राजस्थान में मनी लॉन्ड्रिंग और MLA फंड दुरुपयोग से जुड़े एक बड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सख्त कार्रवाई करते हुए बहरोड़ के पूर्व विधायक बलजीत यादव को गिरफ्तार कर लिया है। ईडी की जयपुर क्षेत्रीय इकाई ने यह कार्रवाई स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (MLA LAD Fund) से जुड़े करीब 3 करोड़ रुपये से अधिक के गबन और दुरुपयोग के मामले में की है। ईडी सूत्रों के अनुसार, पूर्व विधायक बलजीत यादव को मंगलवार रात अलवर जिले के शाहजहांपुर टोल प्लाजा से हिरासत में लिया गया। यह स्थान दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे पर NHAI कार्यालय के पास स्थित है। हिरासत में लेने के बाद उन्हें पूछताछ के लिए जयपुर स्थित ईडी कार्यालय लाया गया, जहां विस्तृत पूछताछ के बाद आधिकारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। ईडी की जांच के मुताबिक, वर्ष 2021-22 में बहरोड़ विधानसभा क्षेत्र के 32 सरकारी स्कूलों में बैडमिंटन और क्रिकेट किट उपलब्ध कराने के नाम पर MLA LAD फंड से 3.72 करोड़ रुपये खर्च किए गए। जांच में सामने आया है कि इस राशि का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया गया। ईडी का आरोप है कि खेल सामग्री की खरीद में फर्जी बिलिंग, ठेकेदारों से साठगांठ, घटिया गुणवत्ता की सामग्री की आपूर्ति या फिर बिना आपूर्ति के भुगतान जैसे गंभीर वित्तीय अनियमितताएं की गईं। इन गड़बड़ियों से सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ। इस मामले में ईडी ने इससे पहले 24 जनवरी 2025 को पूर्व विधायक बलजीत यादव से जुड़े जयपुर, दौसा और बहरोड़ में कुल 10 ठिकानों पर एक साथ सर्च ऑपरेशन चलाया था। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत की गई थी। तलाशी के दौरान ईडी को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और आपत्तिजनक सबूत हाथ लगे थे। सूत्रों का कहना है कि इन्हीं दस्तावेजों और सबूतों के आधार पर ईडी ने गिरफ्तारी की कार्रवाई की है। जनवरी में हुई तलाशी में जयपुर में 8 और दौसा-बहरोड़ में एक-एक ठिकाने शामिल थे। इस पूरे मामले की शुरुआत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की जांच से हुई थी। ACB ने MLA फंड से जुड़े इस कथित घोटाले में PMLA एक्ट के तहत FIR दर्ज की थी। इसके बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू की और वित्तीय लेन-देन की परतें खंगालनी शुरू कीं। ईडी सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं। गिरफ्तार किए गए पूर्व विधायक से ईडी कार्यालय जयपुर में आगे की पूछताछ की जाएगी और उनकी रिमांड की मांग भी की जा सकती है। गौरतलब है कि निर्दलीय विधायक रहते हुए बलजीत यादव ने खुद को भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने वाला नेता बताया था। पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में उन्होंने भ्रष्टाचार के विरोध में जयपुर के सेंट्रल पार्क में काले कपड़े पहनकर सुबह से शाम तक दौड़ लगाई थी, जिसे काफी प्रचार मिला था। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र में पोस्टर लगवाकर भ्रष्टाचार उजागर करने वालों को 51 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा भी की थी। अब उन्हीं पर MLA फंड के दुरुपयोग और करोड़ों रुपये के गबन का आरोप लगना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। ईडी की इस कार्रवाई के बाद राजस्थान की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष जहां इसे भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई बता रहा है, वहीं समर्थकों की ओर से इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई कहे जाने की संभावना भी जताई जा रही है। फिलहाल, ईडी की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े नाम सामने आने की अटकलें लगाई जा रही हैं।
ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग और विधायक निधि की हेराफेरी के मामले में बहरोड़ के पूर्व विधायक बलजीत यादव को गिरफ्तार किया
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