कि 15 साल बाद खतरा बिल्कुल खत्म हो जाता है. लंबे समय तक स्मोकिंग करने वाले लोगों में जोखिम आगे भी बना रह सकता है और समय के साथ कम होता रहता है. स्मोकिंग छोड़ने की कोई सही उम्र तय नहीं है. व्यक्ति ने कितने साल स्मोकिंग की है या उसकी उम्र कितनी है, इसके बावजूद स्मोकिंग छोड़ने से स्वास्थ्य को फायदा मिलता है. स्मोकिंग बंद करने पर फेफड़ों को हुए कुछ नुकसान की मरम्मत की प्रक्रिया शुरू होती है और लंग कैंसर का जोखिम कम होता है. हालांकि, लंग कैंसर का खतरा सिर्फ स्मोकिंग से तय नहीं होता. सेकेंडहैंड स्मोक, वायु प्रदूषण, रेडॉन और कुछ कार्यस्थल पर मौजूद हानिकारक पदार्थ भी जोखिम बढ़ा सकते हैं. इसलिए स्मोकिंग छोड़ना फेफड़ों की सेहत के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है निर्जला गौड़ इस वक्त ABP Live की लाइफस्टाइल डेस्क पर इंटर्न के तौर पर काम कर रही हैं. वह मंदसौर यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में अपनी डिग्री कर रही हैं. इससे पहले वह EBNW Stories में कंटेंट राइटर के तौर पर इंटर्नशिप कर चुकी हैं. डिजिटल जर्नलिज्म और कंटेंट क्रिएशन में उनकी खास रुचि है. आसान, आकर्षक और रिलेटेबल अंदाज में कहानियों को पेश करना और पाठकों तक जानकारी को प्रभावी तरीके से पहुंचाना उनकी खासियत है.
19 shares
😢
Aaj Tak logo
Aaj Tak
Sep 21, 2026, 04:11 PM
राका ने 37 कलाकारों के साथ मोशन-कैप्चर के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया

राका ने 37 कलाकारों के साथ मोशन-कैप्चर के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया

एटली के डायरेक्शन में बन रही और अल्लू अर्जुन व दीपिका पादुकोण स्टारर आने वाली साइंस-फिक्शन फिल्म 'राका' ने 'रियल-टाइम में सबसे ज्यादा लोगों के मोशन-कैप्चर' का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है. सन पिक्चर्स के कलानिधि मारन द्वारा प्रोड्यूस की गई इस फिल्म के लिए यह रिकॉर्ड तब बना जब एक ही सेशन में 37 कलाकारों को एक साथ कैप्चर किया गया, जो भारतीय सिनेमा के लिए एक अहम तकनीकी उपलब्धि है. फरवरी 2026 में प्रोडक्शन के दौरान हासिल किए गए इस रिकॉर्ड को 15 सितंबर को आधिकारिक तौर पर सर्टिफाई किया गया. गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के सीनियर एडजुडिकेटर स्वप्निल डांगरीकर ने फिल्म की मुख्य कास्ट और क्रू की मौजूदगी में हुए एक समारोह में लीड एक्टर अल्लू अर्जुन और निर्देशक एटली को सर्टिफिकेट सौंपा. इस सम्मान के बारे में बात करते हुए एक्टर अल्लू अर्जुन ने कहा, 'हमें इस शानदार उपलब्धि पर बहुत गर्व है, जो सिनेमा की सीमाओं को आगे बढ़ाती है और ग्लोबल स्तर पर एक नया बेंचमार्क सेट करती है. यह पूरी टीम के लिए गर्व का पल है, और हम इस उपलब्धि को आधिकारिक तौर पर मान्यता देने और हमारी कोशिशों का सम्मान करने के लिए गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के आभारी हैं. यह उपलब्धि मेरे निर्देशक, मिस्टर एटली की सोच और निर्देशन, और पूरी टीम के बेहतरीन काम के बिना मुमकिन नहीं होती. मैं सन पिक्चर्स को भी उनके लगातार सपोर्ट और इतने बड़े और महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को सपोर्ट करने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं. यह हम सभी के लिए सच में एक खास पल है.' HISTORY MADE 🏆 A global triumph that takes Indian cinema to the world stage! 🌎 #Raaka sets a Guinness World Record for the “Most People Motion-Captured in Real-Time”, with 37 performers captured simultaneously! Mr. Allu Arjun and Mr. Atlee received the Guinness World Records… pic.twitter.com/BuozZNET6K निर्देशक एटली ने कहा, 'बड़े होते हुए, हमने हमेशा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के बारे में बहुत हैरानी और उत्सुकता से सुना था, कभी सोचा भी नहीं था कि एक दिन हमें खुद ऐसा रिकॉर्ड बनाने का मौका मिलेगा. एक ही शूट में 37 मोशन-कैप्चर एसेट्स को एक साथ लाने के लिए यह पहचान मिलना सच में अविश्वसनीय और बहुत विनम्रता का एहसास कराने वाला है. मेरे लिए, यह याद दिलाने वाला पल है कि जब हम बड़े सपने देखते हैं और पूरे विश्वास के साथ मिलकर काम करते हैं, तो कभी-कभी नामुमकिन भी मुमकिन हो जाता है. भगवान की कृपा से, मैं अपनी पूरी टीम का बहुत आभारी हूं जिन्होंने इस सपने पर विश्वास किया और इस पल को हमारे लिए मुमकिन बनाया.' शूटिंग के दौरान, 37 कलाकारों—जिनमें चार साल के बच्चे से लेकर 70 साल के बुज़ुर्ग तक शामिल थे को एक ही कैप्चर वॉल्यूम में रियल-टाइम में मोशन-कैप्चर किया गया. मुख्य तकनीकी चुनौती हर कलाकार के मूवमेंट डेटा को बिना सिग्नल लॉस या स्पेशल डिस्टॉर्शन के एक साथ ट्रैक करना था. इस रिकॉर्ड को बनाने के लिए, विजुअल इफेक्ट्स टीम ने प्रोडक्शन की तकनीकी जरूरतों के हिसाब से एक खास मोशन-कैप्चर पाइपलाइन तैयार की. इस सेटअप में 92 ऑप्टिकल मोशन-कैप्चर कैमरे लगाए गए, साथ ही रियल-टाइम विज़ुअलाइजेशन के लिए अनरियल इंजन, सिंक्रोनाइज़्ड विटनेस फीड और लाइव डेटा स्ट्रीम कैलिब्रेशन को मैनेज करने के लिए फेशियल ट्रैकिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया. A global triumph in motion capture! 🏆🌎 #Raaka sets a Guinness World Record for the 'Most People Motion-Captured in Real-Time', with 37 performers captured simultaneously ✨ @alluarjun @Atlee_dir @GWR #Raaka #AlluArjun #Atlee #GuinnessWorldRecords pic.twitter.com/hotAxnrgfE दरअसल, ये एक काफी अडवांस कैमरा सेटअप है. इसमें दो से लेकर 100 कैमरे, हर एंगल से आपकी तस्वीर खींचते हैं. उनके जरिए इंसान के एक्सप्रेशन और मूवमेंट को सेंसर की मदद से रिकॉर्ड किया जाता है. फिर उस मूवमेंट को कंप्यूटर के जरिए फिल्म के 3D डिजिटल कैरेक्टर में फिट कर दिया जाता है. इससे वो कैरेक्टर बिल्कुल असली इंसान जैसे एक्सप्रेशन देने लगता है. इस टेक्निक का इस्तेमाल 'अवतार' और लॉर्ड्स ऑफ द रिंग' जैसी हॉलीवुड की वर्ल्ड क्लास फिल्मों में किया जा चुका है. रिकॉर्ड के अलावा, ' राका ' की यह उपलब्धि ग्लोबल स्टेज पर भारतीय सिनेमा के लिए एक अहम पल है, जो आज की भारतीय फिल्म-मेकिंग के बड़े दायरे, तकनीकी क्षमताओं और महत्वाकांक्षा को दिखाती है. यह भारतीय क्रिएटिव और तकनीकी टैलेंट से बनी भारतीय प्रोडक्शन के लिए गर्व का पल है, जिसने अत्याधुनिक फिल्म-मेकिंग टेक्नोलॉजी में इनोवेशन के लिए दुनिया भर में पहचान बनाई है.
55 shares
😊
A
Aaj Tak
Sep 21, 2026, 04:11 PM
दिल्ली के देशबंधु गुप्ता रोड पुलिस थाना क्षेत्र में सात वर्षीय लड़की के साथ बलात्कार

दिल्ली के देशबंधु गुप्ता रोड पुलिस थाना क्षेत्र में सात वर्षीय लड़की के साथ बलात्कार

दिल्ली के देशबंधु गुप्ता रोड थाना क्षेत्र में सात साल की बच्ची से दुष्कर्म का मामला सामने आया है. घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है. आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसे मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है. सेंट्रल दिल्ली के देशबंधु गुप्ता रोड थाना क्षेत्र से बड़ी खबर सामने आई है. यहां सात साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है. स्थानीय लोगों ने 34 वर्षीय आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया. पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और उसके खिलाफ POCSO एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है. पुलिस की ओर से जारी घटना रिपोर्ट के मुताबिक, मामला देशबंधु गुप्ता रोड थाने के अंतर्गत आने वाली शिदीपुरा पुलिस चौकी का है. सोमवार यानी 21 सितंबर को शाम करीब 6:30 बजे कुछ स्थानीय लोग सात साल की बच्ची और उसके परिजनों के साथ शिदीपुरा पुलिस चौकी पहुंचे. स्थानीय लोग अपने साथ आरोपी को भी पकड़कर लाए थे. पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान 34 वर्षीय अंकित के रूप में हुई है. वह दिल्ली के किशनगंज इलाके का रहने वाला बताया गया है. स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया कि आरोपी को किशनगंज इलाके में बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न करते हुए पकड़ा गया था. इसके बाद लोग उसे पकड़कर पुलिस चौकी ले आए और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने नाबालिग बच्ची को तुरंत मेडिकल जांच के लिए भेजा. वहीं, आरोपी को पुलिस हिरासत में ले लिया गया है. पुलिस की टीम घटनास्थल का भी निरीक्षण कर रही है और मामले से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ POCSO एक्ट और BNS की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की जा रही है. पुलिस अब बच्ची के परिजनों और मामले से जुड़े अन्य लोगों से जानकारी जुटा रही है. साथ ही घटनास्थल से संबंधित साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है. मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जांच और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी. घटना की जानकारी फैलने के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई. बड़ी संख्या में स्थानीय लोग पुलिस चौकी पर जमा हो गए और घेराव कर नारेबाजी करने लगे. प्रदर्शनकारी आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे. हालात को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया. सेंट्रल जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया. पुलिस के मुताबिक, पीड़िता की मेडिकल जांच कराई जा रही है. परिजनों के बयान के आधार पर POCSO एक्ट समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है. फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है. हालांकि, एहतियात के तौर पर इलाके में पुलिस बल तैनात रखा गया है.
16 shares
😢
A
Aaj Tak
Sep 21, 2026, 04:10 PM
ऐतिहासिक टी20 मैचः भारत ने जापान को हराया, युवा स्टार वैभव सूर्यवंशी चमकने के लिए तैयार

ऐतिहासिक टी20 मैचः भारत ने जापान को हराया, युवा स्टार वैभव सूर्यवंशी चमकने के लिए तैयार

भारत और जापान के बीच 22 सितंबर (मंगलवार) को ऐतिहासिक टी20 इंटरनेशनल मुकाबला खेला जाएगा. इस मैच में टीम इंडिया के 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर खास नजरें रहेंगी. कम उम्र में बड़े मंच पर अपनी पहचान बना चुके वैभव से एक बार फिर विस्फोटक बल्लेबाजी की उम्मीद की जा रही है. वैभव सूर्यवंशी ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से पहले ही क्रिकेट जगत में काफी सुर्खियां बटोरी हैं. पावरप्ले में तेजी से रन बनाने की उनकी क्षमता उन्हें भारतीय टीम के लिए अहम खिलाड़ी बनाती है. जापान के खिलाफ मुकाबले में अगर उन्हें ओपनिंग का मौका मिलता है, तो उनसे टीम को तेज शुरुआत दिलाने की उम्मीद होगी. भारत और जापान पहली बार इंटरनेशनल क्रिकेट में आमने-सामने होंगे, यह मुकाबला जापान के सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड में खेला जाएगा, यह मैच भारत-जापान राजनयिक संबंधों की 75 साल पूरे होने की खुशी में आयोजित हो रहा है. Touchdown Tokyo 🛬 All smiles as #TeamIndia has arrived for their historic one-off T20I against Japan and the #AsianGames 2026 campaign 🙌 pic.twitter.com/GfoJBVVknY भारतीय टीम मैनेजमेंट इस मैच में वैभव सूर्यवंशी के साथ अभिषेक शर्मा को पारी की शुरुआत करने का मौका दे सकता है. वहीं संजू सैमसन को रेस्ट दिया जा सकता है. वैभव और अभिषेक आक्रामक क्रिकेट खेलने के लिए जाने जाते हैं. वैभव को अफगानिस्तान के खिलाफ हालिया टी20 सीरीज के दौरान तीनों मैचों में प्लेइंग-11 में जगह नहीं मिली थी. वैभव को जिम्बाब्वे दौरे पर 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' का खिताब मिला था. वैभव सूर्यवंशी ने जुलाई 2026 में जिम्बाब्वे दौरे पर तीन पारियों में कुल 151 रन बनाए थे. Building friendships and strengthening bonds over cricket🇮🇳🤝🇯🇵 BCCI President Mr Mithun Manhas and Team India members met with His Excellency ONO Keiichi, Ambassador of Japan to India in Delhi, ahead of the historic Japan-India bilateral T20I. Mr Ambassador presented The… pic.twitter.com/LKX8bcpARw भारत की ओपनिंग जोड़ी शुरुआत से ही जापानी गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश करेगी. अब देखना होगा कि जापान के खिलाफ वैभव को अंतिम प्लेइंग-11 में जगह मिलती है या नहीं. श्रेयस अय्यर (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, रवि बिश्नोई, वॉशिंगटन सुंदर, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और यश ठाकुर.
39 shares
😊
Aaj Tak logo
Aaj Tak
Sep 21, 2026, 04:08 PM
मिनटों में घर पर शुद्ध और स्वस्थ मोज़ेरेला चीज़ बनाएँ

मिनटों में घर पर शुद्ध और स्वस्थ मोज़ेरेला चीज़ बनाएँ

पिज्जा, पास्ता या सैंडविच का नाम सुनते ही सबसे पहले मुंह में पानी चीज की वजह से आता है. लेकिन बाजार में मिलने वाला डिब्बाबंद चीज न सिर्फ महंगा होता है, बल्कि उसमें कई तरह के प्रिजर्वेटिव्स और केमिकल्स भी मिले होते हैं. अगर आप भी अपने परिवार को शुद्ध और हेल्दी खाना खिलाना चाहते हैं तो बाजार के महंगे चीज को कहें बाय! घर पर सिर्फ दूध और सिरके (या नींबू के रस) की मदद से आप मिनटों में बिल्कुल बाजार जैसा टेस्टी, सॉफ्ट और चीजी मोजेरेला चीज तैयार कर सकते हैं. आइए जानते हैं इसे बनाने का एकदम आसान तरीका. कच्चा फुल क्रीम दूध - 1 लीटर (पैकेट वाले टोंड दूध का इस्तेमाल न करें) सफेद सिरका - 3 से 4 बड़े चम्मच (या नींबू का रस) नमक - 1 छोटा चम्मच ठंडा पानी और बर्फ के टुकड़े दूध गरम करना: एक भारी तले के बर्तन में फुल क्रीम दूध डालें और इसे धीमी आंच पर गुनगुना होने तक गरम करें. दूध केवल उतना गरम होना चाहिए कि उसमें उंगली डालने पर हल्की गर्मी महसूस हो (बहुत ज्यादा गरम या उबलने न दें). दूध फाड़ना: गैस बंद कर दें. अब दूध में धीरे-धीरे एक-एक चम्मच करके सिरका डालें और हल्के हाथों से चलाते रहें. कुछ ही देर में दूध फटना शुरू हो जाएगा और छेना और हरा पानी अलग होने लगेगा. चीज़ इकट्ठा करना: जब चीज और पानी पूरी तरह अलग हो जाएं, तो हाथ से या छलनी की मदद से चीज को एक जगह इकट्ठा करके एक्स्ट्रा पानी निचोड़ लें. चीज़ को स्ट्रेची (लोचदार) बनाना: बचे हुए गरम पानी में 1 छोटा चम्मच नमक मिलाएं. अब इकट्ठा किए गए चीज़ के गोले को इस गरम पानी में 2 मिनट के लिए डुबोएं, फिर निकाल कर दबाते हुए पानी निचोड़ें. इस प्रक्रिया को 3-4 बार दोहराएं. इससे चीज में बाजार जैसा खिंचाव आता है. सेट करना: अब इस चीज़ के गोले को बर्फ वाले ठंडे पानी में 2-3 मिनट के लिए डाल दें ताकि यह अपनी शेप होल्ड कर ले. इसके बाद इसे निकालकर अच्छी तरह से निचोड़ लें. स्टोर करना: चीज को एक प्लास्टिक रैप या एयरटाइट कंटेनर में लपेटकर 2 से 3 घंटे के लिए फ्रिज में रख दें. आपका शुद्ध और टेस्टी होममेड मोजेरेला चीज तैयार है. इसे कद्दूकस करके पिज्जा या सैंडविच में इस्तेमाल करें.
69 shares
😢
A
ABP News
Sep 21, 2026, 04:08 PM
भारत ने एशियाई खेलों में पुरुषों और महिलाओं दोनों के टेबल टेनिस मैचों में पाकिस्तान को हराया

भारत ने एशियाई खेलों में पुरुषों और महिलाओं दोनों के टेबल टेनिस मैचों में पाकिस्तान को हराया

एशियाई खेलों में टेबल टेनिस के मुकाबलों में सोमवार को भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया. पहले महिला टीम ने 3-0 से जीत दर्ज कर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई और इसके बाद पुरुष टीम ने भी इसी फर्क से पाकिस्तान को हराया. इस तरह भारत ने एक ही दिन में दोनों मुकाबलों में पाकिस्तान को चटाई धूल. महिला टीम ने ग्रुप एफ में अपना विजयी अभियान जारी रखते हुए पाकिस्तान को एकतरफा अंदाज में हराया. सुतीर्था मुखर्जी ने अलीना खान को लगातार तीन गेमों में 11-3, 11-3, 11-4 से हराकर भारत को बढ़त दिलाई. उन्होंने ये मुकाबला सिर्फ 10 मिनट में अपने नाम किया. इसके बाद 17 साल की सिंड्रेला दास ने कलसूम खान को 11-6, 11-7, 11-5 से मात दी और भारत की बढ़त 2-0 कर दी. आईटीटीएफ महिला एकल रैंकिंग में 99वें स्थान पर मौजूद सिंड्रेला को घरेलू प्रतियोगिताओं में अच्छे प्रदर्शन के बाद एशियाई खेलों की सीनियर टीम में जगह मिली है. तीसरे मुकाबले में श्रीजा अकुला ने फातिमा खान को 11-4, 11-4, 11-5 से हराकर भारतीय टीम की जीत पक्की कर दी. महिला टीम के बाद पुरुष टीम ने भी पाकिस्तान को 3-0 से हराया. ईरान के खिलाफ मिली हार के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने इस मुकाबले में बिना कोई गेम गंवाए जीत हासिल की. हरमीत देसाई ने मोहम्मद खान को 11-4, 11-3, 11-5 से हराकर भारत को आगे किया. इसके बाद कप्तान जी साथियान ने अब्बास खान को 11-1, 11-8, 11-9 से मात दी. पायस जैन ने तीसरे मुकाबले में मोहम्मद खान को 11-2, 11-5, 11-7 से हराकर भारत की जीत पर मुहर लगा दी. दोनों टीमों की इस जीत के साथ भारत ने टेबल टेनिस के पुरुष और महिला टीम मुकाबले में क्वार्टर फाइनल का टिकट पक्का कर लिया. उफक साहिल ABP न्यूज़ के डिजिटल विंग में बतौर इंटर्न काम कर रही हैं. इन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत एक ऑनलाइन न्यूज़ प्लेटफॉर्म से की थी. वर्तमान में यह हैदराबाद में मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी में MA मास कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म की छात्रा हैं. इन्होंने बिहार में दरभंगा के कामेश्वरनगर स्थित ललित नारायण मिथिला यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया है. अभी उफक एबीपी न्यूज़ वेबसाइट के बिजनेस और यूटिलिटी सेक्शन की जिम्मेदारी संभाल रही हैं.
33 shares
😊