आजकलएयरकंडीशनर (AC) हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बनता जा रहा है। घर से लेकर ऑफिस तक, दिन का ज्यादातर हिस्सा एसी में गुजरता है। इसके अपने फायदे हैं, लेकिन कुछ नुकसान भी होते हैं। लगातार ठंडी और ड्राई हवा में रहने से इम्यूनिटी कमजोर पड़ सकती है। साथ ही बंद कमरे का माहौल और टेम्परेचर में बार-बार बदलाव सेहत के लिए चुनौती बन सकता है। ऐसे में जरूरी है कि एसी के इस्तेमाल के साथ अपनी सेहत का भी ध्यान रखें। इसलिए ‘जरूरत की खबर’ में आज एसी के हेल्थ रिस्क समझेंगे। साथ ही जानेंगे- किन लोगों को एसी में ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए? एसी इस्तेमाल करने का सही तरीका क्या है? एक्सपर्ट: डॉ. मोहम्मद शाहिद, सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, कानपुर सवाल- एसी की हवा हमारे शरीर को कैसे प्रभावित करती है? जवाब-एसी की ठंडी-शुष्क हवा स्किन और रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट को ड्राई कर सकती है। सवाल- क्या लंबे समय तक एसी में रहने से इम्यून सिस्टम कमजोर होता है? जवाब-लगातार ठंडे वातावरण में रहने से शरीर बाहरी टेम्परेचर के अनुसार एडजस्ट नहीं हो पाता है। इससे इम्यून सिस्टम प्रभावित होता है। सवाल- इम्यून सिस्टम कमजोर क्यों होता है? जवाब-गर्मी में लंबे समय तक एसी में रहने से शरीर का टेम्परेचर थर्मल एडैप्टेशन (टेम्परेचर के अनुसर बॉडी एडजस्टमेंट) कमजोर हो जाता है। ग्राफिक में देखिए, एसी में रहने से इम्यूनिटी क्यों और कैसे कमजोर होती है- सवाल- क्या हर वक्त एसी में रहने वाले लोग जल्दी बीमार पड़ते हैं? जवाब-ऐसा नहीं है, लेकिन लगातार एसी में रहने से बाहरी मौसम के प्रति शरीर की सहनशीलता कम हो सकती है। सवाल- एसी का टेम्परेचर बहुत कम रखने से शरीर के डिफेंस मैकेनिज्म पर क्या प्रभाव पड़ता है? जवाब-लो टेम्परेचर से शरीर को हीट कंजर्व करने के लिए लगातार काम करना पड़ता है। इससे ब्लड वेसल्स संकुचित हो सकती हैं और इम्यून रिस्पॉन्स स्लो हो सकता है। सवाल- क्या ज्यादा एसी में रहने से सर्दी-जुकाम, एलर्जी या इन्फेक्शन का रिस्क भी बढ़ता है? जवाब-हां ऐसा हो सकता है, इसके कई कारण हैं- सवाल- एसी की ठंडी और ड्राई हवा रेस्पिरेटरी सिस्टम और स्किन बैरियर को कैसे प्रभावित करती है? जवाब-लंग्स पर ये प्रभाव पड़ता है- स्किन पर एसी का प्रभाव सवाल- कौन-से लक्षण बताते हैं कि एसी एक्सपोजर शरीर को सूट नहीं कर रहा? क्या इन्हें नजरअंदाज करना सही है? जवाब-लगातार ठंडे और ड्राई वातावरण में रहने से शरीर की नेचुरल एडैप्टेशन क्षमता प्रभावित हो सकती है। कुछ लोगों में एयर-वे सेंसिटिविटी बढ़ने से रेस्पिरेटरी डिस्कम्फर्ट महसूस होता है। सभीसंकेत ग्राफिक में देखिए- सवाल- किन लोगों को एसी में रहने से ज्यादा हेल्थ रिस्क होता है? जवाब-कुछ लोगों का शरीर टेम्परेचर और नमी के बदलाव के प्रति ज्यादा सेंसिटिव होता है। ग्राफिक में देखिए किन लोगों को ज्यादा रिस्क होता है- सवाल- अगर एसी के इतने नुकसान हैं तो क्या एसी बिल्कुल यूज नहीं करना चाहिए? जवाब-ऐसा नहीं है। इसका सही इस्तेमाल फायदेमंद है- सवाल- एसी के इस्तेमाल का सही तरीका क्या है? जवाब-टेम्परेचर 24-26°C के बीच रखना शरीर के लिए आरामदायक माना जाता है। ………………ये खबर भी पढ़िएजरूरत की खबर- क्या आप आउटडोर वर्क करते हैं: हो सकते हैं ये 10 हेल्थ रिस्क, ऐसे करें हीटवेव से बचाव, खाली पेट धूप में न निकलें देशभर में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है। कई शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। तेज धूप और लू के कारण लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है।आगे पढ़िए…
एयर कंडीशनिंग के छिपे हुए स्वास्थ्य जोखिमः विशेषज्ञ अंतर्दृष्टि
Dainik Bhaskar•

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