क्योंकि केवल 10 से 15 प्रतिशत मामले ही आनुवंशिक होते हैं, इसलिए हमारी डाइट इस बीमारी के जोखिम को कम करने में बड़ी भूमिका निभा सकती है। आइए जानें इस बारे में। रिसर्च से पता चला है कि पार्किंसंस से पीड़ित कुछ लोगों के पाचन तंत्र में अल्फा-सिन्यूक्लिन नाम का गलत तरीके से मुड़ा हुआ प्रोटीन जमा हो जाता है। इसलिए बीमारी का पता लगने से सालों पहले क्रॉनिक कब्ज जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
दीर्घकालिक गुर्दे की बीमारी के जोखिम को कम करने में आहार संबंधी विकल्प महत्वपूर्ण हैं
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