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उपायुक्त का प्राकृतिक कृषि प्रयोग स्वस्थ जीवन शैली को प्रेरित करता है

Amar Ujala
उपायुक्त का प्राकृतिक कृषि प्रयोग स्वस्थ जीवन शैली को प्रेरित करता है
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बोले, जहर-मुक्त खेती के लिए प्राकृतिक खेती से उगा भोजन बेहतर विकल्पऔर पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंसंवाद न्यूज एजेंसीऊना। ऊना के उपायुक्त जतिन लाल ने अपने सरकारी आवास की क्यारी में प्राकृतिक खेती से उगी सब्जियों के माध्यम से एक सशक्त संदेश दिया है। जतिन लाल ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की सोच को न केवल अमल में उतारा, बल्कि अपने घर की मिट्टी में बोकर इसे एक जीवंत उदाहरण में बदल दिया। उनके आवास परिसर में गोभी, चुकंदर, टमाटर, मूली, प्याज, शलगम, लहसुन, हरा धनिया, आलू सहित कई सब्जियां पूरी तरह प्राकृतिक विधि से उगाई गई हैं। उपायुक्त जतिन लाल का कहना है कि स्वस्थ जीवनशैली की असली शुरुआत थाली से होती है और ज़हर-मुक्त खेती इसका सबसे बेहतर विकल्प है। प्राकृतिक खेती से उगा भोजन स्वास्थ्य के लिए बेहतर होने के साथ स्वाद में भी कहीं अधिक समृद्ध होता है। मिट्टी में बसी ताजगी और क्यारियों से उठती सौंधी खुशबू यह संकेत देती है कि यह पहल केवल व्यक्तिगत प्रयोग नहीं, बल्कि प्रशासनिक नेतृत्व के माध्यम से समाज को दिशा देने का प्रेरक प्रयास है।आत्मा परियोजना निदेशक प्यारो देवी ने बताया कि ऊना जिले में 1,907 हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती की जा रही है। जिले के 48,006 किसानों में से 14,240 किसान प्रशिक्षण लेकर इस पद्धति से जुड़े हैं और अपनी आजीविका सुदृढ़ कर रहे हैं। प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक खेती से उगाई गई फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य भी तय किया है। प्राकृतिक गेहूं का एमएसपी 60 रुपये प्रति किलो और मक्की का 40 रुपये प्रति किलो निर्धारित किया गया है, जिससे किसानों को सीधे लाभ पहुंच रहा है।विज्ञापनविज्ञापन

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