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ठाणे पुलिस ने स्टोन क्रशर कॉम्प्लेक्स पर छापेमारी में बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की

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ठाणे पुलिस ने स्टोन क्रशर कॉम्प्लेक्स पर छापेमारी में बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की
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ठाणे ग्रामीण पुलिस की स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) और पडघा पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर भिवंडी तालुका के जानवल गांव स्थित आर.आर. स्टोन क्रशर परिसर में छापेमारी कर बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की है. पुलिस को सूचना मिली थी कि खदान क्षेत्र में आवश्यक लाइसेंस और अनुमति के बिना जिलेटिन स्टिक और डेटोनेटर का उपयोग कर ब्लास्टिंग की जा रही है. स्थानीय अपराध शाखा, पडघा पुलिस और बम खोज एवं नाशक दस्ता (बीडीडीएस) की संयुक्त टीम ने कार्रवाई के दौरान मजदूरों के आवासीय परिसर में बने एक कमरे की तलाशी ली. वहां से 86 जिलेटिन स्टिक, 16 डेटोनेटर और विस्फोटकों के उपयोग एवं खरीद से संबंधित रजिस्टर बरामद किए गए. जांच में पाया गया कि विस्फोटक सामग्री का भंडारण निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं किया गया था. साथ ही उपयोग और खरीद के रजिस्टर कई महीनों से अपडेट नहीं किए गए थे, जिससे विस्फोटकों के इस्तेमाल को लेकर संदेह पैदा हुआ. आगे की जांच में खदान के पास एक सक्रिय ब्लास्टिंग स्थल से 175 जिलेटिन स्टिक और 69 डेटोनेटर बरामद किए गए. इसके अलावा एक अन्य स्थान से 45 जिलेटिन स्टिक और 25 डेटोनेटर जब्त किए गए. इस प्रकार पूरी कार्रवाई के दौरान कुल 306 जिलेटिन स्टिक और 110 डेटोनेटर बरामद किए गए. बीडीडीएस टीम ने मौके पर सभी विस्फोटक सामग्री की जांच की. पुलिस के अनुसार, बरामद विस्फोटकों का इस्तेमाल कथित तौर पर पत्थर खदान में खुदाई और ब्लास्टिंग कार्य के लिए किया जा रहा था. हालांकि गिरफ्तार आरोपियों के पास विस्फोटक सामग्री के भंडारण, उपयोग या परिवहन के लिए कोई वैध लाइसेंस या अनुमति नहीं थी. जांच में यह भी सामने आया है कि संबंधित अधिकारियों की मंजूरी के बिना विस्फोटकों का उपयोग किया जा रहा था. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अब तक की जांच में किसी भी प्रकार की आतंकी साजिश या आतंकवाद से जुड़े एंगल का कोई संकेत नहीं मिला है. फिलहाल जांच अवैध रूप से विस्फोटकों के भंडारण और उपयोग पर केंद्रित है. मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें सुपरवाइजर, खदान संचालक और ब्लास्टिंग कार्य से जुड़े व्यक्ति शामिल हैं. पडघा पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 288 और 3(5) तथा विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 की धारा 4 और 5 के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में जिलेटिन स्टिक और डेटोनेटर आरोपियों तक कैसे पहुंचे. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इसके पीछे कोई अवैध सप्लाई नेटवर्क या अनधिकृत विस्फोटक आपूर्तिकर्ता तो सक्रिय नहीं था. मामले की जांच जारी है और पुलिस ने आगे और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया है. सूरज ओझा 2021 से एबीपी न्यूज से जुड़े हैं. अंडरवर्ल्ड, साइबर जगत से जुड़े मामलों और केंद्रीय एजेंसियों द्वारा जांच किए जाने वाले संवेदनशील केसों पर बारीकी से नजर रखते हैं. लॉरेंस बिश्नोई गैंग, आतंकी संगठन आईएसआईएस, जैश-ए-मोहम्मद और अन्य आतंकवादी संगठनों से जुड़ी खबरें भी कवर करते रहे हैं. पत्रकारिता करियर के दौरान तीन क्षेत्रीय न्यूज़ चैनलों और दो राष्ट्रीय न्यूज़ चैनलों में काम किया है. इसके अलावा टैब्लॉयड और ब्रॉडशीट अख़बारों में भी काम करने का अनुभव रहा है.

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Publisher: ABP News

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