बिजनेस डेस्कः अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया मंगलवार को जबरदस्त मजबूती के साथ बंद हुआ। कारोबार के अंत में रुपया 124 पैसे की छलांग लगाकर 90.25 रुपए प्रति डॉलर (अस्थायी) पर बंद हुआ। यह रुपए की पिछले तीन सालों की सबसे बड़ी एकदिनी मजबूती मानी जा रही है।करेंसी बाजार में यह तेजी भारत और अमेरिका के बीच हुए ट्रेड डील के ऐलान के बाद देखने को मिली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय सामानों पर टैरिफ 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी किए जाने की घोषणा से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। इसके चलते डॉलर के मुकाबले रुपए में चौतरफा खरीदारी देखी गई।फॉरेक्स ट्रेडर्स के मुताबिक, ट्रेड डील से भारत के निर्यात में बढ़ोतरी की उम्मीद है, जिससे डॉलर की आवक बढ़ेगी और रुपए को आगे भी सपोर्ट मिल सकता है। इसके अलावा घरेलू शेयर बाजारों में आई तेज उछाल और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने भी रुपए को मजबूती दी।2025 में एशिया की सबसे कमजोर करेंसी बना था रुपयासाल 2025 में रुपया करीब 5 प्रतिशत टूटकर एशिया की सबसे कमजोर करेंसी बन गया था। वहीं जनवरी 2026 में ही इसमें करीब 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली और डॉलर की मजबूती ने रुपए को कमजोर किया था।और ये भी पढ़ेRupee Recovery: रुपए ने डॉलर को दी पटखनी! आज इतना हुआ मजबूतRupee Recovers: रिकॉर्ड लो लेवल से सुधरा रुपया, डॉलर के मुकाबले आज इतना हुआ मजबूतHistoric Fall in Rupee: डॉलर के सामने धराशायी रुपया, आज इतनी कमजोर हुई भारतीय करेंसीट्रेड डील से खत्म हुई अनिश्चिततारुपए में आई मौजूदा तेजी के पीछे भारत-अमेरिका के बीच हुआ ‘गिव एंड टेक’ ट्रेड समझौता अहम वजह माना जा रहा है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि भारत अब रूस से तेल आयात कम करेगा और इसके बदले अमेरिका और वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदेगा।इसके साथ ही भारत ने अगले कुछ वर्षों में अमेरिका से करीब 500 अरब डॉलर (लगभग 45 लाख करोड़ रुपए) के एनर्जी, टेक्नोलॉजी और कृषि उत्पाद खरीदने की प्रतिबद्धता भी जताई है। इस ऐलान से पिछले साल अगस्त में अमेरिकी टैरिफ के बाद बनी अनिश्चितता काफी हद तक खत्म हो गई है।89 के स्तर तक मजबूत हो सकता है रुपयामार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि रुपए में यह मजबूती आगे भी जारी रह सकती है। एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के मुताबिक, निर्यात बढ़ने की उम्मीद से डॉलर की सप्लाई बढ़ेगी और रुपए की मांग मजबूत होगी। शॉर्ट टर्म में रुपया 89.50 से 89.00 के स्तर तक जा सकता है।वहीं कोटक सिक्योरिटीज के करेंसी रिसर्च हेड अनिंद्य बनर्जी का कहना है कि टैरिफ में कटौती से रुपए के लिए मजबूती का रास्ता खुला है, हालांकि आगे की चाल इस बात पर भी निर्भर करेगी कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) किस स्तर पर बाजार में हस्तक्षेप करता है।
अमेरिका-भारत व्यापार समझौते की घोषणा के बाद रुपया तीन साल के उच्च स्तर पर पहुंचा
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