मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रालय में मध्यप्रदेश भवन विकास निगम लिमिटेड के संचालक मंडल की पांचवी बैठक हुई. बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निगम की आय सृजन के लिए रेवेन्यू जनरेटिंग बॉडी बनाने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि काम करने का तुरंत स्कोप और रेवेन्यू मिल सके, इसके लिए नवीन एवं वैकल्पिक राजस्व स्त्रोतों का विकास जरूरी है. इसके लिये निगम ने जल्द से जल्द 'रेवेन्यू जनरेटिंग बॉडी' का गठन कर लिया जाए. संचालक मंडल ने इस अहम प्रस्ताव पर सैद्धांतिक सहमति दे दी. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जिन बड़े भवन परियोजनाओं का निर्माण कार्य भवन विकास निगम द्वारा कराया जा रहा है, प्रयास करें कि वे तय समय-सीमा से पहले ही पूरी हो जाएं. मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज से रुबरु संवाद के लिए मुख्यमंत्री निवास में तैयार किये जा रहे जन-मन सभागार का निर्माण कार्य जनवरी 2027 में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले पूर्ण कर लिया जाए. उन्होंने कहा कि जितने भी नए मेडिकल कॉलेजों की बिल्डिंग एवं अन्य अधोसंरचनाएं भवन विकास निगम द्वारा तैयार किए जाएं, वह केंद्र सरकार के वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ नॉर्म्स) के आधार पर ही तैयार किये जाएं. बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निगम के दो बड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी. मुख्यमंत्री ने निगम को प्राप्त होने वाली 25 करोड़ रुपए तक की प्राक्कलित अनुबंध राशि (पीएसी) वाली सभी निविदाओं की स्वीकृति/ निरस्तीकरण के लिए निगम के प्रबंध संचालक एवं इसी आशय से गठित अधिकार समिति को अधिकृत किए जाने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया. प्रस्ताव के अनुसार अब प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश भवन विकास निगम इस संबंध में आगामी सभी कार्रवाई करने के लिए अधिकृत होंगे. इसी प्रकार मुख्यमंत्री ने संचालक मंडल द्वारा निगम की संगठनात्मक संरचना के अंतर्गत महाप्रबंधक (तकनीकी) संवर्ग में महाप्रबंधक (निविदा) एवं महाप्रबंधक (रीडेंसिफिकेशन) के दो नए पद सृजित करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया. इसके अनुसार अब प्रबंध संचालक, भवन विकास निगम में इस संबंध में आगामी सभी कार्रवाई के लिए अधिकृत किए गए. बैठक में निगम के प्रबंध संचालक ने भवन विकास निगम द्वारा पूरी की जा रही भवन परियोजनाओं की जानकारी दी गई. बताया गया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा भवन विकास निगम को कुल 763 परियोजनाएं आवंटित की गई हैं और इन सभी सक्रिय परियोजनाओं की कुल निर्माण लागत राशि 10 हजार 994 करोड़ रुपए है. बताया गया कि निगम द्वारा आईआईएम इंदौर के माध्यम से भर्ती की जा रही है. इसके अलावा मानक निविदा दस्तावेज भी तैयार किया जा रहे हैं. इससे पारदर्शिता एवं मानकीकरण में वृद्धि हुई है. प्रबंध संचालक ने बताया कि निगम में काम करने वाले ठेकेदार को काम पूरा होने के बाद भुगतान की अवधि औसतन 33 दिन से घटाकर 11 दिन कर दी गई है. इससे समय की बचत हो रही है. उन्होंने बताया कि निगम द्वारा प्रदेश में उज्जैन मेडिसिटी, सिंगरौली, मंडला, रीवा एवं बुदनी (जिला सीहोर) कुल 5 मेडिकल कॉलेजेस और उज्जैन का संयुक्त प्रशासनिक भवन तैयार किया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने यह सभी कार्य समय-सीमा में पूरे करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आवास परिसर में 26.57 करोड़ रुपए लागत से तैयार किया जा रहा जन-मन सभागार आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले पूरा कर लिया जाए. इससे बड़ी सुविधा होगी. प्रबंध संचालक ने बताया कि निगम द्वारा भोपाल में 130 करोड़ रुपए की लागत से 150 कक्षों का नया राज्य अतिथि गृह (स्टेट गेस्ट हाउस) और जबलपुर में 65 करोड़ रुपए की लागत से 75 कक्षों वाले सर्किट हाउस का निर्माण भी किया जा रहा है.
एम. पी. भवन विकास निगम लिमिटेड के निदेशक मंडल की बैठकः राजस्व सृजन और परियोजना को पूरा करने पर जोर दिया गया
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