राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत प्रदेश के परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों, कंपोजिट विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में इस शैक्षिक सत्र से 10 बैगलेस डे आयोजित किए जाएंगे। अगस्त से नवंबर तक प्रत्येक शनिवार को विद्यार्थियों के लिए गतिविधि आधारित शिक्षण होगा, जबकि 14 नवंबर को सभी विद्यालयों में बाल मेला आयोजित किया जाएगा। इन गतिविधियों के संचालन के लिए प्रत्येक विद्यालय को 6,500 रुपये दिए जाएंगे। इसके लिए प्रदेश स्तर पर 28.94 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है। बैगलेस डे से बच्चों को केवल किताबों तक सीमित रखने के बजाय अनुभवात्मक, गतिविधि आधारित और कौशलपरक शिक्षा से जोड़ना है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को श्रम का महत्व, स्थानीय हस्तशिल्प, एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी), आत्मनिर्भर भारत और वोकल फार लोकल जैसी अवधारणाओं से भी परिचित कराया जाएगा। इसके लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने 34 गतिविधियों वाला आनंदम माड्यूल तैयार किया है। इसे विज्ञान, पर्यावरण एवं प्रौद्योगिकी, सार्वजनिक कार्यालय एवं स्थानीय उद्योग व कला, संस्कृति एवं इतिहास जैसे तीन प्रमुख भागों में बांटा गया है। बैगलेस डे के दौरान विद्यार्थी मिट्टी के खिलौने बनाना, किचन गार्डन तैयार करना, जैविक खेती, जल संरक्षण, स्वास्थ्य और चाइल्ड सेफ्टी, जूट क्राफ्ट, विज्ञान माडल, मिनी बैंक, उद्यमिता, बैंक और डाकघर का भ्रमण, डूडलिंग, संगीत, नाटक, फोटोग्राफी, ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण, सार्वजनिक अवसंरचना का अध्ययन, स्थानीय उद्योगों का दौरा, एआइ, रोबोटिक्स, स्क्रैच कोडिंग और ड्रोन तकनीक जैसी गतिविधियों में भाग लेंगे। यूपी के किसानों के लिए बड़ी राहत, 14 अगस्त तक करा सकेंगे खरीफ फसलों का बीमा इस संबंध में महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।
कर्नाटक के स्कूलों ने गतिविधि-आधारित शिक्षा के लिए'बैगलेस डेज़'पहल शुरू की
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