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एसएसबी का तीसरा स्पोर्ट्स स्पेशल बीआरटीसी बैच गर्व और सटीकता के साथ संपन्न हुआ

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एसएसबी का तीसरा स्पोर्ट्स स्पेशल बीआरटीसी बैच गर्व और सटीकता के साथ संपन्न हुआ
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राजस्थान के अलवर में सशस्त्र सीमा बल (SSB) की पासिंग आउट परेड थी. मैदान में नए जवान कदमताल कर रहे थे, अधिकारी सलामी ले रहे थे और परिजनों की आंखों में गर्व साफ दिखाई दे रहा था. इस पूरे समारोह में एक ऐसा प्रदर्शन भी हुआ, जिसने सबसे ज्यादा तालियां बटोरीं. ये थे SSB के प्रशिक्षित डॉग्स. मौजपुर ट्रेनिंग सेंटर में तृतीय खेल विशेष बीआरटीसी बैच की पासिंग आउट परेड आयोजित की गई. प्रशिक्षण पूरा करने वाले रिक्रूट्स अब देश सेवा के लिए तैयार हैं. समारोह में मौजूद लोगों की नजरें कई बार डॉग स्क्वॉड की तरफ भी चली गईं. पासिंग आउट परेड के दौरान प्रशिक्षुओं ने शानदार मार्च पास्ट किया और मुख्य अतिथि को सलामी दी. जवानों ने प्रशिक्षण के दौरान सीखे गए कौशल, अनुशासन और आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया. यह बैच खास इसलिए भी है, क्योंकि इसमें खेल कोटे से भर्ती हुए खिलाड़ी शामिल हैं. इन्हें सुरक्षा बलों की जिम्मेदारियों के साथ-साथ कठिन परिस्थितियों में काम करने की विशेष ट्रेनिंग दी गई है. समारोह के दौरान SSB डॉग ट्रेनिंग सेंटर के विशेष डॉग दस्ते ने प्रदर्शन किया. कभी ऊंची बाधाएं पार करना, कभी अपने हैंडलर के इशारे पर सटीक रिप्लाई देना और कभी मुश्किल अभ्यासों को आसानी से पूरा करना. डॉग्स के हर करतब पर दर्शकों की तालियां गूंजती रहीं. एक पल के लिए ऐसा लगा जैसे पासिंग आउट परेड के साथ-साथ डॉग्स का भी कोई अलग शो चल रहा हो. दरअसल, इन डॉग्स को लंबे समय तक विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है. बाद में इन्हें देश के अलग-अलग राज्यों और संवेदनशील इलाकों में तैनात किया जाता है, जहां ये सुरक्षा अभियानों का अहम हिस्सा बनते हैं. एसएसबी रिक्रूट प्रशिक्षण केंद्र के उप महानिरीक्षक संजीव यादव ने प्रशिक्षण पूरा करने वाले जवानों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि सशस्त्र सीमा बल देश की सुरक्षा के लिए समर्पित बल है और नए जवानों से उम्मीद है कि वे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और अनुशासन के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे. उन्होंने जवानों को बल की परंपराओं को आगे बढ़ाने और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की सीख भी दी. परेड में बड़ी संख्या में जवानों के परिवार वाले भी पहुंचे थे. किसी ने बेटे को पहली बार वर्दी में देखा तो किसी ने बेटी को देश सेवा के लिए तैयार जवान के रूप में. कई परिजनों के चेहरे पर गर्व साफ नजर आ रहा था. यह खेल विशेष बीआरटीसी बैच है. यानी ऐसे युवा, जो पहले से खेलों में अपनी प्रतिभा साबित कर चुके हैं. अब ये खिलाड़ी-जवान भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में SSB का प्रतिनिधित्व भी कर सकते हैं.

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