CBSE Middle East 10th Result:CBSE ने मिडिल ईस्ट के बिगड़ते हुए हालातों को देखते हुए 10वीं बोर्ड परीक्षाएं कैंसिल कर दी थीं। अब बोर्ड की तरफ से एक स्पेशल असेसमेंट स्कीम का ऐलान किया है। इसके आधार पर ही अब 10वीं के छात्रों का रिजल्ट जारी होगा। CBSE ने साफ कर दिया है कि 10वीं के छात्रों की परीक्षाएं अब नहीं होने वाली हैं और बोर्ड एक फॉर्मूले का इस्तेमाल कर रिजल्ट का ऐलान करेगा। ये उन सभी छात्रों के लिए राहत भरी खबर है, जो एग्जाम कैंसिल होने के बाद परेशान थे।मिडिल ईस्ट मेंइजरायल-अमेरिकाने ईरान के खिलाफ जंग छेड़ी हुई है। इस वजह से अभी इस पूरे क्षेत्र में सुरक्षा पर सवालिया निशान खड़ा हुआ है। मिडिल ईस्ट के हालातों को देखते हुए CBSE ने पहले 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को पोस्टपोन किया। हालांकि, फिर बिगड़ती हुई स्थिति का ख्याल करते हुए बोर्ड ने ऐलान किया कि वह 10वीं की सभी परीक्षाओं को कैंसिल कर रहा है। इसका सीधा असर बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब औरUAEमें पढ़ रहे CBSE के छात्रों पर पड़ा।कौन-कौन से एग्जाम हो चुके थे?यहां ये जानना जरूरी है कि 10वीं कीपरीक्षाएं कैंसिलहोने से पहले कुछ एग्जाम हो भी चुके थे। 10वीं के एग्जाम 17 फरवरी और 28 फरवरी 2026 के बीच करवाए गए थे। इस दौरान मैथ्स, इंग्लिश और साइंस जैसे छह कोर सब्जेक्ट्स की परीक्षाएं हो चुकी थीं। इसके अलावा भाषा आधारित 16 एग्जाम और 22 स्किल-बेस्ड सब्जेक्ट्स की परीक्षाएं भी खत्म हो गई थीं। हालांकि, इन परीक्षाओं को 10वीं के सभी छात्रों ने नहीं दिया था। इस वजह से उनके रिजल्ट को लेकर काफी कंफ्यूजन भी पैदा हो रही थी।किस तरह कैलकुलेट होगा रिजल्ट?बोर्ड की तरफ सेरिजल्ट कैलकुलेटकरने का तरीका भी बता दिया गया है। स्कोरकार्ड तैयार करने के लिए निम्नलिखित तरीकों का इस्तेमाल होगा:जिन स्टूडेंट्स ने सारे एग्जाम दिए थे, उनका रिजल्ट इन परीक्षाओं में उनकी परफॉर्मेंस के आधार पर जारी होगा। ऐसे स्टूडेंट्स के लिए चीजें ज्यादा कंफ्यूजिंग नहीं हैं।जिन स्टूडेंट्स ने 4 एग्जाम दिए थे, उनके रिजल्ट उन सब्जेक्ट्स के लिए सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले 3 सब्जेक्ट के औसत के आधार पर होंगे, जिनकी परीक्षाएं आयोजित नहीं की गई थीं। आसान भाषा में कहें तो बेस्ट 3 सब्जेक्ट्स के स्कोर के आधार पर रिजल्ट तैयार किया जाएगा।जिन स्टूडेंट्स ने 3 एग्जाम दिए थे, उनके रिजल्ट उन सब्जेक्ट्स के लिए सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले 2 सब्जेक्ट के औसत के आधार पर होंगे, जिनकी परीक्षाएं आयोजत नहीं हुई हैं। इसका मतलब है कि बेस्ट 2 सब्जेक्ट्स के नंबरों का इस्तेमाल रिजल्ट के लिए किया जाएगा।2 एग्जाम देने वाले स्टूडेंट्स के रिजल्ट बाकी के सब्जेक्ट्स के लिए उन 2 सब्जेक्ट के औसत के आधार पर होंगे। इसका मतलब है कि रिजल्ट इन 2 सब्जेक्ट्स के नंबरों पर आधारित होगा। वैसे तो 2 एग्जाम देने वाले छात्रों की संख्या काफी कम है।प्राइवेट स्टूडेंट्स के लिए क्या योजना है?2025 या उससे पहले के कंपार्टमेंट कैटेगरी के तहत रजिस्टर प्राइवेट स्टूडेंट्स के लिए भी रिजल्ट जारी करने का फॉर्मूला बताया गया है। अगर किसी स्टूडेंट ने 1 या 2 एग्जाम दिया है, तो फिर उनका रिजल्ट इन परीक्षाओं में उनके प्रदर्शन के आधार पर बनेगा। अगर कोई एग्जाम पेंडिंग है, तो फिर उन्हें दोबारा बोर्ड एग्जाम देने का चांस भी मिलेगा।बोर्ड ने ये भी कहा है कि मिडिल ईस्ट के स्टूडेंट्स के लिए रिजल्ट का ऐलान बाकी के छात्रों के साथ ही किया जाएगा। पॉलिसी के तहत स्टूडेंट्स के पास अपना रिजल्ट सुधारने का दूसरा मौका भी होगा।
तनाव में कमी के कारण सीबीएसई ने मध्य पूर्व में कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा रद्द की
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