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Aug 7, 2026, 03:48 AM
अमेरिकी अदालत ने मानसिक स्वास्थ्य और बाल यौन शोषण की चिंताओं पर मेटा $942 मिलियन का जुर्माना लगाया

अमेरिकी अदालत ने मानसिक स्वास्थ्य और बाल यौन शोषण की चिंताओं पर मेटा $942 मिलियन का जुर्माना लगाया

अमेरिकी राज्य न्यू मैक्सिको की अदालत ने गुरुवार को इंस्टाग्राम-फेसबुक की पेरेंट कंपनी Meta पर 942 मिलियन डॉलर यानी 9030 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया। कोर्ट ने यह भी कहा कि प्लेटफॉर्म से युवाओं की मेंटल हेल्थ को नुकसान पहुंचा। जुर्माने की रकम में से 420 मिलियन डॉलर यानी 3993 करोड़ रुपए युवाओं के इलाज पर खर्च होंगे। बाकी की रकम अगले 5 साल में अवेयरनेस, प्रिवेंशन, स्क्रीनिंग सर्विस पर खर्च की जाएगी। यह केस दो फेज में चला। पहले फेज में कोर्ट ने Meta पर 375 मिलियन डॉलर यानी 3571 करोड़ रुपए के सिविल जुर्माना लगाने का आदेश दिया था। तब कोर्ट ने कहा था कि कोर्ट ने कहा कि कंपनी जानती थी कि प्लेटफॉर्म पर बच्चों का यौन शोषण हुआ, लेकिन इसे छिपाया। दूसरे फेज में कोर्ट ने Meta पर 567 मिलियन डॉलर यानी 5,390 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया। इस तरह अदालत ने कंपनी पर कुल 942 मिलियन डॉलर यानी 9030 करोड़ रुपए जुर्माना लगाया। केस के दौरान प्रॉसिक्यूटर्स ने जज से Meta में बुनियादी बदलाव करने की मांग की थी। इन बदलावों का मकसद लत लगाने वाले फीचर्स पर रोक लगाना, एज वैरिफिकेशन प्रक्रिया को बेहतर बनाना और डिफॉल्ट प्राइवेसी सेटिंग्स, कड़ी निगरानी के जरिए बच्चों के यौन शोषण को रोकना था। यह मामला न्यू मैक्सिको के अटॉर्नी जनरल राउल टोरेस ने दायर किया था। आरोप था कि Meta के इंस्टाग्राम-फेसबुक बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं हैं। कंपनी ने जानबूझकर इन खतरों को नजरअंदाज किया। कंपनी पर आरोप लगा कि एल्गोरिदम को ऐसे डिजाइन किया है कि वे बच्चों को 'एडिक्टिव' (लत लगाने वाले) बनाते हैं। इसके असर से बच्चों में डिप्रेशन, ईटिंग डिसऑर्डर और आत्महत्या जैसी समस्याओं में बढ़ोतरी हुई। मुकदमा केवल मेंटल हेल्थ तक सीमित नहीं था। इसमें यह भी आरोप लगाया गया था कि Meta के प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल बाल यौन शोषण और बच्चों को फंसाने के लिए किया जा रहा था, और कंपनी ने इस खतरे के बारे में जानते हुए भी ठोस कदम नहीं उठाए। अदालत ने कहा कि बच्चों की प्राइवेसी से जुड़े संघीय कानून Meta को 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए एज वैरिफिकेशन करने वाले टूल्स लागू करने से रोकते हैं। 'चिल्ड्रन्स ऑनलाइन प्राइवेसी एक्ट' (COPPA) का मतलब है कि अदालत Meta को यह आदेश नहीं दे सकती कि वह बच्चों से निजी डेटा देने या ऑनलाइन ट्रैक किए जाने के लिए कहे, भले ही एज वैरिफिकेशन के लिए ही क्यों न हो। अदालत ने यह भी कहा कि न सिर्फ Meta, बल्कि दूसरी सोशल मीडिया कंपनियों को बच्चों का एज वैरिफिकेशन करने का आदेश देना अनुचित होगा और कंपनी के लिए बहुत ज्यादा नुकसानदेह होगा। --------------- Meta के CEO मार्क जुकरबर्ग ने 5 अगस्त को पीएम नरेंद्र मोदी का फेसबुक पोस्ट हटाए जाने के मामले में भारत सरकार से माफी मांगी। कंपनी ने यह भी माना कि उसके प्लेटफॉर्म पर चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मैटेरियल, डीपफेक और कंटेंट मॉडरेशन से जुड़ी चूक हुई हैं।
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Aug 7, 2026, 03:26 AM
उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के कारण बाढ़ ने तबाही मचाई

उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के कारण बाढ़ ने तबाही मचाई

उत्तराखंड में लगातार बारिश से अलकनंदा, मंदाकिनी, भगीरथी समेत छह नदियां खतरे के स्तर पर बह रही हैं। हरिद्वार-ऋषिकेश में घाट और मंदिर डूब गए हैं। देहरादून, चमोली, बागेश्वर में स्कूल बंद हैं। राज्य की 132 सड़कें और बद्रीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री नेशनल हाईवे बंद किए गए हैं। उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश से नदियां भी उफान पर हैं। फर्रुखाबाद में गंगा खतरे के निशान के करीब पहुंच गई। 33 गांवों और 40 सरकारी स्कूलों में बाढ़ का पानी घुस गया। बलिया में सरयू नदी में तीन मकान समा गए। पिछले एक सप्ताह में अब तक 27 घर नदी में समा चुके हैं। वाराणसी में गंगा उफान पर है। 40 से 50 छोटे मंदिरों में बाढ़ का पानी घुस गया, जबकि रत्नेश्वर महादेव मंदिर आधे से ज्यादा डूब चुका है। दिल्ली-NCR में गुरुवार को तेज बारिश हुई। जलभराव के कारण दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे पर समेत कई सड़कों पर जाम लग गया। द्वारका सेक्टर-25 में तेज बारिश के दौरान एक युवक खुले नाले में गिरकर तेज बहाव में बह गया। 7 घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाया, लेकिन युवक का कोई सुराग नहीं मिला। मध्य प्रदेश के 55 में से 48 जिलों में सूखे जैसे हालात हैं। यहां मानसून में अब तक औसत से 46% तक कम बारिश हुई है। ऐसे में न सिर्फ डैम-तालाब खाली हैं बल्कि फसलों पर भी असर पड़ रहा है। जबलपुर में धान के खेतों में दरारें पड़ गई हैं तो उज्जैन संभाग में सोयाबीन की फसल में इल्ली का असर है। मौसम विभाग ने आज 15 जिलों के लिए बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। बक्सर समेत 5 जिलों में तेज बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, 10 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें 18 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है। 33 गांवों और 40 सरकारी स्कूलों में बाढ़ का पानी घुस गया। राजस्थान में तेज बारिश का दौर जारी है। शुक्रवार को 5 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। जयपुर में देर रात शुरू हुआ बारिश को दौर आज सुबह भी जारी है। भरतपुर, धौलपुर, करौली और अलवर में 8 इंच तक बरसात दर्ज की गई। हिमाचल प्रदेश के ज्यादातर भागों में मानसून धीमा पड़ा है। राज्य के 9 जिलों में बीते एक सप्ताह के दौरान सामान्य से कम बारिश हुई है। वहीं तीन जिलों में नॉर्मल से दोगुणा ज्यादा बादल बरसे है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक उत्तर छत्तीसगढ़ के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई है। हालांकि 8 अगस्त के बाद प्रदेश में बारिश की तीव्रता और इसका दायरा धीरे-धीरे कम होने के आसार हैं। उत्तराखंड के कई जिलों में पिछले दो दिनों से लगातार तेज बारिश हो रही है। रुद्रप्रयाग में 12वीं तक के स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है। वहीं, 10 जिलों की 132 सड़कें बंद हैं। उत्तरकाशी के स्यानाचट्टी में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से 4-5 होटलों की पहली मंजिल तक पानी भर गया। 20+ राज्यों में बारिश का यलो अलर्ट है। पूर्वी राजस्थान में ऑरेंज अलर्ट है। 19 राज्यों में बारिश का यलो अलर्ट है। पूर्वी राजस्थान में बारिश का ऑरेंज अलर्ट है।
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Aug 7, 2026, 02:59 AM
अदालत में अपमान से बचने के लिए भाजपा ने एमएलसी को बदला

अदालत में अपमान से बचने के लिए भाजपा ने एमएलसी को बदला

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश विधान परिषद के सदस्य बन गए हैं। कोर्ट में फजीहत से बचने के लिए 31 जुलाई को BJP ने अपने MLC देवेश कुमार से इस्तीफा दिलवाया। उसके बाद 5 अगस्त को राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने दीपक प्रकाश को MLC मनोनीत कर दिया। अगर ऐसा नहीं होता तो उनकी मंत्री पद से बर्खास्तगी तय मानी जा रही थी। …तो क्या MLC बन जाने से अब दीपक प्रकाश की कुर्सी बच गई, सुप्रीम कोर्ट अब क्या करेगा, समझेंगे; बूझे की नाही में...। सीनियर BJP लीडर राकेश कुमार सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दायर कर संविधान के ऑर्टिकल 164(4) के तहत बिहार सरकार के पंयाचती राज मंत्री दीपक प्रकाश की पुनर्नियुक्ति को अवैध बताया है। उनका तर्क है कि एक ही विधानसभा के कार्यकाल के भीतर सिर्फ सरकार या मुख्यमंत्री बदलने का बहाना बनाकर किसी गैर-विधायक को दोबारा 6 महीने की छूट देकर मंत्री नहीं बनाया जा सकता। याचिका में कहा गया है कि पहली बार मंत्री बनने के बाद से बिना चुनाव जीते मंत्री रहने की जो 6 महीने की तय अवधि है, वह 20 मई 2026 को ही समाप्त हो चुकी है। याचिका के मुताबिक, सरकार बदलने, इस्तीफा देने या मंत्रिमंडल के पुनर्गठन का सहारा लेकर 6 महीने की समय-सीमा को 'रीसेट' (शुरू से शुरू) नहीं किया जा सकता। याचिका में दीपक प्रकाश को बर्खास्त करने और 20 मई के बाद लिए गए फैसलों को रद्द करने की मांग की गई है। 15 जून 2026 को पहली बार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इसमें याचिकाकर्ता राकेश सिंह की तरफ से सीनियर एडवोकेट विकास सिंह ने अपनी बात रखी। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना ने बिहार सरकार, दीपक प्रकाश और चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर 4 सप्ताह में जवाब मांगा। हमने यही सवाल कानून मामलों के 3 जानकारों से पूछा। सिलसिलेवार तरीके से जानिए… कानून मामलों के जानकार प्रो. राजीव रंजन कहते हैं... याचिका दायर करने वाले BJP लीडर राकेश सिंह कहते हैं... 2001 में सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे ही एक केस में ऐतिहासिक फैसला दिया था। याचिकाकर्ता राकेश कुमार सिंह ने उस फैसले का जिक्र इस केस में भी किया है। अगर सुप्रीम कोर्ट 2001 वाले अपने एसआर चौधरी फैसले की कड़ाई से व्याख्या करता है तो दीपक प्रकाश की पुनर्नियुक्ति को 'असंवैधानिक और शून्य' घोषित किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट में लंबी सुनवाई चली और 17 अगस्त 2001 को सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में पंजाब सरकार के इस कदम को असंवैधानिक ठहराया और फटकार लगाई। सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की पीठ (तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश डॉ. ए.एस. आनंद, जस्टिस आर.सी. लाहोटी और जस्टिस के.जी. बालकृष्णन) ने कहा…
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Aug 7, 2026, 02:52 AM
भाजपा विधायक के दामाद पर पैसे के लिए महिलाओं से शादी करने का आरोप

भाजपा विधायक के दामाद पर पैसे के लिए महिलाओं से शादी करने का आरोप

यूपी के सीतापुर में सेवता से बीजेपी एमएलए के समधी अनुज त्रिवेद्वी और दामाद पर महिलाओं को झांसा देकर शादी करने और कैश- जेवरात की ठगी का आरोप लगा है। आरोप लगाने वाली महिलाएं महाराष्ट्र और प्रयागराज की रहने वाली हैं। महिलाओं ने सीतापुर एडीएम से मिलकर बीजेपी एमएलए के समधी और दामाद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इन महिलाओं का आरोप है कि बीजेपी एमएलए के समधी ने 25 महिलाओं से शादी कर उनसे लगभग 600 करोड रुपये और एक किलो सोना-चांदी ठगने का काम किया है। वहीं, इस मामले में बीजेपी एमएलए ने अपनी बेटी के साथ सोशल मीडिया पर अपना एक भावुक वीडियो साझा करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी एमएलए ज्ञान तिवारी इस वीडियो में बेटी के साथ रोते हुए दिखाई दे रहे हैं और समधी पर कार्रवाई की बात भी कहते हुए सुनाई दे रहे हैं। आपको बता दें कि सीतापुर के मिश्रिख तहसील के चंद्रावल के रहने वाले अनुज त्रिवेदी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है। महाराष्ट्र व प्रयागराज की पीड़ित महिलाओं ने एक सामूहिक शिकायती पत्र एडीएम आयुष चौधरी को सौंपा है। पत्र सौंपने वाली पीड़िताओं ने बीजेपी एमएलए के समधी अनुज त्रिवेदी पर कई महिलाओं से करीब 600 करोड रुपए ठगने का आरोप लगाया है। इतना ही नहीं आरोपी की संपत्ति को भी कुर्क कर रकम जेवर आदि सामान वापस दिलाने की गुहार लगाई है। वहीं पीड़ित अहिलाओं ने आरोप लगाया है कि राजनीतिक के चलते कोई एफआईआर दर्ज नहीं हो रही है सभी ने कार्रवाई की मांग की है। वही आपको बता दें कि इस मामले मे महाराष्ट्र में मामला दर्ज बताया जा रहा है। वही इस मामले में एडीएम आयुष चौधरी ने पुलिस को जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं। वही इस मामले में आरोपी अनुष त्रिवेदी महाराष्ट्र की जेल में बंद है। यूपी के सीतापुर के मिश्रिख क्षेत्र के चंद्रावल गांव निवासी अनुज त्रिवेदी को महाराष्ट्र पुलिस ने ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार किया था। वैवाहिक विज्ञापनों के जरिये 25 महिलाओं को धोखा देकर शादी करने व करोड़ों रुपये की ठगी करने का आरोपी अनुज सीतापुर के बड़े नेता का समधी निकला। धोखाधड़ी में आरोपी के बेटे के भी शामिल होने का पुलिस को शक है। पुलिस कई पहलुओं पर जांच कर रही है। अनुज त्रिवेदी ग्रेटर नोएडा में चंद्रप्रकाश त्रिवेदी की फर्जी पहचान बनाकर रह रहा था। पुलिस के अनुसार वह अजय अग्रवाल, अजय, संतोष सिंह, जयप्रकाश, रमेश चंद्र गुप्ता आदि नामों का इस्तेमाल कर ठगी कर चुका है। 75 वर्षीय महिला ने चार मार्च 2022 को महाराष्ट्र के ठाणे जिले के नयानगर पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि आरोपी ने अखबार में प्रकाशित वैवाहिक विज्ञापन के जरिये उनकी 45 वर्षीय बेटी से संपर्क किया। एक मार्च 2019 को उससे शादी की। कुछ समय बाद आरोपी ने उनके परिवार को फ्लैट बेचने के लिए मजबूर किया। नया मकान बनवाने का वादा कर कुल 82 लाख रुपये नकदी कई किस्तों में ली। इसके बाद 22 फरवरी 2022 को आरोपी उनकी बेटी को रिश्तेदार की शादी के बहाने दिल्ली ले गया और वहां रेलवे स्टेशन पर 33 तोला सोना लेकर भाग गया। उसने महिला को मुंबई जाने वाली ट्रेन में बैठाकर अपना फोन बंद कर लिया था। उनकी बेटी से कुल 97 लाख रुपये की ठगी हुई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने इसी तरह से 25 से अधिक महिलाओं को निशाना बनाया है। इनमें दिव्यांग, मानसिक रूप से कमजोर, तलाकशुदा और असहाय महिलाएं शामिल हैं। पुलिस ने आरोपी के पास से फर्जी आधार कार्ड, तीन मोबाइल फोन और एक एटीएम कार्ड बरामद किया है। ग्रामीणों के अनुसार 27 वर्ष पूर्व अनुज त्रिवेदी सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करने लखनऊ गया था। इसके बाद प्रखर सिक्योरिटी के नाम से उसने कंपनी खोल ली। प्राॅपर्टी डीलिंग भी करने लगा। इसके बाद बस से मुंबई आने-जाने लगा। ग्रामीणों के अनुसार आरोपी कई संदिग्ध गतिविधियों में शामिल रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी अनुज कुछ ही समय में करोड़पति हो गया। उसने लखनऊ में छठा मील में कोठी, नैमिषारण्य में मकान और मिश्रिख के चंद्रावल में एक स्कूल खोला। आरोपी के पुत्र की शादी में कई बड़े नेता, मंत्री भी पहुंचे थे। (सीतापुर से मोहित मिश्र की रिपोर्ट)
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Aug 7, 2026, 02:51 AM
एम. आई. लंदन ने द हंड्रेड में लंदन स्पिरिट के खिलाफ रोमांचक मैच जीता

एम. आई. लंदन ने द हंड्रेड में लंदन स्पिरिट के खिलाफ रोमांचक मैच जीता

6 अगस्त को द हंड्रेड में लंदन स्पिरिट और MI लंदन के बीच एक मैच खेला गया। लॉर्ड्स के मैदान पर खेले गए इस मुकाबले में MI लंदन की टीम ने 4 विकेट से रोमांचक जीत दर्ज की। MI की इस जीत में बल्ले से सिकंदर रजा ने अहम भूमिका निभाई। वहीं फील्डिंग में बाउंड्री लाइन पर विल जैक्स ने एक बेहतरीन कैच पकड़ा। मुकाबले में पहले बैटिंग करते हुए लंदन स्पिरिट की टीम ने 100 गेंदों में 5 विकेट के नुकसान पर 160 रन बनाए। जवाब में MI ने 94 गेंदों में 6 विकेट के नुकसान पर 164 रन बनाकर आसानी से मैच जीत लिया। MI लंदन ने इस मैच में टॉस जीतकर लंदन स्पिरिट को पहले बल्लेबाजी के लिए बुलाया। लुहान-ड्रे प्रेटोरियस और जॉनी बेयरस्टो की जोड़ी ने टीम को अच्छी शुरुआत दी। बेयरस्टो इस मैच में 7 बॉल पर 13 रन बनाकर आउट हो गए। लेकिन प्रेटोरियस ने तूफानी बल्लेबाजी जारी रखी। वह एक छोर से लगातार रन बना रहे थे। लेकिन पारी की 49वीं गेंद पर विल जैक्स ने बाउंड्री लाइन पर एक बेहतरीन कैच पकड़कर लुहान-ड्रे प्रेटोरियस को पवेलियन भेज दिया। उन्होंने 28 बॉल पर 5 चौके और 3 छक्के की मदद से 52 रन बनाए। पहले बल्लेबाजी करते हुए लंदन स्पिरिट ने MI की टीम के सामने 161 रन का टारगेट रखा। टीम की शुरुआत उतनी अच्छी नहीं रही। विल जैक्स 9 बॉल पर 18 रन, वहीं जेम्स विंस 13 बॉल पर 15 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद विकेटकीपर बल्लेबाज निकोलस पूरन ने सैम करन के साथ मिलकर पारी को संभाला। दोनों के बीच 32 बॉल पर 43 रन की साझेदारी हुई। करन 23 बॉल पर 33 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद सिकंदर रजा बैटिंग के लिए आए और उन्होंने 16 गेंदों में 32 रन बनाकर टीम को जीत के करीब पहुंचा दिया। अपनी पारी में रजा ने 4 छक्के लगाए। अंत में MI लंदन की टीम ने 94 गेंदों में 164 रन बनाकर टारगेट हासिल कर लिया। आपको बता दें कि MI लंदन के लिए यह इस सीजन की चौथी जीत है। टीम ने अब तक 6 मुकाबले खेले हैं, जिसमें से उन्हें दो में हार का सामना करना पड़ा है। 16 अंकों के साथ MI लंदन की टीम पॉइंट्स टेबल में दूसरे नंबर पर है। वहीं ट्रेंट रॉकेट्स की टीम 6 मैचों में 5 जीत और 20 पॉइंट्स के साथ पहले नंबर पर मौजूद है। आपको बता दें कि इस सीजन MI लंदन का एक मैच देखने के लिए रोहित शर्मा भी इंग्लैंड के द ओवल स्टेडियम में पहुंचे थे। RCB के पूर्व तेज गेंदबाज बन सकते हैं कर्नाटक के हेड कोच, फर्स्ट क्लास क्रिकेट में झटक चुके हैं 500+ विकेट हैरी ब्रूक नहीं, जो रूट को क्यों मिली टेस्ट कप्तानी? ECB के नेशनल सेलेक्टर ने बताया बड़ा कारण Latest Cricket News
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Aug 7, 2026, 02:50 AM
उच्च-रिज़ॉल्यूशन छवियों में सूर्य की सतह का खुलासाः अभूतपूर्व खोजों से वैज्ञानिक स्तब्ध

उच्च-रिज़ॉल्यूशन छवियों में सूर्य की सतह का खुलासाः अभूतपूर्व खोजों से वैज्ञानिक स्तब्ध

साइंटिस्ट्स ने सूरज की सतह की अब तक की सबसे हाई-रिजॉल्यूशन तस्वीरें खींची हैं। ये तस्वीरें हवाई के माउई आइलैंड पर मौजूद डेनियल के. इनौये सोलर टेलीस्कोप से ली गईं। हवाई के माउई द्वीप पर मौजूद नेशनल साइंस फाउंडेशन के डैनियल के. इनौये सोलर टेलीस्कोप की मदद से सूरज की झुलसा देने वाली सतह को देख पाए। असल में ये तस्वीरें टेलीस्कोप टेस्ट करने के लिए ली गई थीं। लेकिन रिजल्ट देखकर वैज्ञानिक हैरान रह गए। तस्वीरों में सूरज की चमकदार सतह पर अजीब पंखों जैसे पैटर्न और प्लाज्मा की महीन संरचनाएं साफ दिख रही हैं, जो पहले कभी नहीं देखी गई थीं। रिसर्च नेचर जर्नल में पब्लिश हुई है। वैज्ञानिक डॉ. फ्रेडरिक वोगर के मुताबिक इससे सौर गतिविधियों और अंतरिक्ष के मौसम को बेहतर समझने में मदद मिलेगी। साथ ही ये राज भी सुलझ सकता है कि सूरज का बाहरी वायुमंडल कोरोना, सतह से लाखों डिग्री ज्यादा गर्म क्यों है। वैज्ञानिकों ने सूरज पर जो चीज खोजी है, उसे केल्विन-हेल्महोल्ट्ज इंस्टेबिलिटी (Kelvin-Helmholtz instability) कहा जाता है। यह घटना तब होती है जब फ्लुइड्स, इस मामले में गर्म गैसें, एक-दूसरे के ऊपर से गुजरती हैं और छोटी-छोटी हलचलें घूमते हुए भंवर का रूप ले लेती हैं। समुद्र में, इससे यह समझने में मदद मिलती है कि कैसे छोटी लहरें विशाल और शक्तिशाली लहरों में बदल जाती हैं। NSO के डॉ. फ्रेडरिक वोएगर ने बताया कि सूरज की सतह पर इसे खोजने से न सिर्फ स्पेस वेदर के पीछे की गतिविधियों को समझने में मदद मिली, बल्कि यह भी पता चला कि सूरज की सतह इतनी गर्म क्यों है। इससे पता चलता है कि एनर्जी ऊपर की ओर कैसे पहुंचती है। भारतीय रेलवे: अब प्वाइंट्समैन को न्यूनतम दो वर्ष की सेवा के बाद मिलेगी पदोन्नति, देशभर के 66,388 लोगों को होगा लाभ कोडरमा-रजौली फोर-लेन प्रोजेक्ट पर हाईकोर्ट का निर्देश; NHAI, झारखंड और बिहार सरकार मिलकर करें काम हरियाणा: गर्भवती पत्नी को बेरहमी से पीटा, पति को जमानत देते हुए कोर्ट ने कहा, 'शराब की लत छोड़कर परिवार संभालें' श्रावण मास में महाकाल के दर्शन: भारत के एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग की पौराणिक कथा और अद्भुत अनुष्ठान कांवड़ यात्रा: बस्ती-अयोध्या फोरलेन पर आज से 11 अगस्त तक वाहनों का आवागमन बंद हरियाणा में राइस मिलर्स को पिछले साल 30 जून तक का मिलेगा बोनस, एक्स्ट्रा चावल की खरीद के लिए केंद्र से बात करेगी सरकार उन्होंने कहा, जब ऊपरी परतों में काफी एनर्जी जमा हो जाती है, तो वह फ्लेयर या कोरोनल मास इजेक्शन के रूप में बाहर निकल सकती है। NSO के डॉ. डेविड बोबोल्ट्ज ने कहा कि स्पेस वेदर से बचाव के अलावा, सूरज अनोखी प्रयोगशाला है क्योंकि यह हमारा सबसे करीबी तारा है। इससे हमें फिजिक्स के बुनियादी नियम समझने में मदद मिलती है। आइंस्टीन की रिलेटिविटी का पहला सबूत भी सूरज ग्रहण से मिला था।इसलिए सिर्फ ज्ञान के लिए भी हमें सूरज पर ऐसे प्रयोग करते रहना चाहिए।
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Aug 7, 2026, 02:47 AM
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर नागरिकों से स्थानीय वस्त्रों और पारंपरिक शिल्प को बढ़ावा देने का आग्रह किया

प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर नागरिकों से स्थानीय वस्त्रों और पारंपरिक शिल्प को बढ़ावा देने का आग्रह किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर स्थानीय कपड़ों को बढ़ावा देने की अपील की है। उन्होंने देशवासियों को संबोधित करते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर किया। इसमें उन्होंने जनता से अपील करते हुए देश की पारंपरिक शिल्पकला और स्थानीय बुनाई को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने नागरिकों से स्थानीय कपड़ों की लोकप्रियता बढ़ाने के लिए हैशटैग के साथ अपने 'गेट रेडी विद मी' (GRWM) वीडियो शेयर करने की अपील की। प्रधानमंत्री ने गुरुवार को क्रिएटिव ऑनलाइन पार्टिसिपेशन को बढ़ावा देने के लिए एक्स प्लेटफॉर्म का उपयोग किया। इसमें भारत की हथकरघा विविधता को लोकप्रिय बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। उन्होंने लिखा, “7 अगस्त राष्ट्रीय हथकरघा दिवस है। आइए भारत की हथकरघा विविधता को लोकप्रिय बनाएं। अपने पसंदीदा हथकरघा उत्पादों के वीडियो, जिनमें GRWM वीडियो भी शामिल हैं, सोशल मीडिया पर साझा करें। #NationalHandloomDay का उपयोग करना न भूलें।” कपड़ा मंत्रालय 7 अगस्त को नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में 12वां राष्ट्रीय हथकरघा दिवस मनाएगा, जिसमें भारत की हथकरघा विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा और देश के सांस्कृतिक और आर्थिक विकास में हथकरघा बुनकर समुदाय के योगदान को मान्यता दी जाएगी। कपड़ा मंत्रालय द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में समारोह में शामिल होंगी। केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह, कपड़ा राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा, सचिव नीलम शमी राव और विकास आयुक्त (हथकरघा) डॉ. एम. बीना भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगी। इस कार्यक्रम में संत कबीर हथकरघा पुरस्कार विजेता और राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार विजेता अपने परिवार के सदस्यों के साथ, देश भर के हथकरघा बुनकर, पुरस्कार चयन समिति के सदस्य, हथकरघा क्षेत्र से जुड़े प्रतिष्ठित व्यक्ति, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, मीडिया प्रतिनिधि और अन्य विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे। समारोह में संत कबीर हथकरघा पुरस्कार और 2025 के राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कारों का वितरण होगा। कुल 22 पुरस्कार वितरित होंगे, जिनमें तीन संत कबीर हथकरघा पुरस्कार और 19 राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार शामिल हैं। हथकरघा बुनकरों को उनकी शिल्प कौशल, नवाचार और भारत की हथकरघा परंपराओं के संरक्षण में योगदान के लिए प्रदान किए जाएंगे। इस अवसर पर भारत की विविध हथकरघा बुनाई परंपराओं का जश्न मनाने वाले चार स्मारक डाक टिकट भी जारी किए जाएंगे। इस समारोह के दौरान "अर्थ. रूट. थ्रेड- सेंट्रल इंडिया के आल डाई किए हुए हथकरघा वस्त्र" और हथकरघा पुरस्कार पुस्तक 2025 का अनावरण किया जाएगा। समारोह के दौरान पुरस्कार विजेता हथकरघा उत्पादों की एक प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। आगंतुक पारंपरिक कानी बुनाई और दीवार पर टांगने वाले आभूषणों की बुनाई भी देख सकेंगे। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के आसपास आयोजित होने वाले अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में प्रदर्शनियां, सम्मेलन आदि शामिल हैं। मंत्रालय के अनुसार, भारत का हथकरघा क्षेत्र 35 लाख से अधिक लोगों की आजीविका का साधन है, जिसमें 70 प्रतिशत से अधिक महिलाएं कार्यरत हैं। भारत के अलग-अलग राज्यों की हैंडलूम की साड़ियां फेमस हैं। यह क्षेत्र भारत की समृद्ध वस्त्र परंपराओं का संरक्षक होने के साथ-साथ पर्यावरण के अनुकूल उत्पादन पद्धतियों में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस प्रतिवर्ष 7 अगस्त को 1905 में शुरू हुए स्वदेशी आंदोलन की याद में मनाया जाता है। इस आंदोलन ने स्वदेशी उद्योगों और भारत के हथकरघा क्षेत्र को नई गति प्रदान की थी। यह दिवस देश की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक-आर्थिक विकास में हथकरघा बुनकरों के अटूट योगदान को मान्यता देता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2015 में चेन्नई में राष्ट्रीय हथकरघा दिवस की शुरुआत की थी। इसके बाद से यह दिवस भारत के हथकरघा बुनकरों की कलात्मकता, कौशल और समर्पण का जश्न मनाने के साथ-साथ हथकरघा क्षेत्र के संरक्षण, संवर्धन और सतत विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि करने का एक अवसर रहा है। भारत की समृद्ध हथकरघा परंपरा के उत्सव से कहीं अधिक, यह दिन उन कुशल कारीगरों को सम्मानित करता है जिन्होंने पीढ़ियों से देश की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखा है। गुजरात के मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, "गुजरात भारत में हथकरघा शिल्प कौशल के प्रमुख केंद्रों में से एक है, जहां बुनाई राज्य की संस्कृति, शिल्प कौशल और आजीविका में गहराई से निहित है।" पटोला और कच्छ बुनाई सहित गुजरात के पारंपरिक हथकरघा बुनाई को अमेरिका, यूरोप, जापान, ऑस्ट्रेलिया और मध्य पूर्व में पहचान मिली है, और अंतरराष्ट्रीय डिजाइनरों और प्रसिद्ध हस्तियों के बीच इसकी स्वीकार्यता बढ़ रही है। सरकारी सहयोग, आधुनिक डिजाइन और प्रभावी विपणन के बल पर, यह क्षेत्र आज 12,000 से अधिक बुनकरों और कारीगरों को रोजगार प्रदान करता है और 51.07 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार कर चुका है, जिससे गुजरात की सांस्कृतिक विरासत और आर्थिक क्षमता दोनों मजबूत हो रही हैं। (इनपुट-एएनआई) यह भी पढ़ें- ईरान-अमेरिका में चल रहा तनाव, नेतन्याहू ने पीएम मोदी से फोन पर की बात, जानें किन मुद्दों पर हुई चर्चा
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Aug 7, 2026, 02:42 AM
पुल के क्षतिग्रस्त होने और भूस्खलन का वायरल वीडियो निर्माण के रूप में उजागर हुआ

पुल के क्षतिग्रस्त होने और भूस्खलन का वायरल वीडियो निर्माण के रूप में उजागर हुआ

गांधीनगर पुलिस ने सोशल मिडिया पर वायरल हो रहे एक पुल के डैमेज होने और एपोर्च रोड पर भारी मात्रा में जमीं धसने के वीडियो के मामले में गुरुवार को एक FIR दर्ज की है। दरअसल मामला ये है की 21 जुलाई को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा गांधीनगर में बने अलुआ--सादरा पुल का E-लोकार्पण किया गया था। दो दिन बाद ही इलाके में जबरदस्त बारिश हुई जिसकी वजह से अलुआ की तरफ ब्रिज के एप्रोच पर बायीं तरफ जमीन के सरफेस में छोटा सा इरोज़न हो गया। इसके बाद इंस्टाग्राम पर इस पुल के रिलेटेड पोस्ट वायरल होने लगी कि पुल के अप्रोच में उद्घाटन के 3-4 दिन बाद ही इतना बड़ा खड्ढा हो गया। जबकि हकीकत ये थी कि गाांधीनगर के सादरा पुल को लेकर वायरल हो रहा एआई (AI) वीडियो पूरी तरह से एक काल्पनिक और मनगढ़ंत वीडियो है। वास्तविक रूप में पुल को लेकर ऐसा कोई हादसा नहीं हुआ था। सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही ऐसी फुटेज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल की मदद से बनाई गई हैं। जिनमें कोई सच्चाई नहीं है। सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो में दिख रहे दृश्य और स्थितियां पूरी तरह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक द्वारा तैयार किए गए हैं। प्रशासन के मुताबिक, गांधीनगर और आसपास के क्षेत्रों में सादरा पुल सुरक्षित व चालू है और स्थानीय प्रशासन या किसी भी आधिकारिक समाचार माध्यम द्वारा ऐसी किसी दुर्घटना की कोई पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस का कहना है कि इस तरह के डीपफेक या एआई वीडियो केवल सनसनी फैलाने और लोगों में भ्रम पैदा करने के लिए इंटरनेट पर अपलोड किए जाते हैं। इसलिए लोगों को इस पर भरोसा नहीं करना चाहिए। मार्ग और मकान विभाग के सचिव के अनुसार, ऐसे वीडियो की वजह से देखने वाले लोगों में पैनिक पैदा करते हैं और इस पुल के बारे में तो इस वीडियो के अलावा तस्वीरें भी वायरल हो गई। गांधीनगर पुलिस की शिकायत के भ्रामक पोस्ट डिलीट कर दिया गया है। 6 अगस्त को मामले में FIR दर्ज करके दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। बता दें कि पिछले कई दिनों से है और कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। कई जगहों पर दुकानों और घरों में पानी घुस गया है। सैकड़ों लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। ये भी पढ़ेंः
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Aug 7, 2026, 02:39 AM
स्पाइडरमैन ब्रांड न्यू डे ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर तबाही मचाई

स्पाइडरमैन ब्रांड न्यू डे ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर तबाही मचाई

सिनेमाघरों में दर्शकों के देखने के लिए बॉलीवुड से लेकर और हॉलीवुड तक फिल्में मौजूद हैं. इनमें नई रिलीज हॉलीवुड की सुपर हीरो फिल्म स्पाइडर मैन ब्रांड न्यू डे ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर कहर बरपाया हुआ है. वहीं कुछ हफ्ते पुरानी जना नायकन से लेकर द ओडिसी और धमाल 4 अब बॉक्स ऑफिस पर कमाई के लिए स्ट्रगल कर रही हैं. चलिए यहां इन सभी फिल्मों के गुरुवार के कलेक्शन जानते हैं. टॉम हॉलैंड की फिस्म स्पाइडर मैन ब्रांड न्यू डे को भारतीय दर्शकों से खूब प्यार मिल रहा है और इसी के साथ ये बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा रही है. हालांकि 8वें दिन यानी दूसरे गुरुवार को इसके कलेक्शन में काफी मंदी देखी गई. सैकनिल्क की अर्ली ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक स्पाइडर मैन ब्रांड न्यू डे ने रिलीज के दूसरे गुरुवार को यानी 8वें दिन 9.18 करोड़ की नेट कमाई की है. इसी के साथ फिल्म का भारत में 8 दिनों का नेट कलेक्शन 329.68 करोड़ रुपये हो गया है. थलपति विजय की तमिलनाडु का सीएम बनने के बाद रिलीज हुई आखिरी फिल्म जना नायकन ने शुरुआती हफ्त में तो अच्छा परफॉर्म किया था लेकिन दूसरे हफ्ते में इसकी कमाई में उतार-चढ़ाव देखा गया. वहीं सैकनिल्क की अर्ली ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक जना नायकन ने रिलीज के 15वें दिन यानी तीसरे थर्सडे को 1.60 करोड़ की कमाई की है. जिसके बाद फिल्म का भारत में कुल नेट कलेक्शन अब 185.15 करोड़ रुपये हो गया है. क्रिस्टोफर नोलन की फिल्म द ओडिसी की कमाई में अब हर दिन गिरावट दर्ज की जा रही है. रिलीज के 21वें दिन यानी तीसरे गुरुवार को ये 2 करोड़ का कलेक्शन भी नहीं कर पाई है. सैकनिल्क की अर्ली ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक 21वें दिन यानी तीसरे थर्सडे द ओडिसी ने 2.15 करोड़ कमाए हैं. इसी के साथ फिल्म की भारत में 21 दिनों की कुल नेट कमाई अब 158.75 करोड़ रुपये हो गई है. सिनेमाघरों में मौजूद सभी फिल्मों की तुलना में अजय देवगन की धमाल 4 अब खस्ता हाल में पहुंच चुकी है. वैसे भी ये अब चौथे हफ्ता पूरा करने वाली है और इसके लिए अब लाखों बटरोना भी मुश्किल हो रहा है. सैकनिल्क की अर्ली ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक धमाल 4 ने रिलीज के 28वें दिन यानी चौथे गुरुवार को 55 लाख रुपये कमाए हैं. इसी के साथ इस फिल्म की 28 दिनों की कुल कमाई अब 163.55 करोड़ रुपये हो गई है.
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Aug 7, 2026, 02:38 AM
सुप्रीम कोर्ट ने 40 साल पुराने बोफोर्स रिश्वत मामले में अंतिम याचिका खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने 40 साल पुराने बोफोर्स रिश्वत मामले में अंतिम याचिका खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने बोफोर्स रिश्वत मामले से जुड़ी आखिरी याचिका को खारिज कर दिया है. इसके साथ ही लगभग 40 साल पुराने इस बहुचर्चित मामले में कानूनी कार्यवाही पूरी तरह से खत्म हो गई है. जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की पीठ ने वकील अजय के अग्रवाल की अपील को सुनने से इनकार कर दिया. इस अपील में दिल्ली हाई कोर्ट के 2005 के फैसले को चुनौती दी गई थी, जिसमें हिंदूजा बंधुओं और स्वीडन की हथियार बनाने वाली कंपनी 'एबी बोफोर्स' को आरोपों से बरी कर दिया गया था. अदालत में याचिकाकर्ता ने श्रीचंद पी हिंदूजा और गोपीचंद पी हिंदूजा के नाम हटाने के लिए और समय मांगा था, क्योंकि दोनों की मौत हो चुकी है लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने यह मांग ठुकरा दी और कहा कि इस मामले को अब और लंबा नहीं खींचा जा सकता. पीठ ने स्पष्ट किया कि जब दिल्ली हाई कोर्ट पहले ही सभी आरोप रद्द कर चुका है और सीबीआई की अर्जी भी पहले खारिज हो चुकी है, तो इस मामले को आगे जारी रखने की कोई वजह नहीं बचती. 31 मई 2005 को दिल्ली हाई कोर्ट ने हिंदूजा भाइयों और बोफोर्स कंपनी को आरोपों से बरी किया था. तब अदालत ने सीबीआई की जांच की कड़ी आलोचना भी की थी, जिस पर सरकारी खजाने का लगभग 250 करोड़ रुपये खर्च हुआ था. सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2018 में सीबीआई की याचिका को इसलिए खारिज कर दिया था क्योंकि एजेंसी ने याचिका दायर करने में 4,522 दिनों की देरी की थी और इसका कोई सही कारण नहीं दिया था. 24 मार्च 1986 को भारत सरकार और स्वीडिश कंपनी 'एबी बोफोर्स' के बीच हुए 1,437 करोड़ रुपये के सौदे से ये मामला जुड़ा था. इसमें भारतीय सेना के लिए 400 तोपें (हाउवित्जर) खरीदी जानी थीं. साल 1987 में स्वीडन के एक रेडियो ने दावा किया कि इस सौदे के बदले भारतीय नेताओं और रक्षा अधिकारियों को घूस दी गई थी. इसके बाद यह मामला देश का एक बड़ा राजनीतिक विवाद बन गया था. अब सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद बोफोर्स मामले से जुड़े सारे कानूनी रास्ते हमेशा के लिए बंद हो गए हैं. दीक्षा छाबड़ा ABP live.Com में सीनियर कॉपी एडिटर हैं. यहां ये न्यूज डेस्क का हिस्सा हैं. दीक्षा को देश, विदेश और एंटरटेनमेंट की दुनिया में काफी दिलचस्पी है. वो इन सभी के बारे में लिखती हैं. इन्हें पत्रकारिता के जगत में 9 साल पूरे हो चुके हैं. इन्होंने अपने करियर की शुरुआत इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के साथ की थी. इसके बाद से ये इंडिया टीवी, टीवी9 जैसी संस्थाओं में एंटरटेनमेंट डेस्क पर काम कर चुकी हैं. दीक्षा ने अपनी पढ़ाई इंडिया टुडे मीडिया इंस्टीट्यूट से की है.
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Aug 7, 2026, 02:37 AM
आर. एस. एस. प्रमुख ने जनरल जेड का सम्मान करने का आग्रह किया, उनके कदमों को'राष्ट्र-विरोधी'करार देने के खिलाफ चेताया

आर. एस. एस. प्रमुख ने जनरल जेड का सम्मान करने का आग्रह किया, उनके कदमों को'राष्ट्र-विरोधी'करार देने के खिलाफ चेताया

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को देश की नई पीढ़ी यानी Gen Z और Gen Alpha पर खुलकर भरोसा जताया. उन्होंने कहा कि यदि जेन जी किसी आंदोलन में शामिल होती है तो उसे देशविरोधी नहीं कहा जाना चाहिए. वे हमारे अपने लोग हैं और देश का भविष्य हैं. भागवत ने कहा कि युवाओं की बात सुनना, उनके साथ संवाद करना और उनकी चिंताओं को समझना जरूरी है. उन्होंने यह भी कहा कि वह जेन जी पर आंख बंद करके भरोसा करेंगे, लेकिन किसी भी घटना पर निष्कर्ष निकालने से पहले सही और प्रमाणित जानकारी होना जरूरी है. मुंबई में इंडियाज इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस (IIMUN) की 15वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में करीब 2,000 Gen Z और Gen Alpha के सदस्यों को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि सवाल पूछने वाली युवा पीढ़ी को सम्मान और संवाद मिलना चाहिए, न कि उसे कठघरे में खड़ा किया जाना चाहिए. मोहन भागवत ने कहा कि यदि जेन जी किसी आंदोलन में हिस्सा लेती है तो उसे देशविरोधी कहना गलत है. उन्होंने कहा कि मैं साफ करना चाहता हूं कि अगर जेन जी किसी आंदोलन में शामिल होती है तो वे देशविरोधी नहीं हैं. वे हमारे अपने लोग हैं, हमारी अगली पीढ़ी हैं. संवाद तभी संभव है जब अपनापन और आपसी सम्मान हो. हमें एक-दूसरे को पहचानना और सम्मान देना होगा. तभी सार्थक बातचीत होगी, जिसमें हम उनकी चिंताओं को समझेंगे और वे हमारी बात समझेंगे. भागवत ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी पहले की पीढ़ियों की तुलना में अधिक ईमानदार है. उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि आज की जेन जी और जेन एल्फा मौजूदा पीढ़ी से अधिक ईमानदार है. इस पीढ़ी में देश के प्रति ईमानदारी, राष्ट्रभक्ति की भावना और सेवा का संकल्प होना चाहिए. हाल के छात्र आंदोलनों और पुलिस के साथ हुई झड़पों का जिक्र करते हुए भागवत ने कहा कि उनके पास पूरी जानकारी नहीं है, इसलिए बिना तथ्यों के कोई निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए. उन्होंने कहा कि मैं जेन जी पर आंख बंद करके भरोसा करूंगा. लेकिन हमें पूरी सच्चाई नहीं पता है. हम दोनों ही उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर बात कर रहे हैं. कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि इस आंदोलन में असामाजिक तत्व भी शामिल थे लेकिन प्रमाणित जानकारी के बिना किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए. मोहन भागवत ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध-प्रदर्शन भी संवाद का एक महत्वपूर्ण माध्यम है और लोगों की वास्तविक शिकायतों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि विरोध-प्रदर्शन भी संवाद का एक तरीका है. लोकतंत्र चर्चा के बाद सहमति बनाने की व्यवस्था है. लोगों की शिकायतें वास्तविक हैं और हमारे देश की शिक्षा व्यवस्था में अभी बहुत सुधार की जरूरत है इसलिए संवाद बेहद जरूरी है. भागवत ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी पहले की पीढ़ियों से अलग है क्योंकि वह बिना सवाल किए किसी बात को स्वीकार नहीं करती. उन्होंने कहा कि हमारी पीढ़ी कभी अधिकारियों से सवाल नहीं करती थी, लेकिन Gen Z और Gen Alpha सवाल पूछती है और प्रेमपूर्वक तर्कसंगत जवाब चाहती है. भागवत ने स्पष्ट कहा कि वह कभी भी युवाओं को विरोध-प्रदर्शन करने से नहीं रोकेंगे. उन्होंने कहा कि मैं कभी नहीं कहूंगा कि Gen Z को प्रदर्शन नहीं करना चाहिए, लेकिन लोकतंत्र में विरोध का भी एक तरीका होता है. हमें यह समझना चाहिए कि यदि युवा आवाज उठा रहे हैं तो उनका उद्देश्य विरोध करना नहीं, बल्कि सुधार लाना है. आशुतोष प्रताप सिंह ABP न्यूज डिजिटल में कार्यरत हैं. वे न्यूज़ टीम का हिस्सा हैं और राजनीति, खेल, राष्ट्रीय घटनाक्रम, चुनाव, सामाजिक मुद्दों और समसामयिक विषयों से जुड़ी खबरों पर विशेष रूप से लिखते हैं. समाचारों को सरल, तथ्यपरक और पाठकों के लिए सहज भाषा में प्रस्तुत करना उनकी कार्यशैली का प्रमुख हिस्सा है. उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के मूल निवासी आशुतोष प्रताप सिंह पिछले करीब 8 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्यूनिकेशन से रेडियो एवं टीवी जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है. समाचार लेखन के अलावा उन्हें घूमने, नई जगहों को जानने और फोटोग्राफी का विशेष शौक है. राजनीतिक और खेल पत्रकारिता में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसके चलते इन विषयों पर निरंतर लेखन और विश्लेषण करते रहे हैं.
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Aug 7, 2026, 02:34 AM
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी सिलेंडर की कीमतें स्थिर, वाणिज्यिक सिलेंडरों की कीमतों में भारी कटौती

घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी सिलेंडर की कीमतें स्थिर, वाणिज्यिक सिलेंडरों की कीमतों में भारी कटौती

गैस सिलेंडर इतना महंगा होता जा रहा है कि हर कोई परेशान है. अगर आप आज घरेलू LPG सिलेंडर बुक कराने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए राहत की खबर है. अगस्त महीने में भी 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. यानी ग्राहकों को पिछले महीने वाली कीमत पर ही सिलेंडर मिलेगा. हालांकि, कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में 1 अगस्त से बड़ी कटौती की गई थी. यहां देखें एलपीजी के दाम- सरकारी तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को LPG सिलेंडर के रेट बदलती हैं. इस बार कंपनियों ने घरेलू गैस सिलेंडर के दाम स्थिर रखने का फैसला लिया है. ऐसे में करोड़ों घरेलू उपभोक्ताओं को फिलहाल किसी एक्स्ट्रा खर्च का सामना नहीं करना पड़ेगा. घरेलू सिलेंडर के दाम भले ही नहीं बदले हों, लेकिन होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों को राहत मिली है. 1 अगस्त से 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में 200 रुपए से अधिक की कटौती की गई है. ये लगातार दूसरा महीना है, जब कमर्शियल सिलेंडर सस्ता हुआ है और इससे काफी राहत भी मिली है. सिलेंडर बुक करने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर चेक कर लें. कई राज्यों में टैक्स अलग होने की वजह से कीमतों में थोड़ा फर्क हो सकता है. साथ ही, सिर्फ गैस एजेंसी या ऑफिशियल ऐप के जरिए ही बुकिंग करें. 'एबीपी नेटवर्क' में सीनियर कॉपी-एडिटर के तौर पर काम कर रहीं सृष्टि का डिजिटल मीडिया में 4 सालों से अधिक का अनुभव है.बिजनेस, एंटरटेनमेंट, धर्म, लाइफस्टाइल और यात्रा सेक्शन में लेखन, इंटरव्यू और विश्लेषण इनकी विशेषज्ञता है.सीसीएसयू से मास कम्युनिकेशन में स्नातक कर चुकीं सृष्टि ने अपने करियर की शुरुआत नवभारत टाइम्स के साथ की थी, जिसके बाद वो 2.5 साल तक टाइम्स नाउ नवभारत का हिस्सा भी रहीं.फाइनेंस के साथ फिल्मी कीड़ा होना न केवल इनका पेशा बल्कि हिस्सा है.
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Aug 7, 2026, 02:32 AM
लॉक अप 2 सेलिब्रेशन के बाद शिल्पा शिंदे की दिल को छू लेने वाली घर वापसी

लॉक अप 2 सेलिब्रेशन के बाद शिल्पा शिंदे की दिल को छू लेने वाली घर वापसी

'लॉक अप 2' भले ही खत्म हो गया, लेकिन सोशल मीडिया पर यह शो अभी भी कई वजह से चर्चा में बना हुआ है। इसकी सक्सेस पार्टी में कंटेस्टेंट्स के साथ होस्ट फराह खान, रितेश देशमुख और प्रोड्यूसर एकता कपूर भी शामिल हुए। हालांकि, इस सेलिब्रेशन में शिल्पा शिंदे नजर नहीं आईं। इसके बजाय एक्ट्रेस सीधे कर्जत स्थित अपने शेल्टर होम गईं, जहां फूलों की माला लिए इंतजार कर रही बुजुर्ग महिलाओं ने उनका दिल छू लेने वाला स्वागत किया। सोशल मीडिया पर 'भाबीजी घर पर हैं' फेम शिल्पा ने यह इमोशनल वीडियो पोस्ट किया है, जो वायरल हो रहा है। शिल्पा शिंदे ने इस इमोशनल मुलाकात का एक वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया और कैप्शन में लिखा, 'लॉक अप के बाद घर वापसी... इतना सारा प्यार और सपोर्ट देखकर ऐसा लग रहा है जैसे मैं ही विनर बन गई हूं!! दिल से आप सभी का शुक्रिया!' वीडियो में दिख रहा है कि जैसे ही शिल्पा वहां पहुंचीं, बुजुर्ग महिलाओं ने फूलों की माला पहनाकर उनका स्वागत किया। वहीं एक्ट्रेस ने उनका आशीर्वाद लिया और सभी से गर्मजोशी से मिलीं। एक बहुत ही भावुक पल तब आया, जब एक बुजुर्ग महिला ने शिल्पा का हाथ चूमा और उनसे हाथ मिलाया। कई सेलेब्रिटीज ने इस दिल छू लेने वाले वीडियो पर अपने रिएक्शन भी दिए। इसके बाद शिल्पा शेल्टर होम में मौजूद दूसरी महिलाओं से भी मिलीं। हर महिला ने उन्हें फूल दिए या माला पहनाई। एक्ट्रेस को वापस देखकर एक महिला की आंखों से आंसू छलक पड़े। पूरे वीडियो में शिल्पा ने 'लॉक अप 2' के सफर के दौरान मिले अटूट प्यार और सपोर्ट के लिए सभी का शुक्रिया अदा किया। इसके अलावा 'लॉक अप 2' में शिल्पा शिंदे और श्रेया कालरा की बहुत ही खूबसूरत बॉन्ड देखने को मिली थी , जिसकी वजह से उन्हें दर्शकों को बहुत प्यार मिला। लॉक अप 2 खत्म हो चुकी है, जिसमें श्रेया कालरा ने विनर की ट्रॉफी जीती और 1 करोड़ रुपये का नकद इनाम अपने नाम किया। शिवांगी जोशी फर्स्ट रनर-अप रहीं, जबकि योगेश रावत ने सेकंड रनर-अप की जगह हासिल की। ​​शिल्पा शिंदे चौथे स्थान पर रहीं और बहुत कम अंतर से टॉप 3 में जगह बनाने से चूक गईं। फाइनल तीन में जगह न बना पाने के बावजूद शिल्पा पूरे सीजन के दौरान श्रेया की सबसे बड़ी सपोर्टर्स में से एक रहीं। ये भी पढ़ें - गिले-शिकवे भूल 'लॉक अप 2' में शिल्पा शिंदे ने श्रेया कालरा को लगाया गले, स्पेशल पोस्ट ने जीता दिल शिल्पा शिंदे की एंट्री से 'लॉक अप 2' में बढ़ी तनातनी, शिवांगी जोशी के बयान से छिड़ी बहस, आकांक्षा चमोला का बड़ा दावा
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Aug 7, 2026, 02:31 AM
पटना के रानीपुर अड्डा पूर्व में खुले नाले में डूबने से लड़के की मौत

पटना के रानीपुर अड्डा पूर्व में खुले नाले में डूबने से लड़के की मौत

पटना के मेहंदीगंज थाना क्षेत्र स्थित रानीपुर अड्डा पूर्वी कस्बा में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। यहां मुकेश दास के 12 वर्षीय बेटे चिंटू कुमार की घर के पास खुले नाले में डूबने से मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, पटना नगर निगम वार्ड संख्या 61 दिन गुरुवार 6 अगस्त 2026 को चिंटू घर के पास खेल रहा था। इसी दौरान वह खुले नाले में गिर गया और डूबने से उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने बच्चे को बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। घटना की सूचना पर मेहंदीगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची , आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि इलाके का नाला लंबे समय से खुला हुआ है और उसकी नियमित सफाई व उचित ढंकने की व्यवस्था नहीं की गई, जिसके कारण यह दर्दनाक दुर्घटना हुई। स्थानीय लोगों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि सभी खुले नालों को जल्द से जल्द ढंका जाए और नियमित सफाई कराई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। मासूम चिंटू की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मां बार-बार चिंटू को पुकार रही है। मां की हालत देख पूरा मोहल्ला रो पड़ा। इलाके के आसपास के लोग भी इस घटना से बेहद दुखी हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है, जबकि स्थानीय लोग प्रशासन से लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और इलाके में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की मांग कर रहे हैं। यह घटना प्रशासन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े करती है. हर साल मॉनसून से पहले बड़े नालों को ढकने और सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने के दावे किए जाते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि राजधानी में आज भी कई फ्लड ड्रेन खुले पड़े हैं. यही लापरवाही पहले भी कई लोगों की जान ले चुकी है। बता दें कि एक दिन पहले ही दिल्ली में भी ओवरफ्लो नाले में 3 स्कूली बच्चे गिर गए थे। इस घटना का वीडियो पास में लगे सीसीटीवी में कैद हो गया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ( ) बरेली में नाले में गिरकर बह गया दिव्यांग बच्चा, तीसरे दिन मिली 6 साल के प्रीत की लाश बालाघाट में ड्यूटी से लौटते समय नाले में बह गए थे पंचायत सचिव, 16 घंटे बाद 7 किमी दूर चट्टान में फंसा मिला शव
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Aug 7, 2026, 02:30 AM
प्रयागराज में अबान अहमद का अंतिम संस्कार और पिता की कब्र के पास दफनाया जाएगा

प्रयागराज में अबान अहमद का अंतिम संस्कार और पिता की कब्र के पास दफनाया जाएगा

झांसी सड़क हादसे में जान गंवाने वाले माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान को शुक्रवार (7 अगस्त) को प्रयागराज में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा. जुमे की नमाज के बाद शहर के कसारी-मसारी इलाके स्थित कब्रिस्तान में धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार उसका अंतिम संस्कार होगा. अबान अहमद को बाप अतीक अहमद की कब्र के पास दफनाया जाएगा. परिवार और करीबी लोगों की मौजूदगी में जनाजे की नमाज अदा किए जाने की तैयारी है. मुस्लिम रीति-रिवाजों के अनुसार अबान अहमद को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा. बता दें कि अबान के दो बड़े भाई जेल में बंद है जो उसके दफ्न में शामिल नहीं हो सकेंगे. अबान को उसके पिता अतीक अहमद, पूर्व विधायक चाचा खालिद अजीम उर्फ अशरफ और बड़े भाई असद अहमद की कब्र के पास ही दफनाया जाएगा. इसके लिए कब्र पहले से तैयार कर ली गई है. जानकारी के मुताबिक, जुमे की नमाज से पहले अबान को गुस्ल दिया जाएगा और अन्य धार्मिक रस्में पूरी की जाएंगी. इसके बाद शव को एंबुलेंस के जरिए कब्रिस्तान ले जाया जा सकता है, ताकि अंतिम यात्रा के दौरान अनावश्यक भीड़ न जुटे और व्यवस्था बनाए रखी जा सके. जनाजे की नमाज इसी कब्रिस्तान परिसर में स्थित मस्जिद में पढ़ाए जाने की उम्मीद है. अंतिम संस्कार में अबान का बड़ा भाई अहजम और परिवार के कुछ अन्य सदस्य शामिल होंगे. हालांकि, जेल में बंद उसके दोनों बड़े भाई उमर अहमद और अली अहमद जनाजे में शामिल नहीं हो सकेंगे. गौरतलब है कि 13 अप्रैल 2023 को झांसी में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए असद अहमद को भी अगले दिन इसी कसारी मसारी कब्रिस्तान में दफनाया गया था. इसके दो दिन बाद 15 अप्रैल 2023 को प्रयागराज में ज्यूडिशियल कस्टडी के दौरान अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. दोनों को भी अगले दिन इसी कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया था. अबान अतीक अहमद का पांचवां और सबसे छोटा बेटा था. परिवार के करीबी लोगों के अनुसार, अतीक को अपने सबसे छोटे बेटे से विशेष लगाव था. अबान की मौत गुरुवार सुबह करीब 11 बजे झांसी में हुए सड़क हादसे में हुई. बताया गया कि उसकी कार अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. अब उसे उसी कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा, जहां उसके पिता, चाचा और बड़े भाई की कब्रें मौजूद हैं. मोहम्मद मोईन को पत्रकारिता का करीब तीन दशक का अनुभव है. वह प्रिंट - इलेक्ट्रानिक और डिजिटल तीनों ही माध्यमों में सालों तक काम कर चुके हैं. ABP नेटवर्क से वह पिछले करीब 18 सालों, स्टार न्यूज़ के समय से ही जुड़े हुए हैं. राजनीति - धर्म और लीगल टापिक के साथ सम सामयिक विषयों के एक्सपर्ट हैं. पत्रकार होने के साथ ही राजनीतिक विश्लेषक, एक्सपर्ट पैनलिस्ट, आलोचक और टिप्पणीकार भी हैं. इनकी चुनावी भविष्यवाणी ज्यादातर मौकों पर सटीक साबित हुई है. 8 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव कवर कर चुके हैं. 7 कुंभ और महाकुंभ की कवरेज कर अपनी अलग पहचान बनाई है. यह अपनी बेबाक- निष्पक्ष और तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. मोहम्मद मोईन ने चार विषयों पत्रकारिता एवं जनसंचार, राजनीति विज्ञान, हिंदी और मध्यकालीन व आधुनिक इतिहास विषयों में मास्टर डिग्री यानी स्नातकोत्तर किया हुआ है. लॉ ग्रेजुएट भी हैं. देश के कई राज्यों में काम करने का अनुभव रखते हैं. देश की तमाम नामचीन हस्तियों का इंटरव्यू ले चुके हैं और कई चर्चित घटनाओं को कवर चुके हैं.
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Aug 7, 2026, 02:30 AM
तहलका के संस्थापक तरुण तेजपाल को 2013 के बलात्कार मामले में दोषी ठहराया गया, राजनीतिक उत्पीड़न का दावा किया

तहलका के संस्थापक तरुण तेजपाल को 2013 के बलात्कार मामले में दोषी ठहराया गया, राजनीतिक उत्पीड़न का दावा किया

तहलका के संस्थापक और पूर्व संपादक तरुण तेजपाल ने 2013 के दुष्कर्म मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट से दोषी ठहराए जाने के बाद खुद को राजनीतिक प्रताड़ना का शिकार बताया. अदालत ने उन्हें 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है. फैसले के बाद तेजपाल ने कहा कि जिस तरह उमर खालिद, शरजील इमाम और सुरेंद्र गडलिंग वर्षों से जेल में हैं, उसी तरह उन्हें भी निशाना बनाया गया है. फैसले के बाद पत्रकारों से बातचीत में तरुण तेजपाल ने कहा कि उनके खिलाफ कार्रवाई सबूतों के आधार पर नहीं, बल्कि राजनीतिक दुर्भावना के कारण की गई है. उन्होंने कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि पिछले 13 वर्षों से वे मेरे पीछे पड़े हैं, क्योंकि मैंने तहलका में जो पत्रकारिता की, उससे कुछ राजनीतिक और दूसरे हित प्रभावित हुए थे. तेजपाल ने कहा कि निचली अदालत ने वर्षों तक चली सुनवाई के बाद उन्हें बरी कर दिया था, लेकिन अब फिर से उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है. गोवा स्थित बॉम्बे हाई कोर्ट की पीठ ने गुरुवार को 2021 में सत्र अदालत द्वारा दिए गए बरी किए जाने के फैसले को पलट दिया. हाई कोर्ट ने तरुण तेजपाल को भरोसे या अधिकार की स्थिति का दुरुपयोग कर दुष्कर्म करने, यौन उत्पीड़न और महिला के कपड़े उतारने के इरादे से हमला करने से जुड़े आरोपों में दोषी ठहराया. दोषी ठहराए जाने के तुरंत बाद तेजपाल ने कहा कि वह इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे. उन्होंने कहा कि हम इस आदेश के खिलाफ अपील करेंगे. हमें लगता है कि यह फैसला गलत है. हम इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे. उन्होंने कहा कि उमर खालिद, शरजील इमाम और सुरेंद्र गडलिंग कई वर्षों से जेल में हैं. मुझे लगता है कि मैं भी उन्हीं में से एक हूं. तरुण तेजपाल ने आरोप लगाया कि सत्ता के खिलाफ लिखने या बोलने वालों के साथ चुनिंदा तरीके से कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने कहा कि जो लोग उनके साथ हैं, उन्हें बरी कर दिया जाता है. लेकिन जिन्होंने उनके खिलाफ पत्रकारिता की या उनके खिलाफ कुछ कहा, उनके पीछे पड़ जाते हैं. इस मामले ने उनका पूरा पेशेवर जीवन प्रभावित किया है. उन्होंने कहा कि उन्होंने मेरी पत्रकारिता रोक दी, तहलका को बंद कर दिया और मेरी किताबों का प्रकाशित होना भी रुक गया. हालांकि उन्होंने भरोसा जताया कि अंततः न्यायपालिका उन्हें न्याय देगी. सजा तय किए जाने के दौरान तरुण तेजपाल ने अदालत से नरमी बरतने की अपील की. उन्होंने कहा कि उनकी उम्र 62 वर्ष है और उनकी दो बेटियां हैं, इसलिए सजा तय करते समय इस बात पर विचार किया जाए. गोवा सरकार की ओर से अदालत में पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सजा में किसी तरह की नरमी का विरोध किया. उन्होंने अदालत से कहा कि ऐसा संदेश जाना चाहिए कि ना का मतलब ना होता है. आशुतोष प्रताप सिंह ABP न्यूज डिजिटल में कार्यरत हैं. वे न्यूज़ टीम का हिस्सा हैं और राजनीति, खेल, राष्ट्रीय घटनाक्रम, चुनाव, सामाजिक मुद्दों और समसामयिक विषयों से जुड़ी खबरों पर विशेष रूप से लिखते हैं. समाचारों को सरल, तथ्यपरक और पाठकों के लिए सहज भाषा में प्रस्तुत करना उनकी कार्यशैली का प्रमुख हिस्सा है. उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के मूल निवासी आशुतोष प्रताप सिंह पिछले करीब 8 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्यूनिकेशन से रेडियो एवं टीवी जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है. समाचार लेखन के अलावा उन्हें घूमने, नई जगहों को जानने और फोटोग्राफी का विशेष शौक है. राजनीतिक और खेल पत्रकारिता में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसके चलते इन विषयों पर निरंतर लेखन और विश्लेषण करते रहे हैं.
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Aug 7, 2026, 02:28 AM
भारतीय मंत्री ने उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए एमएसएमई विभाग की योजनाओं के प्रचार का निर्देश दिया

भारतीय मंत्री ने उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए एमएसएमई विभाग की योजनाओं के प्रचार का निर्देश दिया

विश्वकर्मा श्रम सम्मान 2.0 व एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) सहित अन्य योजनाओं का प्रचार ग्राम पंचायत स्तर तक किया जाएगा। इस संदर्भ में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग के मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने यह निर्देश भी दिए हैं कि कोई भी पात्र युवा, कारीगर, शिल्पकार या उद्यमी केवल जानकारी के अभाव में एमएसएमई विभाग की योजनाओं से वंचित न रहे। उन्होंने गुरुवार को विधानसभा स्थित अपने कार्यालय में विभागीय योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना तथा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) सहित विभाग की सभी योजनाओं का प्रचार ग्राम पंचायत, विकास खंड और जिला स्तर तक किया जाए। उन्होंने प्रत्येक जिले में विशेष शिविर आयोजित कर युवाओं, कारीगरों, शिल्पकारों और सूक्ष्म उद्यमियों को योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने यह निर्देश भी दिए कि विभाग द्वारा संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों का नियमित सत्यापन कराया जाए। साथ ही प्रशिक्षण के बाद लाभार्थियों के स्वरोजगार की स्थिति का भी मूल्यांकन किया जाए। उन्होंने जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्रों (डीआईसी) को जमीनी स्तर पर और अधिक सक्रिय बनाने के निर्देश दिए। बैठक में विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के अंतर्गत ऋण वितरण की भी समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बैंक स्तर पर लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा कर पात्र युवाओं एवं उद्यमियों को समय पर ऋण उपलब्ध कराया जाए। साथ ही कहा कि विभागीय योजनाओं के लिए बजट की मांग, स्वीकृति एवं धनराशि के आवंटन की प्रक्रिया समयबद्ध रूप से पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि आगामी 25 से 29 सितंबर तक दिल्ली में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में एमएसएमई, ओडीओपी व पारंपरिक शिल्प उत्पादों को प्रदर्शित किया जाए। यूपी के टेक्सटाइल क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा, सीएम योगी आज लोकभवन में बुनकरों और कारीगरों को करेंगे सम्मानित
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Aug 7, 2026, 02:27 AM
वर्षा जल निकासी परियोजना की घोषणा, आलोचकों का कहना है कि इससे दूषित पानी की समस्या का समाधान नहीं होगा

वर्षा जल निकासी परियोजना की घोषणा, आलोचकों का कहना है कि इससे दूषित पानी की समस्या का समाधान नहीं होगा

शहर में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की घोषणा के तहत नए प्रोजेक्ट के तहत खर्च की जाने वाली 35 करोड़ रुपये की राशि शहर के दूषित पानी की समस्या का हल नहीं करेगी, बल्कि इसे तो सोनीपत महानगर विकास प्राधिकरण के द्वारा वर्षा के पानी की निकासी के लिए खर्च किया जाएगा। ऐसे में पहले से जन स्वास्थ्य विभाग की तरफ से 11 करोड़ रुपये के चल रहे प्रोजेक्ट के साथ अब 35 करोड़ के इस प्रोजेक्ट के मिल जाने से शहर की वर्षा के पानी की निकासी पर कुल खर्च 46 करोड़ रुपये से भी ज्यादा का हो गया है। बृहस्पतिवार को खरखौदा नगर पालिका के अधिकारियों व पार्षदों की बैठक एसएमडीए के अधिकारियों के साथ हुई। जिसमें पहुंचे एसएमडीए के चीफ इंजीनियर श्रीकृष्ण दहिया ने बताया कि पिछली बैठक में पार्षदों ने शिकायत की थी कि शहर के गोपालपुर मार्ग व पुराने रोहतक मार्ग से इस प्रोजेक्ट को नहीं जोड़ा गया है, ऐसे में वहां की पानी निकासी बाधित हो जाएगी। इस पर वह बताना चाहते हैं कि प्रोजेक्ट में इन मार्गों को भी जोड लिया गया है, जिस पर पार्षदों ने पहले तो राहत की सांस ली, लेकिन बाद में चर्चा के दौरान यह बात निकलकर सामने आई कि 35 करोड़ रुपये से ज्यादा के इस प्रोजेक्ट को वर्षा के पानी निकासी के लिए तैयार किया गया है, सवाल उठा कि शहर के दूषित पानी की निकासी की व्यवस्था क्या रहेगी तो एसएमडीए के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उसके लिए जन स्वास्थ्य विभाग की सीवर लाइन है। बता दें कि पूरे शहर में न तो सीवर लाइन बिछी हुई है और न शहर का पानी उनमें जाता है। वह पानी तो नालों के माध्यम से ड्रेन तक जाता है, उसकी भी शहर में समुचित व्यवस्था नहीं है। ऐसे में सवाल फिर से वहीं पर आकर खड़ा हो गया कि करीब 35 हजार की आबादी वाले खरखौदा शहर में सिर्फ वर्षा के पानी निकासी के लिए तो 46 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि खर्च की जा रही है। जोकि साल में सर्फ दो या तीन महीने होती है। लेकिन, जिस दूषित पानी की समस्या से खरखौदा पूरे साल जुझता है, उसके निदान के लिए अभी तक कहीं पर कोई प्लान ही नहीं है। नपा कार्यालय में हुई इस बैठक के बाद अब फिर से चर्चा हो रही है कि शहर के अंदर के दूषित पानी की निकासी के लिए अलग से प्रोजेक्ट बनाने पर मंथन किया जाएगा। इसके लिए सरकार से नए सिरे से सीवर लाइन डालकर समस्या का समाधान कराने की मांग की जाएगी।
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Aug 7, 2026, 02:24 AM
भारत की हथकरघा विरासत की खोजः उत्तर प्रदेश, गुजरात और राजस्थान की प्रसिद्ध साड़ियां

भारत की हथकरघा विरासत की खोजः उत्तर प्रदेश, गुजरात और राजस्थान की प्रसिद्ध साड़ियां

भारत का जीता जागता हेरिटेज है यहां का हैंडलूम, जिसमें कई तरह की चीजें बनाई जाती हैं। अभी भी भारत के गांव, कस्बों और छोटे शहरों में कारीगर हाथों से कपड़े, डिजाइन और दूसरी चीजों को बखूबी निर्माण करते हैं। लेकिन ज्यादातर लोगों ने जेहन में हैंडलूम का नाम सुनते ही सिल्क और कॉटन की साडियों की तस्वीर आती है। अगर आप हैंडलूम के शौकीन हैं तो हम आपको भारत के अलग-अलग राज्यों की फेमस हैंडलूम साड़ियों के बारे में बता रहे हैं। इन्हें किस नाम से जाना जाता है और किस राज्य की कौन सी साड़ी मशहूर है। आइये जानते हैं। सबसे पहले बात उत्तर प्रदेश की, जहां की बनारसी सिल्क पूरी दुनिया में जानी जाती हैं। इन साड़ियों पर गोल्डन और सिल्वर धागों से काम किया जाता है। साड़ियों पर जरी और ब्रोकेट का काम किया जाता है। हथकरघा को इन्हें बनाने में कई बार महीनों और साल लग जाते हैं। साड़ियों के लिए गुजरात भी फेमस है। यहां की पटोला साड़ी और इकत प्रिंट की सिल्क साड़ियां हैंडलूम साड़ियों में शामिल हैं। जिन्हें बुनकर तैयार करते हैं। साड़ियों के मामले में राजस्थान में भी आपको कई हैंडलूम के विकल्प मिल जाएंगे, जिसमें लहरियां, टाई एंड डाई और बांधनी हैंडलूम साड़ियां लोगों को पसंद आती हैं। मध्यप्रदेश की चंदेरी साड़ियां, चंदेरी सिल्क वाले सूट और टुपट्टे हाथ से तैयार किए जाते हैं। वहीं छत्तीसगढ़ की कोसा सिल्क साड़ियों को काफी पसंद किया जाता है। हैंडलूम में पंजाब अपनी शानदार फुलकारी कढ़ाई के लिए जाना जाता है। दुपट्टे से लेकर साड़ियों तक में ये कढ़ाई की जाती है। वहीं हरियाणा में आपको हल्के सिल्क की रेशम धुरिया साड़ी मिलेंगी। बिहार की भागलपुरी साड़ियां काफी फेमस हैं। इन्हें भागपुरी टसर सिल्क से बनाया जाता है। वहीं झारखंड में इसे आदिवासी टसर सिल्क से तैयार किया जाता है। यहां की कॉटन साड़ियां काफी पसंद की जाती हैं। इसमें बालुचरी साड़ियों का अपना ही क्रेज है। यहां जामदानी साड़ियों की भी अच्छी मांग है। कला और हैंडलूम के मामले में ये पहाड़ी राज्य भी आगे हैं। हिमाचल की कुल्लू पट्टी साड़ी काफी फेमस हैं जिसे मूंगा सिल्क से तैयार किया जाता है। वहीं उत्तराखंड की पंचाचूली हैंडलूम साड़ियां फेमस हैं। लाल रंग के चेक वाली गोवा साड़ी भी काफी पसंद की जाती हैं। इन्हें कुनबी साड़ी कहा जाता है। ये कॉटन साड़ियां होती हैं जिन्हें आदिवासियों द्वारा तैयार किया जाता है। साउथ का सिल्क अपनी खास पहचान रखता है। तमिलनाडु के कांचीपुरम से आने वाली साड़ियों को कांजीवरम साड़ी कहा जाता है जो काफी कीमती और बेहद खूबसूरत होती हैं। हैंडलूम कांजीवरम काफी भारी होती हैं। सफेद साड़ी पर गोल्डन बॉर्डर वाली साड़ियां जिसे कसावु कहा जाता है काफी फेमस हैं। सॉफ्ट सिल्क और कॉटन ब्लैंड के साथ तेलंगाना की हैंडलूम पोचमपल्ली साड़ी काफी पसंद की जाती हैं। आंध्र प्रदेश की उप्पडा जामदानी हैंडलूम साड़ियां और कर्नाटक की इल्कल साड़ियां फेमस हैं। यहां की गोल्डन मुगा साड़ी फेमस हैं। हैंडवोवेन से तैयार इन साड़ियों को धोने के बाद चमक और बढ़ती है। मेघालय की हैंडलूम साड़ियों में एरी सिल्क साड़ियां और सिक्किम में लेप्चा, नागालैंड की ड्रेप और टाइट बुनाई वाली साड़ियां होती हैं। बालों को सफेद होने और टूटने से बचाता है आंवला का पानी, ऐसे घर में तैयार कर सकते हैं, मजबूत होंगे बाल
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Aug 7, 2026, 02:23 AM
भारत ने पहले टेस्ट से पहले श्रीलंका की स्पिन पिच के लिए की तैयारी

भारत ने पहले टेस्ट से पहले श्रीलंका की स्पिन पिच के लिए की तैयारी

श्रीलंका के स्पिनिंग ट्रैक पर जीत की तैयारी में भारतीय टीम कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। 15 अगस्त से गॉल में शुरू होने वाले पहले टेस्ट से पहले हेड कोच गौतम गंभीर ने कोलंबो में गॉल जैसी टूटी-फूटी पिच बनवाकर बल्लेबाजों को अभ्यास कराया। गंभीर का कहना है कि पहले टेस्ट की शुरुआत तक टीम हर चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार होगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय टीम मैच शुरू होने से 11 दिन पहले (मंगलवार, 4 अगस्त) ही श्रीलंका पहुंच गई थी। कोलंबो के नॉनडिस्क्रिप्ट क्रिकेट क्लब (NCC) में टीम अब तक दो बार करीब तीन-तीन घंटे के अभ्यास सत्र कर चुकी है। शुक्रवार से भारत SLC XI के खिलाफ तीन दिवसीय वॉर्म-अप मैच भी खेलेगा, जिससे खिलाड़ियों को स्थानीय परिस्थितियों में ढलने का मौका मिलेगा। अभ्यास सत्र के दौरान गंभीर ने कहा, ‘15 अगस्त की सुबह हम चाहे पहले बल्लेबाजी करें या गेंदबाजी, हमारे सामने आने वाले हर सवाल का जवाब हमारे पास तैयार होगा।’ गॉल की स्पिन और अनियमित उछाल वाली पिच को ध्यान में रखते हुए हेड कोच गौतम गंभीर और बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने कोलंबो के नॉनडिस्क्रिप्ट क्रिकेट क्लब (NCC) मैदान के एक हिस्से में 22 गज की अनक्यूरेटेड पिच तैयार करवाई। इस पिच पर घास, दरारें और ढीली मिट्टी जानबूझकर छोड़ी गई, ताकि बल्लेबाज गॉल टेस्ट के चौथे और पांचवें दिन जैसी टर्न और अनियमित उछाल वाली परिस्थितियों में पहले से अभ्यास कर सकें। भारतीय बल्लेबाजों के सामने पहले नेट बॉलर्स ने गेंदबाजी की। बाद में बाउंड्री के पास मौजूद स्थानीय स्कूली बच्चों और युवा स्पिनरों को भी गेंदबाजी के लिए बुलाया गया। इस पिच पर गेंद कभी तेजी से टर्न ले रही थी तो कभी नीची रह रही थी। ऐसे चुनौतीपूर्ण हालात में भारतीय टॉप ऑर्डर बल्लेबाजों ने लंबे समय तक अभ्यास किया। बुधवार को अभ्यास के दौरान कप्तान शुभमन गिल के अंगूठे में गेंद लगी थी। हालांकि, गुरुवार को वे पूरी तरह फिट नजर आए और नेट्स में बल्लेबाजी की। केएल राहुल और देवदत्त पड़्डिकल ने भी रवींद्र जडेजा और कुलदीप यादव की स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ लंबा अभ्यास किया। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के मौजूदा चक्र में फाइनल की उम्मीदें बनाए रखने के लिए भारत के लिए यह सीरीज काफी अहम है। टीम को फाइनल की दौड़ में मजबूत स्थिति बनाने के लिए श्रीलंका के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करना होगा। पिछले एक साल में भारत ने इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज 2-2 से ड्रॉ कराई थी, जबकि साउथ अफ्रीका में 0-2 से हार का सामना करना पड़ा था। टीम में कुछ खिलाड़ियों की फिटनेस चिंता का विषय बनी हुई है। जसप्रीत बुमराह और वॉशिंगटन सुंदर पहले टेस्ट में उपलब्ध नहीं होंगे। वहीं, साई सुदर्शन को अभी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) से मैच खेलने की मंजूरी का इंतजार है। बाकी खिलाड़ी पूरी तरह फिट हैं। अभ्यास में बल्लेबाजों की मदद के लिए हर्ष दुबे, तनुष कोटियान, विप्रज निगम और शिवांग कुमार नेट बॉलर के रूप में टीम के साथ हैं। श्रीलंका रवाना होने से पहले खिलाड़ियों ने अलग-अलग जगहों पर तैयारी की। केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल ने मुंबई में इनडोर सुविधाओं में बल्लेबाजी का अभ्यास किया। शुभमन गिल ने चंडीगढ़ में लाल गेंद से ट्रेनिंग की, जबकि ऋषभ पंत ने रांची में फिटनेस और बल्लेबाजी पर काम किया। कोलंबो के NCC मैदान पर भारतीय टीम के अभ्यास के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। मीडिया को जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया, जबकि पूरे परिसर में हथियारबंद सुरक्षाकर्मी तैनात रहे। भारत और श्रीलंका के बीच अब तक 17 टेस्ट सीरीज खेली गई हैं। इनमें टीम इंडिया का पलड़ा भारी रहा है। भारत ने 10 सीरीज जीती हैं, जबकि श्रीलंका को 3 में जीत मिली है। दोनों टीमों के बीच 4 सीरीज ड्रॉ रही हैं। श्रीलंका पिछले छह सीरीज से भारत को नहीं हरा सका है। उसने भारत के खिलाफ आखिरी टेस्ट सीरीज जीत 2008 में दर्ज की थी, यानी उसे करीब 18 साल से भारत के खिलाफ सीरीज जीत का इंतजार है। निशान मदुष्का, रविंदु रशांता, पसिंदु सूर्यबांडारा, पवन रथनायके, अहान विक्रमसिंघे, सोनल दिनुषा (कप्तान), अंजाला बंडारा (विकेटकीपर), निपुण धनंजय, लाहिरू कुमारा, विश्वा फर्नांडो, असंका मनोज, इसिथा विजेसुंदरा, रमेश मेंडिस, केसरा नुवंथा और दिलुम सुदीरा। ------------------------------------------------------- श्रीलंका दौरे पर गई भारतीय टीम शुक्रवार से कोलंबो में तीन दिवसीय वार्म-अप मैच खेलेगी। मुकाबला नॉनडेस्क्रिप्ट्स क्रिकेट क्लब मैदान पर श्रीलंका इलेवन के खिलाफ खेला जाएगा। यह मैच 15 अगस्त से गॉल में शुरू होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज की तैयारियों का अहम हिस्सा होगा।
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Aug 7, 2026, 02:23 AM
प्रेम अदीबः भूल गए पायनियर जिन्होंने रणबीर कपूर से पहले भगवान राम की भूमिका निभाई थी

प्रेम अदीबः भूल गए पायनियर जिन्होंने रणबीर कपूर से पहले भगवान राम की भूमिका निभाई थी

आज जब निर्देशक नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' में अभिनेता रणबीर कपूर भगवान राम का किरदार निभाने जा रहे हैं या जब हम 1987 के कालजयी धारावाहिक से अरुण गोविल को याद करते हैं तो इतिहास के पन्नों में एक ऐसा नाम भी दर्ज है जिसने इन सबसे बहुत पहले राम के रूप को पर्दे पर अमर कर दिया था। हम बात कर रहे हैं अभिनेता प्रेम अदीब की, जिन्होंने नौ अलग-अलग फिल्मों में भगवान राम की भूमिका निभाई। उन्होंने इस चरित्र को इतनी आत्मीयता से जीया कि दर्शक उन्हें किसी और रूप में देखने की कल्पना भी नहीं कर पाते थे। प्रेम अदीब की राम के रूप में इस अलौकिक यात्रा की शुरुआत साल 1942 में निर्देशक विजय भट्ट की फिल्म 'भारत मिलाप' से हुई थी। इस फिल्म में उनके सौम्य और शांत अभिनय ने दर्शकों के दिलों को गहराई से छुआ। फिल्म की अपार सफलता को देखते हुए विजय भट्ट ने अगले ही साल यानी 1943 में उन्हें फिर से 'राम राज्य' में कास्ट किया। फिल्म 'राम राज्य' के नाम एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज है। यह पूरे इतिहास की एकमात्र ऐसी फिल्म है जिसे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने देखा था। इसके बाद तो जैसे भक्ति और अभिनय का एक अटूट सिलसिला ही शुरू हो गया। दर्शकों में प्रेम अदीब के दिव्य रूप को पर्दे पर देखने की मांग इतनी बढ़ गई कि उन्होंने एक के बाद एक कई धार्मिक फिल्मों में काम किया। उन्होंने 'रामबाण', 'राम विवाह', 'राम नवमी', 'राम हनुमान युद्ध', 'राम लक्ष्मण', 'राम भक्त विभीषण' और 1954 की 'रामायण' में भगवान राम का किरदार निभाया। इनमें से 1949 में आई फिल्म 'राम विवाह' बेहद खास थी, क्योंकि इसके निर्माता, निर्देशक और मुख्य अभिनेता खुद प्रेम अदीब ही थे। यह एक कलाकार द्वारा अपनी उस पहचान को पूरी तरह अपनाने का एक दुर्लभ उदाहरण था जिसने उसके पूरे करियर को परिभाषित किया था। 1940 के दशक से 1950 के दशक के शुरुआती सालों तक प्रेम अदीब और शोभना समर्थ की 'राम-सीता' के रूप में जोड़ी इतनी लोकप्रिय हुई कि उनके चित्रों को लोग कैलेंडर और धार्मिक पत्रिकाओं से निकालकर अपने घरों और मंदिरों में पूजा के लिए लगाने लगे थे। इस ऐतिहासिक सफलता से पहले प्रेम अदीब का व्यक्तिगत सफर बेहद साधारण लेकिन संकल्प से भरा था। उनका जन्म 1917 में एक कश्मीरी पंडित परिवार में हुआ था और उनका वास्तविक नाम शिव प्रसाद अदीब था। 'अदीब' शीर्षक उनके दादाजी को अवध के अंतिम नवाब वाजिद अली शाह से मिला था, जिसका अर्थ होता है 'सांस्कृतिक रूप से सुसंस्कृत व्यक्ति'। बचपन से ही शिव प्रसाद को सिनेमा का गहरा जुनून था। कॉलेज के दिनों में यह जुनून इतना बढ़ गया कि वे बिना अपने परिवार को बताए अब मुंबई चले आए। 1936 में निर्देशक मोहन सिन्हा ने उन्हें फिल्म 'रोमांटिक इंडिया' में पहला ब्रेक दिया और उनका फिल्मी नाम रखकर प्रेम अदीब कर दिया। इसके बाद उन्होंने कई समकालीन और आधुनिक किरदार भी निभाए, लेकिन जब वे राम के रूप में पर्दे पर आते तो अपनी पुरानी छवि को पूरी तरह मिटाकर उस गरिमा और संयम में ढल जाते थे। हर कहानी का अंत सुखद नहीं होता। 25 दिसंबर 1959 को केवल 42 वर्ष की आयु में ब्रेन हैमरेज के कारण प्रेम अदीब का असमय निधन हो गया। सिनेमा जगत ने एक ऐसा सितारा खो दिया जिसने आधुनिक पब्लिसिटी और प्रचार-प्रसार के साधनों के बिना करोड़ों लोगों के दिलों में भक्ति का भाव जगाया था। आज जब भारतीय सिनेमा एक बार फिर बड़े बजट, भव्य सेट्स और नई तकनीकों के साथ पौराणिक महागाथाओं को दोहराने जा रहा है, जहां दिवाली 2026 और 2027 में 'रामायण' दो भागों में रिलीज होने वाली है, वहीं एसएस राजामौली की महत्वाकांक्षी फिल्म 'वाराणसी' (2027) भी पौराणिक तत्वों को नए अंदाज में पेश करने की तैयारी में है, ऐसे समय में प्रेम अदीब को याद करना बेहद प्रासंगिक हो जाता है। आधुनिक चकाचौंध के इस दौर में भी 9 बार भगवान राम का किरदार निभाकर जो गरिमा उन्होंने स्थापित की थी, उसकी मिसाल आज भी बेजोड़ है। ये भी पढ़ें: 'चक दे! इंडिया' की गुंजन लखानी याद है? एक्टिंग छोड़ चुनी अलग दुनिया, सिंगल मदर का नया अवतार देख खा जाएंगे धोखा Latest Bollywood News
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Aug 7, 2026, 02:22 AM
मोदी-नेतन्याहू की फोन पर बातचीत पश्चिम एशिया की स्थिति पर केंद्रित

मोदी-नेतन्याहू की फोन पर बातचीत पश्चिम एशिया की स्थिति पर केंद्रित

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ फ़ोन पर बातचीत के दौरान पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर विचारों का आदान-प्रदान किया। प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। पीएम मोदी ने कहा, बेंजामिन नेतन्याहू का फ़ोन कॉल आया। हमने भारत-इज़राइल स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप के अलग-अलग पहलुओं पर हुई प्रगति की समीक्षा की, जो लगातार मज़बूत होती जा रही है। हमने पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। X पर एक पोस्ट में मोदी ने कहा कि उन्होंने "भारत और इज़राइल के बीच खास रणनीतिक साझेदारी के अलग-अलग पहलुओं में हुई प्रगति की समीक्षा भी की, जो लगातार मज़बूत और विकसित हो रही है।" बता दें कि फ़रवरी 2026 के आखिर में इज़राइल की यात्रा के लिए मोदी की आलोचना हुई थी। यह यात्रा अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर हमले शुरू करने से कुछ दिन पहले ही हुई थी, और विरोधियों ने इस यात्रा के समय को गलत बताया था।
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Aug 7, 2026, 02:21 AM
ट्रंप ने ईरान के साथ संघर्ष जल्द खत्म होने की भविष्यवाणी की, परमाणु हथियार लाल रेखा को दोहराया

ट्रंप ने ईरान के साथ संघर्ष जल्द खत्म होने की भविष्यवाणी की, परमाणु हथियार लाल रेखा को दोहराया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि उनका मानना है कि ईरान से जुड़ा संघर्ष जल्द ही समाप्त होने की संभावना है। उन्होंने दावा किया कि तेहरान अब इस युद्ध को बहुत लंबे समय तक नहीं खींच सकता। वाशिंगटन में ओवल ऑफिस से संवाददाताओं को संबोधित करते हुए, ट्रंप ने होर्मुज से जुड़ी बातचीत को लेकर भी उम्मीद जताई। साथ ही उन्होंने यह भी दोहराया कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। ट्रंप ने कहा कि मुझे लगता है कि युद्ध जल्द ही खत्म होने वाला है। मुझे नहीं लगता कि वे इसे और अधिक समय तक खींच सकते हैं। उनका यह बयान इस बात का संकेत है कि लड़ाई अब उस मुकाम पर पहुंच गई है, जहां ईरान के लिए इसे जारी रख पाना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब जून में युद्धविराम के लिए हस्ताक्षरित 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन के विफल होने के बाद, वाशिंगटन और तेहरान के बीच कूटनीतिक बातचीत को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। ईरान ने ट्रंप के इस बयान पर तीखी और आक्रामक प्रतिक्रिया दी है। ईरान के कार्यवाहक रक्षा मंत्री ब्रिगेडियर जनरल सैयद मजीद इब्न रजा ने कहा कि देश के सशस्त्र बल अमेरिका या इजरायल से मिलने वाली किसी भी चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। ईरान की फार्स समाचार एजेंसी के हवाले से उन्होंने कहा कि हर गुजरते दिन के साथ, दुश्मन की घटती क्षमताओं के संकेत अधिक स्पष्ट होते जा रहे हैं। लेकिन हमारे रक्षा उद्योग द्वारा समर्थित सशस्त्र बलों के पास किसी भी खतरे का जवाब देने के लिए वह सब कुछ मौजूद है, जिसकी उन्हें आवश्यकता है। ईरान की संसद के स्पीकर और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बघेर गलीबाफ ने भी वाशिंगटन पर कड़ा निशाना साधते हुए अमेरिकी रणनीति को थिएटर डिप्लोमेसी करार दिया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में गलीबाफ ने लिखा कि बड़ा हमला होने वाला है, रुकिए, कोई बात नहीं, वे बातचीत करना चाहते हैं। यह लूप पर चल रही एक थिएटर डिप्लोमेसी है। बातचीत में फायदे के लिए धौंस जमाना + टूटे वादे + फेक न्यूज का इस्तेमाल करना एक विफल रणनीति है। तथ्यों को स्वीकार करें और अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करें। हमें अब और नाटक की आवश्यकता नहीं है। दोनों पक्षों की ओर से आ रही ये टिप्पणियां उस गहरे अविश्वास को उजागर करती हैं जो अमेरिका-ईरान संबंधों के बीच लगातार बना हुआ है। यह स्थिति तब है, जब कूटनीतिक चैनल अब भी खुले हुए हैं और समुद्री सुरक्षा तथा क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर पर्दे के पीछे चर्चाएं जारी हैं। हेगसेथ से नाराजगी की खबरों को ट्रंप ने बताया झूठ, बोले- हथियारों की कोई कमी नहीं 'द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ा हमला', किसके दबाव में ईरान बातचीत के लिए हुआ तैयार; ट्रंप ने किया खुलासा
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Aug 7, 2026, 02:21 AM
भोजशाला विवाद में अंतरिम रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, निर्धारित स्थान पर जारी रहेगी नमाज

भोजशाला विवाद में अंतरिम रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, निर्धारित स्थान पर जारी रहेगी नमाज

मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला के विवाद में गुरुवार को भी सुप्रीम कोर्ट में मस्जिद पक्ष की अंतरिम याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकी। ऐसे में, सुप्रीम कोर्ट द्वारा पहले से तय की गई अंतरिम व्यवस्था के तहत इस शुक्रवार को भी दोपहर एक से तीन बजे के बीच भोजशाला के पीछे स्थित खसरा संख्या- 612 की भूमि पर ही नमाज अदा की जाएगी। जिला प्रशासन ने इसके लिए सुरक्षा, आवागमन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं। उल्लेखीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने 14 जुलाई की सुनवाई में मामले को अतिसंवेदनशील बताते हुए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ के 15 मई के आदेश पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया था। इसके साथ ही स्पष्ट किया था कि अंतिम निर्णय तक दोनों पक्षों के अधिकारों को प्रभावित किए बिना विवादित परिसर के निकट खुले स्थान पर शुक्रवार को दोपहर एक से तीन बजे के बीच नमाज की व्यवस्था की जाए। अदालत ने यह भी कहा था कि व्यवस्था पूरी तरह अस्थायी होगी और अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी। गुरुवार को सुनवाई नहीं होने के कारण यही अंतरिम व्यवस्था इस सप्ताह भी प्रभावी रहेगी। बता दें कि 15 मई को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने अपने निर्णय में भोजशाला को वाग्देवी का मंदिर माना। मस्जिद पक्ष की याचिका पर 14 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने वैकल्पिक नमाज स्थल की अंतरिम व्यवस्था दी। साध्वी ऋतंभरा गुरुवार को भोजशाला पहुंचीं। उन्होंने सबसे पहले मां वाग्देवी के दर्शन-पूजन और आरती की। इसके बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भोजशाला का संघर्ष केवल एक धार्मिक स्थल का नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति की विजय का प्रतीक है। भोजशाला की विजय ने कृष्ण जन्मभूमि का रास्ता भी साफ कर दिया है। साध्वी ने विश्वास जताया कि मां वाग्देवी जल्द ही लंदन से धार आएंगी और भोजशाला आने वाले समय में विश्वभर के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बनेगी। उन्होंने कहा कि समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहना होगा और नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
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Aug 7, 2026, 02:20 AM
भारतीय अदालत ने एन. ई. ई. टी.-यू. जी. पेपर लीक मामले में 13 अभियुक्तों की हिरासत बढ़ाई

भारतीय अदालत ने एन. ई. ई. टी.-यू. जी. पेपर लीक मामले में 13 अभियुक्तों की हिरासत बढ़ाई

राउज एवेन्यू स्थित विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने गुरुवार को नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सभी 13 आरोपितों की न्यायिक हिरासत 10 अगस्त तक बढ़ा दी है। दो आरोपितों विकास बिवाल और दिनेश बिवाल की जमानत याचिका पर अदालत ने 18 अगस्त को सुनवाई की तारीख तय की। विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने कहा कि सीबीआइ के आरोपपत्र और उसके साथ दाखिल दस्तावेज की प्रारंभिक जांच (स्क्रूटनी) पूरी हो चुकी है। अब अदालत सात अगस्त को यह तय करेगी कि मामले में संज्ञान लिया जाए या नहीं। सुनवाई के दौरान आरोपितों की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि उन्हें आरोपपत्र की साफ्ट कापी उपलब्ध करा दी गई है। दोनों आरोपितों के अधिवक्ता ने अनुरोध किया कि आरोपपत्र 20 हजार पन्नों का है। ऐसे में दस्तावेज का अध्ययन करने के लिए समय चाहिए ताकि जमानत याचिका पर बचाव पक्ष अपनी तैयारी कर सके। अदालत ने इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया। आरोपितों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एपी सिंह ने दलील दी कि मामले के आरोपित हार्ड कापी में केस दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। अधिवक्ता ने तर्क दिया कि करीब 20 हजार पन्नों के दस्तावेज केवल पेन ड्राइव के माध्यम से दिए गए हैं, जिन्हें न्यायिक हिरासत में रहते हुए प्रभावी ढंग से देखना संभव नहीं है। बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि सभी आरोपित स्वेच्छा से पालीग्राफ, लाई डिटेक्टर और ब्रेन मैपिंग टेस्ट कराने के लिए तैयार हैं। अदालत ने कहा कि बचाव पक्ष के इस अनुरोध पर 10 अगस्त को फैसला लिया जाएगा।सीबीआइ ने इस आवेदन का विरोध करते हुए कहा कि यह याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। एजेंसी ने कहा कि सरकार ने इस मामले की शीघ्र सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाया है, इसलिए इस तरह के आवेदन पर आरोपितों पर कास्ट (जुर्माना) भी लगाया जाना चाहिए। आरोपपत्र में 360 गवाह, 422 दस्तावेज और 43 भौतिक साक्ष्यों का उल्लेख किया गया है। नीट पेपर लीक के बाद एनटीए का बड़ा कदम, परीक्षाओं को फुलप्रूफ बनाने के लिए विशेषज्ञों की होगी भर्ती पीएम मोदी से माफी मांगें मार्क जुकरबर्ग, नहीं तो... निशिकांत दुबे ने Meta CEO को दी चेतावनी NTA में स्थायी कर्मचारियों से तीन गुना ज्यादा सलाहकारों की फौज, फिर भी नीट-यूजी पेपर लीक जैसी बड़ी गड़बड़ी NEET पेपर लीक में NTA पैनल की टीचर का बड़ा रोल, अब नई कोर्ट में 20000 पन्नों की चार्जशीट पेश करेगी CBI विचार: परंपरागत राजनीति के लिए बड़ा सबक कुछ वकीलों के समय से नहीं पहुंचने पर जताई नाराजगीबचाव पक्ष के कुछ वकीलों के सुबह 10 बजे समय पर नहीं पहुंचने पर अदालत ने नाराजगी जताई। अदालत ने सभी वकीलों को रोजाना समय पर उपस्थित रहने और भविष्य में किसी भी तरह की देरी से बचने का निर्देश दिया। विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने कहा, कृपया मेरी चिंता को समझिए। यहां हर मिनट महत्वपूर्ण है। पहले जब मैं इस मामले की सुनवाई कर रहा था, तब इसे जल्द निपटाने के कोई निर्देश नहीं थे। उन्होंने आगे कहा कि आप सभी को सुबह ठीक 10 बजे अदालत में मौजूद रहना चाहिए। यह सिलसिला ऐसे नहीं चल सकता। आज मैं सुनवाई 11 बजे तक स्थगित कर रहा हूं, लेकिन कृपया हर दिन सुबह 10 बजे समय पर पहुंचें। बता दें कि फास्ट ट्रैक गठित होने से यह मामला राउज एवेन्यू में ही न्यायाधीश अजय गुप्ता की अदालत में चल रहा था। फास्ट ट्रैक गठित होने पर मामला विशेष न्यायाधीश अनु ग्रोवर बलिगा के पास आ गया। उनके स्थानांतरण के बाद अजय गुप्ता को फास्ट ट्रैक कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।
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Aug 7, 2026, 02:20 AM
राष्ट्रीय वन शहीद दिवस समारोह में वन कर्मियों के आधुनिकीकरण और कल्याण पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा

राष्ट्रीय वन शहीद दिवस समारोह में वन कर्मियों के आधुनिकीकरण और कल्याण पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा

वन और वन्यजीवों की रक्षा करते हुए बलिदान देने वाले वन कर्मियों के सम्मान में इस वर्ष राष्ट्रीय वन शहीद दिवस का आयोजन लखनऊ में होगा। 11 सितंबर को आयोजित होने वाले कार्यक्रम में देशभर के वन अधिकारी, कर्मचारी और विशेषज्ञ जुटेंगे। शहीद वन कर्मियों को श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ वन विभाग को आधुनिक, सुरक्षित और अधिक सक्षम बनाने की दिशा में व्यापक रणनीति तैयार की जाएगी। आयोजन के संबंध में आल इंडिया फारेस्ट आफिसर्स फेडरेशन पदाधिकारियों ने गुरुवार को वन मंत्री डा. अरुण कुमार सक्सेना व प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं विभागाध्यक्ष सुनील चौधरी से अलग-अलग मुलाकात भी की। फेडरेशन के उप महासचिव डॉ. सौरभ वशिष्ठ ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य केवल शहीद वन कर्मियों को श्रद्धांजलि देना नहीं, बल्कि भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप वन विभाग को अधिक सशक्त, आधुनिक और सक्षम बनाने की दिशा में गंभीर मंथन करना भी है। बैठक में अग्रिम पंक्ति के वन कर्मियों की सुरक्षा, प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता, क्षमता विकास, कार्य परिस्थितियों में सुधार तथा उनके कल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी। विभिन्न राज्यों में वन संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और वन कर्मियों के सशक्तीकरण के लिए अपनाई जा रही श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों का अध्ययन और मूल्यांकन भी किया जाएगा। यूपी के टेक्सटाइल क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा, सीएम योगी आज लोकभवन में बुनकरों और कारीगरों को करेंगे सम्मानित
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Aug 7, 2026, 02:19 AM
चंदन प्रभाकरः कपिल शर्मा की कॉमेडी सफलता के पीछे का गुमनाम नायक

चंदन प्रभाकरः कपिल शर्मा की कॉमेडी सफलता के पीछे का गुमनाम नायक

अमृतसर के रहने कपिल शर्मा को कॉमेडी की दुनिया में पहचान दिलाने में उनके बचपन के दोस्त चंदन प्रभाकर की बड़ी भूमिका रही। चंदन ने अपना करियर दांव पर लगाकर कपिल की ‘द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज’ में एंट्री करवाई थी। हाल ही में एक इंटरव्यू में चंदन ने बताया कि वह और कपिल मुंबई में शो के ऑडिशन के लिए गए थे। वहां कपिल रिजेक्ट हो गए, जबकि उनका सिलेक्शन हो गया था। इसके बाद कपिल ने दिल्ली में भी ऑडिशन दिया, लेकिन वहां भी उन्हें रिजेक्शन मिला। चंदन ने कपिल को शो में शामिल करने के लिए मेकर्स से काफी आग्रह किया। मेकर्स ने शर्त रखी कि कपिल को जगह देने के लिए किसी एक कंटेस्टेंट को शो छोड़ना होगा। चंदन ने बिना देर किए शो छोड़ दिया और कपिल की एंट्री करवा दी। यहीं से कपिल के करियर को बड़ी उड़ान मिली। हालांकि, कुछ महीने बाद मेकर्स ने चंदन को दोबारा शो में बुला लिया। चंदन प्रभाकर को ‘द कपिल शर्मा शो’ में चंदू चायवाला के किरदार से भी खूब पहचान मिली। हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने कपिल शर्मा के साथ अपनी दोस्ती और करियर से जुड़े कई किस्से साझा किए। चंदन ने इससे पहले एक इंटरव्यू में बताया था कि साल 2013 में जब कपिल शर्मा ने अपना खुद का शो 'कॉमेडी नाइट्स विद कपिल' शुरू किया, तो उन्होंने अपने सबसे पुराने साथी यानी उन्हें अपने साथ जोड़ा। चंदन को इस शो में 'चंदू चायवाला' का आइकॉनिक रोल दिया गया। चंदन के लिए यह किरदार निभाना बेहद मुश्किल और चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि शो में हर वक्त उनका चेहरा, कपड़े और गरीबी का मजाक उड़ाया जाता था। कपिल अक्सर शो में ऑन-स्क्रीन और ऑफ-स्क्रीन मजाकिया अंदाज में कहा करते थे, "अगर मैं इसे अमृतसर से पकड़कर मुंबई नहीं लाता, तो यह आज भी वहीं भटक रहा होता। हालांकि चंदन इस बात को दोस्त का प्यार और शो की स्क्रिप्ट का हिस्सा मानकर मुस्कुराते हुए सह लेते थे। ऑस्ट्रेलिया टूर, एयर इंडिया फ्लाइट विवाद चंदन बताते हैं कि मार्च 2017 में कपिल शर्मा और चंदन प्रभाकर के बरसों पुराने रिश्ते में उस वक्त भारी दरार आ गई, जब एक अंतरराष्ट्रीय दौरे के दौरान बड़ा विवाद हो गया। ऑस्ट्रेलिया के शो के दौरान दोनों के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस हो गई। चंदन ने साफ शब्दों में कपिल से कहा कि तू मुझसे इस तरह बात नहीं कर सकता। चंदन ने वहां आगे काम करने से इनकार कर दिया। वापस भारत लौटते समय एअर इंडिया की फ्लाइट में कपिल शर्मा, सुनील ग्रोवर और चंदन के बीच विवाद और बढ़ गया। मुंबई पहुंचते ही चंदन प्रभाकर, सुनील ग्रोवर व कुछ अन्य सदस्यों ने कपिल के शो 'द कपिल शर्मा शो' से अपना नाता तोड़ लिया। विवाद के ठीक बाद चंदन की जिंदगी में एक नया मोड़ आया और 31 मार्च में चंदन प्रभाकर के घर एक नन्हीं बेटी ने जन्म लिया। चंदन प्रभाकर ने बताया कि बेटी होने के बाद कपिल शर्मा उनके घर आए और बेटी को शगुन दिया। उसके बाद कपिल शर्मा भावुक हो गए और उन्होंने अपनी पुरानी दोस्ती का वास्ता देकर उन्हें शाे में वापस बुला दिया। उन्होंने बताया कि जून 2017 में वो वापस 'द कपिल शर्मा शो' में लौट आए। साल 2018 में जब कपिल शर्मा डिप्रेशन, हेल्थ इश्यूज और मीडिया विवादों के कारण अपने जीवन के सबसे बुरे दौर से गुजर रहे थे, तब चंदन प्रभाकर किसी ढाल की तरह उनके साथ खड़े रहे। हालांकि जब कपिल शर्मा का शो नेट फिलिक्स पर आया तो चंदन प्रभाकर ने उनका शो फिर से छोड़ दिया। *********** चंडीगढ़ डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान, उनकी बहन अलवीरा खान अग्निहोत्री और स्टाइल एंड क्यूंटेंट ज्वेलरी प्राइवेट लिमिटेड समेत अन्य को समन जारी किया है। कोर्ट ने इन सभी को 5 अक्टूबर को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं। कोर्ट में याचिका दायर करने वाले कारोबारी का दावा है कि सलमान खान उसे बिग बॉस के सेट पर मिले थे।( )
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Aug 7, 2026, 02:18 AM
डिजिटल उपकरण का अत्यधिक उपयोग बच्चों और किशोरों में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं से जुड़ा हुआ है

डिजिटल उपकरण का अत्यधिक उपयोग बच्चों और किशोरों में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं से जुड़ा हुआ है

मोबाइल, टैबलेट और अन्य डिजिटल उपकरणों का बढ़ता इस्तेमाल बच्चों और किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए चिंता का कारण बनता जा रहा है। पढ़ाई, मनोरंजन और इंटरनेट मीडिया के नाम पर बढ़ता स्क्रीन टाइम अब कई बच्चों व किशोर के व्यवहार और दिनचर्या को प्रभावित कर रहा है। दून अस्पताल, जिला चिकित्सालय और निजी अस्पतालों में स्क्रीन एडिक्शन, चिड़चिड़ापन, नींद में परेशानी, एकाग्रता की कमी, अवसाद और सामाजिक दूरी जैसी शिकायतों के साथ पहुंचने वाले बच्चों की संख्या में लगातार इजाफा देखा जा रहा है। पहले जहां हर दिन 10 बच्चे आते थे लेकिन अब संख्या 15 तक पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों का स्क्रीन छोड़ना बेहतर है। दो से पांव वर्ष एक घंटा सीमित, छह से ऊपर के बच्चों का स्क्रीन उपयोग हो लेकिन नींद पढ़ाई, खेलकूद आदि प्रभावित न हो। राजकीय दून मेडिकल कालेज अस्पताल के मनोरोग विभागाध्यक्ष डा. जया नवानी के अनुसार, बच्चों में बढ़ता स्क्रीन टाइम उनकी नींद, व्यवहार और भावनात्मक स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है। लंबे समय तक मोबाइल इस्तेमाल करने वाले बच्चों में चिड़चिड़ापन, ध्यान केंद्रित करने में परेशानी और सामाजिक गतिविधियों से दूरी जैसी समस्याएं देखी जा रही हैं। बच्चों के लिए स्क्रीन टाइम तय करना और उनकी गतिविधियों पर नजर रखना जरूरी है। जिला चिकित्सालय की मनोचिकित्सक डा. निशा सिंगला का कहना है कि स्क्रीन एडिक्शन के मामलों में केवल मोबाइल छुड़ाना समाधान नहीं है। इसके लिए बच्चे के व्यवहार को समझना, उसकी दिनचर्या में बदलाव लाना और अभिभावकों की भूमिका बढ़ाना जरूरी है। कई बार बच्चे अकेलेपन, तनाव अथवा भावनात्मक जरूरतों के कारण भी स्क्रीन की ओर अधिक आकर्षित होते हैं। श्रीमहंत इन्दिरेश अस्पताल के मनाेरोग विभागाध्यक्ष प्रो. डा. शोभित गर्ग बताते हैं कि आज के समय में मोबाइल बच्चों के जीवन का हिस्सा बन चुका है, लेकिन इसकी आदत को नियंत्रित करना जरूरी है। अभिभावकों को बच्चों के साथ संवाद बढ़ाना चाहिए और उन्हें खेलकूद, रचनात्मक गतिविधियों और सामाजिक मेलजोल के लिए प्रेरित करना चाहिए। स्क्रीन से पूरी तरह दूर करना व्यावहारिक समाधान नहीं है, बल्कि जरूरी है कि डिजिटल उपकरणों के इस्तेमाल के लिए समय सीमा तय की जाए। उत्तराखंड में आशारोड़ी-झाझरा बाईपास से बदलेगी देहरादून की रफ्तार, 2027 तक होगा तैयार
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Aug 7, 2026, 02:18 AM
सुकेश चंद्रशेखर की पत्नी की जमानत याचिका मामले में सुप्रीम कोर्ट ने प्रमुख गवाहों से पूछताछ का आदेश दिया

सुकेश चंद्रशेखर की पत्नी की जमानत याचिका मामले में सुप्रीम कोर्ट ने प्रमुख गवाहों से पूछताछ का आदेश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने ठग सुकेश चंद्रशेखर की पत्नी लीना पालोस द्वारा मकोका के तहत 200 करोड़ रुपये के जबरन वसूली मामले में अपनी लंबित लंबी हिरासत के खिलाफ दायर जमानत याचिका की सुनवाई में कहा कि मुख्य गवाहों की सूची की तीन महीने में जांच करें। जस्टिस एमएम सुंदरेश और पीबी वराले की पीठ ने अभियोजन पक्ष को ट्रायल कोर्ट को महत्वपूर्ण गवाहों की सूची प्रदान करने का निर्देश दिया और कोर्ट से कहा कि वह उन्हें तीन महीने के भीतर जांच करे। पीठ ने आदेश दिया, "हमें सूचित किया गया है कि आरोप तय किए गए हैं। प्रतिवादी को ट्रायल कोर्ट को महत्वपूर्ण गवाहों की सूची देनी होगी। ट्रायल कोर्ट तीन महीने के भीतर जांच करेगा। इसके बाद मामले को आगे बढ़ाएं।" मामले को पहचाने गए गवाहों की जांच पूरी होने के बाद आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है। पालोस की ओर से सुनवाई के दौरान पेश हुईं वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा ने कहा कि उनकी मुवक्किल चार साल और 11 महीने से हिरासत में हैं। अभियोजन पक्ष के अतिरिक्त सालिसिटर जनरल अनिल कौशिक ने कहा कि मकोका के तहत आरोप तय किए गए हैं और जिन लोगों को जमानत दी गई थी, वे केवल पालोस के निर्देशों पर कार्य कर रहे थे।"
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Aug 7, 2026, 02:16 AM
बॉक्स ऑफिस पर सफल प्रदर्शन के बाद नेटफ्लिक्स पर'मैं वापस आओगे'का प्रीमियर

बॉक्स ऑफिस पर सफल प्रदर्शन के बाद नेटफ्लिक्स पर'मैं वापस आओगे'का प्रीमियर

इम्तियाज अली की हालिया रिलीज फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' ने बॉक्स ऑफिस पर काफी शानदार परफॉर्म किया. इसे क्रिटिक्स और दर्शकों से खूब तारीफ मिली थी. बंटवारे के बैकग्राउंड पर बनी इस लव स्टोरी को शुरुआत में सिनेमाघरों में कम रिस्पॉन्स मिला, लेकिन फिर पॉजिटिव वर्ड ऑफ माउथ इसके लिए संजीवनी साबित हुआ और इसका असर बॉक्स ऑफ़िस कलेक्शन पर भी दिखा. थिएटर में 50 दिन तक गर्दा उड़ाने बाद अब ये फिल्म ओटीटी पर रिलीज हो गई है. जानते हैं इसे कहां देख सकते हैं? बता दें कि गुरुवार को नेटफ़्लिक्स इंडिया के ऑफ़िशियल इंस्टाग्राम अकाउंट ने 'मैं वापस आऊंगा' की स्ट्रीमिंग की तारीख़ कन्फर्म की थी और बताया कि फिल्म 7 अगस्त, 2026 (आज) को प्लेटफ़ॉर्म पर प्रीमियर हो रही है. पोस्ट के कैप्शन में लिखा था, "78 साल पहले जो कहानी अधूरी रह गई थी, वह अब पूरी होगी! 'मैं वापस आऊंगा' देखें, 7 अगस्त को नेटफ़्लिक्स पर!" A post shared by Netflix India (@netflix_in) बता दें कि 'मैं वापस आऊंगा' जून में सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई और इसे काफी अच्छे रिव्यू मिले थे. लेकिन बॉक्स ऑफ़िस पर इसकी शुरुआत धीमी रही. हालांकि, इसके बाद जो हुआ उसने कई ट्रेड जानकारों को हैरान कर दिया, क्योंकि पॉजिटिव वर्ड ऑफ माउथ की वजह से यह फ़िल्म साल की सबसे ज़्यादा चर्चा में रहने वाली सफल फिल्मों में से एक बन गई. फिल्म के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन की बात करें तो सैकनिल्क के मुताबिक, 'मैं वापस आऊंगा' का भारत में नेट कलेक्शन 65.10 करोड़ है जबकि ग्रॉस कलेक्शन 77.34 करोड़ रुपये रहा. फिल्म ने ओवरसीज से 21.98 करोड़ बटोरे. जिसके बाद इसका वर्ल्डवाइड कलेक्शन 99.32 करोड़ रहा. इम्तियाज अली की डायरेक्ट की गई ये फिल्म एक 95 साल के बुज़ुर्ग की कहानी है, जिन्हें पाकिस्तान पहुंचने की जबरदस्त कोशिश के दौरान स्ट्रोक आ जाता है. जैसे-जैसे उनकी याददाश्त आती-जाती रहती है, उनका पोता बंटवारे से पहले के समय की बिखरी हुई यादों को जोड़ने लगता है, जबकि वह बुज़ुर्ग अपनी जिंदगी के आखिरी दिनों में सुकून पाने की कोशिश करते हैं. असल में, यह फिल्म दिखाती है कि सरहदें खिंचने के दशकों बाद भी बंटवारे का इंसानी असर कैसे महसूस किया जाता है. फिल्म की स्टार कास्ट की बात करें तो इम्तियाद अली निर्देशित 'मैं वापस आऊंगा' में नसीरुद्दीन शाह, दिलजीत दोसांझ, शरवरी वाघ और वेदांग रैना ने अहम रोल प्ले किया है. बता दें कि ये फिल्म 12 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी.
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Aug 7, 2026, 02:13 AM
बिहार में भारी बारिश, राज्य भर में छिटपुट बारिश की संभावना

बिहार में भारी बारिश, राज्य भर में छिटपुट बारिश की संभावना

प्रदेश में मानसून के प्रभाव से कई जिलों में वर्षा की गतिविधियां बनी हुई हैं। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, शुक्रवार को चार जिलों के औरंगाबाद, भभुआ, गया एवं रोहतास में मेघ गर्जन के साथ भारी वर्षा को लेकर चेतावनी जारी की गई है। जबकि, राजधानी सहित प्रदेश के ज्यादातर भागों में बादल छाए रहने के साथ कुछ स्थानों पर छिटपुट वर्षा के आसार हैं। गुरुवार को खगड़िया, समस्तीपुर के कुछ भागों में वर्षा दर्ज की गई। पटना सहित अन्य भागों में बादलों की आवाजाही बने होने के साथ उमस का प्रभाव बना रहा। तापमान में आंशिक बढ़ोतरी दर्ज की गई। पटना का अधिकतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस वृद्धि के साथ 33.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि, 35.2 डिग्री सेल्सियस के साथ फारबिसगंज में सर्वाधिक तापमान दर्ज हुआ। बीते 24 घंटे के दौरान प्रदेश के अलग-अलग भागों में वर्षा दर्ज की गई। मधुबनी के बेनीपट्टी में 135.0 मिमी सर्वाधिक वर्षा दर्ज की गई। पटना सहित 18 जिलों के तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर हवा का चक्रवाती परिसंचरण का क्षेत्र बने होने के कारण उत्तर बिहार में वर्षा की गतिविधियां बने होने के साथ अन्य जिलों में बादल छाए रहेंगे। 24 घंटे के दौरान तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस की वृद्धि का पूर्वानुमान है। बारिश का लेटेस्ट अपडेट : झमाझम बारिश से तरबतर हुआ भागलपुर शहर; आज भी दिनभर छाए रहेंगे बादल North Bihar Weather Update : मुजफ्फरपुर, दरभंगा, समस्तीपुर समेत उत्तर बिहार के जिलों में दो दिन बारिश का अलर्ट Kal Ka Mausam 7 August: औरंगाबाद-रोहतास समेत 4 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, बिजली गिरने की चेतावनी Bihar Weather Update: बिहार के 9 जिलों में भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी, 4 दिनों तक बरसेंगे बादल भागलपुर मौसम अपडेट : मूसलाधार बारिश व वज्रपात की चेतावनी; IMD का अलर्ट, दोपहर से शाम के बीच संभलकर निकलने की सलाह
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Aug 7, 2026, 02:10 AM
प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण के तहत अशरोदी-झजरा चार लेन बाईपास परियोजना

प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण के तहत अशरोदी-झजरा चार लेन बाईपास परियोजना

दिल्ली-देहरादून आर्थिक कारिडोर को नई गति देने वाली आशारोड़ी-झाझरा 12 किलोमीटर लंबी ग्रीनफील्ड चार लेन बाईपास परियोजना का निर्माण कार्य अब प्रशासन की सीधी निगरानी में होगा। गुरुवार को जिलाधिकारी डा. आशीष चौहान ने निर्माणाधीन परियोजना का स्थलीय निरीक्षण कर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों को काम में तेजी लाने, गुणवत्ता बनाए रखने और सुरक्षा के मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान डीएम ने निर्माणाधीन विभिन्न स्थलों का जायजा लिया और कार्यों की प्रगति, निर्माण गुणवत्ता, मशीनरी, मानव संसाधन तथा उपलब्ध संसाधनों की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यह परियोजना देहरादून की यातायात व्यवस्था के लिए मील का पत्थर साबित होगी। इसके पूरा होने पर शहर में भारी व ट्रांजिट वाहनों का दबाव कम होगा, जिससे जाम से राहत मिलने के साथ स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों को सुगम व सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी। डा. चौहान ने कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने एनएचएआई अधिकारियों को पर्याप्त मशीनरी, संसाधन और श्रमिकों की उपलब्धता सुनिश्चित कर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक चरण की नियमित मानिटरिंग करने व सभी निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप कराने को कहा। निरीक्षण के दौरान एनएचएआई अधिकारियों ने जिलाधिकारी को परियोजना की वर्तमान प्रगति, शेष कार्यों व आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी। इस अवसर पर नगर मजिस्ट्रेट राकेश तिवारी, तहसीलदार सदर सुरेंद्र देव तथा एनएचएआई के अधिकारी भी मौजूद रहे। डीएम ने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्थाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभावी यातायात प्रबंधन, पर्याप्त बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक और अन्य सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने को कहा, ताकि निर्माण के दौरान आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उत्तराखंड में झमाझम बारिश, हरिद्वार में सबसे अधिक 65.8 मिमी वर्षा उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि परियोजना की नियमित समीक्षा की जाए। भूमि अधिग्रहण, तकनीकी या प्रशासनिक स्तर पर यदि कोई बाधा आती है तो उसका तत्काल समाधान किया जाए, ताकि निर्माण कार्य बिना किसी रुकावट के तय समय सीमा में पूरा हो सके। करीब 716 करोड़ रुपये की लागत से बन रही यह 12 किलोमीटर लंबी ग्रीनफील्ड चार लेन बाईपास झाझरा से शुरू होकर राष्ट्रीय राजमार्ग-7 के नए पांवटा साहिब-बल्लूपुर खंड को जोड़ते हुए आशारोड़ी चेक पोस्ट के पास दिल्ली-देहरादून आर्थिक कारिडोर से जुड़ेगी। परियोजना के अप्रैल 2027 तक पूरा होने की संभावना है।
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Aug 7, 2026, 02:09 AM
पीएम मोदी ने 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस मनाने की अपील की

पीएम मोदी ने 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस मनाने की अपील की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वदेशी को लेकर गुरुवार 6 अगस्त 2026 को एक महत्वपूर्ण संदेश जारी करते हुए, देशवासियों से खास अपील की है. पीएम मोदी ने इंस्टाग्राम पर रील साझा की है. शुक्रवार को देशभर में हैंडलूम डे मनाया जाएगा. ऐसे में उन्होंने अपील करते हुए कहा है कि कल 7 अगस्त को नेशनल हैंडलूम डे है. आइए भारत की हैंडलूम विविधता को लोकप्रिय बनाएं. बकायदा प्रधानमंत्री ने पिछले सप्ताह मनाए गए फ्रेंडशिप डे का हवाला देते हुए आग्रह किया है कि 7 अगस्त सभी लोग हैंडलूम डे भी मनाएं. Shared post on Time पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, '7 अगस्त 1905 हमें भूलना नहीं है. 7 अगस्त 1905 के लिए स्वदेशी आंदोलन का प्रारंभ हुआ था. और आत्म गौरव भारत की नींव डाली गई थी. अंग्रेजों के खिलाफ देशवासियों ने बहुत बड़ी लड़ाई लड़ी थी. जन-जन जुड़ गया था. अभी पिछले सप्ताह आप लोगों ने फ्रेंडशिप डे मनाया. ऐसे में मैं आपसे आग्रह करता हूं, कि 7 अगस्त हैंडलूम डे होता है. हमें इतने ही उत्साह और उमंग के साथ, हेंडलूम डे मनाना है. और हेंडलूम डे मनाने का मतलब है कि हर गरीब परिवार, बुनकर परिवार, अपने हाथों से अपने छोटे छोटे लूम पर कपड़े बनाते हैं, अब नई नई वैराइटी होती है. आप लोग भी इस तरह की वैरायटी के साथ GRWM Video करके जरूर दुनिया के सामने अपनी बात रख सकते हैं. हैंडलूम के लिए लोगों को प्रेरित कर सकते है. हमारा काम है, आत्म निर्भर भारत बनाने के लिए, हमारे इन छोटे-छोटे गरीब परिवारों के लिए भी, आर्थिक रूप से समृद्ध करना. आइए, हम स्वयं हैंडलूम से कुछ न कुछ खऱीदें. उसका एक वीडियो बनाएं और देश और दुनिया में उसे प्रचारित करें.' नवंबर 2025 एबीपी न्यूज नेटवर्क में बतौर कंसल्टेंट अपनी भूमिका निभा रहा हूं. मीडिया का अनुभव करीबन साढ़े 8 साल का है. देश के अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दे चुका हूं. पिछले कुछ सालों में बतौर मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर, कंटेंट एडिटर, सब एडिटर और रिजनल टीवी चैनल में प्रोग्राम एग्जीक्यूटिव के तौर पर अपनी सेवाएं दी हैं. लेखन, ग्राफिक्स और वीडियो प्रोडक्शन की बारीक समझ है. नेशनल-इंटरनेशनल डेस्क की भी जिम्मेदारी संभाल चुका हैं. मजा ग्राउंड या एक्सक्लूसिव रिपोर्ट कवर करने में आता है. साल 2016 में माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी भोपाल से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया और पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा. साहित्य पढ़ना, फिल्में देखना, कहानियां-कविताएं लिखना और घूमना विशेष रुचियों में दर्ज है.
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Aug 7, 2026, 02:09 AM
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने की योजना की घोषणा की

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने की योजना की घोषणा की

अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से युद्ध चल रहा है. इस युद्ध की वजह से दोनों ही देशों को भारी नुकसान भी हो रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस युद्ध को खत्म करने का मन बना लिया है. ये युद्ध जल्द ही खत्म हो सकता है. साथ ही ईरान को लेकर एक दावा भी किया है. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- 'मैंने इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान में बहुत जरूरी एक्सकर्शन शुरू किया. यह बहुत जरूरी एक्सकर्शन था क्योंकि उनके पास न्यूक्लियर वेपन नहीं हो सकता. मुझे लगता है कि युद्ध जल्द ही खत्म होने वाला है, मुझे नहीं लगता कि वो ज्यादा समय तक टिक पाएंगे.' डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में युद्ध के बारे में बात की थी. उन्होंने कहा- 'हम उन पर हमला कर रहे हैं. मैं समझौता करना पसंद करूंगा क्योंकि मैं लोगों की जान नहीं लेना चाहता. हम दूसरे विश्व युद्ध के बाद के सबसे बड़े हमले के लिए तैयार थे. उन्होंने मुझे फोन किया और कहा कि प्लीज ऐसा न करें, आइए बात करते हैं. फिर उन्होंने कहा कि हमने ऐसा कभी नहीं कहा था. वे हमारी इज्जत करते हैं... ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते.' बता दें अमेरिका और ईरान समझौते का ड्राफ्ट सामने आया है. मगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव बढ़ गया है. जब दोनों देश राजी होंगे उसके बाद ये तनाव कम हो सकता है. कतर के अधिकारियों के मुताबिक, US और ईरान के बीच एक संभावित समझौते के ड्राफ्ट पर चर्चा हो रही है और ये प्रक्रिया काफी आगे बढ़ चुकी है. साथ ही इस बात पर जोर दिया कि ये एक अल्पकालिक कूटनीतिक समाधान के लिए है. अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध को छह महीने होने वाले हैं. इसकी शुरुआत फरवरी 2026 में हुई थी जब अमेरिका और इजराइल ने तेहरान पर बड़े पैमाने पर मिलकर हवाई हमले किए, जिसमें सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए. सीजफायर की बात करें तो अप्रैल 2026 में दो हफ्तों का सीजफायर हुआ था. उसके बाद जून 2026 में भी कुछ समय के लिए सीजफायर किया गया था. दीक्षा छाबड़ा ABP live.Com में सीनियर कॉपी एडिटर हैं. यहां ये न्यूज डेस्क का हिस्सा हैं. दीक्षा को देश, विदेश और एंटरटेनमेंट की दुनिया में काफी दिलचस्पी है. वो इन सभी के बारे में लिखती हैं. इन्हें पत्रकारिता के जगत में 9 साल पूरे हो चुके हैं. इन्होंने अपने करियर की शुरुआत इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के साथ की थी. इसके बाद से ये इंडिया टीवी, टीवी9 जैसी संस्थाओं में एंटरटेनमेंट डेस्क पर काम कर चुकी हैं. दीक्षा ने अपनी पढ़ाई इंडिया टुडे मीडिया इंस्टीट्यूट से की है.
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Aug 7, 2026, 02:05 AM
फ्रांस ने भारत को 114 राफेल जेट सौदे का प्रस्ताव सौंपा

फ्रांस ने भारत को 114 राफेल जेट सौदे का प्रस्ताव सौंपा

114 राफेल जेट विमान सौदे में एक महत्वपूर्ण विकास के तहत फ्रांस ने भारत को इस सौदे के लिए विस्तृत तकनीकी और व्यावसायिक प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। इसमें बहु-भूमिका वाले लड़ाकू विमान का बड़े पैमाने पर स्थानीय निर्माण और उत्पादन शामिल होगा। राफेल विमान भविष्य में भारतीय वायु सेना के मुख्य आधारों में से एक बनने की संभावना है। इसे 2012 में रक्षा मंत्रालय द्वारा एक लंबे वैश्विक प्रतिस्पर्धा के बाद चुना गया था। फ्रांसीसी अधिकारियों ने 114 राफेल लड़ाकू जेट खरीदने के लिए भारतीय अनुरोध पत्र का जवाब प्रस्तुत किया है। रक्षा मंत्रालय के अधिग्रहण विंग और भारतीय वायु सेना द्वारा इसका अध्ययन किया जा रहा है। रक्षा सूत्रों ने बताया कि भारतीय पक्ष फ्रांसीसी प्रस्ताव का बारीकी से विश्लेषण करेगा। सौदे के इस प्रस्ताव में भारतीय हथियारों जैसे कि अस्त्र हवा से हवा में मिसाइलों के विभिन्न रूपों में स्वदेशी सामग्री को एकीकृत करने की भारतीय मांग शामिल है। फ्रांसीसी पक्ष को भारत में स्थानीय उद्योग भागीदार के साथ 114 में से 94 विमान का निर्माण करना है। यह कार्य फ्रांसीसी डसाल्ट एविएशन के सभी भागीदारों द्वारा किया जाएगा, जिसमें मिसाइल निर्माता एमबीडीए, इंजन निर्माता सफ्रान और थेल्स शामिल हैं। इस सौदे में स्वदेशीकरण की एक महत्वपूर्ण मात्रा की उम्मीद है। यह डील भारतीय रक्षा उद्योग के खिलाड़ियों जैसे कि टाटा, लार्सन और टुब्रो और अन्य के लिए लगभग 1.6 लाख करोड़ रुपये के अवसर प्रदान कर सकती है। भारत ने इस वर्ष मई में भारतीय वायु सेना के लिए 114 राफेल लड़ाकू जेट के लिए फ्रांस को मेगा सरकारी सौदे के लिए अनुरोध पत्र जारी किया था।
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Aug 7, 2026, 02:05 AM
बढ़ते तनाव के बीच नेपाल की हिंदू राष्ट्र की मांग में तेजी आई

बढ़ते तनाव के बीच नेपाल की हिंदू राष्ट्र की मांग में तेजी आई

फिर से नेपाल को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की मांग जोर पकड़ने लगी है। पहाड़ी क्षेत्रों से शुरू हुई यह सुलगती चिंगारी अब मधेश और भारत की सीमा से सटे तराई इलाकों तक व्यापक रूप से पहुंच चुकी है। हाल ही में नेपाल के सुनसरी जिले के देवागनगंज क्षेत्र में दो समुदायों के बीच हुए आपसी विवाद के बाद भड़की हिंसा ने इस पूरे मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। नेपाल के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन तेज हो गए हैं तथा जन आक्रोश बढ़ गया है। इसे देखते हुए उत्तर प्रदेश, बिहार व बंगाल के सीमाई इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और राज्य पुलिस को सीमा पर हर गतिविधि पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। एसएसबी के आइजी वंदन सक्सेना ने कहा है कि सीमा पर 24 घंटे निगरानी की जा रही है। हर आने-जाने वालों की जांच की जा रही है। मालूम हो कि नेपाल के सुनसरी जिले के देवानगंज क्षेत्र में 26 जुलाई को धार्मिक जुलूस के दौरान दो समुदायों के बीच हिंसा भड़क गई थी। तीन प्रदर्शनकारियों की मौत के बाद तनाव बढ़ गया है। हालांकि नेपाल सरकार के गृहमंत्री ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और मृतकों के परिजन को दस-दस लाख नेपाली रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की है, लेकिन इसके बावजूद आंदोलन की धार कम होती नहीं दिख रही है। सुनसरी में सरकार के दिए आश्वासनों के बाद भी विरोध की आवाजें लगातार मजबूत हो रही हैं। वर्तमान में नेपाल के लगभग 15 से अधिक प्रमुख हिंदूवादी संगठन, जिनमें संयुक्त हिंदू मोर्चा, हिंदू सम्राट सेना, राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी, महाकाल युवा शक्ति और हिंदू युवा संघ शामिल हैं, 13 सूत्रीय मांगों को लेकर एक ही मंच पर एकत्र हो चुके हैं। नेपाल में हिंदू राष्ट्र की मांग से बढ़ी हलचल, सीमावर्ती जिलों में बढ़ी चौकसी ये सभी संगठन बैठकों, ज्ञापनों और व्यापक जनसंपर्क के माध्यम से एक साझा रणनीति बनाकर इस आंदोलन को आगे बढ़ा रहे हैं। नेपाल के सीमावर्ती जिलों जैसे रुपनदेही, नवलपरासी और कपिलवस्तु में इस मांग का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। जनकपुर से गए प्रतिनिधिमंडलों ने गृहमंत्री सूदन गुरुंग से मिलकर अपनी मांगें प्रस्तुत की हैं और नेताओं का साफ तौर पर कहना है कि यह मुद्दा अब केवल किसी एक जिले तक सीमित न रहकर पूरे नेपाल का राष्ट्रव्यापी विषय बन चुका है। कपिलवस्तु के तौलिहवा में प्रस्तावित बैठकों और प्रशासनिक सख्ती के बावजूद हिंदूवादी संगठन अपनी मांग पर अडिग हैं। उत्तर प्रदेश में पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, महराजगंज, बलरामपुर और सिद्धार्थनगर में पुलिस की सतर्कता बढ़ा दी गई है। सीमावर्ती क्षेत्रों में पहले अवैध रूप से बने धार्मिक स्थलों और मदरसों की जांच भी कराई गई थी। राज्य सरकार के निर्देश पर प्रशासन ने पिछले कुछ वर्षों में बने धार्मिक स्थलों का सत्यापन कराया, जिसमें कई निर्माण अवैध पाए गए। इसके बाद अभियान चलाकर ऐसे निर्माण हटाए गए थे। महाराजगंज के सोनौली तथा सिद्धार्थनगर के बढ़नी, ककरहवा और खुनुवा जैसे प्रमुख सीमा मार्गों से आवाजाही करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की गहन जांच की जा रही है। बिहार में मधुबनी जिले के बेतौंहा और पिपरौन बार्डर पर एसएसबी ने सीमा पार आने-जाने वाले लोगों की बायोमीट्रिक जांच, फेस स्कैनिंग व मूल प्रमाणपत्र को अनिवार्य किया है। यदि कोई व्यक्ति नेपाल से भारत आना चाहता है, तो उसे अपना नागरिकता पहचान पत्र दिखाना होगा। अररिया जिले में भारत-नेपाल सीमा पर हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। सीमावर्ती इलाकों में एसएसबी और स्थानीय पुलिस द्वारा संयुक्त फ्लैग मार्च की जा रही है। सिलीगुड़ी संवाददाता के अनुसार, सिलीगुड़ी सब डिवीजन के अधीन पानीटंकी और मिरिक में पशुपति सीमा पर एसएसबी के अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है। पूरे सीमा क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। सिक्किम में भी अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है। वैध पहचान पत्र के बिना किसी को भी सीमा पार करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। वाहनों की भी सख्ती से जांच की जा रही है।
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Aug 7, 2026, 02:04 AM
उत्तराखंड में छिटपुट बारिश, अधिकांश जिलों में सामान्य से अधिक बारिश

उत्तराखंड में छिटपुट बारिश, अधिकांश जिलों में सामान्य से अधिक बारिश

पिछले 24 घंटे में उत्तराखंड में झमाझम बारिश हुई। बारिश के आंकड़ों के अनुसार राज्य के अधिकांश जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक वर्षा हरिद्वार जिले में 65.8 मिमी रिकार्ड की गई, जो सामान्य 18.6 मिमी की तुलना में 254 प्रतिशत अधिक है। राजधानी देहरादून में भी बीते 24 घंटों के दौरान 41.9 मिमी वर्षा हुई, जबकि यहां सामान्य वर्षा 20.4 मिमी मानी जाती है। इस तरह देहरादून में सामान्य से 106 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश के चलते कई क्षेत्रों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। रुद्रप्रयाग में 42.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य से 114 प्रतिशत अधिक है। बागेश्वर में 37.2 मिमी और चमोली में 37.1 मिमी बारिश हुई, जहां सामान्य वर्षा की तुलना में क्रमशः 432 और 480 प्रतिशत अधिक वर्षा रिकार्ड की गई। टिहरी में 32.3 मिमी, नैनीताल में 31.8 मिमी, उत्तरकाशी में 25.7 मिमी तथा पौड़ी में 25 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो सभी जिलों में सामान्य से अधिक रही। वहीं अल्मोड़ा में 7.9 मिमी तथा पिथौरागढ़ में 16.3 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इन दोनों जिलों में बारिश सामान्य के आसपास रही। दूसरी ओर चंपावत और ऊधम सिंह नगर ऐसे जिले रहे, जहां सामान्य से कम वर्षा रिकार्ड की गई। पिथौरागढ़: 12 घंटे बाद खुला कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग, अभी भी मंडरा रहा भूस्खलन का खतरा उत्तराखंड में अगले तीन घंटों में भारी बारिश की चेतावनी, अगले सात दिन नहीं रुकेगा बौछारों का दौर उत्तराखंड में बारिश का कहर जारी, देहरादून में नदियां उफान पर, आज भी ऑरेंज अलर्ट देहरादून में मौसम विभाग का ऑरेंज अलर्ट, CM धामी ने ली सचिव आपदा प्रबंधन से रिपोर्ट; अफसरों को दिए राहत कार्य के निर्देश उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट: एक्शन में सीएम धामी, SDRF-NDRF और प्रशासन को 24x7 हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश चंपावत में केवल 2.4 मिमी वर्षा हुई, जो सामान्य से 84 प्रतिशत कम रही, जबकि ऊधम सिंह नगर में 11.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य से 15 प्रतिशत कम है। राज्य में औसत वर्षा सामान्य से 111 प्रतिशत अधिक रही, जो मानसून की सक्रियता को दर्शाती है। उत्तराखंड: जोशीमठ में भू-धंसाव के बाद अब धंसने लगी हेलंग और कल्पेश्वर की पहाड़ियां, सेटेलाइट से रखी गई नजर अगस्त माह के शुरुआती छह दिनों में मानसून सामान्य से अधिक सक्रिय रहा है। एक अगस्त से 06 अगस्त तक राज्य में औसतन 91.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य 83.2 मिमी से 10 प्रतिशत अधिक है। देहरादून में 152.5 मिमी, बागेश्वर में 144.3 मिमी और रुद्रप्रयाग में 150.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई। वहीं चंपावत, पौड़ी और ऊधम सिंह नगर में सामान्य से कम बारिश हुई। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
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Aug 7, 2026, 02:02 AM
भारतीय रेलवे ने बेहतर दक्षता के लिए बेलास्ट रहित पटरियों को मंजूरी दी

भारतीय रेलवे ने बेहतर दक्षता के लिए बेलास्ट रहित पटरियों को मंजूरी दी

अमृत भारत स्टेशन के रूप में विकसित होनेवाले तथा पुनर्विकसित हो रहे स्टेशन के प्लेटफार्म पर बैलास्टलेस ट्रैक यानी बिना पत्थरों वाली पटरी बिछाई जाएगी। बिना बोल्डर के कंक्रीट के ऊपर बिछने वाले ट्रैक ऐसे तैयार होगा, जिससे ट्रेन की रफ्तार कम नहीं होगी। साथ ही इससे ट्रैक का मेंटेनेंस अधिक आसान होगा। रेलवे ने बैलास्टलेस ट्रैक को मंजूरी दी है। यह बदलाव चरणबद्ध तरीके से होगा। रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक ट्रैक मोडिफिकेशन अनुराग कुमार ने सभी जोन को इससे जुड़ा पत्र जारी कर दिया है। कहा गया है कि सभी जोन एक समान नीति के तहत इस पर कार्रवाई शुरू करे। नई तकनीक अपनाने से पहले अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन-आरडीएसओ का मूल्यांकन एवं रेलवे बोर्ड की स्वीकृति आवश्यक होगी। रेलवे ने ट्रैक को लेकर रफ्तार के आधार पर दो गाइडलाइन निर्धारित किया है। 60 किमी प्रति घंटे तक की लाइनः लूप लाइन, टर्मिनेटिंग लाइन और प्लेटफार्म लाइन के लिए आरडीएसओ की गाइडलाइन के आधार पर काम होगा। टेक्निकल एलीजिबिलिटी की आवश्यकता नहीं है। पांच साल की परफार्मेंस वारंटी और अतिरिक्त फिटिंग रखना जरूरी होगा। 60 किमी प्रति घंटे से ज्यादा पैसेंजर और 100 किमी तक प्रति घंटे की मालगाड़ी के लिए आरडीएसओ की गाइडलाइन आधारित टेक्निकल एलिजिबिलिटी आवश्यक होगा। कतरास 26.90 करोड़ गोमो 32.40 करोड़ चंद्रपुरा 26.50 करोड़ पारसनाथ 30.40 करोड़ हजारीबाग रोड 28.10 करोड़ कोडरमा 30.30 करोड़ बरकाकाना 32.60 करोड़ डालटनगंज 29.20 करोड़ गढ़वा रोड 24.50 करोड़ लातेहार 24.50 करोड़ गढ़वा टाउन 25.50 करोड़ नगर उंटारी 26.30 करोड़ पहाड़पुर 28.10 करोड़ रेणुकूट 60.2 करोड़ चोपन 56.2 करोड़ ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना में बैलास्टलेस तकनीक से बिछेगा रेलवे ट्रैक, निर्माण में आई तेजी मुंबई लोकल की रफ्तार को लगेंगे पंख! पनवेल-कर्जत के बीच बनकर तैयार हुई देश की आधुनिक टनल कहां-कहां बिछेगी बैलास्ट रहित ट्रैक सभी टर्मिनल और जिन स्टेशन को पुनर्विकसित तथा अमृत भारत के रूप में तैयार किया जा रहा है, उनके प्लेटफार्म की लाइनें बैलास्ट रहित बिछाई जाएंगी। निर्माण के दौरान यह ध्यान रख जाएगा कि इससे ट्रेनों की स्पीड कम न होने पाये। ट्रेनों की जहां धुलाई होती है यानी मेंटेनेंस लाइन के लिए भी बैलास्ट रहित ट्रैक बिछेगी। यार्ड की लाइन जहां सामान्य ट्रेन मेंटेनेंस मुश्किल होता है, उन स्थानों पर पत्थर रहित लाइन बिछेगी। हालांकि इसके लिए प्रधान मुख्य अभियंता से स्वीकृति लेनी होगी।
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Aug 7, 2026, 02:02 AM
अनुभव आधारित फैसले के बीच इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान के रूप में फिर से नियुक्त हुए जो रूट

अनुभव आधारित फैसले के बीच इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान के रूप में फिर से नियुक्त हुए जो रूट

इंग्लैंड की टेस्ट टीम में हाल ही में बड़ा बदलाव हुआ है। बेन स्टोक्स के संन्यास के बाद सबको लग रहा था कि युवा खिलाड़ी हैरी ब्रूक को टेस्ट कप्तान बनाया जाएगा। लेकिन चयनकर्ताओं ने एक बार फिर अनुभवी जो रूट पर भरोसा जताया । इंग्लैंड के नेशनल सेलेक्टर मार्कस नॉर्थ ने साफ किया कि ब्रूक पहले से ही वनडे और टी-20 टीम की कमान संभाल रहे हैं, इसलिए उन पर तीनों फॉर्मेट की कप्तानी का एक साथ दबाव डालना सही नहीं होता। इसी वजह से अनुभव को देखते हुए जो रूट को दोबारा टेस्ट कप्तानी सौंपी गई है। 35 साल के जो रूट पहले भी इंग्लैंड टीम के कप्तान रह चुके हैं और उनका पिछला कप्तानी का रिकॉर्ड भी काफी अच्छा रहा था। वहीं 27 साल के हैरी ब्रूक अभी सिर्फ वनडे और टी20 टीम की कप्तानी संभाल रहे हैं। रूट ने सबसे पहले 2017 में इंग्लैंड की कप्तानी संभाली थी और रिकॉर्ड 64 टेस्ट मैचों में टीम की अगुवाई की, जिसमें से इंग्लैंड ने 28 मैच जीते। इसके बाद अप्रैल 2022 में वेस्टइंडीज के खिलाफ मिली 10 विकेट की बड़ी हार के बाद उन्होंने खुद कप्तानी छोड़ दी थी। इंग्लिश मीडिया के मुताबिक सेलेक्टर्स ने जो रूट को इसलिए चुना ताकि हैरी ब्रूक पर तीनों फॉर्मेट की कप्तानी का एक साथ दबाव न पड़े। इंग्लैंड के सेलेक्टर मार्कस नॉर्थ का मानना है कि तीनों फॉर्मेट में टीम को संभालना किसी भी खिलाड़ी के लिए काफी थकाऊ और बड़ा बोझ हो सकता है। इसी वजह से बोर्ड ने टेस्ट क्रिकेट में रूट जैसे अनुभवी खिलाड़ी को दोबारा कप्तानी सौंपने का फैसला किया है। मार्कस नॉर्थ ने बताया कि ब्रूक वनडे और टी-20 के कप्तान के तौर पर बेहतरीन काम कर रहे हैं और उनका मुख्य ध्यान अगले साल होने वाले वर्ल्ड कप पर है। ऐसे में अभी ब्रूक को तीनों फॉर्मेट की कमान एक साथ सौंपना सही फैसला नहीं होता। मार्कस नॉर्थ ने आगे कहा कि मुझे पूरा यकीन है कि आगे चलकर हैरी का भी समय जरूर आएगा। लेकिन फिलहाल हम बहुत खुशकिस्मत हैं कि हमारे पास जो रूट जैसा अनुभवी खिलाड़ी मौजूद है, जो इस समय व्हाइट बॉल क्रिकेट में हैरी और कोच ब्रेंडन के साथ मिलकर अच्छा काम करेंगे। 2 ओवर में 9 रन और 3 विकेट, टीम के 9 बल्लेबाज हुए सिंगल डिजिट स्कोर में आउट RCB के पूर्व तेज गेंदबाज बन सकते हैं कर्नाटक के हेड कोच, फर्स्ट क्लास क्रिकेट में झटक चुके हैं 500+ विकेट Latest Cricket News
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Aug 7, 2026, 02:01 AM
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा के दौरान अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा के दौरान अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अफवाह फैलाने वालों व उपद्रवियों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।साथ ही कहा है कि कांवड़ यात्रा के शांतिपूर्ण और व्यवस्थित संचालन में बाधा उत्पन्न करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि भ्रामक समाचार फैलाकर माहौल बिगाड़ने के प्रयासों का तत्काल खंडन किया जाए। धार्मिक आयोजनों में उपद्रव, अराजकता और गुंडागर्दी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। गुरुवार को मुख्यमंत्री ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से कानून व्यवस्था, कांवड़ यात्रा, महिला सुरक्षा, आगामी पर्व एवं त्योहारों की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कहा है कि कांवड़ यात्रा आस्था, अनुशासन और सामाजिक समरसता का संदेश दे रही है। सरकार के साथ अनेक सामाजिक और स्वयंसेवी संस्थाएं भी श्रद्धालुओं की सेवा में जुटी हैं, जो समाज की सकारात्मक सहभागिता को दर्शाता है। मेरठ के एडीजी भानु भास्कर ने बताया कि कांवड़ यात्रा को लेकर सीमावर्ती राज्यों का पूरा सहयोग मिल रहा है। गाजियाबाद के पुलिस कमिश्नर जे रवींद्र गौड़ ने बताया कि अब तक लगभग 70 हजार कांवड़ यात्री गाजियाबाद से गुजर चुके हैं। अगले एक दो दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने बरेली में कांवड़ यात्रा और आला हजरत उर्स को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह स्वागतयोग्य है कि इस्लामिक समुदाय ने उर्स के अवसर पर शाकाहारी भोजन वितरण की व्यवस्था की है और शिवभक्तों की आस्था का सम्मान करते हुए उर्स के आयोजन को सीमित दायरे में रखा है। मुख्यमंत्री ने पिछले दिनों घटित महिला अपराधों से जुड़ी घटनाओं पर चिंता व्यक्त की और कहा कि इस प्रकार के मामले किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। महिला सुरक्षा सरकार की पहले दिन से सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। उन्होंने मिशन शक्ति अभियान को और प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में तैनात 45 हजार से अधिक महिला पुलिसकर्मियों की प्रभावी तैनाती सुनिश्चित की जाए। साथ ही कहा कि शोहदों और टप्पेबाजों की पहचान सार्वजनिक की जाए। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने और महिलाओं की सुरक्षा के प्रति लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। आस्था और सामाजिक समरसता का संदेश दे रही कांवड़ यात्रा, बाधा डालने वालों के खिलाफ हो सख्त कार्रवाई: CM योगी
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Aug 7, 2026, 01:56 AM
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे निर्माण मुद्दों से केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय की छवि धूमिल हुई

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे निर्माण मुद्दों से केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय की छवि धूमिल हुई

देश के सबसे महंगे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे की बदहाली ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय की इमेज चौपट कर दी। चारों तरफ विभाग और NHAI (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) की बदनामी होने लगी है। NHAI को भाजपा नेता के भाई की निर्माण कंपनी को ब्लैकलिस्ट करना पड़ा। आनन-फानन में कुछ अफसरों पर कार्रवाई करके अथॉरिटी ने दिखाना चाहा कि जिम्मेदारों को छोड़ेंगे नहीं। लेकिन सच्चाई यह है कि जिम्मेदार और भी हैं, जिन पर कार्रवाई नहीं हुई। क्योंकि लंबे समय तक एक्सप्रेस-वे बन रहा था, तब ऊपर बैठे अफसर क्या कर रहे थे? क्या उन्होंने क्वालिटी चेक की थी या अनुमान के आधार पर मोरंग और डामर बिछाने दिया? घटिया निर्माण के लिए क्या जिम्मेदारों को बचाया जा रहा है। की इस रिपोर्ट में हम बताएंगे कि इसके लिए और कौन जिम्मेदार हैं। पहले बताते हैं NHAI ने किन 3 अधिकारियों को जिम्मेदार माना और उन पर कार्रवाई की- NHAI के रीजनल ऑफिसर गौतम लखनऊ में बैठते हैं। यूपी में NHAI के प्रोजेक्ट की निगरानी और समय-समय पर साइट विजिट करके क्वालिटी चेक करना इनका काम है। शुरुआत में 26 जुलाई को पहली खराबी सामने आई। तब इन्होंने मामले को दबाने की कोशिश की। कहा, छोटे एरिया में बिटुमिनस (कोलतार) की दिक्कत है। मामला हाथ से निकलने के बाद प्रोजेक्ट मैनेजर से लेकर डायरेक्टर पर कार्रवाई की। दैनिक भास्कर ने विशाल गौतम से संपर्क करने की कोशिश की। फोन उठा, लेकिन तुरंत काट दिया गया। दोबारा कॉल करने पर फोन ही नहीं उठाया। सौरभ चौरसिया के बाद शरद लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे के प्रोजेक्ट डायरेक्टर बने और करीब 1 साल तक इस पद पर रहे। निर्माण के दौरान महत्वपूर्ण तकनीकी व्यवस्थाओं के प्रबंधन की जिम्मेदारी इन्हीं के पास थी। अपने कार्यकाल में उन्होंने साइट पर जाकर गुणवत्ता की जांच करने के बजाय फाइलों और रिपोर्टों पर आंख मूंदकर भरोसा किया। ग्राउंड जीरो पर कम जाने के कारण निर्माण की कमियों को नजरअंदाज करते हुए हर फाइल पर 'ओके' करते चले गए। दैनिक भास्कर ने इनसे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन हो नहीं सका। एक्सप्रेस-वे बनाने वाली कंपनी PNC इंफ्राटेक के प्रमुख हैं। कंपनी का नाम 3 भाइयों- प्रदीप, नवीन और चक्रेश के नाम पर है। नवीन जैन BJP से राज्यसभा सांसद हैं। ₹2926 करोड़ की कुल बोली लगाकर दो चरणों का टेंडर हासिल किया, लेकिन निर्माण के दौरान साइट मॉनिटरिंग और क्वालिटी कंट्रोल पर कोई ध्यान नहीं दिया। इनके बारे में भी कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी। कोशिश के बाद भी संपर्क नहीं हो सका। अब दो गड़बड़ियों के मामले जानिए, जिसमें कंपनी मालिक को जिम्मेदार माना गया- फील्ड पर निर्माण कार्य के सबसे बड़े अफसर थे। मिट्टी और गिट्टी की हर लेयर की जांच कराकर रिपोर्ट ऊपर भेजना इनकी जिम्मेदारी थी। गुणवत्ता की अनदेखी की और फील्ड पर अनियमितता बरती। 30 जुलाई को NHAI ने इन्हें प्रोजेक्ट से बाहर कर दिया और 2 साल के लिए बैन कर दिया। निर्माण की शुरुआत से लेकर 2024 तक प्रोजेक्ट डायरेक्टर रहे। सबसे ज्यादा निर्माण इन्हीं के कार्यकाल में हुआ। मौके पर जाकर जांच करने के बजाय PNC की रिपोर्ट्स पर आंख बंद करके भरोसा किया। गड़बड़ी की नींव इन्हीं के समय पड़ी। NHAI ने आरोप तय करते हुए चार्जशीट जारी की है। पिछले 1 साल से पद पर तैनात। इन्हीं के कार्यकाल में काम पूरा हुआ और उद्घाटन कराया गया। ग्रीनफील्ड एरिया का 95% काम साल भर पहले ही पूरा हो चुका था। फिर भी इन्होंने गुणवत्ता जांचे बिना 'ऑल ओके' की रिपोर्ट दे दी। NHAI से हटाकर PWD से अटैच किया है। NHAI के मुताबिक, 63 किमी लंबे एक्सप्रेस-वे की मरम्मत में अब तक 3 करोड़ खर्च हो चुके हैं। ये खर्च PNC इंफ्राटेक ही उठाएगी। कंपनी पर परफारमेंस सिक्योरिटी का 2% जुर्माना भी लगाया गया है। निर्माण की गुणवत्ता की निगरानी करने वाली थीम इंजीनियरिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड की लापरवाही सामने आई है। इसलिए भविष्य के प्रोजेक्ट्स से इस कंपनी को बाहर रखा जाएगा। किरकिरी होने के बाद अब NHAI एक्सप्रेस-वे की जांच लेजर प्रोफिलोमीटर से कराएगा। इस तकनीक से किसी वस्तु की सतह की बनावट, खुरदरापन, ऊंचाई को मापने के लिए लेजर बीम का इस्तेमाल किया जाता है। यह बिना छुए सतह का सटीक थ्री डी नक्शा बनाता है, इससे सटीक तरीके से गड़बड़ी सामने आ जाएगी। NHAI ने माना कि अर्थ वर्क, ड्रेनेज और गुणवत्ता की अनदेखी हुई है। फिर भी NHAI के अधिकारी कंपनी पर कार्रवाई से बचते रहे। PNC को बाराबंकी-बहराइच तक एक्सप्रेस-वे का काम मिला हुआ है। लखनऊ शहर के अंदर भी PNC को एक फ्लाईओवर बनाने का काम दिया गया है। NHAI को लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे बनाने वाली कंपनी PNC इंफ्राटेक लिमिटेड को नॉन-परफॉर्मर घोषित करना पड़ा। कंपनी के 3 अफसरों को हटा दिया। अब IIT खड़गपुर की टीम एक्सप्रेस-वे की जांच करेगी। हकीकत जानने दैनिक भास्कर ग्राउंड पर पहुंचा। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…
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Aug 7, 2026, 01:54 AM
पाकिस्तान ने विदेशी मीडिया संगठनों के लिए नए दिशानिर्देश पेश किए, प्रेस की स्वतंत्रता पर चिंता जताई

पाकिस्तान ने विदेशी मीडिया संगठनों के लिए नए दिशानिर्देश पेश किए, प्रेस की स्वतंत्रता पर चिंता जताई

पाकिस्तान सरकार ने देश में काम कर रहे विदेशी मीडिया संगठनों के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं. इनका उद्देश्य विदेशी पत्रकारों और उनसे जुड़े स्थानीय सहयोगियों के कामकाज के लिए एक औपचारिक ढांचा तय करना बताया गया है. हालांकि, प्रेस की आज़ादी से जुड़े संगठनों और पत्रकारों का कहना है कि नए नियम स्वतंत्र रिपोर्टिंग को सीमित कर सकते हैं और पत्रकारों के काम में अतिरिक्त प्रशासनिक बाधाएं पैदा करेंगे. 'पाकिस्तान में कार्यरत विदेशी मीडिया और उनके सहयोगियों के लिए गाइडलाइंस' शीर्षक वाला यह दस्तावेज़ इस सप्ताह स्थानीय और विदेशी मीडिया संस्थानों को भेजा गया. नई व्यवस्था के तहत इस्लामाबाद, लाहौर और कराची के बाहर रिपोर्टिंग करने वाले विदेशी मीडिया संगठनों से जुड़े पाकिस्तानी पत्रकारों, फ्रीलांसरों, स्ट्रिंगरों, फिक्सरों और अन्य सहयोगियों को पहले सूचना मंत्रालय के एक्सटर्नल पब्लिसिटी विंग में पंजीकरण (Registration) कराना होगा और आवश्यक मान्यता (Accreditation) प्राप्त करनी होगी. सरकार का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य विदेशी मीडिया पर रोक लगाना नहीं, बल्कि उनके पंजीकरण और कामकाज के लिए एक स्पष्ट, पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था तैयार करना है. यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब इस्लामाबाद में मौजूद विदेशी पत्रकारों को एक व्हाट्सऐप संदेश भेजा गया. इसमें कहा गया था कि इस्लामाबाद, लाहौर और कराची के बाहर किसी भी तरह की रिपोर्टिंग, फिल्मांकन या कंटेंट तैयार करने से पहले नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) लेना अनिवार्य होगा. संदेश में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में काम कर रहे पत्रकारों को तुरंत लौटने, आवश्यक मंजूरी लेने और भविष्य में वहां रिपोर्टिंग टीम भेजने से पहले सूचना मंत्रालय को सूचित करने के निर्देश भी दिए गए थे. हालांकि यात्रा से पहले मंजूरी लेने की व्यवस्था पहले भी मौजूद थी, लेकिन नई गाइडलाइंस ऐसे समय जारी की गई हैं जब पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में विदेशी मीडिया की रिपोर्टिंग को लेकर विवाद चल रहा था. पाकिस्तानी अधिकारियों का आरोप है कि कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने वहां पुलिस और जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी के समर्थकों के बीच हुई झड़पों और विधानसभा चुनावों से जुड़ी घटनाओं की भ्रामक तस्वीर पेश की. सरकार का कहना है कि नई गाइडलाइंस का उद्देश्य केवल रिपोर्टिंग प्रक्रिया को व्यवस्थित करना है, न कि प्रेस की स्वतंत्रता को सीमित करना. प्रेस स्वतंत्रता से जुड़े संगठन और कुछ पत्रकारों का कहना है कि नई गाइडलाइंस के तहत इस्लामाबाद, लाहौर और कराची के बाहर, खासकर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) जैसे संवेदनशील इलाकों में रिपोर्टिंग के लिए पहले से सरकारी मंजूरी लेने की अनिवार्यता स्वतंत्र रिपोर्टिंग को प्रभावित कर सकती है. इस गाइडलाइंस के बाद अगर सरकार नहीं चाहेगी तो ऐसे संवेदनशील इलाकों से सरकार के खिलाफ विद्रोह और जनता के गुस्से की खबर बाहर नहीं आएगी. उनका तर्क है कि यदि हर रिपोर्टिंग असाइनमेंट के लिए अनुमति लेनी पड़े, तो विरोध-प्रदर्शनों, सुरक्षा अभियानों या सरकार-विरोधी घटनाओं की स्वतंत्र कवरेज मुश्किल हो सकती है. नई गाइडलाइंस की कई मीडिया अधिकार संगठनों ने आलोचना की है. पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग (HRCP) का कहना है कि ये नियम पत्रकारिता को आसान बनाने के बजाय समाचार संग्रह की प्रक्रिया पर नौकरशाही नियंत्रण बढ़ा सकते हैं. आयोग के मुताबिक, इससे सार्वजनिक हित से जुड़े मुद्दों पर स्वतंत्र रिपोर्टिंग प्रभावित होने का खतरा है. आयोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि पाकिस्तान में पत्रकारों के लिए काम करने की जगह लगातार सिमट रही है. मनमाने प्रतिबंध, बढ़ती सेंसरशिप और प्रशासनिक बाधाएं स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही हैं. कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स (CPJ) के अफगानिस्तान और पाकिस्तान प्रतिनिधि वलीउल्लाह रहमानी ने भी कहा कि नई गाइडलाइंस विदेशी पत्रकारों पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाने का रास्ता खोल सकती हैं और उन्हें देश के अलग-अलग हिस्सों में स्वतंत्र रूप से रिपोर्टिंग करने से रोक सकती हैं. पाकिस्तान फेडरल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (PFUJ) ने भी इन नियमों पर चिंता जताते हुए सरकार से इन्हें वापस लेने की मांग की है. रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (RSF) द्वारा जारी 2026 वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में पाकिस्तान 180 देशों में 153वें स्थान पर है. इस सूची में पाकिस्तान का कुल स्कोर 32.61 है, जो वहां प्रेस की सीमित स्वतंत्रता की ओर इशारा करता है. लगभग पूरा मीडिया सरकारी नियंत्रण में है. विदेशी मीडिया तक पहुंच बेहद सीमित है और कड़ी सेंसरशिप लागू रहती है. स्वतंत्र मीडिया लगभग समाप्त हो चुका है. पत्रकारों की गिरफ्तारी और हिरासत के मामले लगातार सामने आते रहे हैं. इंटरनेट सेंसरशिप, विदेशी वेबसाइटों पर प्रतिबंध और मीडिया पर सख्त सरकारी नियंत्रण लागू है. सरकार की आलोचना करने वाले पत्रकारों और मीडिया संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई के मामले लगातार सामने आते हैं. इसे दुनिया के सबसे नियंत्रित मीडिया वातावरण वाले देशों में गिना जाता है, जहां स्वतंत्र पत्रकारिता की लगभग कोई गुंजाइश नहीं है. स्वतंत्र मीडिया संस्थानों और पत्रकारों पर लगातार कानूनी कार्रवाई और सरकारी दबाव की खबरें आती रहती हैं. अधिकांश मीडिया राज्य के नियंत्रण में है और स्वतंत्र पत्रकारिता पर कई तरह की पाबंदियां लागू हैं. मीडिया और ऑनलाइन अभिव्यक्ति से जुड़े कानून काफी सख्त हैं तथा आलोचनात्मक रिपोर्टिंग पर कार्रवाई हो सकती है. अधिकांश समाचार माध्यम सरकार के नियंत्रण में संचालित होते हैं और स्वतंत्र मीडिया की भूमिका सीमित है. तालिबान के सत्ता में आने के बाद कई मीडिया संस्थान बंद हो चुके हैं और पत्रकारों, विशेषकर महिला पत्रकारों, पर व्यापक प्रतिबंध लगाए गए हैं. संकल्प ठाकुर पिछले 10 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत न्यूज़ 24 से की, इसके बाद न्यूज़ नेशन में कार्य किया. वर्तमान में वह एबीपी हिंदी डिजिटल में डिप्टी प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं और पिछले सात वर्षों से संस्थान के साथ जुड़े हुए हैं. उन्हें खेल, अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और चुनावी राजनीति से जुड़ी खबरों की गहरी समझ है. इसके अलावा साहित्य, कला और संस्कृति से जुड़े विषयों पर लेखन उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता का क्षेत्र है. उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में स्नातक की उपाधि प्राप्त की है.
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Aug 7, 2026, 01:54 AM
वास्तु अनुकूल पौधों से धन और समृद्धि को आकर्षित करना

वास्तु अनुकूल पौधों से धन और समृद्धि को आकर्षित करना

वास्तु शास्त्र में तीन ऐसे पौधों के बारे में बताया गया है जिन्हें आप बिना किसी झंझट के आसानी से पानी में उगा सकते हैं। कहते हैं इन पौधों को घर में लगाने से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। ये पौधे धन को आकर्षित करते हैं और घर में सुख-समृद्धि बनाए रखते हैं। इन पौधों को आप कांच के बर्तन में आसानी से उगा सकते हैं। चलिए जानते हैं ये कौन से हैं जिन्हें घर में लगाने से सुखों में बढ़ोतरी होती है। वास्तु और फेंगशुई दोनों में मनी प्लांट को धन को आकर्षित करने वाला पौधा माना जाता है। इसे एक कांच की बोतल या जार में थोड़ा सा नी डालकर आसानी से उगा सकते हैं। कहते हैं जैसे-जैसे इस पौधे की बेल ऊपर की ओर बढ़ती है, वैसे-वैसे घर में धन-दौलत के द्वार खुलते हैं। मनी प्लांट लगाने के लिए घर की दक्षिण-पूर्व दिशा सबसे शुभ मानी जाती है। यह दिशा धन और समृद्धि का प्रतिनिधित्व करती है। घर में मनी प्लांट लगाने समय इस बात का ध्यान रखें कि इसकी पत्तियां कभी जमीन को नहीं छूनी चाहिए। वास्तु अनुसार बैम्बू प्लांट घर में सुख-शांति और समृद्धि लेकर आता है। इसे आप एक कांच के बर्तन में थोड़ा सा पानी और उसमें कुछ रंग-बिरंगे पत्थर डालकर आसानी से उगा सकते हैं। कहते हैं लाल रिबन से बंधा ये प्लांट घर में सुख-समृद्धि लाता है। साथ ही वास्तु दोष भी समाप्त करता है। इसे आप घर या ऑफिस के पूर्व या उत्तर-पूर्व कोण में रख सकते हैं। ध्यान रहे कि हर सप्ताह इस प्लांट का पानी बदलता रहे ताकि पौधे की जड़ें सड़े नहीं। पीस लिली प्लांट के सुंदर सफेद फूल शांति, पवित्रता और सौहार्द का प्रतीक माने जाते हैं। इसे घर में रखने से मानसिक तनाव दूर होता है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। इसे बेडरूम में रखने से नींद भी अच्छी आती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, यह पौधा घर की नकारात्मक ऊर्जा को खत्म कर धन और सुख को आकर्षित करता है। इसे लगाने के लिए उत्तर दिशा सबसे शुभ मानी जाती है। इसके अलावा आप इसे पूर्व दिशा में भी रख सकते हैं।
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Aug 7, 2026, 01:52 AM
आई. आई. एम. अहमदाबाद और जारो एजुकेशन ने बिजनेस फाइनेंस में एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू की

आई. आई. एम. अहमदाबाद और जारो एजुकेशन ने बिजनेस फाइनेंस में एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू की

भारतीय प्रबंधन संस्थान IIM अहमदाबाद ने Jaro Education के साथ मिलकर अपने एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम इन बिजनेस फाइनेंस EPBF के 8वें बैच के लिए एडमिशन प्रक्रिया शुरू कर दी है. यह कोर्स विशेष रूप से उन कामकाजी पेशेवरों के लिए डिजाइन किया गया है जो कॉरपोरेट फाइनेंस को गहराई से समझना चाहते हैं और अपनी लीडरशिप स्किल्स को मजबूत करना चाहते हैं. इस शॉर्ट-टर्म सर्टिफिकेट कोर्स के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इच्छुक उम्मीदवार 6 सितंबर 2026 तक आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं. इस प्रोग्राम में एडमिशन लेने की इच्छा रखने वाले उम्मीदवारों के लिए 6 सितंबर 2026 आवेदन करने की अंतिम तारिख हैं. क्योंकि 21 सितंबर 2026 से बैच की पढ़ाई शुरू होने जा रही है और 24 अप्रैल 2027 तक पढ़ाई पूरी हो जाएगी. आईआईएम अहमदाबाद के इस विशेष फाइनेंस प्रोग्राम में प्रवेश पाने के लिए उम्मीदवार के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से स्नातक की डिग्री होनी चाहिए. साथ ही ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद उम्मीदवार के पास कम से कम 3 वर्ष का पूर्णकालिक कार्य अनुभव होना अनिवार्य है. क्योंकि यह कोर्स मुख्य रूप से मिड-लेवल और सीनियर लेवल के उन अधिकारियों के लिए है जो भविष्य में बिजनेस लीडरशिप या प्रॉफिट एंड लॉस की जिम्मेदारियां संभालने वाले हैं और जिनका फाइनेंस बैकग्राउंड नहीं है. इस प्रीमियम एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम के लिए 3,43,000 फिस रखी गई है. इसके अलावा 18% लागू जीएसटी अलग से देनी होगी. साथ ही फॉर्म जमा करते समय उम्मीदवारों को 2,000 और जीएसटी का गैर-वापसी योग्य आवेदन शुल्क भी देना होगा. ध्यान दें कि इस फीस में कैंपस मॉड्यूल के दौरान होने वाले व्यक्तिगत यात्रा और रहने का खर्च शामिल नहीं है. इस प्रोग्राम में उम्मीदवारों का चयन किसी लिखित परीक्षा के आधार पर नहीं बल्कि प्रोफाइल के मूल्यांकन के आधार पर होगा. सबसे पहले उम्मीदवारों के ग्रेजुएशन के अंक और उनके कार्य अनुभव की जांच की जाएगी. फिर आवेदकों को एक स्टेटमेंट ऑफ पर्पस जमा करना होगा, जिसमें उन्हें बताना होगा कि वे यह कोर्स क्यों करना चाहते हैं. कोर्स के अंत में परीक्षाओं और असेसमेंट को सफलतापूर्वक पूरा करने और न्यूनतम 80% अटेंडेंस बनाए रखने वाले छात्रों को आईआईएम अहमदाबाद की ओर से सर्टिफिकेट ऑफ कंप्लीशन दिया जाएगा. और आपका यह कोर्स पूरा हो जाएगा.
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Aug 7, 2026, 01:52 AM
हिमाचल प्रदेश सरकार ने नौकरी प्रशिक्षु विशेषज्ञ डॉक्टरों के वेतन में 78 प्रतिशत की वृद्धि की

हिमाचल प्रदेश सरकार ने नौकरी प्रशिक्षु विशेषज्ञ डॉक्टरों के वेतन में 78 प्रतिशत की वृद्धि की

हिमाचल प्रदेश सरकार ने डॉक्टरों के लिए एक बड़ी खुशखबरी दी है. राज्य सरकार ने जॉब ट्रेनी स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की सैलरी में 78 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है. पहले जॉब ट्रेनी मेडिकल ऑफिसर स्पेशलिस्ट की सैलरी 33,660 रुपये महीना थी, जिसे अब सीधे 60 हजार रुपये कर दिया गया है मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस फैसले को मंजूरी दी है. सरकार का कहना है कि इस कदम से सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी और लोगों को बेहतर इलाज मिल सकेगा. बता दें कि जॉब ट्रेनी मेडिकल ऑफिसर स्पेशलिस्ट ऐसे डॉक्टर होते हैं, जिन्होंने MD, MS या DNB जैसी PG स्पेशलिस्ट डिग्री पूरी कर ली होती है और उन्हें सरकारी अस्पतालों में Training के साथ काम करने के लिए नियुक्त किया जाता है. इनका काम सामान्य मेडिकल डॉक्टरों से अलग होता है क्योंकि इन्होंने विशेष विषय में स्पेशलाइजेशन किया होता है. अगर पुरानी सैलरी की बात करें तो साल 2022 में छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद ट्रेनी स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की सैलरी करीब 24 प्रतिशत बढ़ाकर 27,000 रुपये से 33,660 रुपये की गई थी. यानी उस समय भी सैलरी में कुछ बढ़ोतरी हुई थी, लेकिन डॉक्टर इससे संतुष्ट नहीं थे. बहुत से डॉक्टर कम सैलरी की वजह से सरकारी अस्पतालों में काम करना पसंद नहीं करते थे. खासकर पहाड़ी इलाकों में डॉक्टरों की भारी कमी देखी जा रही थी. इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अब सैलरी में बड़ा इजाफा करने का फैसला लिया है. इस फैसले से सिर्फ जॉब ट्रेनी स्पेशलिस्ट डॉक्टर ही नहीं, बल्कि कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले मेडिकल ऑफिसरों को भी फायदा मिलेगा. राज्य सरकार एक तरफ अस्पतालों में नई तकनीक और आधुनिक सुविधाएं बढ़ा रही है, तो दूसरी तरफ डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की कमी को दूर करने के लिए भी लगातार कदम उठा रही है. इसके अलावा सरकार ने मेडिकल कॉलेजों में पढ़ने वाले PG छात्रों का स्टाइपेंड भी पहले बढ़ाया था. सैलरी बढ़ने से डॉक्टरों का मनोबल बढ़ेगा और वे बेहतर तरीके से मरीजों का इलाज कर पाएंगे. आने वाले समय में इस फैसले का असर हिमाचल के स्वास्थ्य ढांचे पर साफ दिखाई देगा, खासकर उन इलाकों में जहां अभी डॉक्टरों की सबसे ज्यादा जरूरत है.
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Aug 7, 2026, 01:51 AM
भारतीय छात्रों के लिए अमेरिकी छात्र वीजा जारी करने में 2025 में बड़ी गिरावट देखी गई

भारतीय छात्रों के लिए अमेरिकी छात्र वीजा जारी करने में 2025 में बड़ी गिरावट देखी गई

अमेरिका में पढ़ाई का सपना देखने वाली भारतीय छात्रों के लिए चिंता बढ़ाने वाली खबर आई है. दरअसल 2025 के पीक एडमिशन सीजन के दौरान भारतीय छात्रों को जारी किए जाने वाले एफ-1 स्टूडेंट वीजा की संख्या में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. सीआईएस रिपोर्ट के अनुसार इस कमी का असर अमेरिकी यूनिवर्सिटी में एडमिशन इंटरनेशनल स्टूडेंट्स की संख्या और पढ़ाई के बाद मिलने वाले रोजगार के अवसरों पर भी पड़ सकता है. सेंटर ऑफ इमीग्रेशन स्टडीज के आंकड़ों के अनुसार मई से अगस्त 2025 के बीच भारतीय छात्रों को कुल 22,149 एफ-1 स्टूडेंट वीजा जारी किए गए. यह संख्या पिछले साल इस अवधि में जारी 58,694 वीजा की तुलना में 62 प्रतिशत कम है. वहीं 2017 से 2019 और 2021 से 2024 की समान अवधि के औसत की तुलना में भी इसमें करीब 60 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि मई से अगस्त का समय सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है. क्योंकि इसी दौरान नए शैक्षणिक स्तर सत्र से पहले सबसे ज्यादा स्टूडेंट वीजा जारी किए जाते हैं. ऐसे में यह आंकड़ा आने वाले एडमिशन सीजन का बड़ा संकेत माना जा सकता है. रिपोर्ट के अनुसार इस अवधि में चीनी छात्रों को 40,034 एफ-1 वीजा जारी किए गए. यह 2024 की तुलना में 34 प्रतिशत कम है, जबकि पिछले वर्षों के औसत की तुलना में इसमें 46 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई. भारतीय और चीनी छात्रों के वीजा में आई इस गिरावट पर अमेरिकी यूनिवर्सिटी और अंतरराष्ट्रीय छात्र दोनों नजर बनाए हुए हैं. 2024-25 शैक्षणिक क्षेत्र के दौरान अमेरिका में पढ़ने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों में भारतीय सबसे बड़ी संख्या में रहे. इस दौरान अमेरिकी यूनिवर्सिटी में 3,63,019 भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे थे, जबकि 2,65,919 चीनी छात्र नामांकित थे. दोनों देशों के छात्र मिलकर अमेरिका के कुल 11.77 लाख अंतरराष्ट्रीय छात्रों का करीब 53 प्रतिशत हिस्सा रहे. रिपोर्ट में कहा गया है कि स्टूडेंट वीजा की संख्या में लगातार गिरावट का असर ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग प्रोग्राम पर भी पड़ सकता है. यह प्रोग्राम अंतरराष्ट्रीय छात्रों को पढ़ाई पूरी करने के बाद अमेरिका में काम करने का अवसर देता है. 2024-25 शैक्षणिक वर्ष में 2,94,253 अंतरराष्ट्रीय छात्र ओपीटी के तहत काम कर रहे थे. इनमें एक 1,43,740 भारतीय और 61,981 चीनी छात्र शामिल है. यानी इस कार्यक्रम का करीब 70 प्रतिशत हिस्सा केवल भारतीय और चीन के छात्रों का था. रिपोर्ट के अनुसार वीजा जारी होने में आई कमी ऐसे समय में सामने आई है, जब अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए जांच प्रक्रिया को पहले से ज्यादा सख्त किया है. छात्र वीजा आवेदनों की अतिरिक्त स्क्रीनिंग, सोशल मीडिया जांच और कुछ नए इमीग्रेशन नियम लागू किए गए हैं. इसके अलावा पढ़ाई पूरी करने के बाद अमेरिका में काम करने से जुड़े ओपीटी प्रोग्राम में भी बदलावों पर विचार किया जा रहा है. कविता गाडरी बीते कुछ साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया से जुड़ी हुई है. राजस्थान के जयपुर से ताल्लुक रखने वाली कविता ने अपनी पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स और अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में की है. पत्रकारिता में अपना सफर उन्होंने राजस्थान पत्रिका से शुरू किया जहां उन्होंने नेशनल एडिशन और सप्लीमेंट्स जैसे करियर की उड़ान और शी न्यूज के लिए बाय लाइन स्टोरी लिखी. इसी दौरान उन्हें हेलो डॉक्टर शो पर काम करने का मौका मिला. जिसने उन्हें न्यूज़ प्रोडक्शन के लिए नए अनुभव दिए. इसके बाद उन्होंने एबीपी नेटवर्क नोएडा का रुख किया. यहां बतौर कंटेंट राइटर उन्होंने लाइफस्टाइल, करंट अफेयर्स और ट्रेडिंग विषयों पर स्टोरीज लिखी. साथ ही वह कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लगातार सक्रिय रही. कविता गाडरी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में दक्ष हैं. न्यूज़ राइटिंग रिसर्च बेस्ड स्टोरीटेलिंग और मल्टीमीडिया कंटेंट क्रिएशन उनकी खासियत है. वर्तमान में वह एबीपी लाइव से जुड़ी है जहां विभिन्न विषयों पर ऐसी स्‍टोरीज लिखती है जो पाठकों को नई जानकारी देती है और उनके रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ती है.
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Aug 7, 2026, 01:51 AM
राम मंदिर ट्रस्ट ने वी. आई. पी. दर्शन रोके, एकल लाइन प्रणाली शुरू की

राम मंदिर ट्रस्ट ने वी. आई. पी. दर्शन रोके, एकल लाइन प्रणाली शुरू की

अयोध्या के राम मंदिर से हाल ही में एक बड़ी खबर सामने आई है. कुछ दिन पहले ही ट्रस्ट ने VIP दर्शन की सुविधा को पूरी तरह बंद कर दिया है. दरअसल दान और चढ़ावे को लेकर हुए विवाद के बाद ट्रस्ट ने सख्त कदम उठाए हैं. पूर्व महासचिव चंपत राय समेत तीन ट्रस्टियों की वह डिजिटल आईडी बंद कर दी गई है. यानी अब कोई भी श्रद्धालु सिफारिश के जरिए VIP पास नहीं बनवा सकता. मंदिर प्रशासन का कहना है कि अब सभी भक्तों को एक ही सामान्य लाइन में लगकर दर्शन करने होंगे. ऐसे में कई लोगों के मन में यह सवाल आ रहा है कि अगर उन्हें राम मंदिर में दर्शन करना है तो वे तत्काल पास कैसे लें. आइए जानते हैं इसके बारे में पूरी जानकारी. ज्यादातर लोगों का मंदिर में दर्शन करने का प्लेन एकदम अचानक से बनता है, औसे में वे सोचते हैं कि उनका दर्शन ज्यादा इंतजार किए बिना हो जाए, तो ऐसे में आप मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट online.srjbtkshetra.org पर जाकर तत्काल पास बनवा सकते हैं. यह बिल्कुल वैसे ही काम करता है जैसे ट्रेन में तत्काल टिकट बुक होती है. इसके लिए आपको लंबी लाइन में भी नहीं खड़ा होना पड़ता है, हर कोई ऑनलाइन आसानी से पास बना सकता है. वेबसाइट खोलने के बाद होमपेज पर नीचे की तरफ पास बनाने का लिंक मिलेगा. वहां क्लिक करके आप आरती या दर्शन के लिए पास चुन सकते हैं. जिसके लिए आपको मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी से ओटीपी के जरिए लॉगिन करना होता है, फिर नाम, उम्र, पहचान पत्र जैसी जानकारी भरनी होती है. सबसे अच्छी बात यह है कि आम दर्शन और आरती का पास पूरी तरह मुफ्त होता है, इसके लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता. पास बुक करने का सही समय जानना बहुत जरूरी है, क्योंकि त्योहारों या खास मौकों पर स्लॉट बहुत जल्दी भर जाते हैं. इसलिए एडवांस में ही बुकिंग करना बेहतर रहता है. इसके लिए आप वेबसाइट पर लॉगिन करने के बाद "माई प्रोफाइल" में जाकर अपने पसंदीदा समय का स्लॉट चुन सकते हैं. जैसे इन सबके अलावा एक और बात ध्यान रखने वाली है कि आप याद से दर्शन के लिए जाने से पहले अपने साथ पहचान पत्र जरूर रखें.
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Aug 7, 2026, 01:50 AM
मध्य प्रदेश का फसल संकटः कम बारिश ने धान, सोयाबीन और मक्के की फसलों पर भारी असर डाला

मध्य प्रदेश का फसल संकटः कम बारिश ने धान, सोयाबीन और मक्के की फसलों पर भारी असर डाला

कम बारिश का सबसे ज्यादा असर धान, सोयाबीन और मक्का की फसलों पर पड़ रहा है। जबलपुर के पाटन क्षेत्र में धान के खेतों में दरारें पड़ गई हैं। वहीं शाजापुर और उज्जैन संभाग के कई इलाकों में नमी की कमी से सोयाबीन की फसल कमजोर पड़ रही है और इल्ली व यलो मोजेक वायरस का प्रकोप बढ़ने लगा है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर बारिश नहीं हुई तो उत्पादन में भारी गिरावट आ सकती है। कई किसानों का कहना है कि उन्होंने कर्ज लेकर खेती की है, लेकिन बारिश की कमी से फसल खराब होने लगी है। किसानों ने प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराने, तकनीकी सलाह देने और समय पर दवाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।विज्ञापनपूरे प्रदेश में केवल बड़वानी, ग्वालियर, भिंड, बुरहानपुर, देवास, खंडवा और खरगोन ऐसे जिले हैं, जहां अब तक सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। बाकी अधिकांश जिले अभी भी बारिश की कमी से जूझ रहे हैं।विज्ञापनयह भी पढ़ें-सीलिंग पर सियासत तेज: कांग्रेस ने घेरा निगम मुख्यालय, भोपाल निगम की तैयारी तेज,आदेश मिलते ही फिर होगी कार्रवाईमौसम विभाग ने अगले तीन दिनों में प्रदेश के उत्तरी और कुछ अन्य हिस्सों में तेज बारिश की संभावना जताई है। श्योपुर, मुरैना, शिवपुरी, गुना, टीकमगढ़, छतरपुर और सागर में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं।
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Aug 7, 2026, 01:47 AM
उप प्रधानमंत्री का वाहन अप्रत्याशित रूप से रुका

उप प्रधानमंत्री का वाहन अप्रत्याशित रूप से रुका

मिली जानकारी के अनुसार, जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय का कार्य समाप्त होने के बाद डीपीएम राहुल रंजन अपने दो सहयोगियों के साथ वाहन से घर लौट रहे थे। इसी दौरान रतनपुर ओवरब्रिज के समीप एक कार ने उनकी गाड़ी को रोक लिया। आरोप है कि कार से उतरे आधा दर्जन से अधिक लोगों ने लाठी-डंडों से उन पर हमला कर दिया। अचानक हुई इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों के जुटने पर सभी हमलावर मौके से फरार हो गए।विज्ञापनये भी पढ़ें-विज्ञापनघायलों का कहना है कि हमलावरों ने जान से मारने की नीयत से हमला किया। स्थानीय लोगों की सहायता से तीनों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। घटना की सूचना मिलने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी मानवेंद्र कुमार राय मुफस्सिल थाना पहुंचे। उन्होंने बताया कि जिला कार्यक्रम प्रबंधक सहित तीन कर्मियों पर जानलेवा हमला किया गया है। फिलहाल सभी घायलों का इलाज कराया जा रहा है तथा घटना के कारणों की जांच की जा रही है। वहीं, पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। साथ ही हमलावरों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
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Aug 7, 2026, 01:46 AM
बोकारो जिले में 20 वर्षीय प्रेमिका की हत्या के आरोप में पुरुष और माता-पिता गिरफ्तार

बोकारो जिले में 20 वर्षीय प्रेमिका की हत्या के आरोप में पुरुष और माता-पिता गिरफ्तार

झारखंड के बोकारो में युवती की हत्या का खुलासा पुलिस ने कर दिया गया है। युवती की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसके प्रेमी ने किया था। पुलिस ने बताया कि बोकारो ज़िले में एक 19 साल के युवक और उसके माता-पिता को उसकी 20 साल की 'गर्लफ्रेंड' का गला घोंटकर हत्या करने और उसकी लाश को पेड़ से लटकाकर आत्महत्या जैसा दिखाने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया है। जानकारी के अनुसार, 5 अगस्त को जरीडीह पुलिस स्टेशन इलाके के बांचा गांव के तहत छट्टीगोडा में जंगल के पास आरती हेम्ब्रोम का शव एक स्कार्फ से लटका हुआ मिला था। उसकी मां की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया और SDPO बेरमो रविंदर सिंह की अगुवाई में एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने घटना की जांच शुरू की। एसपी नाथू सिंह मीणा ने बताया कि जांच से पता चला कि आरती का मनोज मरांडी (19 वर्ष) के साथ लगभग डेढ़ साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। मनोज कथित तौर पर शादी का वादा करके उसे 2 अगस्त को अपने घर लाया था। उसके माता-पिता, नज़ीर मरांडी (60) और सरस्वती देवी (55) के उसे घर में रखने का विरोध करने पर झगड़ा हुआ। जबकि आरती वहीं रहने की ज़िद कर रही थी। तीनों ने कथित तौर पर 4 अगस्त को आरती का गला घोंट दिया और बाद में उसकी लाश को पेड़ से लटका दिया ताकि इसे आत्महत्या जैसा दिखाया जा सके। आरोपियों के घर से आरती का मोबाइल फ़ोन और कपड़े बरामद किए गए। तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इससे पहले अभी हाल में ही बोकारो में मानसिक रूप से अस्वस्थ एक व्यक्ति ने अपने पड़ोस में रहने वाले एक परिवार के तीन सदस्यों की कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या कर दी। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पहचान राजू सिंह के रूप में हुई है और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर मानसिक बीमारी से अस्वस्थ है और उसे शराब की लत है। यह घटना नावाडीह थाना क्षेत्र के कुकुरलिलवा गांव में उस समय हुई, जब आरोपी का पड़ोसी जानकी महतो सुबह अपने खेत जा रहा था। रिपोर्टः मृत्युंजय, बोकारो ये भी पढ़ेंः
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