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ग्रेटर नोएडा के हसनपुर गांव के पास मुठभेड़ में पुलिस ने आरोपी को पकड़ा

Amar Ujala•
ग्रेटर नोएडा के हसनपुर गांव के पास मुठभेड़ में पुलिस ने आरोपी को पकड़ा
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एडीसीपी ग्रेटर नोएडा संतोष कुमार ने बताया कि सात अक्तूबर को जहांगीरपुर स्थित मोहल्ला व्यापारियन इलाके में देर रात करीब 10:15 बजे हिस्ट्रीशीटर इमरान (36) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के परिजन के तहरीर पर कुल छह लोगों अनीस, नफीस, शेरू, चांद मोहम्मद, यूनुस और जान मोहम्मद के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद एसीपी ग्रेटर नोएडा राजीव सिसोदिया और जेवर कोतवाली प्रभारी अजय कुमार के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया और जांच शुरू की। टीम लगातार आरोपियों की तलाश में निगरानी कर रही थी। तभी 5 नवंबर को पुलिस को मृतक इमरान पर गोली चलाने वाले आरोपी के बारे में गुप्त सूचना मिली।विज्ञापनइसके बाद तुरंत जेवर थाना प्रभारी के साथ उपनिरीक्षक सोनवीर सिंह, धीरेंद्र सिंह, योगेंद्र चौधरी, ओमप्रकाश निषाद और धीरज जहांगीरपुर पहुंची, जहां गांव हसनपुर की तरफ जाने वाली सड़क के पास पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ हो गई। लेकिन पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद आरोपी को पकड़ लिया। वहीं, पुलिस ने इमरान हत्याकांड में अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और साजिश में शामिल होने वाले अन्य आरोपियों की भी तलाश कर रही है।विज्ञापनसूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने पुलिस को पूछताछ के दौरान बताया कि इमरान की हत्या की साजिश लंबे समय की जा रही थी। उनकी हत्या को लेकर कई बार अलीगढ़ में शेरू और उनके सहयोगियों के साथ बैठकें भी हुईं। बैठक में इमरान से जुड़ी हर जरूरी जानकारी जुटाने पर चर्चा की गई। जैसे इमरान कब और कहां जाता है। खाली समय में वो क्या करता है और किससे मिलता है। इन तमाम चीजों को लेकर बैठक में बातचीत होती थी।सूत्रों ने बताया कि शेरू अपने पिता युसूफ की हत्या के बाद पूरी तरह से टूट गया था। उन्हें हर वक्त अपने पिता की मौत का बदला लेने की फिक्र सताती रहती थी। फिर एक दिन उसे सात अक्तूबर की रात वह मौका मिला। अपने पिता की मौत का बदला लेने के लिए अपने साथियों के साथ वारदात को अंजाम दिया।सूत्रों ने बताया कि इमरान हत्याकांड में इस्तेमाल की गई पिस्टल अलीगढ़ से खरीदी गई थी। इमरान पर फायरिंग करने वाला आरोपी सालु पर जनपद अलीगढ़ में अलग-अलग थाने में करीब पांच से अधिक मामले दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि शेरू और उनके सहयोगियों ने कई बार अलीगढ़ गए और सालु के संपर्क में आए। उस दौरान उन्होंने हथियार भी देखे।

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Publisher: Amar Ujala

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