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गाजियाबाद इंस्पेक्टर को 50,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया

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गाजियाबाद इंस्पेक्टर को 50,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया
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गाजियाबाद जिले के निवाड़ी थाने के इंस्पेक्टर जयपाल सिंह रावत (SHO) को ₹50000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों विजिलेंस टीम ने गिरफ्तार कर लिया. इंस्पेक्टर ने एक पूर्व ग्राम प्रधान को जेल भेजने की धमकी देकर रिश्वत की मांग की थी. इसकी शिकायत पूर्व प्रधान ने मेरठ विजिलेंस से की थी. विजिलेंस टीम ने इंस्पेक्टर को पकड़ने के लिए जाल बिछाया. मंगलवार को जिस समय इंस्पेक्टर अपने ऑफिस में बैठे थे, इसी दौरान पूर्व प्रधान उनके ऑफिस में पहुंचा और रिश्वत के ₹50000 इंस्पेक्टर के हाथ में थमा दिए. जैसे ही इंस्पेक्टर जयपाल सिंह रावत ने रुपए जेब में डाले, तभी विजिलेंस टीम उनके ऑफिस में दाखिल हुई और उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया. विजिलेंस टीम इंस्पेक्टर जयपाल सिंह रावत को अपने साथ ले गई. आरोपी इंस्पेक्टर 2013 बैच का दारोगा है. एक साल पहले ही प्रमोशन पाकर इंस्पेक्टर बना था. इस समय गाजियाबाद के निवाड़ी थाने का SHO है. इससे पहले जयपाल सिंह रावत की तैनाती हापुड़ में सर्विलेंस ऑफिस में थी. पूर्व प्रधान ने बताया कि 2 जनवरी 2026 में निवाड़ी थाना पुलिस ने उनके खिलाफ एक केस दर्ज किया था. यह केस उनके ऊपर विजय सिंह नाम के व्यक्ति ने लिखाया था. आरोप लगाए थे कि उन्होंने CM और PM के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की है. यह घटना दो तारीख शाम करीब 4:00 बजे बताई गई, लेकिन उस समय मैं SBI बैंक में था. केस दर्ज होने के बाद मुझे निवाड़ी थाने बुलाया गया. निवाड़ी थाने में मैंने SHO जयपाल सिंह रावत से कहा कि मेरी लोकेशन चेक कर लीजिए, CCTV देख लीजिए, मैंने किसी भी ग्रुप में कुछ नहीं लिखा. पूर्व ग्राम प्रधान ने पुलिस को यह भी जानकारी दी कि उसकी विजय सिंह से चुनावी रंजिश चल रही है. इसी रंजिश के चलते उसके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया गया. सारी जानकारी सुनने के बाद इंस्पेक्टर ने मुझसे कहा कि यह मामला मैं यहीं खत्म दूंगा. अगर मुझे ₹50000 दो तो. पूर्व प्रधान ने बताया कि निवाड़ी थाने में जो केस उसके खिलाफ दर्ज किया गया था, उसके कोई साक्ष्य और सबूत नहीं थे. इसको लेकर मैं ACP मोदीनगर से मिला, DCP सुरेंद्रनाथ तिवारी से मिला. मेरी पत्नी बबीता ने अपने नाम से शिकायत पत्र भी दिया. पुलिस अधिकारी मुझे आश्वासन देते रहे कि जांच कराएंगे, लेकिन कुछ नहीं हुआ. पूर्व प्रधान ने बताया कि मेरे शिकायत करने के बाद निवाड़ी थाने के इंस्पेक्टर जयपाल सिंह रावत खुद मेरे घर दबिश देने पहुंच गए. मुझे जेल भेजने की धमकी देने लगे. मुझको मानसिक रूप से टॉर्चर किया गया. इंस्पेक्टर ने कहा कि तेरी कोई सुनवाई नहीं होगी. तुझे जेल भेज दिया जाएगा. पूर्व प्रधान ने कहा कि मैंने थक-हारकर मेरठ विजिलेंस से रिश्वतखोर इंस्पेक्टर की शिकायत की, जिसके बाद आज विजिलेंस टीम ने जाल बिछाकर इंस्पेक्टर को पकड़ लिया.

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