विस्तारAdd as a preferredsource on googleशासन के आदेश के बाद भी परिषदीय विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की डिजिटल हाजिरी प्रेरणा पोर्टल के माध्यम से न भरे जाने पर बीएसए ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने जनपद के सभी 840 परिषदीय, प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कंपोजिट विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों व प्रभारी प्रधानाध्यापकों के वेतन आहरण पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी है। बीएसए की इस कार्रवाई से लापरवाह शिक्षकों में खलबली मची है।और पढ़ेंTrending Videosशासन की ओर से परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की ऑनलाइन हाजिरी लगाने के आदेश दिए गए हैं। इसके लिए प्रधानाध्यापकों को टैबलेट और सिम भी मुहैया कराई गई हैं। इसके बाद भी प्रधानाध्यापक ऑनलाइन डिजिटल हाजिरी लगाने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। जिले में कुल 840 विद्यालय संचालित हैं। इसमें परिषदीय, प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालय शामिल हैं। बीएसए राहुल मिश्रा ने बताया कि 17 दिसंबर 2025 को जनपद के सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों से अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की डिजिटल हाजिरी प्रेरणा पोर्टल के माध्यम से भरने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद भी कई बार सभी को डिजिटल हाजिरी को लेकर सचेत किया गया और 20 अप्रैल को भी पत्र जारी कर सभी प्रधानाध्यापकों को इस कार्य को पूरा करने के लिए कहा गया।विज्ञापनविज्ञापनबावजूद इसके अब तक किसी भी प्रधानाध्यापक की ओर से बच्चों की डिजिटल हाजिरी का काम नहीं किया गया है। ऐसे में जनपद की स्थिति शासन की नजर में शून्य बनी हुई है। बार-बार निर्देश देने के बाद भी डिजिटल हाजिरी में रुचि न लेकर प्रधानाध्यापक उच्चाधिकारियों के आदेश का उल्लंघन भी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि लगातार चेतावनी के बाद भी बच्चों की डिजिटल हाजिरी न लगाने वाले जिले के सभी 840 विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के वेतन आहरण पर रोक लगा दी है। उन्होंने कहा कि जब अग्रिम आदेश नहीं दिए जाते हैं तब तक वेतन नहीं दिया जाएगा।
डिजिटल उपस्थिति को लेकर बीएसए ने गैर-अनुपालन प्रधानाध्यापकों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया
Amar Ujala•

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