Achira News Logo
Achira News

इजरायल-ईरान संघर्ष के ऊर्जा सुविधाओं तक फैलने से वैश्विक तनाव बढ़ा

TV9 Hindi
इजरायल-ईरान संघर्ष के ऊर्जा सुविधाओं तक फैलने से वैश्विक तनाव बढ़ा
Full News
Share:

अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को तीन हफ्ते हो गए हैं. कम होने के बजाय युद्ध विकरात रूप लेता जा रहा है. अब निशाने पर गैस और तेल के ठिकाने हैं. इजराइल ने ईरान के सबसे बड़े गैस प्लांट साउथ पार्स पर हमला किया, तो पलटवार करते हुए ईरान ने कुवैत, सऊदी और यूएई में गैस प्लांट पर ड्रोन दाग दिए. इस घटनाक्रम ने पूरी दुनिया में हलचल मचा दी. कच्चे तेल और गैस के दाम अचानक बढ़ गए, शेयर मार्केट में गिरावट आ गई. दुनियाभर के राष्ट्राध्यक्ष आपस में बातचीत करने लगे. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सरेआम ये कहा कि उन्हें इजराइल के इस हमले की जानकारी नहीं है और वो इजराइल से कहेंगे कि वो अब एनर्जी ठिकानों पर अटैक न करे. ट्रंप के इस बयान का इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी सही बताया है. उन्होंने कहा कि ईरान के गैस क्षेत्र पर इजराइल ने अकेले ही कार्रवाई की और अब वो हमले नहीं करेंगे क्योंकि ट्रंप ने अनुरोध किया है कि ऊर्जा ठिकानों पर हमले न किए जाएं. नेतन्याहू के इस बयान ने ट्रंप के दावे को गलत साबित होने से बचा लिया. हाल में कई ऐसे घटनाक्रम हुए हैं जिनसे ये साबित हुआ है कि डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमलों को लेकर कई तरह के झूठ बोले. ताजा बयान में अमेरिकी इंटेलिजेंस चीफ तुलसी गबार्ड ने कहा है कि ईरान पर हमले का अमेरिका और इजराइल का मकसद अलग-अलग था. उन्होंने ये भी कहा कि वहां के नेताओं को मारना उनका मकसद नहीं था बल्कि ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और नेवी को टारगेट करना था. जबकि ईरान पर हमला करने के बाद जब सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत हुई तो ट्रंप ने इस पर जश्न मनाया. वो अब भी कह रहे हैं कि ईरान में नया सुप्रीम लीडर उनके हिसाब से बनेगा. जबकि ईरान ने मुज्तबा खामेनेई को सुप्रीम लीडर बना दिया है. दुनिया में 5वां हिस्सा तेल ट्रांसपोर्ट का होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते से किया जाता है. इस रास्ते को सीमित करने की वजह से वैसे ही दुनिया के कई देशों के बीच तेल का संकट गहराया हुआ है. ऐसे में दुनिया के सबसे बड़े प्राकृतिक गैस साउथ पार्स पर इजराइल की तरफ से किए गए हमले ने दुनिया के कई देशों की टेंशन बढ़ा दी. इस हमले ने ऊर्जा बाजारों और वैश्विक अर्थव्यवस्था में हलचल मचा दी है. इजराइल के हमले के बाद इस्लामिक गणराज्य की जवाबी कार्रवाई से ईंधन की कीमतें और भी ज्यादा बढ़ गईं. ब्रेंट क्रूड ऑयल का अंतरराष्ट्रीय मानक कुछ समय के लिए 119 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चला गया, जो युद्ध शुरू होने के बाद से 60 प्रतिशत से भी ज्यादा की बढ़ोतरी है. यहां इस बात का भी खतरा पैदा हो गया कि ईरान के अरब पड़ोसी भी सीधे तौर पर इस संघर्ष में शामिल हो सकते हैं. इस हमले के बाद दुनिया के कई देशों के पास फोन बजने लगे. पीएम मोदी ने कतर, जॉर्डन, फ्रांस, मलेशिया और ओमान के नेताओं से बात की. पीएम मोदी ने बताया कि मैंने अपने प्रिय मित्र, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से पश्चिम एशिया की स्थिति और तनाव कम करने की तत्काल जरूरत के साथ ही बातचीत और कूटनीति की ओर लौटने के विषय पर बात की. विदेश मंत्रालय (MEA) ने 19 मार्च को खाड़ी क्षेत्र के ऊर्जा ठिकानों पर हुए हमलों को बेहद चिंताजनक बताया. MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इन हमलों को स्वीकार नहीं किया जा सकता है. उन्होंने ऊर्जा के बुनियादी ढांचे को निशाना न बनाने की नई दिल्ली की अपील को फिर से दोहराया. उन्होंने कहा कि इस तरह के हमलों से विश्व के ऊर्जा प्रवाह की स्थिति और ज्यादा बिगड़ सकती है. उन्होंने कहा कि भारत ने पहले भी इस पूरे क्षेत्र के बुनियादी ढ़ांचे को निशाना न बनाने की अपील की थी. उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों पर ऊर्जा प्रतिष्ठानों के खिलाफ हाल ही में हुए हमले काफी परेशान करने वाले हैं. रणधीर जयसवाल ने स्वीकार किया कि होर्मुज स्ट्रेट में रुकावट का असर अब सप्लाई पर पड़ने लगा है. ईरान ने बुधवार को अपने ‘साउथ पार्स’ गैस क्षेत्र पर हुए इजराइल हमले के जवाब में दुनिया की सबसे बड़ी लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) सुविधा ‘रास लफ़ान रिफाइनरी’ पर हमला किया. रास लफान और दूसरी ऊर्जा सुविधाओं पर हुए इन हमलों के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतें एक समय 10% से भी ज्यादा बढ़कर $119 प्रति बैरल के पार पहुंच गई थीं, जिसमें बाद में कुछ गिरावट देखी गई. दुनिया में अमेरिका ने ईरान पर हमले की वजह बताई कि वो परमाणु हथियार बना रहा है, जिसकी वजह से वैश्विक शांति को खतरा है. वहीं 19 मार्च को अमेरिका की मौजूदा डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस तुलसी गबार्ड ने कहा कि जून 2025 में अमेरिका के हमलों में ईरान के न्यूक्लियर एनरिचमेंट प्रोग्राम पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया था.

Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Achira News.
Publisher: TV9 Hindi

Want to join the conversation?

Download our mobile app to comment, share your thoughts, and interact with other readers.

इजरायल-ईरान संघर्ष के ऊर्जा सुविधाओं तक फैलने से वैश्विक तनाव बढ़ा | Achira News