एआई में एडवांसमेंट की रफ्तार ने सबको चौंका दिया है. अगर कोडिंग की बात करें तो कुछ समय पहले तक इसे एक असिस्टेंट के तौर पर देखा जा रहा था, लेकिन अब यह कोडिंग पावरहाउस बन गई है. हाल ही में OpenAI के प्रेसिडेंट Greg Brockman ने बताया कि अब कोडिंग का लगभग सारा काम एआई से हो रहा है. इससे एक बार फिर यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या अब सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की जरूरत खत्म हो जाएगी? बता दें कि पिछले काफी समय से ऐसा डर जताया जा रहा है कि एआई के कारण सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की नौकरी पर खतरा है और कई एक्सपर्ट्स भी ऐसी बातें कह चुके हैं. Brockman ने बताया कि दिसंबर तक उनकी कंपनी में एआई से कोडिंग का लगभग 20 प्रतिशत काम हो रहा था, लेकिन अब करीब 80 प्रतिशत कोडिंग एआई से हो रही है. एआई की इस रफ्तार ने सबको चौंका दिया है. उन्होंने कहा कि दिसंबर में एआई सिर्फ कोडिंग में सिर्फ मदद कर रही थी, लेकिन अब एआई पूरी कोडिंग ही कर रही है. यह हाल सिर्फ OpenAI का ही नहीं है और बाकी कंपनियों भी एआई से कोडिंग करवा रही हैं. गूगल सीईओ सुंदर पिचई ने कहा था कि कोडिंग का लगभग 75 प्रतिशत काम एआई कर रही है. मेटा भी यह कोशिश कर रही है कि कोडिंग का ज्यादा से ज्यादा काम एआई से लिया जाए. एंथ्रोपिक के सीईओ का मानना है कि एआई जल्द ही कोडिंग का पूरा काम अकेले संभाल सकेगी. जब कोडिंग का पूरा काम एआई अपने हाथ में ले लेगी तो इंजीनियरों की जरूरत कहां रहेगी? इस सवाल का जवाब है कि इंजीनियरों की जरूरत पूरी तरह खत्म नहीं होने वाली है. अभी भी कंपनियों को एआई को इंस्ट्रक्शन देने, कोड को रिव्यू करने समेत कई कामों के लिए इंजीनियरों की जरूरत है. Brockman ने कहा कि इंजीनियरों की जिम्मेदारी भी जरूरी है. OpenAI में कोडिंग के लिए इंसान जिम्मेदार है. उसकी अप्रूवल के बाद ही एआई जनरेटेड कोड को किसी प्रोजेक्ट में शामिल किया जाता है. एआई से कोडिंग भले ही आसान और तेज हो गई है, लेकिन अब इसके खतरे भी सामने आने लगे हैं. हाल ही में एक सॉफ्टवेयर कंपनी PocketOS ने दावा किया था कि कोडिंग के लिए यूज होने वाले एक एआई एजेंट ने कुछ ही सेकंड में उसका पूरा प्रोडक्शन डेटाबेस डिलीट कर दिया.
AI कोडिंग पावरहाउसः 80 प्रतिशत काम मशीनों द्वारा किया जाता है, सॉफ्टवेयर इंजीनियर की नौकरियों के बारे में सवाल उठते हैं
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