आज से ज्येष्ठ माह शुरू हो ग या है. ज्येष्ठ कृष्ण प्रतिपदा तिथि पर नारद जयंती और शनिवार है. ज्येष्ठ माह में स्कंद पुराण में उल्लेख मिलता है कि ज्येष्ठ मास में जलदान और प्यासे जीवों की सेवा करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है. इस महीने में पीपल, बरगद और तुलसी की पूजा का महत्व बढ़ जाता है. प्रतिपदा (1 मई 2026, रात 10.52 - 3 मई 2026, सुबह 12.59) आज उतार-चढ़ाव और स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, नया काम शुरू करने से बचें. कार्यक्षेत्र में दिक्कतें और निवेश में नुकसान के संकेत हैं, परिवार में मतभेद बढ़ सकते हैं. आज अधिक मेहनत के कारण थकान और स्वास्थ्य परेशानी हो सकती है, वाणी पर नियंत्रण जरूरी है. व्यवसाय में पार्टनर से सावधान रहें और आर्थिक फैसलों में सतर्कता बरतें. दिन सामान्य रहेगा, लेकिन मानसिक तनाव और थकान परेशान कर सकती है. व्यापार में नुकसान की संभावना है, रिश्तों में विवाद से बचें. आज का दिन शुभ है, यात्रा और कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता मिल सकती है. आय में वृद्धि होगी और परिवार में सम्मान बढ़ेगा. आज कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है, लेन-देन में सावधानी रखें. परिवार में मतभेद और धन हानि के योग हैं, सेहत का ध्यान रखें. आज सफलता के योग हैं, नौकरी या व्यापार में लाभ मिल सकता है. परिवार में खुशी का माहौल रहेगा और स्वास्थ्य सामान्य रहेगा. महत्वपूर्ण कार्य अटक सकते हैं, जिससे मानसिक तनाव बढ़ सकता है. आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है, धैर्य रखें. भागदौड़ के कारण थकान हो सकती है, लेकिन किसी खास व्यक्ति से लाभ मिलेगा. निवेश से बचें और स्वास्थ्य का ध्यान रखें. आज स्वास्थ्य बिगड़ सकता है और कार्यक्षेत्र में सतर्क रहने की जरूरत है. आर्थिक नुकसान और पारिवारिक विवाद के संकेत हैं. दिन सामान्य रहेगा, स्वास्थ्य में सुधार होगा लेकिन व्यापार में नुकसान संभव है. नए काम या खरीदारी से बचें और वाणी पर संयम रखें. दिन अच्छा रहेगा, लेकिन स्वास्थ्य को लेकर सावधानी जरूरी है. निवेश और उधार देने से बचें, परिवार के साथ समय बिताएं. वाहन चलाते समय सावधानी रखें, दुर्घटना का खतरा है. व्यापार में नुकसान और आर्थिक स्थिति कमजोर हो सकती है, परिवार का सहयोग मिलेगा. ज्येष्ठ साल का सबसे गर्म महीना होता है, इसलिए इस महीने जल से भरा घड़ा, छाता, जूते आदि का दान जरुर करना चाहिए. नीला रंग शुभ होगा. Rashifal 2 May 2026: वृश्चिक वाले बिजनेस में रिस्क लेने से बचें, कर्क वालों की सुस्ती पड़ेगी भारी, जानें मेष से मीन तक राशिफल जागृति सोनी बर्सले धर्म, ज्योतिष, वास्तु और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़े विषयों की अनुभवी डिजिटल पत्रकार और लेखिका हैं. उन्हें डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 10 वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में वह ABP Live (Abplive.com) में बतौर कंसल्टेंट कार्यरत हैं, जहां वह व्रत-त्योहार जैसे नवरात्रि, करवा चौथ, दिवाली, होली, एकादशी, प्रदोष व्रत, हरियाली तीज आदि, धार्मिक मान्यताओं, ज्योतिषीय घटनाओं, शुभ मुहूर्त, वास्तु और फेंगशुई, पंचांग जैसे विषयों पर शोध आधारित और प्रमाणिक लेख लिखती हैं. जागृति सोनी बर्सले विशेष रूप से इन विषयों पर लेखन करती हैं: उनके लेखों में धार्मिक विषयों को केवल आस्था के दृष्टिकोण से नहीं बल्कि शास्त्रीय स्रोतों और प्रमाणिक ग्रंथों के आधार पर प्रस्तुत किया जाता है. जागृति सोनी बर्सले ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से की है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत दैनिक भास्कर डॉट कॉम से की, जहां डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने धर्म, समाज और संस्कृति से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर लेख लिखे. डिजिटल मीडिया में काम करते हुए उन्होंने टेक्स्ट और वीडियो दोनों फॉर्मेट में काम किया है और वीडियो सेक्शन में सीनियर प्रोड्यूसर के रूप में भी लंबे समय तक योगदान दिया है. इस अनुभव ने उन्हें आधुनिक डिजिटल पत्रकारिता के विभिन्न फॉर्मेट को समझने और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने की क्षमता दी है. जागृति सोनी बर्सले की विशेष रुचि धर्म और ज्योतिष के शास्त्रीय अध्ययन में है. उन्हें प्राचीन धार्मिक ग्रंथों जैसे: का अच्छा ज्ञान है. इन ग्रंथों के आधार पर वह व्रत-त्योहार, पूजा-विधि, ज्योतिषीय घटनाओं और मुहूर्त से जुड़े विषयों को सरल, प्रमाणिक और शोधपरक तरीके से पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं. जागृति सोनी बर्सले एक फ्रीलांस लेखक के रूप में भी कई मंचों पर आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और ज्योतिष से जुड़े विषयों पर लेख लिख चुकी हैं. उनका उद्देश्य धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों को सरल भाषा में विश्वसनीय जानकारी के साथ प्रस्तुत करना है, ताकि पाठक इन विषयों को समझ सकें और सही जानकारी प्राप्त कर सकें. अध्यात्म और भारतीय परंपराओं के अध्ययन के प्रति उनकी गहरी रुचि है. खाली समय में उन्हें आध्यात्मिक और ज्ञानवर्धक पुस्तकें पढ़ना पसंद है. यह अध्ययन उनके लेखन को और अधिक गहन, तथ्यपूर्ण और संदर्भ आधारित बनाता है. ज्येष्ठ माह में जल से भरा घड़ा, छाता और जूते जैसी वस्तुओं का दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। 2 मई 2026 को व्यतीपात और त्रिपुष्कर योग बन रहा है। 2 मई 2026 को राहुकाल सुबह 8:59 बजे से सुबह 10:39 बजे तक रहेगा। 2 मई 2026 को विशाखा नक्षत्र है।
ज्येष्ठ माह की शुरुआतः सेवा और पूजा के लिए शुभ, लेकिन सावधानी बरतने की सलाह
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