Achira News Logo
Achira News

एन. सी. टी. ई. मान्यता सुनवाई करघों के रूप में छात्रों की डिग्री शेष राशि में लटकी हुई है।

Amar Ujala
एन. सी. टी. ई. मान्यता सुनवाई करघों के रूप में छात्रों की डिग्री शेष राशि में लटकी हुई है।
Full News
Share:

पांच फरवरी को होगी हाईकोर्ट में सुनवाई, छात्रों की मांग जल्द एनसीटीई से अनुमति दिलाई जाएऔर पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंसंवाद न्यूज एजेंसीगुरुग्राम। स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज इन टीचर एजुकेशन में अध्ययनरत 350 से अधिक छात्रों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। बीए-बीएड और बीएससी-बीएड इंटीग्रेटेड पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने वाले ये छात्र पिछले पांच वर्षों से अपनी डिग्री को लेकर असमंजस में हैं। अब तक इन पाठ्यक्रमों को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) से मान्यता नहीं मिल सकी है। इस मामले को लेकर पांच फरवरी को हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है।देश के विभिन्न राज्यों से आए छात्रों का कहना है कि दाखिले के समय उन्हें यह जानकारी नहीं दी गई थी कि पाठ्यक्रम एनसीटीई से स्वीकृत नहीं है। छात्रों ने यह सोचकर संस्थान में प्रवेश लिया था कि मान्यता प्राप्त डिग्री मिलने के बाद नौकरी अपना भविष्य बना पाएंगे।विज्ञापनविज्ञापनअधिकारियों के अनुसार, एनसीटीई ने विनियम 2014 के परिशिष्ट-13 के 22 अक्तूबर 2021 को विलोपन का हवाला देते हुए हरियाणा के दो संस्थानों को मान्यता देने से इंकार कर दिया। जबकि इसी के आधार पर हरियाणा सहित देश के कई निजी संस्थानों को बाद में मान्यता दी गई। मान्यता के लिए पूर्व अनुरोध और निरीक्षण दल गठन के बावजूद 2023 में एनसीटीई ने मान्यता देने से मना कर दिया है।---------------------------------------एनसीटीई से मान्यता दिलवाई जाए ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके। सरकारी संस्थान है जब दाखिला लिया था उस दौरान बोला गया था कि एक से डेढ़ साल में मान्यता मिल जाएगी। ऐसे देखते-देखते पांच वर्ष बीत गए लेकिन अब तक मान्यता नहीं मिल पाई है।--सुधीर, विद्यार्थीमान्यता न मिलने से नौकरी मिलना मुश्किल है कहीं भी नौकरी लेने जाएंगे डिग्री की जरूरत होती है। इसके लिए हम सभी मिलकर फंड इकट्ठा कर रहे हैं जिससे समस्या का समाधान मिल पाए। -स्वपनल सिंह, विद्यार्थी---------------------------------------मामले में कोर्ट के निर्णय का इंतजार किया जा रहा है। पांच फरवरी को अदालत में सुनवाई प्रस्तावित है। उम्मीद है कि उस दिन स्थिति स्पष्ट होगी और आगे की कार्यवाही पर दिशा-निर्देश मिलेंगे, जिससे सभी पक्षों को राहत मिले। -राकेश के शियोरन, एचओडी, एनसीटीई, गुरुग्राम

Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Achira News.
Publisher: Amar Ujala

Want to join the conversation?

Download our mobile app to comment, share your thoughts, and interact with other readers.

एन. सी. टी. ई. मान्यता सुनवाई करघों के रूप में छात्रों की डिग्री शेष राशि में लटकी हुई है। | Achira News