अयोध्या। ज्येष्ठ मास के पहले बड़ा मंगल पर रामनगरी की गलियों में एक अलग ही उजास फैल रहा था, आस्था का, भक्ति का और सेवा का। पहले बड़े मंगल ने अयोध्या को मानो एक जीवंत आध्यात्मिक काव्य में बदल दिया, जहां हर धड़कन में जय श्रीराम और जय बजरंगबली का स्वर गूंज रहा था।और पढ़ेंTrending Videosसुबह की पहली किरण के साथ ही मंदिरों की घंटियों ने जैसे पूरे नगर को जगा दिया। रामधुन और हनुमान चालीसा के सस्वर पाठ से वातावरण सुरमयी हो उठा। सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर उमड़ती श्रद्धालुओं की भीड़ केवल दर्शन के लिए नहीं, बल्कि आत्मिक शांति की तलाश में थी। हनुमानगढ़ी में सजी-धजी भव्य झांकी, आभूषणों से अलंकृत हनुमान जी और लंबी कतारों में खड़े भक्त यह दृश्य भक्ति की पराकाष्ठा का साक्षात रूप प्रतीत हो रहा था।विज्ञापनविज्ञापनकनक भवन और राम जन्मभूमि सहित नगर के सभी प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।गली-गली में सजे भंडारे इस बात के साक्षी बने कि अयोध्या की परंपरा केवल पूजा तक सीमित नहीं, बल्कि सेवा में भी उतनी ही गहरी है। कहीं पूड़ी-सब्जी का प्रसाद वितरित हो रहा था, तो कहीं शीतल जल और शर्बत से राहगीरों की प्यास बुझाई जा रही थी। तनगर के विभिन्न हनुमान मंदिरों नाका, रिकाबगंज, सहादतगंज, देवकाली और विद्या कुंड स्थित मंदिरों में दिनभर अनुष्ठानों की धूम रही। हर ओर हनुमान चालीसा के स्वर गूंजते रहे, जैसे पूरा नगर एक ही लय में बंध गया हो।इनसेटनाका हनुमानगढ़ी में लगा सवामन लड्डुओं का भोग- बड़े मंगल के अवसर पर कई स्थानों पर विशेष अनुष्ठान आयोजित किए गए। रामनगरी की प्राचीन पीठ नाका हनुमानगढ़ी में महंत रामदास के संयोजन में बजरंगबली को सवा मन लड्डुओं और फलों का भोग अर्पित किया गया। 101 दर्जन कदली फल, लड्डू, खीर और अन्य प्रसाद अर्पित कर भव्य श्रृंगार आरती की गई, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं को गर्मी से राहत देने के लिए निशुल्क ओआरएस और शीतल जल का वितरण भी किया गया।
अयोध्या में मनाया गया पहला बड़ा मंगलः आस्था और भक्ति से भरा शहर
Amar Ujala•

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