भारत ने उच्च शिक्षा और रिसर्च के क्षेत्र में एक बार फिर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है. 3 नवंबर 2026 को जारी QS वर्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग एशिया 2027 में भारत के कुल 325 विश्वविद्यालयों को जगह मिली है. इस मामले में भारत एशिया में दूसरे स्थान पर है. पिछले साल इस रैंकिंग में भारत के 294 संस्थान शामिल थे. इस बार 34 नए संस्थानों ने जगह बनाई है. खास बात यह है कि रिसर्च पेपर प्रकाशित करने और पीएचडी डिग्री वाले शिक्षकों के मामले में भारतीय विश्वविद्यालयों का प्रदर्शन काफी शानदार रहा है. रिसर्च पेपर प्रति फैकल्टी के मामले में भारत एशिया में सबसे आगे है. इस कैटेगरी में भारत के 27 विश्वविद्यालय एशिया के टॉप 50 में शामिल हैं. वहीं, पांच भारतीय संस्थानों ने टॉप 10 में जगह बनाई है. इसमें IISc बेंगलुरु पहले, IIT मद्रास तीसरे, IIT दिल्ली सातवें, IIT रुड़की आठवें और IIT रोपड़ नौवें स्थान पर है. खास बात यह है कि IISc बेंगलुरु ने इस कैटेगरी में पूरे एशिया में पहला स्थान हासिल किया है. यह प्रदर्शन बताता है कि भारतीय संस्थानों में रिसर्च और नए विषयों पर काम करने की क्षमता लगातार मजबूत हो रही है. रिसर्च के साथ-साथ पीएचडी डिग्री रखने वाले शिक्षकों के मामले में भी भारत ने शानदार प्रदर्शन किया है. QS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस कैटेगरी में भारत के 15 विश्वविद्यालय एशिया में संयुक्त रूप से पहले स्थान पर हैं. वहीं, 47 भारतीय संस्थानों को इस इंडिकेटर के टॉप 100 में जगह मिली है. किसी विश्वविद्यालय में योग्य और अनुभवी शिक्षकों की मौजूदगी पढ़ाई के स्तर के साथ रिसर्च को भी बेहतर बनाने में मदद करती है. ऐसे में इस कैटेगरी में भारत का प्रदर्शन उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है. ओवरऑल रैंकिंग में IIT दिल्ली भारत का सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला संस्थान है. इसे एशिया में 66वां स्थान मिला है. इसके बाद IISc बेंगलुरु 79वें, IIT बॉम्बे 83वें, IIT मद्रास 85वें, IIT खड़गपुर 90वें और IIT कानपुर 97वें स्थान पर है. यानी रिसर्च के कुछ मानकों पर भारत आगे है. दीनदयाल पाटीदार एबीपी लाइव में कार्यरत हैं. एजुकेशन बीट की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वह स्कूल और यूनिवर्सिटी एडमिशन, प्रतियोगी परीक्षाओं के नतीजों, सरकारी भर्तियों, स्कॉलरशिप और शिक्षा से जुड़ी नीतियों पर नियमित तौर पर खबरें लिखते हैं, ताकि छात्रों और अभिभावकों तक सही, सटीक और समय पर जानकारी पहुंच सके. उनकी कोशिश रहती है कि जटिल से जटिल सरकारी नियम और शैक्षणिक अपडेट भी पाठकों तक आसान और समझने लायक भाषा में पहुंचे. एबीपी लाइव में आने से पहले दीनदयाल पाटीदार अपनी यूनिवर्सिटी की मीडिया टीम का हिस्सा रह चुके हैं, जहां उन्होंने कैंपस से जुड़ी खबरों, इवेंट्स और एकेडमिक गतिविधियों की रिपोर्टिंग और कवरेज की जिम्मेदारी निभाई. इसी दौरान उन्होंने रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग, न्यूज राइटिंग की बारीकियां और खबरों को सही फॉर्मेट व भाषा में पेश करने का हुनर सीखा, जो आज उनकी पत्रकारिता का अहम हिस्सा हैं. पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो उन्होंने मंदसौर यूनिवर्सिटी, मंदसौर से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (बीए-जेएमसी) में स्नातक की पढ़ाई की है. वह मूल रूप से मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के रहने वाले हैं.
क्यू. एस. विश्व विश्वविद्यालय रैंकिंग एशिया 2027 में भारत दूसरे स्थान पर
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