चंडीगढ़। स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एसटीए) में कॉमर्शियल वाहनों के पंजीकरण और परमिट जारी करने में लगातार देरी के कारण करीब 90 से अधिक फाइलें पेंडिंग हैं। इसके चलते भारी और हल्के कॉमर्शियल वाहनों के ट्रांसपोर्टरों का काम अटक गया है। पहले परमिट एक-दो दिन में मिल जाते थे लेकिन अब पंजीकरण के साथ परमिट मिलने में एक माह तक का समय लग रहा है।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंट्रांसपोर्टरों का कहना है कि सप्ताह में केवल एक बार फाइलें बाहर भेजी जाती हैं जिससे पेंडेंसी और बढ़ जाती है। अधिकांश शिकायतें सेक्टर-18 स्थित एसटीए दफ्तर में आती हैं जबकि सचिव यूटी सचिवालय में बैठते हैं। ट्रांसपोर्टरों का मानना है कि अगर अधिकारी दफ्तर में उपलब्ध हों तो पेंडेंसी और समस्याएं तुरंत कम हो सकती हैं। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि पेंडिंग फाइलें तेजी से निपटाई जाएं और सचिवालय में अधिकारियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि वाहनों के संचालन में बाधा न आए।विज्ञापनविज्ञापनट्रांसपोर्टर बोले-एसटीए में गाड़ी का परमिट रिन्यू करवाना या नया बनवाना अब टेढ़ी खीर हो गया है। परमिट एक महीने तक नहीं बनते, जिससे परेशानियां बढ़ गई हैं। -रोहित रघुवंशी, एग्जीक्यूटिव, चंडीगढ़ बस ऑपरेटर एसोसिएशनहमारी गाड़ियां कई जगह रजिस्टर्ड हैं, लेकिन परमिट देरी से मिलने की परेशानी चंडीगढ़ में ही है। अप्रूवल में अब 15 से 30 दिन लग रहे हैं। इससे हमारा काम प्रभावित हो रहा है। -विशाल शर्मा, एग्जीक्यूटिव, चंडीगढ़ बस ऑपरेटर एसोसिएशन
चंडीगढ़ के राज्य परिवहन प्राधिकरण को 90 से अधिक फाइलों के बैकलॉग का सामना करना पड़ा
Amar Ujala•

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