उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने अभी से प्रदेश में सामाजिक समीकरण साधना शुरू कर दिया है. पहले पार्टी ने प्रदेश की मजबूत कुर्मी बिरादरी से आने वाले पंकज चौधरी को यूपी प्रदेश अध्यक्ष बनाया और अब साध्वी निरंजन ज्योति को राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष बनाकर बड़ा दाँव चला है. पंकज चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने साध्वी निरंजन ज्योति को राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग का अध्यक्ष बनाया है. निरंजन ज्योति निषाद समाज से आती हैं जो राज्य अति पिछड़ा वर्ग में शामिल हैं. बीजेपी के इस कदम को आगामी चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है. जिसके ज़रिए पार्टी ने प्रदेश में सियासी और जातीय समीकरण साधने की कोशिश की है. साध्वी निरंजन ज्योति को बीजेपी में कोई अहम पद दिया जा सकता है, इसका संकेत बीते साल ही मिल गया था, जब बिहार विधानसभा चुनाव के बाद उन्हें डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के साथ सह-पर्यवेक्षक बनाकर पार्टी की ओर से पटना भेजा गया था. हालांकि उस वक्त उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की भी चर्चाएं जोरों से थीं लेकिन, तब बीजेपी ने पंकज चौधरी को मौका दिया. साल 2024 के आम चुनाव में पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग में बीजेपी के प्रति नाराजगी देखने को मिली थी, जिसकी वजह से पार्टी को राज्य में बड़ी हार का सामना करना पड़ा और पार्टी दूसरे नंबर पर आ गई. सपा के पीडीए फॉर्मूले के चलते बड़ी संख्या में पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग के लोग समाजवादी पार्टी के साथ खड़े नजर आए. लोकसभा चुनाव में बीजेपी को कुर्मी और निषाद बहुल अवध क्षेत्र में भारी नुक़सान उठाना पड़ा था. पार्टी के आंतरिक सर्वे में भी निषाद और कुर्मी समुदाय में नाराजगी की बात सामने आई थी. आंकड़ों के मुताबिक राज्य में 7-8 फीसद कुर्मी और क़रीब 15 फ़ीसद निषाद आबादी है जो चुनाव में हार-जीत में अहम भूमिका निभाते हैं. Varanasi News: गंगा में इफ्तार पर बढ़ा विवाद, वकील ने लगाया कोर्ट परिसर में खुलेआम धमकाने का आरोप
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