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काली मिर्च के साथ प्रतिरक्षा को बढ़ावा देंः एक मौसमी सुपरफूड

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काली मिर्च के साथ प्रतिरक्षा को बढ़ावा देंः एक मौसमी सुपरफूड
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अगर आप बहुत जल्दी बीमार होते हैं। मौसम बदलते ही सर्दी, जुकाम की समस्या परेशान करने लगती है, आपकी पाचन क्रिया कमज़ोर है, तो आपको खाने में काली मिर्च का इस्तेमाल बढ़ा देना चाहिए। काली मिर्च में 'पाइपेरिन' नामक एंटीऑक्सीडेंट होता है जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और दवा की तरह काम करता है। रोज के खाने में आप आसानी से काली मिर्च का उपयोग बढ़ा सकते हैं। खासतौर से बदलते मौसम में काली मिर्च का सेवन अधिक करना चाहिए। आयुर्वेदिक डॉक्टर चंचल शर्मा के अनुसार काली मिर्च एक ऐसा पदार्थ है जिसका सेवन आपके शरीर में वात, पित्त और कफ के दोषों को नेचुरली बैलेंस करता है। काली मिर्च शरीर में ऊर्जा बनाए रखने, बीमारियों को दूर रखते हैं में मदद करती है। हालांकि इसका सेवन मौसम के हिसाब से करना फायदेमंद होता है। सर्दी में हल्की ज्यादा मात्रा में भी काली मिर्च का सेवन नुकसान नहीं देगा लेकिन गर्मी में ज्यादा काली मिर्च खाने से परेशानी हो सकती है। खाने में काली मिर्च का इस्तेमाल आपको भरपूर फायदे देता है। सर्दियों के दिनों में काली मिर्च का इस्तेमाल काफी ज्यादा किया जाता है। लड्डू, सूप, काढ़ा और कई दूसरे व्यंजनों में लोग काली मिर्च डालते हैं। जिससे ठंड के असर को कम किया जा सके। सर्दी जुकाम होने पर लोग काली मिर्च का सेवन करते हैं जिससे गले को आराम मिल सके। काली मिर्च खाने से पुरुषों में नपुंसकता कम होती है। अगर किसी को पीरियड्स देरी से आते हैं तो काली मिर्च का सेवन किया जा सकता है। जिन्हें चर्म रोग, बुखार और कुष्ठ रोग है उनके लिए काली मिर्च फायदेमंद है। आंखों के लिए काली मिर्च का काफी ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। जोड़ों का दर्द, गठिया, लकवा और खुजली में काली मिर्च से बना तेल बहुत फायदा करता है। काली मिर्च में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो पेट को साफ रखने और पाचन को तेज करने में मदद करते हैं। काली मिर्च ऐसा मसाला है जिसका सेवन करने से शरीर में त्रिदोष सही तरीके से काम करता है। काली मिर्च गर्म तासीर की होती है और ये वात और कफ को शांत करती है। काली मिर्च लिवर से हानिकारक पदार्थों यानि जमा टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करती है, इससे लिवर अधिक बेहतर तरीके से काम करता है। आयुर्वेद में काली मिर्च का उपयोग पेट के कीडे़ मारने के लिए भी किया जाता है। इसे खाने से पेट के कीड़े खत्म हो जाते हैं। चूंकि काली मिर्च गर्म तासीर की होती है तो ये अस्थमा के मरीज के लिए फायदेमंद मानी जाती है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं छाती में जमे कफ को बाहर निकालने और पुरानी खांसी और सांस की तकलीफ में राहत पहुंचाने का काम करते हैं। काली मिर्च की तासीर गरम होती है अगर आप ज्यादा मात्रा में गर्मियों में काली मिर्च का सेवन करते हैं तो इससे शरीर में गरमी पैदा हो सकती है। आप सीमित मात्रा में काली मिर्च खा सकते हैं। गर्मियों में 1- 2 चुटकी काली मिर्च खाने से आपको कोई नुकसान नहीं होगा बल्कि इसके फायदे मिलेंगे। कोई भी चीज चाहे कितनी भी फायदेमंद हो लेकिन जरूरत से ज्यादा सेवन नुकसान दायक हो सकता है। काली मिर्च भी एक आयुर्वेदिक औषधि है, जिसका सही मात्रा में सेवन करना ही सेहतमंद होगा। ज्यादा खाने से शरीर को नुकसान हो सकता है। ज्यादा काली मिर्च खाने से शरीर में गर्मी बढ़ सकती है। कई बार लोगों को पेट में जलन की समस्या होने लगती है। कमजोर पाचन तंत्र या अल्सर के रोगियों को सीने में जलन और पेट में दर्द की शिकायत हो सकती है। इससे चेहरे पर दाने, फुंसियां या मुहांसे हो सकते हैं। Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

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