अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले प्रशासन ने पिछले हफ्ते गुरुवार (17 सितंबर, 2026) को एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि वह ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान , विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची और ईरानी प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को न्यूयॉर्क में आयोजित होने वाले संयुक्त राष्ट्रसभा (UNGA) के हाई-लेवल वीक में शामिल होने के लिए वीजा देगा. ट्रंप प्रशासन का यह फैसला ऐसे समय पर सामने आया, जब पश्चिम एशिया में पिछले करीब 7 महीनों से अमेरिका और ईरान के बीच आधिकारिक रूप से युद्ध जारी है और तनाव की स्थिति लगातार बनी हुई है. अमेरिकी विदेश विभाग ने इस मंजूरी को संयुक्त राष्ट्र (UN) के मुख्यालय के मेजबान देश के तौर पर अमेरिका की कानूनी जिम्मेदारियों और दायरों से जोड़ा है. यह जिम्मेदारी साल 1947 के संयुक्त राष्ट्र हेडक्वार्टर एग्रीमेंट के सेक्शन 11 के तहत आती है, जिसमें सदस्य देशों के प्रतिनिधियों को वीजा स्वतंत्र रूप से और बिना किसी देरी के जारी करने की बात कही गई है. हालांकि, इस बार ईरान से आने वाले प्रतिनिधिमंडल पर पहले के मुकाबले ज्यादा कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे. ईरानी डेलीगेशन को संयुक्त राष्ट्र की बैठकों के लिए जरूरी इलाकों तक ही सीमित रखा जाएगा. इसके सदस्यों को लग्जरी सामान या कोई भी अन्य सामान खरीदने की मंजूरी नहीं दी जाएगी. इसके अलावा, उनकी गतिविधियों पर विशेष रूप से कड़ी निगरानी भी रखी जाएगी. उल्लेखनीय है कि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान बुधवार (23 सितंबर, 2026) को सुबह के वक्त संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) को संबोधित कर सकते हैं. वहीं, ट्रंप प्रशासन के इस फैसले का एक और पहलू भी है, जो कूटनीतिक तौर पर देखा जा रहा है. दरअसल, इसी अमेरिकी विदेश विभाग ने बुधवार (16 सितंबर) को फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास और उनके प्रतिनिधिमंडल को वीजा देने से इनकार करने का ऐलान किया था. इस वजह से ईरानी राष्ट्रपति और उनके प्रतिनिधिमंडल को वीजा देने का फैसला अमेरिकी वीजा नीति के मामले में विशेष तौर पर चर्चा का विषय बन गया. वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से बातचीत में यह भी संकेत दिया है कि वह UNGA के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के साथ मुलाकात कर सकते हैं. पिछले करीब पांच सालों से भारतीय मीडिया का हिस्सा हैं. अक्टूबर, 2024 से एबीपी न्यूज नेटवर्क में बतौर हिंदी कंसल्टेंट राइटर के तौर पर भूमिका निभा रहे हैं. प्रिंट मीडिया के साथ अपने पत्रकारिता सफर की शुरुआत की है और आज डिजिटल मीडिया में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय डेस्क पर लेखन कार्य कर रहे हैं. साल 2020 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के नोएडा कैंपस से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री हासिल की. क्षेत्रीय से लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति, चुनाव और सामाजिक विषयों पर खबरें लिखते रहे हैं. तथ्यों की गहराई और भाषा की संवेदनशीलता पर हमेशा बेहतर करने की कोशिश है. स्केचिंग, पेटिंग, फिल्में देखना, शायरी-कविताएं लिखना और घूमना बहुत ज्यादा पसंद है.
जारी तनाव के बीच अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के लिए ईरानी प्रतिनिधिमंडल को वीजा दिया
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