अमर उजाला ब्यूरोनई दिल्ली। एम्स कम खर्च में बेहतर कैंसर इलाज के तरीके खोज रहा है। इसके लिए संस्थान के शोधकर्ता सस्ती दवाओं, कम डोज में उपचार, इम्यूनोथेरेपी और बीमारी की शुरुआती पहचान जैसे विकल्पों पर अध्ययन कर रहे हैं। कोशिश है कि कैंसर मरीजों को आधुनिक और प्रभावी उपचार उपलब्ध कराने के साथ इलाज पर होने वाले खर्च को भी कम किया जा सके। इससे उन मरीजों को विशेष राहत मिल सकती है, जो आर्थिक तंगी के कारण पूरा उपचार नहीं करा पाते।एम्स के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. समीर बख्शी के अनुसार, कैंसर का इलाज लंबे समय तक चलने के कारण मरीजों और उनके परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ता है। दवाओं के अलावा बार-बार होने वाली जांच, अस्पताल में भर्ती और अन्य चिकित्सा प्रक्रियाओं पर भी बड़ी रकम खर्च होती है। कई बार आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण मरीज उपचार बीच में ही छोड़ देते हैं। ऐसे में कम कीमत वाली प्रभावी दवाओं की उपलब्धता इलाज को अधिक लोगों तक पहुंचाने में मददगार हो सकती है।विज्ञापनकम डोज से खर्च घटाने की संभावनाशोधकर्ता यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि क्या कुछ विशेष प्रकार के कैंसर में दवाओं की कम मात्रा देकर भी बेहतर उपचार परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। यदि शोध में इसके सकारात्मक नतीजे मिलते हैं तो दवाओं पर होने वाला खर्च कम हो सकता है। हालांकि, यह तरीका सभी मरीजों के लिए उपयुक्त नहीं होगा। इसका निर्णय कैंसर के प्रकार और मरीज की स्थिति के अनुसार ही किया जाएगा।विज्ञापनइम्यूनोथेरेपी को सुलभ बनाने पर जोरइम्यूनोथेरेपी में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कैंसर से लड़ने के लिए सक्रिय किया जाता है। उपचार की इस पद्धति ने नई संभावनाएं पैदा की हैं, लेकिन इसकी कुछ दवाएं काफी महंगी हैं। इसलिए इनके बेहतर इस्तेमाल और अधिक मरीजों तक पहुंच बनाने के विकल्पों पर भी काम हो रहा है। इसके अलावा कैंसर की शुरुआती पहचान पर जोर दिया जा रहा है। समय रहते बीमारी का पता चलने से उपचार की जटिलता कम करने और इलाज की सफलता की संभावना बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
एम्स ने किफायती कैंसर उपचार विकल्पों की खोज की
Amar Ujala•

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