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Zee News Hindi✓
Mar 21, 2026, 01:53 PM
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भारतीय नौसेना ने तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से तेल टैंकरों को सफलतापूर्वक सुरक्षित किया
Indian Navy Escorts Oil Tanker Jag Laadki LPG Tankers Shivalik, Nanda Devi:ईरान की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित निकलने की हरी झंडी मिलते ही भारतीय जहाजों की आवाजाही धड़ल्ले से हो रही है. इस फैसले ने फारस की खाड़ी और मिडिल ईस्ट के समुद्री रास्तों में फंसे भारतीयों के चेहरे पर मुस्कान लौटा दी है. भारतीय पोत जग लाडकी, शिवालिक और नंदा देवी लाखों टन तेल और गैस लेकर भारत पहुंच गए हैं. ये जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य होते हुए भारत पहुंचे हैं. उनके रूट की निगरानी हो रही थी. जब सारे जहाज मौत की कथित गली बन चुकी होर्मुज स्ट्रेट से भारतीय झंडे लगे जहाज निकल रहे थे, तब ईरान की नौसेना क्या कर रही थी, इसके बारे में एक्सपर्ट ने खुलासा किया है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक मिडिल ईस्ट में अमेरिका और इजरायल के हमलों के बीच ईरान ने भारतीयों के लिए दिल जीतने वाला काम किया है. अभी पिछले हफ्ते ही लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) से भरे टैंकर को ईरान की सेना ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने के दौरान सुरक्षित रूट दिखाने का काम किया था. यह डेवलपमेंट भारत और ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत के बाद सामने आया. ये जानकारी खुद उस गैस टैंकर जहाज पर सवार एक सीनियर ऑफिसर ने दी. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप 15 दिन से कह रहे हैं कि उन्होंने ईरान की नौसेना की कमर तोड़ दी है. इसके बावजूद अब्राहम लिंकन जैसा युद्धपोत छोड़िए यूएस मरीन कमांडोज की छोटी सी नाव भी 'होर्मुज' के अंदर घुसने की हिम्मत नहीं जुटा पाई है. ईरान ने दुश्मनों को करारा जवाब देकर खाड़ी देशों की इकोनॉमी डांवाडोल कर दी है. अमेरिका-इजरायल का कहना है कि होर्मुज के पूरे रूट पर ईरान ने समुद्री माइंस बिछा रखी हैं. ऐसा करके ईरान दुनिया की तेल और गैस की सप्लाई बाधित कर रहा है. फ्यूल सप्लाई चेन बाधित हुई तो अमेरिका ने चीन, जापान और यूरोप के देशों से अपने-अपने युद्धपोत भेजकर रास्ता खुलवाने की अपील की. हालांकि किसी ने भी जंग की आग में कूदने की दिलचस्पी नहीं दिखाई. उधर ईरानी विदेश मंत्री और राष्ट्रपति लगातार कह रहे हैं कि होर्मुज का रास्ता सिर्फ दुश्मनों के लिए बंद है, ईरान से सहानुभूति या कारोबारी रिश्ता रखने वाले जहाज उस रास्ते से आसानी से गुजर सकते हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि भारत को अपने पुराने संबंधों और कूटनीति का फायदा मिला. तभी भारत के चार-चार जहाज अभी हाल ही में कथित 'मौत की गली' के नाम से बदनाम 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' से गुजर कर सुरक्षित भारत पहुंचे हैं. गौरतलब है कि ये वही संकरी समुद्री गली है, जहां से अमेरिका के हमदर्द खाड़ी देशों के कारोबारी जहाजों के निकलने पर ईरान ने रोक लगा दी है. भारतीय जहाजों में मौजूद क्रू मेंबर्स और अन्य स्टाफ के कहीं भी बयान देने पर रोक है. ऐसे में नाम न बताने की शर्त पर ब्लूमबर्ग से बात करने वाले अधिकारी ने कहा, 'उनका टैंकर उन दो भारतीय जहाजों में से एक था जिन्हें इस सेंसिटिव क्रॉसिंग से गुजरने की इजाजत थी. होर्मुज से गुजरने के दौरान उनका जहाज ईरान की नेवी के साथ रेडियो कॉन्टैक्ट में था. सारे क्रू मेंबर्स भारतीय थे. ईरान की नेवी ने भारतीय जहाज को एक तय रास्ते पर गाइड किया. जिससे पता चलता है कि तेहरान एक कंट्रोल्ड पैसेज सिस्टम लागू कर चुका है'. भारत के कुशल रणनीतिक प्रबंधन के चलते अभी तक होर्मुज रूट से जुड़े भारत के सारे ऑपरेशन कामयाब रहे. ईरान की नौसेना भारत के जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिखाकर गाइड किया कि आपको होर्मुज से किस तरह निकलना है. वहीं कुछ दूर मौजूद भारत की नौसेना के युद्धपोत उन्हें कवर फायर यानी सुरक्षा दे रहे थे. नौसेना अपने एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम समेत तमाम उपायों के साथ उनके पूरे रास्ते पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए थी.
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