कुछ दिन पहले ही PNB बैंक की उत्तर प्रदेश की नोएडा स्थित ब्रांच में कई ग्राहकों के खाते से पैसे ट्रांसफर किए गए. ये काम बैंक की ही एक कर्मचारी के द्वारा किया गया था. इससे पहले SBI से भी ग्राहकों का डाटा लीक हो चुका है. तो वहीं कई अन्य बैंकों से भी ऐसी खबरें आई हैं. जिसके बाद से ग्राहकों के मन में डर बैठ गया है कि बैंक में रखा उनका पैसा कैसे सुरक्षित रहेगा. ग्राहकों की इसी परेशानी को खुद RBI ने दूर कर दिया है. RBI ने बताया है कि DICGC के जरिए हम अपना बैंक में रखा पैसा सुरक्षित कर सकते हैं. ऐसी किसी भी स्थिति में खाताधारकों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए RBI की सहायक संस्था डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) काम करती है. DICGC का पूरा नाम डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन है. ये भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक संस्था है. इसकी स्थापना 1978 में हुई थी. इसका मुख्य उद्देश्य बैंक में पैसा जमा करने वाले ग्राहकों की बचत को सुरक्षा देना है. Did you know that deposit insurance covers more than just your deposited amount? DICGC provides insurance cover of up to ₹5 lakh per depositor, per insured bank, including both principal and accrued interest, subject to applicable conditions. Swipe to understand how the coverage works. #RBI #DICGC #DepositInsurance #FinancialAwareness ये एक तरह का बैंक जमा बीमा है. अगर कोई बीमित बैंक दिवालिया हो जाता है या उसके कामकाज पर प्रतिबंध लग जाता है, तो निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के तहत खाताधारकों को उनकी जमा राशि का बीमा भुगतान किया जाता है. DICGC के तहत सेविंग अकाउंट, करंट अकाउंट, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और रिकरिंग डिपॉजिट (RD) में जमा रकम को बीमा सुरक्षा मिलती है. इसमें एक ही बैंक में एक ही व्यक्ति के सभी खातों की जमा राशि को जोड़कर अधिकतम 5 लाख रुपये तक का बीमा मिलता है. इसमें मूलधन और ब्याज दोनों शामिल होते हैं. उदाहरण के लिए, अगर किसी व्यक्ति के एक बैंक में सेविंग अकाउंट में 2 लाख रुपये और FD में 4 लाख रुपये हैं, तो कुल जमा 6 लाख रुपये होगी. ऐसी स्थिति में अधिकतम 5 लाख रुपये तक ही बीमा सुरक्षा मिलेगी. हां, अलग-अलग DICGC बीमित बैंकों में जमा राशि पर अलग-अलग 5 लाख रुपये तक का बीमा मिलता है. इसका मतलब है कि आपके दो अलग-अलग बीमित बैंकों में पैसे जमा हैं, तो दोनों में अलग-अलग इंस्योरें लिमिट लागू होगी. हालांकि, एक ही बैंक की अलग-अलग शाखाओं में खाते होने पर सभी जमा राशियों को जोड़कर ही बीमा की गणना की जाती है. प्रतीक्षा राणावत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में करीब 12 वर्षों का अनुभव है. इन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मल्टीमीडिया (B.Sc - Multimedia) में ग्रेजुएशन किया है और इसके बाद जन संचार (Mass Communication) में पोस्ट ग्रेजुएशन भी किया है. अपने करियर की शुरुआत इन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, लेकिन समय के साथ लेखन में भी अपनी मजबूत पहचान बनाई. वर्तमान में प्रतीक्षा बिजनेस से जुड़े विषयों के लिए लेखन करती हैं. इसके साथ- साथ ही इन्हें ट्रैवलिंग, नई चीज़ों को एक्सप्लोर करना और किताबें पढ़ने का भी शौक है.
आर. बी. आई. ने खाताधारकों के लिए वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए डी. आई. सी. जी. सी. की शुरुआत की
ABP News•

Full News
Share:
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Achira News.
Publisher: ABP News
Want to join the conversation?
Download our mobile app to comment, share your thoughts, and interact with other readers.