जीबीयू के कुलसचिव प्रो चंदर कुमार सिंह ने बताया कि केंद्र में छात्रों को एआई, ग्रीन टेक्नोलॉजी, सस्टेनेबिलिटी और उभरती डिजिटल तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह केंद्र पर्यावरण विभाग के अंतर्गत संचालित होगा। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थी वास्तविक समस्याओं पर आधारित परियोजनाओं पर काम करेंगे और उद्योग विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में एआई आधारित समाधान तथा प्रोटोटाइप विकसित करेंगे। इस पहल के तहत चयनित विद्यार्थियों को संरचित इंटर्नशिप, एआई आधारित लर्निंग, करियर रेडीनेस कार्यक्रम और उद्योगों के साथ सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा रोजगार मेले, प्लेसमेंट ड्राइव, इनोवेशन शोकेस और उद्योग सहभागिता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे विद्यार्थियों को नौकरी और स्टार्टअप दोनों क्षेत्रों में बेहतर अवसर मिल सकें। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को केवल डिग्री तक सीमित न रखकर उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रीन स्किल्स और भविष्य की तकनीकों में दक्ष बनाना है ताकि वे वैश्विक रोजगार बाजार की जरूरतों के अनुरूप तैयार हो सकें।विज्ञापनएआई और ग्रीन टेक्नोलॉजी आधारित कौशल विकास का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। छात्रों को तकनीकी शिक्षा के साथ रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण और नवाचार का मंच भी उपलब्ध होगा। उत्तर प्रदेश को देश का सबसे बड़ा युवा राज्य मानते हुए इस पहल को विशेष महत्व दिया गया है। तेजी से बढ़ते औद्योगिक निवेश, स्टार्टअप इकोसिस्टम और डिजिटल अर्थव्यवस्था की जरूरतों को देखते हुए यह केंद्र प्रदेश के युवाओं को भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार करने मेंभूमिका निभाएगा। साथ ही शिक्षा संस्थानों, उद्योग जगत और शासन के बीच मजबूत साझेदारी विकसित होगी। छात्रों के कौशल विकास को नई दिशा देगी, बल्कि उत्तर प्रदेश को एआई आधारित नवाचार, हरित प्रौद्योगिकी और रोजगार सृजन के क्षेत्र में भी मजबूत आधार प्रदान करेगी।विज्ञापनअभी तक यह केंद्र देश में केवल कर्नाटक में संचालित हो रहा है। दूसरे नंबर पर लखनऊ में केंद्र स्थापित हो गया है। जल्द इसका शुभारंभ होने वाला है। वहीं तेलंगाना व मेघालय में भी इसे शुरु किया जाना है। लखनऊ के बाद केवल जीबीयू को ही चुना गया है। इस केंद्र के बन जाने के बाद दिल्ली एनसीआर के हजारों युवाओं को इसका फायदा मिलेगा।कार्यक्रम के फायदेविद्यार्थियों को माइक्रोसॉफ्ट समर्थित एआई और ग्रीन स्किल्स का प्रशिक्षण मिलेगा।पढ़ाई के साथ इंटर्नशिप और उद्योग विशेषज्ञों का मार्गदर्शन प्राप्त होगा।रोजगार मेले और प्लेसमेंट ड्राइव के माध्यम से नौकरी के बेहतर अवसर मिलेंगे।छात्र वास्तविक समस्याओं पर एआई आधारित समाधान और नवाचार विकसित कर सकेंगे।स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा तथा स्वरोजगार के नए अवसर खुलेंगे।प्रदेश में उद्योगों की जरूरत के अनुरूप कुशल मानव संसाधन तैयार होगा।राष्ट्रीय स्तर पर एआई और ग्रीन टेक्नोलॉजी प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।
जी. बी. यू. ने सेंटर फॉर ए. आई., ग्रीन टेक्नोलॉजी एंड इमर्जिंग डिजिटल टेक्नोलॉजीज ट्रेनिंग का शुभारंभ किया
Amar Ujala•

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