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गूगल ने उपयोगकर्ताओं के स्थान डेटा को अवैध रूप से एकत्र करने के लिए €403 मिलियन का जुर्माना लगाया

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गूगल ने उपयोगकर्ताओं के स्थान डेटा को अवैध रूप से एकत्र करने के लिए €403 मिलियन का जुर्माना लगाया
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स्मार्टफोन पर हम जो सर्च करते हैं, उससे लेकर फोन की लोकेशन तक, Google की कई सेवाएं हमारी डिजिटल गतिविधियों से जुड़ी जानकारी जुटाती हैं. इसी डेटा को लेकर Google पर 403 मिलियन यूरो यानी करीब 463 मिलियन डॉलर (लगभग 4,432 करोड़ रुपये) का जुर्माना लगा है. यूरोपीय संघ के डेटा प्राइवेसी नियामक ने कहा कि कंपनी ने यूजर्स के लोकेशन डेटा को कानूनी, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से प्रोसेस नहीं किया. यह पूरा मामला आयरलैंड की राजधानी डबलिन से सामने आया है. यूरोपीय यूनियन के 27 देशों में गूगल का हेडक्वार्टर डबलिन में होने के चलते आयरलैंड की एजेंसी ही इस पूरे मामले की कमान संभाल रही थी. छह साल पहले शुरू हुई इस पड़ताल में देखा गया कि कंपनी ने यूरोपीय यूनियन के सख्त प्राइवेसी कानून जीडीपीआर (GDPR) के नियमों का सही से पालन किया या नहीं. 2018 से 2020 के बीच के डेटा को खंगालने के बाद यह कार्रवाई की गई है. जांच में Google की तीन सेवाएं खास तौर पर जांच के दायरे में रहीं. इनमें सर्च और ब्राउजिंग से जुड़ी जानकारी रखने वाला वेब एंड ऐप एक्टिविटी (Web & App Activity), फोन से यूजर की लोकेशन का रिकॉर्ड रखने वाला लोकेशन हिस्ट्री (Location History) और एंड्रॉयड का लोकेशन एक्यूरेसी (Location Accuracy) फीचर शामिल हैं. नियामक के मुताबिक, इन सेवाओं में लोकेशन डेटा को इस्तेमाल करने का तरीका प्राइवेसी नियमों के अनुरूप नहीं था. भारी जुर्माने के बाद गूगल ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि यह मामला पुरानी नीतियों से जुड़ा है, जिन्हें अब पूरी तरह बदला जा चुका है. 2019 के बाद से नियमों में कई बड़े सुधार किए गए हैं और यूजर्स को अपनी लोकेशन डेटा मैनेज करने के लिए आसान टूल्स दिए गए हैं. इस पर आयरलैंड के नियामक ने कहा कि लोकेशन डेटा से किसी व्यक्ति की जगह का अनुमान लगाया जा सकता है. इसका इस्तेमाल ऑनलाइन सेवाओं को बेहतर बनाने में हो सकता है, लेकिन इससे किसी की निजी जिंदगी से जुड़ी जानकारी भी सामने आ सकती है. यह यूरोपीय यूनियन के इतिहास में किसी टेक कंपनी पर लगा चौथा सबसे बड़ा प्राइवेसी जुर्माना है. इससे पहले टिकटॉक और मेटा जैसी बड़ी कंपनियों पर भी भारी जुर्माने लग चुके हैं, जिसमें अकेले मेटा पर 1.2 अरब यूरो का जुर्माना शामिल था. आयरलैंड की यह संस्था अभी भी गूगल से जुड़े तीन अन्य मामलों की गहराई से जांच कर रही है.

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