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खेल मंत्रालय हजारों खिलाड़ियों को धोखा देने के लिए युवा खेलो इंडिया महासंघ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करेगा

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खेल मंत्रालय हजारों खिलाड़ियों को धोखा देने के लिए युवा खेलो इंडिया महासंघ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करेगा
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ताइक्वांडो की एक 16 वर्षीय खिलाड़ी की जिज्ञासा ने सरकारी संबद्धता का दावा करने वाली एक संस्था का हजारों खिलाड़ियों के साथ धोखाधड़ी करने का भंडाफोड़ किया और इस घटना से स्तब्ध खेल मंत्रालय अब इस मामले में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करने जा रहा है। नाम गुप्त रखने की इच्छुक किशोरी ने मंत्रालय से संपर्क कर पूछा था कि क्या 'युवा खेलो इंडिया महासंघ (वाईकेआईएफ)' को मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) से मान्यता हासिल है, जैसा कि इसकी आधिकारिक वेबसाइट पर दावा किया गया है। इस खिलाड़ी ने बताया कि उसने पिछले साल नवंबर में उदयपुर में आयोजित तथाकथित राष्ट्रीय टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए 7,000 रुपये का भुगतान किया था। उस घटना के बाद मामला और भी गंभीर हो गया क्योंकि उसी संस्था ने अप्रैल में थाईलैंड में होने वाले एक अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए 825 अमेरिकी डॉलर (लगभग 77,000 रुपये) की मांग की थी। कक्षा 12 में पढ़ रही इस खिलाड़ी ने पीटीआई को टेलीफोन पर बताया, ''मैंने ताइक्वांडो का प्रशिक्षण पिछले साल ही शुरू किया था और मेरे एक कोच ने मुझे बताया कि उदयपुर में युवा खेलो इंडिया महासंघ एक राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित कर रहा है। मैंने उसमें भाग लिया और जीत भी हासिल की। मुझे तब कुछ भी असामान्य नहीं लगा और यह एक अन्य प्रतियोगिता की ही तरह थी।'' उदयपुर में एक से तीन नवंबर तक आयोजित की गई इस प्रतियोगिता में ताइक्वांडो, बैडमिंटन, मुक्केबाजी, किकबॉक्सिंग और वुशु सहित अन्य खेलों के उभरते हुए खिलाड़ियों ने भाग लिया। इस खिलाड़ी ने कहा, ''मैंने वहां प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए 7,000 रुपये का भुगतान किया और उसके बाद मुझे बताया गया कि विजेताओं को अप्रैल में एक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए थाईलैंड ले जाया जाएगा, जिसके लिए हमें एक अप्रैल तक अपने सभी दस्तावेज पूरे करने होंगे और शुल्क जमा करना होगा।'' भुगतान की जाने वाली राशि काफी अधिक थी और इच्छुक प्रतिभागी टूर्नामेंट के लिए तैयार किए गए ब्रोशर से संतुष्ट नहीं थी। टूर्नामेंट के शुभंकर की शक्ल खेलो इंडिया शीतकालीन खेलों के शुभंकर शान से मिलती-जुलती थी, जो एक हिम तेंदुआ है। हालांकि ब्रोशर में पाकिस्तान और बांग्लादेश सहित अन्य प्रतिभागी देशों के झंडे दिखाए गए थे, लेकिन इसमें भाग लेने वाले खिलाड़ियों के बारे में नहीं बताया गया था जो जरूरी होता है। उन्होंने कहा, ''डिजाइन काफी घटिया लग रहा था। ब्रोशर में उस बैंक की भी जानकारी दी गई थी जिसमें पैसे जमा करने थे। मैंने गूगल में इस प्रतियोगिता के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की तो मुझे कुछ भी स्पष्ट जानकारी नहीं मिली। इसके बाद मैंने खेल मंत्रालय को एक ईमेल भेजकर पूछा कि क्या यह संगठन असली है।'' मंत्रालय को यह समझने में देर नहीं लगी कि युवाओं को इसके नाम पर गुमराह किया जा रहा है और उसने तुरंत प्रेस सूचना ब्यूरो के माध्यम से जांच की जिससे पता चला कि 'यह संस्था न तो इससे मान्यता प्राप्त है और न ही इससे संबद्ध है।' अगला कदम इस संस्था के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करना है। मंत्रालय के एक सूत्र ने कहा, ''हम वेबसाइट को देखकर दंग रह गए, इसमें न केवल खेल मंत्रालय और साइ के 'लोगो' का इस्तेमाल किया गया था, बल्कि भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) से संबद्ध होने का भी दावा किया गया था।'' वाईकेआईएफ की वेबसाइट का दावा है कि इसमें 200 से अधिक जिलों से 22,000 से अधिक खिलाड़ी पंजीकृत हैं। संस्था का मुख्यालय दिल्ली के शालीमार बाग में है और इसकी प्रमुख शिल्पी अरोड़ा हैं जिनसे संपर्क नहीं हो पाया लेकिन कुछ अन्य पदाधिकारियों ने जवाब दिया। पीटीआई ने वाईकेआईएफ के राज्य समन्वयक लविश सोनी से बात की, जिन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संस्था को मंत्रालय से मान्यता प्राप्त है। संस्था के राष्ट्रीय समन्वयक दीपक अत्री ने भी यही बात कही, लेकिन स्वीकार किया कि वाईकेआईएफ को राष्ट्रीय या जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए सरकार से कोई मंजूरी नहीं मिली है। अत्री ने कहा, ''हम युवा खिलाड़ियों के लिए पुरस्कार राशि वाले टूर्नामेंट आयोजित करते हैं। हमने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के लिए मंत्रालय से संबद्धता का दावा कभी नहीं किया।'' उन्होंने कहा, ''हमने इस मामले को सुलझाने के लिए खेल मंत्रालय से मुलाकात का अनुरोध किया है। हम मंत्रालय से संबद्ध हैं, लेकिन मंत्रालय का यह स्पष्ट करना सही है कि हमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए पंजीकरण लेने का अधिकार नहीं है। थाईलैंड वाले टूर्नामेंट के ब्रोशर में हमारे नाम का दुरुपयोग किया गया था।'' मंत्रालय ने वाईकेआईएफ को किसी भी प्रकार का समर्थन देने के दावे को खारिज कर दिया। मंत्रालय के एक सूत्र ने कहा, ''यह सरासर झूठ है। मंत्रालय अपने किसी भी सदस्य से मुलाकात के अनुरोध पर विचार नहीं करेगा। केवल कानूनी कार्रवाई की जाएगी जिसकी शुरुआत प्राथमिकी से होगी।''

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