विस्तारAdd as a preferredsource on googleआईएस के लिए ऑनलाइन भर्ती कराने के आरोप में एटीएस ने गिरफ्तार किए बीडीएस छात्र हारिश के मामले में जैसे जैसे जांच आगे बढ़ रही हैं वैसे वैसे नए तथ्य सामने आ रहे हैं।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंपुलिस और खुफिया एजेंसियों की टीम ने अन्य छात्रों से पूछताछ की तो पता चला कि करीब एक सप्ताह पहले हारिश से मिलने तीन युवक आए थे। हारिश ने उनसे कॉलेज के बाहर ही कांठ रोड पर कैंटीन पर बैठकर बातचीत की थी।विज्ञापनविज्ञापनतीन युवक उसके रिश्तेदार थे या फिर आईएस के लिए काम करने संदिग्ध युवक, यह अभी साफ नहीं हो पाया है। सहारनपुर के मानकमऊ निवासी रियासत अली आईटीसी में टेक्नीशियन के पद कार्यरत हैं।रियासत अली का बड़ा बेटा डॉ. आकिफ एमबीबीएस, एमडी डॉक्टर है और लखनऊ में कार्यरत है। जबकि बेटी अरफा महाराष्ट्र में रहकर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। रियासत अली ने दो साल पहले छोटे बेटे हारिश का मुरादाबाद के निजी कॉलेज में बीडीएस में दाखिल कराया था।हारिश यहां शामली निवासी छात्र के साथ हॉस्टल में एक ही रूम में रह रहा था था लेकिन वह धीरे-धीरे कुख्यात आतंकी संगठन से जुड़ गया था। उसने अपने साथ 50 से ज्यादा छात्र जोड़ लिए थे। दो दिन पहले एटीएस हारिश को गिरफ्तार कर लखनऊ ले गई थी।छात्रों पर निगरानी कर रही एटीएसइसके बाद भी एटीएस उससे जुड़े छात्रों पर निगरानी कर रही है। अब पता चला कि एक सप्ताह पहले भी तीन युवक उससे मिलने कॉलेज तक पहुंचे थे। कॉलेज आने पर वह अपने साथी और अन्य छात्रों से बोलकर निकला था कि वह कॉलेज से बाहर जा रहा है।एक छात्र ने उससे साथ चलने के लिए कहा तो उसे रोक दिया था और कहा कि वह अभी वापस आ रहा है लेकिन एक घंटे से ज्यादा समय तक उसने कॉलेज के बाहर प्रेम नगर चौराहे के पास एक कैंटीन में बैठ कर बात की थी। कुछ अन्य छात्रों ने इन्हें यहां बैठे हुए देखा था। अब टीमें इन तीन युवकों की तलाश में जुट गई हैं। इनके बारे में विस्तार से जानकारी जुटाई जा रही है।15 पहले भी हारिश की तलाश में मुरादाबाद पहुंची थी टीमबीडीएस का छात्र सोशल मीडिया के जरिए लंबे समय से आईएस से जुड़ा हुआ था और उसने अन्य छात्रों को अपने साथ शामिल कर लिया था। एटीएस और अन्य एजेंसियां उसे वॉच कर रही थीं। बताया जा रहा है कि 15 दिन पहले भी टीम उसकी तलाश में आई थी।टीम के सदस्यों ने कभी मरीज बनकर तो कभी तीमारदार बनकर कॉलेज में रेकी की थी लेकिन उस वक्त हारिश अपने घर चला गया था। जिस कारण टीम को सफलता नहीं मिल पाई थी। इसके बाद टीम लौट गई थी लेकिन दोबारा टीम पूरी तैयारी के साथ आई और हारिश को दबोच लिया था।संदिग्ध आतंकी हारिश अली की गिरफ्तारी के बाद परिवार पर निगरानी बढ़ाईमुरादाबाद से गिरफ्तार किए गए संदिग्ध आतंकी हारिश अली का घर दूसरे दिन भी बंद रहा। उसके परिवार का कोई अता पता नहीं है। ऐसे में एटीएस, एसटीएफ, स्थानीय पुलिस और एलआईयू ने परिवार की निगरानी बढ़ा दी है। इसके अलावा डॉ. आदिल से भी कनेक्शन की जांच तेज कर दी है।थाना कुतुबशेर क्षेत्र के मानकमऊ की ट्रांसफार्मर वाली गली में संदिग्ध आतंकी हारिश अली का परिवार रहता है। मुरादाबाद में गिरफ्तारी के बाद बुधवार को उसके घर के आसपास कोई परिचित या रिश्तेदार नजर नहीं आया। गली में सामान्य आवाजाही जरूर रही, लेकिन लोगों ने उसके घर की ओर रुख करने से परहेज किया।हारिश अली के पिता रियासत अली क्षेत्र में एक साधारण व्यक्ति के रूप में जाने जाते थे, लेकिन बेटे का नाम आतंकी गतिविधियों में सामने आने के बाद परिवार अचानक घर पर ताला लगाकर कहीं चला गया है। परिवार कहां गया, इसका अभी तक कोई सुराग नहीं लग सका है।पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए निगरानी और तेज कर दी है। घर के आसपास लगातार पुलिस की नजर बनी हुई है, वहीं खुफिया तंत्र परिवार के ठिकाने का पता लगाने में जुटा है। आशंका जताई जा रही है कि परिवार के सदस्य पूछताछ से बचने के लिए कहीं अन्य स्थान पर चले गए हैं।जांच एजेंसियां इस मामले को व्यापक आतंकी नेटवर्क से जोड़कर देख रही हैं। खासतौर पर नवंबर 2025 में पकड़े गए आतंकी डाॅ. आदिल अहमद राथर और हारिश अली के बीच संभावित कनेक्शन की गहन जांच की जा रही है। गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में सहारनपुर से आतंकी कनेक्शन के मामले सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां पहले से अधिक सतर्क हो गई हैं।
कॉलेज कैंटीन मुठभेड़ के बीच पुलिस आईएस भर्ती संदिग्धों की जांच कर रही है
Amar Ujala•

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