ABVP की महानगर मंत्री दिव्यांशी मुरादिया ने बताया कि मध्य प्रदेश में पिछले 10 साल से छात्रसंघ चुनाव नहीं हो रहे थे, लेकिन अब वहां चुनाव कराने की घोषणा हो गई है। ऐसे में हमारी मांग है कि राजस्थान में भी जल्द से जल्द छात्रसंघ चुनाव करवाए जाएं, ताकि छात्रों को अपना अधिकार मिल सके। छात्रसंघ चुनाव होने से विद्यार्थियों को नेतृत्व करने का अवसर मिलता है। साथ ही कॉलेज प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाने में भी मदद मिलती है।विज्ञापनछात्र नेताओं का कहना है कि छात्रसंघ चुनाव राजनीति की पहली सीढ़ी होते हैं और यहीं से प्रभावी नेता चुने जाते हैं। ऐसे में हर साल छात्रसंघ चुनाव होने चाहिए। राजस्थान में कई साल से छात्रसंघ चुनाव पर रोक लगी हुई है, जिसकी वजह से छात्रों की बात प्रशासन और सरकार तक नहीं पहुंच पा रही है। छात्रों की मांग है कि छात्रसंघ चुनाव की तारीखों की जल्द घोषणा की जाए।विज्ञापनABVP ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए तो संगठन पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन करेगा। एबीवीपी ने कहा कि आंदोलन के लिए पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।यूं तो राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव हर साल होते रहे हैं, लेकिन आखिरी बार वर्ष 2022-23 में छात्रसंघ चुनाव हुए थे। इसके बाद से अब तक चुनाव पर रोक लगी हुई है। उस समय गवर्नमेंट आर्ट्स कॉलेज से एबीवीपी के छात्रसंघ अध्यक्ष बने मनीष सामरिया ने बताया कि छात्रसंघ चुनाव हमेशा नियमों के तहत हुए हैं। इन चुनावों में चुने जाने वाले प्रतिनिधि पूरी जिम्मेदारी के साथ छात्रों के साथ खड़े रहते हैं और उनकी आवाज को बुलंद करते हैं।यह भी पढ़ें:देवराज पलाड़ा मामले पर समाज और सरकार में बनी सहमति, पीड़ित परिवार को मिली त्वरित सहायतामनीष सामरिया ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से छात्रसंघ चुनाव नहीं होने की वजह से छात्रों का एक तरह का नेतृत्व खत्म हो गया है। उन्होंने मांग की कि राजस्थान में जल्द से जल्द छात्रसंघ चुनाव कराए जाएं, ताकि छात्रों को अपना प्रतिनिधि चुनने और अपनी आवाज मजबूती से उठाने का अवसर मिल सके।
एबीवीपी ने राजस्थान में छात्र संघ चुनाव की मांग की, आंदोलन की धमकी दी
Amar Ujala•

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