अपने घर को हर कोई साफ और सुंदर बनाकर रखना चाहता है. इस मामले में ड्रॉइंग रूम का लोग बहुत ख्याल रखते हैं. कोई मोटा खर्चा करवा कर प्रोफेशनल से इंटीरियर डिजाइन करवाता है तो कोई खुद ही अपनी समझ से घर को सजा लेता है. लेकिन इस साज-सज्जा में यदि वास्तु के कुछ नियमों को भी शामिल कर लिया जाए तो आप घर को सुंदर और आकर्षक बनाने के साथ जीवन में कई तरह के लाभ भी प्राप्त कर सकते हैं. अन्यथा अनजाने में हुई एक छोटी सी गलती आपकी मुश्किल बढ़ा सकती है. घर के ईशान कोण और ब्रह्म स्थान में कोई भारी सामान नहीं होना चाहिए. बेहतर है कि यह स्थान बिल्कुल खाली हो. ब्रह्म स्थान में किसी प्रकार का भारीपन या कोई भारी सामान आपके स्वास्थ्य और जीवन में आने वाले सुनहरे अवसरों को खत्म कर सकता है. वहीं, ईशान कोण में मंदिर और हरियाली का होना अच्छा है. हरियाली के रूप में भी बहुत भारी गमले नहीं होने चाहिए. घर को सजाने के लिए लोग तरह-तरह की पेंटिंग्स लगाते हैं. वास्तु के अनुसार, उत्तर दिशा में बड़े और ऊंचे पहाड़ों की पेंटिंग की बजाए बहते जल, हरियाली, खुले मैदान और नीले आकाश की तस्वीर जीवन में नए अवसर और उम्मीदों को बढ़ाती है. इन तस्वीरों में लाल या पीला रंग नहीं होना चाहिए. जल तत्व की इस दिशा में किसी भी रूप में भारीपन नहीं होना चाहिए. वहीं, पश्चिम से उत्तर-पश्चिम की दिशा में ऊंची इमारतों की तस्वीर लगाना जीवन में स्थिरता प्रदान करता है. ऊंचे पहाड़ों से बहते झरने की तस्वीर पश्चिम दिशा में लगाने से आपकी इच्छाओं की पूर्ति होती है. यहां हरा रंग नहीं होना चाहिए. पीले, नीले और दूधिया सफेद रंग की तस्वीरें लगाना यहां शुभ है. परिवार के लोगों में एकता और खुशी बनी रहे, इसके लिए दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम दिशा में परिवार की संयुक्त फोटो लगानी चाहिए. इससे परिवार के लोगों में प्रेम बना रहता है. परिवार के बच्चों की खिलखिलाती फोटो ईस्ट-नॉर्थ-ईस्ट दिशा में लगाने से घर में खुशियां बनी रहती हैं. घर में दक्षिण से पश्चिम की दिशा में गलती से भी हरियाली या पेड़-पौधे नहीं होने चाहिए. इस दिशा में किसी भी रूप में हरा रंग परिवार के सदस्यों के बीच मनमुटाव पैदा कर सकता है. पश्चिम से लेकर पूर्व दिशा में हरियाली का होना अच्छा होता है. यदि आप घर में आर्टिफिशियल फूल लगा रहे हैं तो संबंधित दिशा तत्व का ध्यान रखते हुए फूलों के रंगों का चुनाव करें. जैसे- उत्तर से लेकर पूर्व दिशा तक मनीप्लांट या पत्तेदार और नीले फूल लगाए जा सकते हैं. पूर्व से लेकर दक्षिण दिशा तक हरे रंग के साथ लाल, गुलाबी व नारंगी रंग के फूलों का प्रयोग किया जा सकता है. दक्षिण से लेकर पश्चिम तक पीले और सफेद रंग के फूलों का प्रयोग कर सकते हैं. पश्चिम से लेकर उत्तर दिशा तक नीले, सफेद रंग के फूलों का प्रयोग करना अच्छा है. रंगों के आधार पर आप घर के पर्दे, पायदान आदि का प्रयोग कर सकते हैं. जिस तत्व की दिशा हो, उसी तत्व के रंग का प्रयोग करना लाभकारी होता है.
एक सुंदर और लाभकारी घर के लिए वास्तु युक्तियाँ
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