नई दिल्ली:गुरुग्राम में 4 साल की बच्ची के साथ हुए भीषण यौन हमले की जांच में देरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीरता दिखाई है. मामले का उल्लेख वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने किया, जिन्होंने अदालत के सामने पुलिस की कार्यवाही पर कड़ी आपत्ति जताई.'चार हफ्ते हो गए, कुछ नहीं हुआ!'सुप्रीम कोर्टमें मामले का ज़िक्र करते हुए रोहतगी ने कहा, 'चार हफ्ते हो चुके हैं और अब तक कुछ भी नहीं किया गया. कृपया गुरुग्राम पुलिस को हटाइए और या तो CBI को मामला दीजिए या SIT बनाई जाए!' उन्होंने बताया कि पुलिस के पास सभी आरोपियों के नाम मौजूद हैं, लेकिन कार्रवाई का कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है.यह भी पढ़ें-दिल्ली हाईकोर्ट को उत्तम नगर में क्यों करनी पड़ी शांति की अपील? जानिए HC ने क्या-क्या कहाCJI का सवाल- हाई कोर्ट क्यों नहीं जाते?मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने पूछा कि यह मामला पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में क्यों नहीं ले जाया गया. इसके जवाब में रोहतगी ने कहा, 'एक संदेश जाना चाहिए. पुलिस कुछ नहीं कर रही.' पीड़िता का परिवार गुरुग्राम में रहता है, इसलिए उन्हें चंडीगढ़ जाकर हाई कोर्ट में याचिका दायर करना मुश्किल होगा. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया कि वह इस मामले को अपने पास रखकर ही सुनवाई करे.यह भी पढ़ें-1100 साल पुरानी जैन मूर्ति संग्रहालय में रहेगी, श्वेतांबर और दिगंबर संप्रदायों में विवाद के बाद HC का आदेशSC ने स्वीकार की सुनवाईगंभीर आरोपों और वरिष्ठ अधिवक्ता की आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अहमियत को स्वीकार किया और सोमवार को सुनवाई करने पर सहमति दी.
गुरुग्राम यौन उत्पीड़न मामले की जांच में देरी पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया गंभीर रुख
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