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जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मादक पदार्थ विरोधी अभियान में महत्वपूर्ण प्रगति की

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जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मादक पदार्थ विरोधी अभियान में महत्वपूर्ण प्रगति की
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जम्मू-कश्मीर पुलिस को नशीले पदार्थों के खिलाफ अपनी लड़ाई में बड़ी सफलता मिली है. इस साल नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए गए अभियान के तहत 1651 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं और 1,941 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और तस्करों के कब्जे से करोड़ों रुपये कैश और प्रोपर्ट्री भी जब्त की है. श्रीनगर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, कश्मीर जोन के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) सुजीत कुमार सिंह ने बताया कि इस अभियान के दौरान पुलिस ने 1,711 किलोग्राम नशीले पदार्थ जब्त किए हैं और कथित ड्रग तस्करों की 154 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है. उन्होंने कहा कि लोगों के सहयोग के बिना यह लड़ाई अधूरी है. उन्होंने नशा करने वालों के परिवारों, खासकर माताओं से अपील की है कि वे अपने परिजनों को नशे की लत से बाहर निकालने में मदद के लिए पुलिस से संपर्क करें. नशीले पदार्थों के खिलाफ चल रहे इस अभियान की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि 567 बैंक खाते फ्रीज किए गए हैं और लगभग 10.11 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए हैं. इसके अलावा, ड्रग तस्करी को रोकने के प्रयासों के तहत, अवैध रूप से खेती की जा रही लगभग 2,111 कनाल भूमि को नष्ट कर दिया गया है. नशे की लत से जूझ रहे लोगों के परिवारों और माताओं से विशेष अपील करते हुए सिंह ने कहा कि उन्हें पुलिस की मदद लेने में संकोच नहीं करना चाहिए. उन्होंने भरोसा दिलाया कि पुलिस विभाग उनकी पहचान गुप्त रखेगा और प्रभावित व्यक्तियों के इलाज और पुनर्वास (रिहैबिलिटेशन) में मदद करेगा. उन्होंने कहा, "जो माताएं इस लड़ाई को लड़ रही हैं और चाहती हैं कि उनके बच्चे नशे की लत से बाहर आएं, उन्हें आगे आना चाहिए. हम उनकी पहचान सुरक्षित रखेंगे और हर संभव मदद देंगे. परिवार मदद के लिए किसी भी पुलिस स्टेशन से संपर्क कर सकते हैं. विभाग उन्हें नशा मुक्ति केंद्रों और पुनर्वास सुविधाओं तक पहुँचने में मदद करेगा." साइबर अपराध के बारे में बात करते हुए, IGP ने बताया कि इस साल 12,385 शिकायतें मिली हैं, जिनमें 754 करोड़ रुपये से अधिक की राशि शामिल है. कुल राशि में से पुलिस लगभग 27.48 करोड़ रुपये बरामद करने में सफल रही है. बाकी रकम का पता लगाने और उसे फ्रीज करने के लिए बैंकों और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है. साइबर धोखाधड़ी के संबंध में 93 FIR दर्ज की गई हैं, जिनमें 'म्यूल बैंक अकाउंट' (धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल होने वाले खाते) से जुड़े सात मामले भी शामिल हैं. युवाओं को साइबर धोखाधड़ी के नेटवर्क का हिस्सा बनने के प्रति आगाह करते हुए, सिंह ने उनसे अपील की कि वे अपने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों या अपनी पहचान का इस्तेमाल धोखाधड़ी वाले लेन-देन के लिए न होने दें. IGP ने युवाओं के बीच लापरवाही से गाड़ी चलाने, खतरनाक तरीके से बाइक चलाने, एक ही बाइक पर तीन लोगों के सवार होने, साइलेंसर में बदलाव करने और तेज रफ्तार में स्टंट करने जैसी घटनाओं पर चिंता जताई. उन्होंने बताया कि नियमों के उल्लंघन को रोकने और सड़क हादसों से बचने के लिए दिन और रात, दोनों समय ट्रैफिक नियमों के पालन को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है. लापरवाही से गाड़ी चलाने वालों को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा व्यवहार न केवल खुद गाड़ी चलाने वालों की जान खतरे में डालता है, बल्कि पैदल चलने वालों, अन्य यात्रियों और सड़क का इस्तेमाल करने वाले बाकी लोगों के लिए भी जोखिम पैदा करता है. उन्होंने युवाओं से अपील की है कि वे खासकर रात के समय, बेवजह शोर करने और खतरनाक तरीके से गाड़ी चलाने से बचें, ताकि बुजुर्गों और बीमार लोगों की सुरक्षा और आराम का सम्मान किया जा सके. सोशल मीडिया की सकारात्मक भूमिका पर जोर देते हुए, सिंह ने युवाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया. उन्होंने कहा कि युवा अच्छा और उपयोगी कंटेंट शेयर करें, और दूसरों को खतरनाक स्टंट करने या ट्रैफिक नियमों को तोड़ने से दूर रहने के लिए प्रेरित करें. पुलिस विभाग युवाओं की सकारात्मक पहलों का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है, और इन प्रयासों को मजबूत करने के लिए उन्हें सरकार से जरूरी सहयोग भी मिल रहा है. IGP ने इस बात पर जोर दिया कि नशीले पदार्थों की लत, साइबर अपराध और सड़क सुरक्षा जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए परिवारों, बुजुर्गों, युवाओं और समाज के सभी वर्गों को मिलकर काम करना होगा. उन्होंने कहा कि इन सामाजिक समस्याओं को केवल पुलिस के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता.

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Publisher: ABP News

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