गुजरात के डिप्टी सीएम हर्ष सांघवी ने आज (गुरुवार को) कहा कि गुजरात की सरकार जल्द 'एनालॉग' यानी कृत्रिम पनीर, 'चीज' और बटर पर लगी रोक को धरातल पर लागू करने के लिए एक टास्क फोर्स बनाएगी। हर्ष सांघवी ने वॉर्निंग दी कि नियमों को तोड़ने वालों के प्रतिष्ठान भी बंद किए जा सकते हैं। यह निर्णय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग की तरफ से 'Food Safety and Standards Act 2006' के अंतर्गत एक दिन पहले बुधवार को रिलीज किए गए उस नोटिफिकेशन के बाद लिया गया है, जिसमें पूरे गुजरात में 'बिना मानक वाले' 'एनालॉग' डेयरी प्रोडक्ट्स पर रोक लगाई गई है। जान लें कि 'एनालॉग' पनीर दूध की वसा की जगह वनस्पति तेल, स्टार्च, 'इमल्सीफायर' और दूसरे 'एडिटिव्स' का प्रयोग कर बनाया जाने वाला एक गैर-डेयरी ऑप्शन है। आम पनीर के मुकाबले इसे बनाना सस्ता होता है और इसमें प्रोटीन की मात्रा आमतौर पर कम होती है। डिप्टी सीएम हर्ष सांघवी बोले कि सीएम भूपेंद्र पटेल ने सभी डिपार्टमेंट्स को निर्देश दिया है कि वे गुजरात में इस प्रतिबंध को प्रभावी तरीके से लागू करना सुनिश्चित करें। सांघवी ने कहा,'मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट, जिसमें एनालॉग पनीर भी है, को कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।' हर्ष सांघवी ने कहा कि इस नोटिफिकेशन को सख्ती से लागू करने के लिए जल्द कई विभागों के अफसरों को शामिल करते हुए एक खास टास्क फोर्स का ऐलान किया जाएगा। उन्होंने कहा, 'इस टास्क फोर्स के गठन को लेकर हाई लेवल पर मीटिंग्स चल रही हैं। जल्द इसकी आधिकारिक घोषणा होगी।' उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी ने कहा कि मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों पर केवल आर्थिक जुर्माना लगाना काफी नहीं है। उन्होंने कहा, 'हमारी टास्क फोर्स कड़े कदम उठाएगी, जिसमें दुकानों को सील करना भी है। हम ऐसे लोगों को गंभीर अपराधी के तौर पर देखते हैं और उन्हें लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने की सजा भुगतनी होगी।' जान लें कि बीते बुधवार को गुजरात सरकार ने 'मानक के अनुरूप नहीं' पाए जाने पर 'एनालॉग' पनीर,'चीज' और बटर के प्रोडक्शन, स्टोरेज, ट्रांसपोर्ट, वितरण और बिक्री पर पूरे गुजरात में प्रतिबंध लगा दिया था ।
गुजरात सरकार एनालॉग चीज और डेयरी उत्पादों पर प्रतिबंध लगाने के लिए कार्यबल का गठन करेगी
India TV•

Full News
Share:
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Achira News.
Publisher: India TV
Want to join the conversation?
Download our mobile app to comment, share your thoughts, and interact with other readers.