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कोड को समझना-टायर के आकार और विशिष्टताओं को समझना।

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कोड को समझना-टायर के आकार और विशिष्टताओं को समझना।
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जब भी आप अपनी कार या बाइक के टायर को ध्यान से देखते हैं, तो उसके किनारे कई नंबर और अक्षर लिखे दिखाई देते हैं. जैसे P215/60R16 95H. पहली नजर में यह किसी मुश्किल कोड जैसा लगता है, लेकिन असल में इसमें टायर से जुड़ी कई जरूरी जानकारियां छिपी होती हैं. इन नंबरों और अक्षरों से आप पता लगा सकते हैं कि टायर कितना चौड़ा है, किस साइज के पहिए पर लगेगा, कितना वजन उठा सकता है और उसकी स्पीड क्षमता कितनी है. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि टायर पर लिखे इस कोड का क्या मतलब होता है. टायर के किनारे यानी साइडवॉल पर एक कोड लिखा होता है. उदाहरण के लिए P215/60R16 95H. इसमें हर नंबर और अक्षर का अपना अलग मतलब है.इसे एक-एक करके समझना काफी आसान है. इस कोड की शुरुआत में P लिखा है. इसका मतलब है कि यह टायर पैसेंजर वाहन के लिए बनाया गया है. आम कारों में इस तरह के टायर देखने को मिलते हैं. वहीं अगर टायर पर LT लिखा हो तो इसका मतलब लाइट ट्रक (Light Truck) होता है. ऐसे टायर कुछ पिकअप और दूसरे हल्के कमर्शियल वाहनों में इस्तेमाल किए जाते हैं. अगर शुरुआत में कोई अक्षर नहीं लिखा है, तो इसका मतलब यह हो सकता है कि टायर किसी दूसरी साइजिंग प्रणाली के हिसाब से बनाया गया है. अब कोड में आगे 215 लिखा है. यह टायर की चौड़ाई बताता है. यह चौड़ाई मिलीमीटर में होती है. यानी 215 का मतलब करीब 215 मिलीमीटर चौड़ा टायर है. आसान भाषा में समझें तो यह नंबर बताता है कि टायर एक किनारे से दूसरे किनारे तक कितना चौड़ा है. इसके बाद आता है 60. इसे Aspect Ratio कहा जाता है. आसान भाषा में यह टायर की साइडवॉल की ऊंचाई से जुड़ा नंबर है. 60 का मतलब है कि टायर की साइडवॉल की ऊंचाई उसकी चौड़ाई की 60 फीसदी है. Aspect Ratio कम होने पर टायर की साइडवॉल छोटी होती है, जबकि ज्यादा होने पर साइडवॉल ऊंची होती है. इसका असर कार की राइड और हैंडलिंग पर भी पड़ सकता है. अब कोड में R आता है. इसका मतलब Radial है. आज ज्यादातर कारों में रेडियल टायर का इस्तेमाल किया जाता है. इसके बाद लिखा 16 पहिए के डायमीटर यानी साइज को बताता है. यहां 16 का मतलब है कि यह टायर 16 इंच के व्हील के लिए बनाया गया है. इसलिए टायर बदलते समय यह देखना जरूरी है कि उसका साइज आपकी कार के व्हील से मेल खाता हो. अब आता है 95. इसे Load Index कहा जाता है. यह बताता है कि एक टायर कितना अधिकतम वजन संभालने के लिए रेट किया गया है. ध्यान देने वाली बात यह है कि Load Index सिर्फ एक नंबर है और इसकी वास्तविक वजन क्षमता एक तय मानक तालिका से पता चलती है. इसलिए नया टायर खरीदते समय सिर्फ चौड़ाई और व्हील साइज देखना काफी नहीं है. कोड के आखिर में H लिखा है. यह टायर की (स्पीड रेटिंग) Speed Rating बताता है. उदाहरण के तौर पर कुछ आम Speed Ratings इस तरह हैं: S– 180 किमी/घंटे तक T – 190 किमी/घंटे तक H– 210 किमी/घंटे तक हालांकि इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आपको कार इतनी स्पीड पर चलानी चाहिए. यह सिर्फ बताता है कि टायर को तय परिस्थितियों में किस अधिकतम स्पीड क्षमता के लिए रेट किया गया है. जब भी कार या बाइक के टायर बदलवाएं तो सिर्फ टायर देखकर या अंदाज से खरीदारी न करें. टायर पर लिखे साइज, लोड इंडेक्स, स्पीड रेटिंग को जरूर चेक करें. आप अपनी कार की (ओनर मेन्यूल) Owner's Manual में दिए गए टायर साइज से भी इसका मिलान कर सकते हैं. जरूरत हो तो टायर एक्सपर्ट की मदद लें. यानी अगली बार टायर के किनारे P215/60R16 95H जैसा कोड दिखे तो इसे देखकर कंफ्यूज होने की जरूरत नहीं. इस छोटे से कोड में टायर की चौड़ाई, साइडवॉल, व्हील साइज, वजन क्षमता और स्पीड रेटिंग जैसी कई जरूरी जानकारियां छिपी होती हैं.

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Publisher: Aaj Tak

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