अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में डोनल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को ऐसा बड़ा झटका लगा है, जिसने न सिर्फ अमेरिका की राजनीति को हिला दिया है, बल्कि पार्टी के अंदर भी भारी उथल-पुथल मचा दी है। डेमोक्रेट्स ने प्रतिनिधि सभा और सीनेट, दोनों पर कब्जा कर लिया है। टेक्सास, कंसास, साउथ कैरोलिना, आयोवा, नॉर्थ कैरोलिना और ओहायो जैसे मजबूत रिपब्लिकन गढ़ों में मिली हार ने पार्टी के सामने नेतृत्व का गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। अब सवाल सिर्फ यह नहीं रह गया है कि ट्रंप सरकार संसद में कैसे काम करेगी, बल्कि यह भी कि उनके बाद रिपब्लिकन पार्टी की कमान किसके हाथों में जाएगी। चुनावी नतीजों के बाद रिपब्लिकन पार्टी के अंदर कई नए शक्ति केंद्र उभरते दिख रहे हैं। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और सीनेटर टेड क्रूज के बयानों ने इस बहस को और तेज कर दिया है। वेंस को काफी समय से ट्रंप का संभावित उत्तराधिकारी माना जाता रहा है, जबकि क्रूज ने हार को पार्टी के लिए गंभीर चेतावनी करार दिया है। इस तरह ट्रंप के रहते हुए ही उनके बाद की राजनीति की तैयारी शुरू हो गई लगती है। वेंस के सामने अपनी राजनीतिक छवि बचाने की भी चुनौती है। उन्हें ट्रंप के सबसे मजबूत संभावित उत्तराधिकारियों में गिना जाता रहा है। उन्होंने मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवारों के लिए सक्रिय प्रचार किया और रिपब्लिकन नेशनल कमेटी के फंड जुटाने की प्रमुख जिम्मेदारी भी संभाली। लेकिन पार्टी की भारी हार के बाद उनकी अपनी स्थिति भी कमजोर पड़ गई है। ट्रंप प्रशासन की अलोकप्रियता से जुड़े रहने का असर उनकी भविष्य की दावेदारी पर पड़ सकता है। वहीं दूसरी ओर, विदेश मंत्री मार्को रुबियो ट्रंप के बाद रिपब्लिकन पार्टी के संभावित भावी नेताओं की सूची में काफी आगे माने जा रहे हैं। फ्लोरिडा के रॉन डेसेंटिस और टेक्सास के सीनेटर टेड क्रूज के नाम भी पार्टी के अगले नेतृत्व को लेकर चर्चा में प्रमुखता से आ रहे हैं। इससे साफ है कि पार्टी के अंदर सिर्फ एक उत्तराधिकारी पर बात नहीं हो रही, बल्कि कई नेता अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटे हैं। ट्रंप की इस हार के बाद ‘ब्लू सुनामी’ की चर्चा काफी तेज हो गई है। टेक्सास के सीनेटर टेड क्रूज ने रिपब्लिकन पार्टी की हार को ‘ब्लू सुनामी’ और ‘वॉटरगेट स्तर की अस्वीकृति’ करार दिया है। उनका कहना है कि पार्टी इसलिए नहीं हारी क्योंकि उसके समर्थक वोट डालने नहीं गए, बल्कि इसलिए हारी क्योंकि पहले रिपब्लिकन को वोट देने वाले मतदाता अब डेमोक्रेट्स के पाले में चले गए। क्रूज ने महंगाई, भ्रष्टाचार, ईरान युद्ध और टैरिफ को मतदाताओं की नाराजगी की मुख्य वजह बताया। ट्रंप के बाद रिपब्लिकन पार्टी में नए शक्ति केंद्र उभरने के संकेत मिल रहे हैं। कुछ रणनीतिकार ट्रंप की विवादित शैली से दूरी बनाकर पारंपरिक रूढ़िवाद की ओर लौटना चाहते हैं, जबकि अन्य मानते हैं कि उनका प्रभाव आसानी से नहीं खत्म होगा। क्रिस बस्किर्क द्वारा स्थापित रॉकब्रिज नेटवर्क अमीर दानदाताओं और कार्यकर्ताओं को जोड़कर MAGA (मेक अमेरिका ग्रेट अगेन) आंदोलन को ट्रंप के बिना भी जिंदा रखने की कोशिश कर रहा है। ट्रंप 2029 तक राष्ट्रपति रहेंगे, लेकिन 2027 से डेमोक्रेट्स कांग्रेस को नियंत्रित कर सकते हैं। वेंस, क्रूज, रुबियो और डेसेंटिस जैसे नेताओं के बीच उत्तराधिकार की लड़ाई तेज होगी, जो मैगा का भविष्य तय करेगी।
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका
Dainik Jagran•
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