संवाद न्यूज एजेंसीनई दिल्ली। पर्याप्त नींद लेने के बावजूद दिनभर थकान, सुस्ती और ऊर्जा की कमी महसूस होना आजकल आम समस्या बनती जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इसके पीछे खराब जीवनशैली, मानसिक तनाव, बढ़ता स्क्रीन टाइम और शारीरिक निष्क्रियता मुख्य कारण है।विशेषज्ञों के अनुसार लगातार मोबाइल, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों के इस्तेमाल से नींद की गुणवत्ता प्रभावित होती है। इसके अलावा अनियमित खानपान, शारीरिक गतिविधियों की कमी और काम का बढ़ता दबाव भी शरीर को पूरी तरह आराम नहीं करने देता। ऐसे में व्यक्ति पूरी रात सोने के बाद भी खुद को थका हुआ महसूस करता है।विज्ञापनगुरु तेग बहादुर अस्पताल के एडिशनल मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि कई बार लगातार थकान महसूस होना शरीर में पोषण की कमी, तनाव, एनीमिया, थायरॉयड संबंधी समस्याओं या खराब नींद की गुणवत्ता का संकेत भी हो सकता है। यदि यह समस्या लंबे समय तक बनी रहती है तो चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, पर्याप्त पानी का सेवन, समय पर सोना और स्क्रीन टाइम को नियंत्रित करके इस समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है। मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना भी उतना ही जरूरी है जितना शारीरिक स्वास्थ्य पर।
थकान महामारीः विशेषज्ञ ऊर्जा की निरंतर कमी के लिए खराब जीवन शैली, स्क्रीन समय को जिम्मेदार ठहराते हैं
Amar Ujala•

Full News
Share:
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Achira News.
Publisher: Amar Ujala
Want to join the conversation?
Download our mobile app to comment, share your thoughts, and interact with other readers.