क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स (सीसीटीएनएस) में सिक्का अधिनियम-2011 (काॅइनेज एक्ट) की धाराएं न होने के कारण बड़ी संख्या में मिले सिक्कों के मामले में रविवार को भी प्राथमिकी दर्ज न हो सकी। देर रात तक कोतवाली सदर में कंप्यूटर ऑपरेटर तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज करने का प्रयास करते रहे। नायब तहसीलदार की ओर से दी गई तहरीर में अधिनियम की धारा 12 व 13 के तहत प्राथमिकी दर्ज होनी है। एसडीएम सदर राजबहादुर ने गोपनीय सूचना के आधार पर शनिवार शाम हनुमान गली निवासी नवीन समादिया की नयागंज स्थित दुकान नवीन शंकर पुस्तक भंडार से सिक्कों से भरे 422.8 किलो वजन वाले 16 और घर से 5143.5 किलो वजन वाले 90 कट्टे बरामद किए थे। मुरसान के नायब तहसीलदार शिव कुमार की तहरीर के अनुसार कट्टों में एक, दो और पांच के सिक्के थे जिनका कुल वजन 57 क्विंटल है। अधिकारियों का दावा था कि आरोपी नवीन घटनास्थल से भाग गया था। तकनीकी वजह से एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी है। कॉइनेज एक्ट के संबंध में ई-मेल के जरिए मुख्यालय को सूचना दी गई है। सोमवार तक रिपोर्ट दर्ज होने की संभावना है। हर माह करेंसी मैनेजमेंट की बैठक होती है और करेंसी चेस्ट को सीधे तौर पर आरबीआई मॉनीटर करता है। इसलिए वहां से किसी प्रकार की गड़बड़ी संभव नहीं है। सिक्कों व करेंसी की आपूर्ति के लिए डिमांड भेजी जाती है और कभी आरबीआई अपनी मर्जी से भी भेजता है। सिक्कों की नई पैकिंग मिलने से नकली सिक्कों के बनाने की आशंका को खारिज नहीं किया जा सकता है। इस बिंदु पर भी गहन जांच की आवश्यकता है।
दुकान और घर में मिले हजारों किलोग्राम के सिक्के, तकनीकी समस्याओं के कारण हुई प्राथमिकी में देरी
Amar Ujala•

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