अक्सर लोगों को लगता है कि दिल की बीमारियां केवल खराब खानपान के चलते ही होती हैं लेकिन शायद आपको पता नहीं कि कई मामलों में दिल को चोट आपकी कुछ आदतों और गलतियों से भी लगती है. ये चोट ऐसी होती है कि दिल तनाव में चला जाता है और चुपके से स्ट्रोक, हाई बीपी से लेकर हार्ट अटैक तक का खतरा बढ़ने लगता है. ज़्यादातर मामलों में दिल पर पड़ने वाला तनाव धीरे-धीरे बढ़ता है और हमारी रोज की आदतों, सोच और अनदेखी की वजह से बीमारी के खतरे बढ़ जाते हैं. अक्सर हमें पता नहीं होता है कि कुछ आम लेकिन लगातार की जाने वाली गलतियां हृदय पर ऐसा दबाव डालती हैं, जिसका असर वर्षों बाद हार्ट अटैक, हाई बीपी या स्ट्रोक के रूप में सामने आता है. LATEST Attention passengers! Mumbai train services to be affected b GST 2.0 boosts big Navratri sales for Hyundai, Maruti Suzuki Kartik Aaryan makes HUGE investment in Mumbai, buys property PM Modi dials Russian PM Putin over Ukraine strategy amid Tr BAD news for India Pharma, US President Donald Trump slaps 1 Attention passengers! Mumbai train services to be affected b GST 2.0 boosts big Navratri sales for Hyundai, Maruti Suzuki Kartik Aaryan makes HUGE investment in Mumbai, buys property PM Modi dials Russian PM Putin over Ukraine strategy amid Tr BAD news for India Pharma, US President Donald Trump slaps 1 तो चलिए जाने कि वो गलतियां या आदतें कौन सी हैं जिनसे दिल तनाव में आकर अंदर ही अंदर कमजोर बनता जाता है. लगातार तनाव को नॉर्मल समझ लेना अगर आप अक्सर तनाव में रहते हैं और आपको लगता है कि ये तनाव केवल आपके दिमाग तक सीमित है तो यही भूल है आपकी. अक्सर ये तनाव चुपके से दिल को कष्ट देता है. लंबे समय तक तनाव बना रहे तो शरीर में कॉर्टिसोल और एड्रेनालिन जैसे हार्मोन बढ़ाता है, जिसकी वजह से दिल की धड़कन असामान्य होती है, ब्लड प्रेशर बढ़ता जाता है और इससे धमनियों पर दबाव पड़ता है. जो लोग कहते हैं वह स्ट्रेस में रहकर भी काम कर लेते हैं हूँ”, उन्हीं में हार्ट-इश्यूज़ का रिस्क ज़्यादा देखा गया है. नींद को कमज़ोरी समझना अगर आपको लगता है कि नींद न आना केवल आपके मूड को ही खराब करता है तो नहीं, ये आपके दिल को भी नुकसान देता है. ये बात समझ लें कि कम नींद सिर्फ थकान नहीं लाती, बल्कि दिल को रिकवरी टाइम से वंचित कर देती है. 6 घंटे से कम नींद लेने वालों में आपको हार्ट रेट वेरिएबिलिटी घटी मिलेगी और इनमें सूजन का रिस्क भी होता है जिससे हार्ट डिज़ीज़ का रिस्क बढ़ता है. बैठी-बैठी ज़िंदगी और ज़ीरो मूवमेंट एक्सरसाइज़ न करना भी एक बुरी आदत है. दिन भर बैठे रहना. अगर आप जिम नहीं जाते या एक्सरसाइज नहीं करते तो समझ लें दिल के लिए ये खतरे की घंटी है. लगातार बैठने रहने से ब्लड सर्कुलेशन स्लो होता है और बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है. इससे दिल पर लोड बढ़ता है इसलिए हर घंटे थोड़ा चलने आदत डाल लें. मैं पतला हूं सोचकर जांच न कराना दिल वजन नहीं, लाइफस्टाइल देखता है. बहुत से लोग यह मान लेते हैं कि पतले शरीर वाले लोग दिल की बीमारी से सुरक्षित हैं. जबकि छुपा हुआ फैट (Visceral Fat), हाई कोलेस्ट्रॉल, इंसुलिन रेजिस्टेंस पतले लोगों में भी पाया जाता है. हार्ट हेल्थ का वजन से सीधा रिश्ता नहीं, बल्कि आदतों से गहरा कनेक्शन है. इमोशनल ओवरलोड लेकर सब कुछ दिल में दबा लेना दिल भावनाओं का भी बोझ उठाने की आदत आपके दिल को कमजोर और तनान देती है ये तो आप समझ गए होंगे लेकि क्या आपको पता है लगातार दुख, गुस्सा, अपराधबोध या अकेलापन भी दिल पर मानसिक दबाव डालता है. रिसर्च बताती है कि लंबे समय तक भावनाएं दबाने से हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ता है. सामाजिक कनेक्शन की कमी दिल को कमजोर बनाती है. इसलिए समझ लें कि दिल सिर्फ खून नहीं, भावनाएं भी संभालता है. क्यों ज़रूरी है अभी सचेत होना? आज हार्ट डिज़ीज़ सिर्फ बुज़ुर्गों की बीमारी नहीं रही. 30–45 उम्र के लोगों में भी दिल से जुड़ी समस्याएँ तेजी से बढ़ रही हैं. कारण एक ही है छोटी-छोटी गलतियों को सालों तक दोहराना. दिल को दवा नहीं, समझदारी चाहिए दिल पर तनाव अचानक नहीं पड़ता. यह हमारी रोज़ की आदतों का नतीजा होता है. अगर समय रहते इन 5 गलतियों को पहचाना जाए, तो हार्ट डिज़ीज़ का रिस्क काफी हद तक कम हो सकता है. इसलिए दवाइयों से पहले लाइफस्टाइल ही इलाज करें. अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारेगूगल,फेसबुक,x,इंस्टाग्राम,यूट्यूबऔरवॉट्सऐपकम्युनिटी से
छिपी हुई आदतें जो हृदय रोग के जोखिम को बढ़ाती हैंः एक वेक-अप कॉल
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