सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती कर साइबर ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. राजकोट के जसदन के एक किसान से फेसबुक पर दोस्ती करने वाली घाना की युवती ने गिफ्ट भेजने के बहाने 6.31 लाख रुपये ठग लिए. शिकायत मिलने के बाद राजकोट साइबर क्राइम ने जांच शुरू की और दिल्ली-नोएडा में रहकर कथित तौर पर साइबर फ्रॉड करने वाले तीन विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया. पुलिस के मुताबिक, किसान ने 'Mary M Samuelf' नाम के फेसबुक अकाउंट से आई फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार की थी. अगले ही दिन उसके पास एक युवती का फोन आया. उसने खुद को विधवा और एक बेटे की मां बताया. इसके बाद उसने किसान और उसके परिवार के लिए गिफ्ट भेजने की इच्छा जताई. बाद में जोसेफिन उर्फ एंजेल और किसान के बीच WhatsApp पर बातचीत शुरू हो गई. जोसेफिन ने किसान को बताया कि उसने जर्मनी से गिफ्ट पार्सल भेजा है. इसके बाद एक महिला ने खुद को दिल्ली एयरपोर्ट की कस्टम अधिकारी बताते हुए फोन किया और विदेश से आए पार्सल को छुड़ाने के लिए पहले कस्टम ड्यूटी जमा करने को कहा. इसके बाद ठगों ने पार्सल में 30 हजार यूरो, सोने की चेन, लैपटॉप, घड़ी और iPhone होने की बात कही. आरोपियों ने किसान से अलग-अलग बहानों से रकम जमा कराई. कभी करेंसी कन्वर्जन, कभी पार्सल क्लीयरेंस तो कभी कस्टम ड्यूटी के नाम पर भुगतान मांगा गया. किसान आरोपियों के झांसे में आता गया और उसने अपने दोनों बैंक खातों से अलग-अलग किश्तों में कुल 6.31 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए. पैसे भेजने के बावजूद किसान को कोई पार्सल नहीं मिला. इसके बाद भी जब आरोपियों की तरफ से लगातार और रकम की मांग की गई तो उसे संदेह हुआ. जब उसे ठगी का एहसास हुआ तो उसने साइबर क्राइम में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर पुलिस ने पूरे मामले की तकनीकी जांच शुरू की. पुलिस ने सोशल मीडिया अकाउंट, मोबाइल नंबर, WhatsApp चैट, बैंक ट्रांजैक्शन, IP लॉग समेत अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया. जांच में पता चला कि आरोपी उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में रहकर कथित तौर पर साइबर धोखाधड़ी कर रहे थे. इसके बाद टीम ने कार्रवाई करते हुए एक युवती समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया. पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जोसेफिन उर्फ एंजेल,निवासी घाना, म्गेंजेली इमानी डेनिस, निवासी तंजानिया और फिलिप बतिस्ता जोसेफ वेलेंटाइन, निवासी दक्षिण सूडान के रूप में हुई है. पुलिस को इस साइबर ठगी में इस्तेमाल किए गए 15 बैंक खातों के बारे में भी जानकारी मिली है. इन खातों को फ्रीज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन बैंक खातों के जरिए कितने लोगों से रकम का लेनदेन हुआ और इस नेटवर्क में इनके अलावा और कौन-कौन लोग शामिल हैं. जांच एजेंसियां आरोपियों के डिजिटल संपर्क और वित्तीय लेनदेन को भी खंगाल रही हैं. पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि तीनों आरोपी भारत आने के बाद कथित तौर पर अपराध में शामिल हुए. पुलिस के मुताबिक, ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई और कोर्ट केस लंबित रहने की वजह से विदेशी नागरिकों के लिए अपने देश लौटना मुश्किल हो जाता है. जांच में यह भी सामने आया कि अपराध के जरिए भारत में रुकने का यह उनका कथित तरीका था. जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि तीन आरोपियों में से दो ने स्टूडेंट वीजा के जरिए भारत में प्रवेश किया था. वहीं, एक आरोपी शॉर्ट-टर्म वीजा पर भारत आया था. पुलिस के मुताबिक, फिलहाल तीनों के वीजा की अवधि समाप्त हो चुकी है. साइबर क्राइम टीम अब आरोपियों के भारत में रहने की अवधि, उनके संपर्कों, बैंक खातों और दूसरे डिजिटल कनेक्शन की जानकारी जुटा रही है. पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क का दायरा केवल राजकोट के किसान तक सीमित नहीं हो सकता. इसलिए पुराने लेनदेन और संभावित पीड़ितों की भी जानकारी जुटाई जा रही है. इस मामले में सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती कर विदेश से गिफ्ट भेजने का झांसा देने और फिर कस्टम या अन्य शुल्क के नाम पर रकम मांगने का तरीका सामने आया है. पुलिस की कार्रवाई के बाद अब इस गिरोह से जुड़े दूसरे लोगों और अन्य संभावित मामलों की जांच आगे बढ़ाई जा रही है.
घानाई लड़की के सोशल मीडिया घोटाले में तीन विदेशी नागरिक जेल में
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