किसानों की आय को बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से और ज्यादा मजबूत बनाने के लिए सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं। इन्हीं योजना में शामिल है पीएम किसान योजना और बिना गारंटी लोन मिलने वाली योजना शामिल है। सबसे बड़ी बात यह है कि आज भी कई पात्र किसान इन योजनाओं का पूरा लाभ नहीं उठा पाते। ऐसे में अगर आप खेती करते हैं, तो इन दो योजनाओं पर नजर जरूर डालिए। पीएम किसान सम्मान निधि (PM Kisan yojana) देश के किसानों के बीच सबसे लोकप्रिय और मददगार सरकारी योजनाओं में से एक है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को खेती-किसानी ओर उनके रोजमर्रा के घरेलू खर्चों के लिए आर्थिक संबल प्रदाम करना है। बता दें कि इस योजना के तहत सरकार सालाना ₹6000 की मदद करती है। यह रकम ₹2000 की तीन बराबर किस्तों में सीधे किसानों के बैंक उकाउंट में भेजी जाती है। इसके साथ ही आपको बता दें कि लाखों किसान पीएम किसान योजना (PM Kisan Yojana 24th instalment) की 24वीं किस्त के इंतजार में है। सरकार की ओर से अगली किस्त को लेकर अभी कोई अपडेट नहीं आया है। खेती-किसानी में अक्सर खाद, बीज, कीटनाशक और कृषि उपकरणों के लिए पैसों की जरूरत पड़ती है। किसानों को साहूकारों के भारी-भरकम ब्याज से बचाने और उन्हें आसानी से कर्ज मुहैया कराने के लिए सरकार किसान क्रेडिट कार्ड (Kisan credit Card) योजना चलती है। इस योजना के तहत किसानों को बेहद मामूली ब्याज दर पर खेती और उससे जुड़ी जरूरतों के लिए लोन दिया जाता है। KCC के तहत ₹3 लाख तक के लोन पर सामान्य ब्याज दर 7% सालाना होती है। अगर किसान लिया गया लोन समय पर चुका देता है, तो सरकार की तरफ से 3% की अतिरिक्त छूट दी जाती है। इस तरह समय पर लोन चुकाने वाले किसानों के लिए प्रभावी ब्याज दर घटकर महज 4% सालाना रह जाती है। KCC का लाभ सिर्फ जमीन के मालिक ही नहीं, बल्कि अन्य लोग भी उठा सकते हैं। अपनी जमीन पर खेती करने वाले किसान (Individual or Joint Borrowers)। पट्टे पर खेती करने वाले (Tenant Farmers), मौखिक पट्टेदार और बटाईदार। स्वयं सहायता समूह (SHGs) और संयुक्त देयता समूह (JLGs), जिनमें बटाईदार या पट्टेदार भी शामिल हैं। खेती के अलावा पशुपालन और मछलीपालन करने वाले लोग भी इसके लिए योग्य हैं। उम्र सीमा: आवेदक की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष और अधिकतम 75 वर्ष होनी चाहिए। (यदि आवेदक की उम्र 60 साल से अधिक है, तो एक कानूनी उत्तराधिकारी को सह-आवेदक (Co-applicant) बनाना जरूरी होता है)। बता दें कि 1.60 लाख रुपये तक का लोन बिना किसी सिक्योरिटी या गारंटी (Collateral-free) के मिल जाता है। लोन चुकाने की अवधि फसल की कटाई और उसे बेचने के समय पर आधारित होती है, जिससे किसानों पर तुरंत दबाव नहीं पड़ता। इसके साथ फसल बीमा योजना (PMFBY) और दुर्घटना बीमा का भी लाभ मिलता है।
किसानों की आय बढ़ाने के लिए भारत सरकार की योजनाः प्रधानमंत्री किसान योजना को समझना
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