Achira News Logo
Achira News

आत्म-देखभाल से लेकर सजा तकः संघर्ष वास्तविक है

Dainik Jagran
आत्म-देखभाल से लेकर सजा तकः संघर्ष वास्तविक है
Full News
Share:

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। "कल से मैं सुबह 5 बजे उठूंगा, एक घंटा योग करूंगा, ग्रीन टी पिऊंगा और फोन को हाथ भी नहीं लगाऊंगा।" सोमवार और मंगलवार तो जैसे-तैसे निकल जाते हैं, लेकिन बुधवार आते-आते यह रूटीन एक सजा जैसा लगने लगता है। यानी जो चीज आपको सुकून देने के लिए थी, वही अब स्ट्रेस की वजह बनना शुरू हो जाती है।

Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Achira News.
Publisher: Dainik Jagran

Want to join the conversation?

Download our mobile app to comment, share your thoughts, and interact with other readers.

आत्म-देखभाल से लेकर सजा तकः संघर्ष वास्तविक है | Achira News