Achira News Logo
Achira News

गबन मामले में सीबीआई ने पंचकूला के पूर्व आयुक्त को किया गिरफ्तार

Dainik Jagran
गबन मामले में सीबीआई ने पंचकूला के पूर्व आयुक्त को किया गिरफ्तार
Full News
Share:

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने पंचकूला नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त एवं आईएएस अधिकारी राम कुमार सिंह को नगर निगम पंचकूला के सरकारी धन के कथित गबन मामले में वीरवार को गिरफ्तार किया था। शुक्रवार को आरोपी को पंचकूला कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे तीन दिन के रिमांड पर भेजा गया है। यह मामला सेक्टर-32, चंडीगढ़ स्थित IDFC First Bank की शाखा में नगर निगम पंचकूला के खाते से सरकारी धन की हेराफेरी से जुड़ा हुआ है। सीबीआई जांच में सामने आया है कि नगर निगम पंचकूला का बैंक खाता हरियाणा सरकार के वित्त विभाग के प्रचलित दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हुए खोला गया था। जांच एजेंसी के अनुसार, खाते के उद्घाटन फॉर्म में जानबूझकर ऐसी जानकारियां दर्ज की गईं, जिनसे बाद में किए जाने वाले फर्जी वित्तीय लेन-देन को छिपाया जा सके। जांच के दौरान यह भी पता चला कि तत्कालीन आयुक्त आर.के. सिंह ने IDFC First Bank के आरोपी अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) बनाने के नाम पर कई हस्ताक्षरित चेक बिचौलियों के माध्यम से बैंक अधिकारियों को सौंपे थे। इन चेकों के जरिए नगर निगम के खाते से धनराशि निकाल ली गई, लेकिन कोई भी फिक्स्ड डिपॉजिट नहीं बनाया गया। निकाली गई राशि को बैंक अधिकारियों द्वारा नियंत्रित शेल कंपनियों में ट्रांसफर कर दिया गया। सीबीआई के अनुसार, इस पूरे घोटाले को नगर निगम पंचकूला के तत्कालीन आयुक्त और वरिष्ठ लेखाकार (Senior Accountant) की जानकारी और सक्रिय भागीदारी से अंजाम दिया गया। वरिष्ठ लेखाकार को पहले ही इस मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच में आर.के. सिंह की सक्रिय भूमिका सामने आने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। सीबीआई ने चंडीगढ़ और करनाल स्थित उनके आवासों पर तलाशी भी ली, जहां से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं। गौरतलब है कि हरियाणा सरकार के अनुरोध पर सीबीआई ने यह जांच राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (Vigilance and Anti-Corruption Bureau) से अपने हाथ में ली थी। पंचकूला नगर निगम में लगभग 79.46 करोड़ रुपये के गबन का मामला सामने आया था, जो सेक्टर-32 स्थित IDFC First Bank शाखा में हुए एक बड़े घोटाले का हिस्सा बताया जा रहा है। हरियाणा में IAS आरके सिंह गिरफ्तार, पंचकूला निगम फंड घोटाले में पहली बड़ी गिरफ्तारी, CBI के रडार और भी बड़े अफसर हरियाणा की अधिकतर निगमों में खाली हैं सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर की कुर्सी, कब होंगे चुनाव? करोड़ों के घोटाले में हरियाणा सरकार का एक्शन, सीनियर अकाउंट्स ऑफिसर सुरेंद्र जैन निलंबित; CBI कर चुकी गिरफ्तार पंचकूला को मिली 'छोटी सरकार'; CM की मौजूदगी में शपथ ग्रहण, मेयर और पार्षद अब संभालेंगे कामकाज अंबाला, पंचकूला और सांपला में भाजपा ने निकाय चुनाव में लिया हार का बदला, कांग्रेस के गढ़ में लगाई सेंध जांच के अनुसार, हरियाणा सरकार के आठ विभागों के करीब 504 करोड़ रुपये फर्जी अथवा अस्तित्वहीन फिक्स्ड डिपॉजिट और डेबिट नोट्स के माध्यम से निकालकर शेल कंपनियों में भेजे गए। इस मामले में अब तक सीबीआई 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, जिनमें IDFC First Bank और AU Small Finance Bank के छह बैंक अधिकारी, हरियाणा सरकार के तीन लोक सेवक, दो कंपनियां और छह निजी व्यक्ति शामिल हैं। इसके अलावा सीबीआई ने चंडीगढ़ प्रशासन से जुड़े दो अन्य मामलों, चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (CSCL)/नगर निगम चंडीगढ़ तथा CREST की जांच भी अपने हाथ में ली है। इन दोनों मामलों में भी चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। CREST मामले में एक वरिष्ठ भारतीय वन सेवा (IFoS) अधिकारी की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। सीबीआई ने कहा है कि सार्वजनिक धन के दुरुपयोग में शामिल सभी दोषियों को न्याय के कटघरे तक पहुंचाने और गबन की गई राशि की पूरी कड़ी का पता लगाने के लिए जांच जारी रहेगी।

Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Achira News.
Publisher: Dainik Jagran

Want to join the conversation?

Download our mobile app to comment, share your thoughts, and interact with other readers.