नीरेश उर्फ नीरे उर्फ श्यामपाल गैंगस्टर अधिनियम के एक मामले में वारंट में फरार था। उसके विरुद्ध हाथरस, मथुरा, आगरा और अलीगढ़ जनपदों में हत्या के प्रयास, लूट, गैंगस्टर अधिनियम, गुंडा अधिनियम, एनडीपीएस अधिनियम और शस्त्र अधिनियम जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। कुल 45 अभियोग उसके आपराधिक इतिहास का हिस्सा हैं। वह थाना सादाबाद का हिस्ट्रीशीटर एचएस नंबर 10ए भी है।विज्ञापनएसपी हाथरस ने अभियुक्त के लंबे समय से फरार रहने को गंभीरता से लिया। उन्होंने सीओ सादाबाद के नेतृत्व में प्रभारी निरीक्षक थाना सादाबाद को निर्देशित किया। पुलिस टीम ने अभियुक्त के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई। सर्विलांस सेल की तकनीकी सहायता और डिजिटल सूचनाओं का विश्लेषण किया गया। यक्ष एप के माध्यम से उपलब्ध पुलिस डाटाबेस का भी उपयोग हुआ। कई दिनों की सुरागरसी, तकनीकी विश्लेषण और जमीनी पुलिसिंग के बाद पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी मिली।विज्ञापनपुलिस को पता चला कि अभियुक्त गिरफ्तारी से बचने के लिए पहचान छिपा रहा था। वह लंबे समय से मथुरा-वृंदावन क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर रह रहा था। अपनी पहचान छिपाने के लिए वह साधु सहित कई भेष बदलता था। प्राप्त सूचना को विकसित करते हुए थाना सादाबाद पुलिस ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखी। मुखबिर की सटीक सूचना पर कार्रवाई करते हुए उसे सादाबाद-राया बॉर्डर से गिरफ्तार किया गया।नीरेश उर्फ नीरे उर्फ श्यामपाल वर्ष 2006 के गैंगस्टर अधिनियम के मुकदमे में फरार था। लगातार फरार रहने के कारण पुलिस अधीक्षक हाथरस ने 18 सितंबर को उसकी गिरफ्तारी पर 25,000 रुपये का पुरस्कार घोषित किया था।
कुख्यात अपराधी निरेश उर्फ नीर उर्फ श्यामपाल को लंबे समय तक फरार रहने के बाद पुलिस ने पकड़ लिया
Amar Ujala•

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