झारखंड में 14वीं JPSC रद्द करने की मांग को लेकर छात्र 14 दिनों से धरने पर हैं। छात्रों के समर्थन में शुक्रवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट यूनियन (AISA) के कार्यकर्ता विधानसभा घेरने निकले। इस दौरान AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा पर एक युवक ने स्याही फेंकी। उसे हिरासत में ले लिया गया है। बताया जा रहा है कि आरोपी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़ा है। छात्र आंदोलन को लेकर झारखंड CM हेमंत सोरेन ने कहा, 'हमने छात्रों को अपनी बात रखने के लिए पहले ही सभी जरूरी मंच उपलब्ध करा दिए हैं। सरकार छात्रों की समस्याओं को समझना चाहती है।' हालांकि, सरकार को छात्रों के प्रतिनिधिमंडल में पूर्व महाधिवक्ता के होने पर आपत्ति है। सरकार ने साफ किया है कि वो केवल छात्रों से बात करेगी। सरकार से वार्ता के लिए स्टूडेंट्स ने प्रतिनिधिमंडल बनाया है। इसमें रवीन्द्र पासवान, पीयूष कुमार, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, अंकित राज, कार्तिक सोरेन, शालू कुमारी, रवींद्र कुमार रवि, आनंद कुमार और अंकित कुमार शामिल हैं। इधर, 4 दिन से अनशन पर बैठे आंदोलनकारी राहुल क्रांति की शुक्रवार सुबह तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से रांची सदर अस्पताल ले जाया गया है। देवेंद्र नाथ समेत 6 आंदोलनकारी भूख हड़ताल पर हैं। वहीं बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने झारखंड के छात्रों के आंदोलन पर कहा कि 13 अगस्त तक छात्रों की मांगों पर फैसला नहीं हुआ, तो वह अपनी पार्टी से अनुमति लेकर आंदोलन में शामिल होंगे। जरूरत पड़ी तो वह छात्रों के समर्थन में अनशन भी करेंगे। JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर AISA ने पहले ही विधानसभा घेराव का ऐलान किया था। इसी दौरान AISA ने छात्रों के समर्थन में झारखंड विधानसभा तक मार्च निकाला। नेहा बोरा ने इससे पहले स्टेडियम पहुंचकर भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों से मुलाकात की और आंदोलन को अपना समर्थन दिया था। नेहा बोरा ने कहा- झारखंड और पूरे देश में होने वाली हर परीक्षा सरकारी संस्थाओं द्वारा पारदर्शी और तरीके से होनी चाहिए। जब भी कोई पेपर लीक होता है, तो उसकी जिम्मेदारी सिर्फ प्राइवेट एजेंसियों पर नहीं डाली जा सकती। संबंधित सरकारी अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा- हम मांग करते हैं कि सिस्टम में शामिल और जिन पर गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार के आरोप हैं, उन सभी प्राइवेट एजेंसियों को हटाया जाना चाहिए। गुरुवार को प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार के साथ बातचीत के लिए एक कमेठी बनाई थी, लेकिन दोनों पक्षों में बातचीत नहीं हो सकी। गुरुवार देर रात करीब 10:45 एसडीओ और एसडीम लॉ-एंड-ऑर्डर छात्रों के पास पहुंचे। अधिकारियों ने साफ कर दिया कि सरकार सिर्फ छात्रों से बात करना चाहती है, लेकिन छात्र अपनी बात पर अड़े रहे। उनके प्रतिनिधिमंडल में दो पत्रकार और एक पूर्व महाधिवक्ता भी हैं। करीब 45 मिनट तक चली बैठक आखिरकार बेनतीजा रही और अधिकारी वापस लौट गए। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार रात अनशन पर बैठे छात्र नेता रविंद्र पासवान से फोन पर बात की। उन्होंने आंदोलन को समर्थन देने की बात की। इससे पहले उन्होंने वीडियो संदेश जारी कर लोगों से छात्रों का सपोर्ट करने की अपील की है। उन्होंने कहा, 'देश में जो स्टूडेंट प्रोटेस्ट हो रहे हैं, वह एजुकेशन सिस्टम के खिलाफ हो रहे हैं। हमारा एजुकेशन सिस्टम खत्म हो गया है। हर सरकार को छात्रों की बात सुनाई चाहिए। एजुकेशन सिस्टम को बदलना चाहिए। चाहे वह कांग्रेस की सरकार हो या झारखंड सरकार हो। JPSC परीक्षा में गंभीर और अनियमितता की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है। CID के सामने फर्जीवाड़े के बड़े सिंडिकेट की परतें खुलती जा रही हैं। मामले में CID अब तक 19 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। जांच के दौरान मास्टरमाइंड अभय तिवारी से लगातार 10 दिनों तक पूछताछ की गई। सूत्रों के अनुसार, अभय तिवारी ने बताया कि परीक्षा में सफलता दिलाने के नाम पर हर अभ्यर्थी से 40 से 60 लाख रुपए तक की डील होती थी। इस रकम में ऊपर से नीचे तक जुड़े लोगों का हिस्सा पहले से तय रहता था। जेपीएससी-जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन को खत्म कराने को लेकर सरकार और छात्रों के बीच बातचीत हो सकती है। इसे लेकर सीएम हेमंत सोरेन ने चार मंत्रियों की कमेटी बनाई है।
झारखंड में छात्रों का विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया क्योंकि एबीवीपी कार्यकर्ता ने आइसा नेता पर स्याही फेंकी
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