सावन का महीना है और हर तरफ भोलेनाथ के जयकारों के बीच कांवड़ियों का जत्था अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहा है. लेकिन उत्तर प्रदेश के बागपत में पहुंची एक कांवड़ ने लोगों का ध्यान कुछ ज्यादा ही खींच लिया है. वजह है इसका अनोखा अंदाज. इस कांवड़ में भगवान शिव की प्रतिमा के साथ डंबल, वेट प्लेट और एक्सरसाइज का सामान भी नजर आ रहा है. इसे लोग 'जिम वाली कांवड़' नाम दे रहे हैं. दरअसल, यह अनोखी कांवड़ लेकर हरिद्वार से दिल्ली की ओर निकले हैं दिल्ली पुलिस के जवान अमित उर्फ मिट्ठू मदेरिया. अमित अपनी यात्रा के जरिए सिर्फ भोलेनाथ की भक्ति का संदेश नहीं दे रहे, बल्कि युवाओं को नशे से दूर रहने और शरीर को फिट रखने के लिए प्रेरित कर रहे हैं. उनकी कांवड़ में एक तरफ शिव की प्रतिमा आस्था का प्रतीक है, तो दूसरी तरफ जिम का सामान मेहनत और फिटनेस का संदेश दे रहा है. अमित के मुताबिक, यह यात्रा हरिद्वार से मुडेला, नजफगढ़, दिल्ली तक जाएगी और इसकी दूरी करीब 250 किलोमीटर है. उन्होंने 22 तारीख को हरिद्वार से गंगाजल उठाया था. अब वह इस सफर को अपने कंधों पर पूरी करने की कोशिश में जुटे हैं. इतनी लंबी दूरी और भारी कांवड़ के बावजूद उनका अभियान लगातार जारी है. अमित का कहना है कि वह इस बार सिर्फ गंगाजल लेकर नहीं चल रहे हैं, बल्कि अपने साथ एक सामाजिक अभियान भी लेकर निकले हैं. उनका यह अभियान नशे के खिलाफ है. उनका मानना है कि आज के समय में युवाओं को नशे की तरफ जाने के बजाय मेहनत, खेल और व्यायाम को अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाना चाहिए. अमित का संदेश बिल्कुल साफ है- अगर नशा करना ही है तो मेहनत का नशा कीजिए. उनका कहना है कि जब कोई व्यक्ति मेहनत और एक्सरसाइज को अपनी जिंदगी का हिस्सा बना लेता है, तो बाकी नशे अपने आप छूटने लगते हैं. इसी सोच को वह कांवड़ यात्रा के दौरान लोगों तक पहुंचा रहे हैं. यात्रा के दौरान अमित जहां भी रुकते हैं, वहां युवाओं से बातचीत करते हैं और उन्हें फिटनेस के लिए प्रेरित करते हैं. कई जगह युवाओं के साथ दंड-बैठक और दूसरी एक्सरसाइज से जुड़े चैलेंज भी कराए जा रहे हैं. इन गतिविधियों के लिए बाकायदा समय निर्धारित किया जाता है. चुनौती पूरी करने वाले युवाओं को सम्मानित भी किया जाता है. बागपत पहुंचने के बाद अमित की 'जिम वाली कांवड़' लोगों के बीच कौतूहल का विषय बन गई. सड़क से गुजरते लोगों की नजर जैसे ही इस कांवड़ पर पड़ती है, वे रुककर इसे देखने लगते हैं. किसी का ध्यान भगवान शिव की प्रतिमा पर जाता है, तो कोई कांवड़ में रखे डंबल और वेट प्लेट देखकर हैरान रह जाता है. आमतौर पर कांवड़ यात्रा में श्रद्धालु अलग-अलग डिजाइन और सजावट वाली कांवड़ लेकर चलते दिखाई देते हैं, लेकिन अमित की कांवड़ में धार्मिक आस्था के साथ फिटनेस का संदेश जुड़ा हुआ है. यही वजह है कि यह लोगों के बीच अलग पहचान बना रही है. कांवड़ देखने के लिए आसपास लोगों की भीड़ भी जुट रही है. इस पूरी यात्रा में भक्ति, फिटनेस और सामाजिक जागरूकता तीनों एक साथ दिखाई दे रहे हैं. कंधों पर भोलेनाथ की प्रतिमा और गंगाजल है, जबकि उसी कांवड़ में युवाओं को व्यायाम के लिए प्रेरित करने वाला सामान भी मौजूद है. अमित का कहना है कि उनका उद्देश्य युवाओं को यह समझाना है कि शरीर को मजबूत बनाने और जिंदगी को बेहतर करने के लिए मेहनत का रास्ता अपनाया जा सकता है. दिल्ली पुलिस के जवान अमित उर्फ मिट्ठू मदेरिया का यह सफर आसान नहीं है. हरिद्वार से मुडेला नजफगढ़, दिल्ली तक करीब 250 किलोमीटर की दूरी तय करनी है. 22 तारीख को जल उठाने के बाद से वह लगातार अपने अभियान के साथ आगे बढ़ रहे हैं. उनकी कोशिश है कि कांवड़ यात्रा के जरिए ज्यादा से ज्यादा युवाओं तक नशामुक्ति और फिटनेस का संदेश पहुंचे. अमित कहते हैं कि यह सिर्फ गंगाजल की यात्रा नहीं है. वह इसके साथ एक अभियान लेकर चल रहे हैं. उनका कहना है कि युवाओं को अगर किसी चीज का नशा करना चाहिए तो वह मेहनत का होना चाहिए. मेहनत और व्यायाम की आदत जिंदगी में सकारात्मक बदलाव ला सकती है और दूसरे नशों से दूर रखने में मदद कर सकती है. हरिद्वार से दिल्ली तक कंधों पर करीब 250 किलोमीटर का सफर, साथ में भगवान शिव की प्रतिमा और जिम का सामान. अमित की यह कांवड़ सावन की यात्रा को एक अलग संदेश दे रही है. आस्था के इस सफर में फिटनेस और नशे के खिलाफ उनकी मुहिम लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. इसी वजह से बागपत में पहुंची यह 'जिम वाली कांवड़' हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच रही है.
अद्वितीय'जिम वाली कंवर'यात्रा भक्ति, स्वास्थ्य और मादक पदार्थ विरोधी संदेश को बढ़ावा देती है
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