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टाटा ज्वैलरी शोरूम डकैतीः हाई-टेक जांच के बाद पांच आरोपी गिरफ्तार

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टाटा ज्वैलरी शोरूम डकैतीः हाई-टेक जांच के बाद पांच आरोपी गिरफ्तार
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उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में दिल्ली रोड स्थित टाटा ग्रुप के CARATLANE ज्वेलरी शोरूम में हुई करीब तीन करोड़ रुपये की बड़ी चोरी का आखिरकार थाना सदर बाजार पुलिस और सर्विलांस टीम ने खुलासा कर दिया है. पुलिस ने इस मामले में तीन महिला समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए भारी मात्रा में हीरे-सोने के आभूषण और नकदी बरामद की है. इस खुलासे के लिए महिला IPS सहित 3 IPS अधिकारी लगाए गए थे. यूपी-उत्तराखंड के 2000 हजार से जायदा CCTV कैमरे खंगालने के बाद चोरों की पूरी फैमिली पुलिस के हत्थे चढ़ गई है. 23 जनवरी को चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था, जिस स्थान पर चोरी हुई, वह इलाका जिले का हाई-प्रोफाइल और हाई-सिक्योरिटी जोन माना जाता है. शोरूम के ठीक सामने पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) का आवास व कार्यालय स्थित है, जबकि महज कुछ दूरी पर पुलिस चौकी भी है. इसके बावजूद चोरों द्वारा दीवार काटकर शोरूम में घुसकर करोड़ों की चोरी कर लेना पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर गया था. पुलिस के अनुसार, 23 जनवरी 2026 को CARATLANE शोरूम के स्टोर मैनेजर अंकित मुखर्जी ने थाना सदर बाजार पर तहरीर देकर बताया था कि रात के समय अज्ञात चोर शोरूम की दीवार तोड़कर सोने, हीरे के आभूषण और नकदी चोरी कर ले गए. हाई प्रोफाइल और हाई सिक्योरिटी इलाके में हुई इस घटना ने पुलिस के इकबाल पर सवाल खड़े कर दिए थे. घटना के बाद थाना सदर बाजार में मुकदमा दर्ज किया गया था. इसके अलावा लापरवाही पर सिविल लाइन चौकी इंचार्ज और बीट कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया था. इस घटना के खुलासे के लिए सहारनपुर के DIG अभिषेक सिंह और DIG/SSP आशीष तिवारी ने IPS स्तर के अधिकारियों को लगाया था. इसके अलावा थाना सदर पुलिस SOG सर्विलांस टीम को भी खुलासे के लिए लगाया गया था. शुरुआत में ही पुलिस को कई सुराग हाथ लगे थे जिसके बाद पुलिस की टीम यूपी- उत्तराखंड तक चोरों की तलाश में जुट गई थी. इलेक्ट्रॉनिक और मैन्युअल सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने इस मामले में इरशाद उर्फ काला और उसके भाई दिलशाद के साथ-साथ उसकी मां काली, भाभी सीमा और भाभी सलमा को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, यह पूरा गिरोह चोरी के आभूषणों को दूसरे राज्यों में खपाने का काम करता था. पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी इरशाद उर्फ काला ने खुलासा किया कि वह पहले भी करोड़ों रूपये की चोरी के मामलों में जेल जा चुका है और जेल से छूटने के बाद उसने कबाड़ी का भेष बनाकर करीब एक माह तक CARATLANE शोरूम की रेकी की थी. उसने जानबूझकर खराब मौसम वाली रात को वारदात के लिए चुना ताकि बारिश के बीच सड़क पर गतिविधियां कम रहे और वो आसानी से अपना काम करके निकल जाए. आरोपी ने बताया कि वह अकेला ही घटना से एक दिन पहले ही बगल की इमारत की छत के रास्ते शोरूम की छत पर पहुंच गया था, जहां उसने शराब पी, खाना खाया और वहीं रात गुजार दी. अगले दिन रात में उसने बिजली की केबल काटकर इलेक्ट्रिक कटर से छत और दरवाजे काटे, फिर दीवार काटकर शोरूम में घुसा और हीरे-सोने के आभूषण तथा नकदी चोरी कर ली. सीसीटीवी से बचने के लिए उसने चेहरे पर मास्क लगाया हुआ था और बाहर निकलते समय पहचान छिपाने के लिए लंगड़ाकर चलने की एक्टिंग की. रास्ते में उसने अपने कपड़े भी बदल लिए थे. पुलिस के मुताबिक, पकड़े जाने की स्थिति में पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपी ने पहले से आर्टिफिशियल जेवरात भी खरीद रखे थे, ताकि असली चोरी के माल की जगह नकली जेवर दिखाए जा सकें. पुलिस टीम ने सहारनपुर, हरिद्वार, रुड़की और देहरादून क्षेत्र के करीब दो हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर आरोपियों तक पहुंच बनाई. आरोपी इरशाद पर पहले से 27 मुकदमे दर्ज हैं. इरशाद के परिजन चोरी का माल दूसरे राज्यों में खपाने के लिए उसकी मदद करते थे. आज भी वो जब चोरी के माल को खपाने के लिए जा रहे थे तो सबको दबोच लिया गया. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 100 परसेंट रिकवरी करते हुए 67 ब्रेसलेट, 17 मंगलसूत्र, 32 जोड़ी बाली, दो गले के सेट, 18 पेंडेंट, तीन चार्म्स, 90 अंगूठियां, 32 चैन, 11 चूड़ियां, 45,100 रुपये नकद और 40 पीस आर्टिफिशियल आभूषण बरामद किए हैं. बरामद माल की कुल कीमत करीब तीन करोड़ रुपये बताई जा रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक संगठित गिरोह है और इसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है. घटना के खुलासे के लिए DIG/SSP आशीष तिवारी ने IPS सिमरन IPS मनोज यादव IPS व्योम बिंदल SOG टीम ओर सर्विलांस टीम के साथ साथ सदर पुलिस की पीठ थपथपाई है. घटना के खुलासे के लिए बनी टीम में शामिल IPS सिमरन सिंह ने बताया उनके ट्रेनिंग पीरियड में ये पहली बड़ी घटना थी क्योंकि वारदात DIG के घर और दफ्तर के पास हुई थी. इस घटना के खुलासे के लिए हमने हर पहलू को ध्यान में रखा था. सभी ने एक टीम वर्क कर इस घटना का खुलासा किया. IPS मनोज कुमार ने भी बताया कि आरोपियों तक पहुंचने के लिए हरिद्वार रुड़की देहरादून के करीब 2000 हजार से ज्यादा सीसीटीवी ट्रैक करने के बाद हम इस घटना के खुलासे में कामयाब रहे हैं.

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